Ragini Sonkar Speech UP Vidhan Sabha: रागिनी ने Health Problem पर Yogi सरकार को घेरा| Akhilesh Yadav - Kabrau Mogal Dham

Ragini Sonkar Speech UP Vidhan Sabha: रागिनी ने Health Problem पर Yogi सरकार को घेरा| Akhilesh Yadav

भर्ती करने के लिए बेड नहीं होता है
वेंटिलेटर नहीं होता है पैरामेडिकल स्टाफ
जौनपुर का छ महीने से उनकी सैलरी नहीं आई
आज जो हमारे जमीनी लोग है चाहे व हेल्थ

केयर वर्कर्स हो आंगनवाड़ी हो आशा वर्कर्स
हो एनएम की हो ना तो उनका मानदेय बढ़ रहा
है डॉक्ट 55 मिनट हो गए आपको सा करते हुए
तीन और

ढाई भौतिक ता रामराज काहू नहीं व्याप
रामराज में कहा गया था चाहे वो कोई देह का
मरीज हो या फिर दैविक या भौतिक कोई ताप
नहीं था और आज भाजपा की सरकार जो है वह
रामराज की बात करती है और स्वास्थ्य की यह
दुर्व्यवहार

करना बहुत जरूरी है साथ ही साथ बड़ी
मुश्किलों से अगर हम इमरजेंसी पहुंचते भी
है तो वहां ना तो व्हील चेयर होती है ना
तो स्ट्रेचर होता है इमरजेंसी में आपके

मरीजों के अनुपात प डॉक्टर्स की उपलब्धता
नहीं होती है भर्ती करने के लिए बेड नहीं
होता है वेंटिलेटर नहीं होता है दवाइयां
मंत्री जी कह रहे थे कि हर तरीके की

मेडिसिन उपलब्ध है मंत्री जी आपको बताना
चाहूंगी जो एडवांस अभी मेडिसिन आ गई है जो
थर्ड जनरेशन फोर्थ जनरेशन और फिफ्थ जनरेशन
की एंटीबायोटिक्स है जो कि सीवियर कंडीशन

में वही सिर्फ काम कर रही है आज जिस तरीके
से ें बढ़ता चला जा रहा है वो मेडिसिन
अवेलेबल नहीं है और जिस वजह से एक गरीब
मरीज को बाहर जाकर के महंगी महंगी दवाइयां
खरीदनी पड़ रही है साथ ही साथ

डायग्नोस्टिक की आप बात कर रहे थे कि
पीपीपी मॉडल पे आज ये स्थिति है कि किसी
भी अस्पताल में जो बेसिक आपके डायग्नोसिस
के चीजें हैं वो उपलब्ध नहीं है और मरीजों

को बाहर जाना पड़ रहा है अध्यक्ष जी समय
बहुत कम है तो मैं अपनी बातों को थोड़ा
जल्दी जल्दी कहूंगी सबसे
प्रथम जी एक मिनट आपको दे बोलिए

बोलिए 25 करोड़ की आबादी में अगर हमें
स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक करना है तो हम
ये तो मानते हैं कि सबसे पहले कि
स्वास्थ्य को ठीक करने के लिए प्रिवेंट

करना पड़ेगा कि बीमारी ना हो बीमारी को
प्रिवेंट करने के लिए क्या करना पड़ेगा
हेल्थ एजुकेशन और अवेयरनेस लानी पड़ेगी और
साथ ही साथ रिस्क फैक्टर्स जो है उनको

रोकना पड़ेगा आज जो हमारे जमीनी लोग हैं
चाहे वो हेल्थ केयर वर्कर्स हो आंगनवाड़ी
हो आशा वर्कर्स हो एएनएम की हो ना तो उनका
मानदेय बढ़ रहा है और ना ही उनका समय-समय

पर प्रशिक्षण हो रहा है कि जिसकी वजह से
जनता में जागरूकता फैले अगर हम और इसी की
वजह से चाहे वो कम्युनिकेबल डिजीज हो चाहे
नॉन कम्युनिकेबल डिजीज हो उनका डेटा बढ़ता

चला जा रहा है कागजी मंत्री जी ने जो भी
कह दिया हो लेकिन पूरा सदन इस बात प
मंजूरी देगा कि पिछले एक वर्ष में डेंगू
से कितनी जाने गई है हर किसी का दिल

कहलाती है कि कितने लोग हमारे बीच से चले
गए डेंगू की वजह से जो इस तरीके की मौतें
हो रही है जिसे रोका जा सकता है लेकिन
सरकार की निष्क्रियता की वजह से वो लोग

हमारे बीच से चले गए यह बड़ा ही शर्मनाक
है
यह जो आपने बजट दिया है सर इस बजट में
मेडिकल कॉलेजेस की बात की है मेडिकल
कॉलेजेस को जगह-जगह पे प्रोफेसर्स को

पैरामेडिकल स्टाफ को एक मेडिकल कॉलेज से
दूसरे मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करके अवैध
तरीके से बस मान्यता दिलाने का काम किया
जा रहा है यहां पे जो भी स्टाफ है आपके

बजट में पैरामेडिकल स्टाफ जौनपुर का छ
महीने से उनकी सैलरी नहीं आई थी और
जगह-जगह पे इस तरीके की स्थितियां बनी हुई
है कि डॉक्टर्स धरना दे रहे हैं उनको

सैलरी नहीं दी जा रही है जिनसे आप
चिकित्सा करवाना चा रहे हैं उनकी सैलरी का
भी बजट आपने नियुक्त नहीं किया अध्यक्ष जी
लैब टेक्निशियंस के नाम पर इतने कम लैब

टेक्निशियंस है कि या तो जांच नहीं हो
पाती और जांच आती है तो उसकी रिपोर्ट तब
तक आती है जब तक बीमारी बहुत आगे पहुंच
चुकी होती है मैं आयुष्मान भारत के बारे

में बोलना चाहूंगी कि बार-बार सरकार इस
स्कीम का हवाला देती है बस यह लास्ट में
यही बोलूंगी कि आपकी सरकार के द्वारा यह
रिपोर्ट आई है कि आयुष्मान भारत का जो बजट

सरकार केंद्र सरकार के द्वारा दिया जा रहा
है और साथ ही साथ जो राज्य सरकार के दिया
जा रहा है वो बहुत ही कम है और उसमें सही
तरीके से पूर्णता इलाज नहीं हो पा रहा है
और इसको बढ़ाया जाए और सारे जितने भी आपके

प्राइवेट हॉस्पिटल है जो इसके साथ कोबरे
थे वो बड़े ही परेशान है और मरीज भी
परेशान है क्योंकि उनका भुगतान भी नहीं हो
रहा है तो अध्यक्ष जी जो मेन जो स्वास्थ्य

रिलेटेड मुद्दे हैं उन पर तो आपका बजट ही
नहीं आया है तो इस बजट का कोई औचित्य ही
नहीं होता है बहुत बहुत
धन्यवाद

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