Nitish Kumar फिर पलटेंगे गठबंधन में ?| Politics - Kabrau Mogal Dham

Nitish Kumar फिर पलटेंगे गठबंधन में ?| Politics

4 पीएम न्यूज नेटवर्क में दोस्तों आपका
स्वागत है मैं हूं आपके साथ राश जहीर अभी
एक भी दिन नहीं गुजरा
पूरा कल शाम नीतीश कुमार ने नवी बार शपथ

ले ली है और बहुमत साबित कर दिया एक दिन
पूरा नहीं गुजरा है उनके वापस आने की खबर
है मैं नहीं कर रहा हूं नीतीश कुमार के
राजनीतिक सलाहकार केसी त्यागी बड़े मजबूत

नेता और बहुत ज्यादा सीरियस उनको सुना
जाता है उत्तर प्रदेश के मेरट से भी एक
बार चुनाव लड़े थे जनता दल यू पर जब
भारतीय जनता पार्टी का पचप था उन्होंने
कहा कि तेजस्वी

यादव ने वाकई बड़ी संतुलित लिवे में नीतीश
कुमार जी को पुकारा है यह बात दीगर है कि
नीतीश कुमार ने क्या कहा है बाद में तब तक
तो तेजस्वी यादव के विधायक निकलकर आ चुके

थे लेकिन यह इस बात की तरफ इशारा है
दोस्तों कि भविष्य में नीतीश कुमार कुछ भी
कर सकते हैं एक दिन बाद ही आशंका जता दी
गई है

मैं बता रहा हूं यह आपको केसी त्यागी की
जबानी एबीबी पर बात करते हुए उन्होंने
बताया कि क्योंकि उन्होंने बात की है बहुत
संतुलित में की हमें खुशी है कि भतीजे ने

ऐसी बात की है कांग्रेस की वजह से हम
लोगों के बीच में कुछ हो गया था वो कह के
ही दरअसल कांग्रेस है तो लिहाजा पत्रकार
ने भी पूछा एबीपी की चूंकि न्यूज़ है तो
संभव है शायद हम ना दिखा पाएं लेकिन आपको

स्क्रीनशॉट जरूर लगा देंगे हमारे प्रिय
भतीजे केसी त्यागी ने की तेजस्वी यादव के
भाषण की तारीफ और यहीं पर जब पत्रकार ने
पूछा कि भविष्य में संभवत है तो उन्होंने
कहा कके तो दरअसल कांग्रेस है कांग्रेस

नहीं चाह रही थी कि हम लोग जो है आगे बढ़
पाएं तो कांग्रेस से गिला है ना कि नीतीश
कुमार का तेजस्वी यादव से अब एक दिन बाद
ही अगर उम्मीद इस बात की की जा रही है कि
साहब आप इधर आ सकते हैं तो यह रास्ता खोल

दिया है नीतीश कुमार के राजनीतिक सलाहकार
केसी त्यागी ने स्क्रीनशॉट में आपको लगा
रहा हूं कंफर्म खबर एबीपी की एबीपी बिहार
की खबर मैं आपको दे रहा हूं अब दोस्तों
बात यह है

इसी खबर के साथ में एक बात और जोड़ना
चाहता हूं कि क्रेडिबिलिटी इसी के पैसे
होते हैं पैसे इन द सेंस यही आदमी की पूजी
होती है मोदी जी ने नीतीश कुमार की

क्रेडिबिलिटी पर जो प्रहार किया है वक्ती
तौर पर कुछ फायदा नजर नीतीश कुमार को जरूर
आ रहा होगा इसमें कोई दोराई नहीं लेकिन जो
जनमत में उनके हालात पैदा कर दिए हैं उनको
किस प्रकार से एक्सेप्ट कर रहा था भारत का

व्यक्ति छोटी सी पार्टी बिहार के अंदर
थोड़ा सा अपना वर्ग समेट है लेकिन आप यकीन
मानिए कि नीतीश कुमार की जब शक्ल सामने
आती थी ममता बैनर्जी केजरीवाल नवीन पटनायक
यह प्रधानमंत्री पद के मटेरियल माने जाते

थे राहुल गांधी के बारे में मैं आपको
बताऊं बहुत पहले उन्होंने कहा नीतीश बाबू
बहुत शानदार काम कर रहे हैं केजरीवाल की
तारीफ उन्होंने कही विपक्ष में होने के

बाद कांग्रेस के खिलाफ होने के बावजूद
कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने इन
नेताओं का हमेशा आदर किया वजह कमजोर की
लड़ाई लड़ने में यह लोग अग्रण क्लास में
रहे अब हालात ये कि वो चले तो वहां जरूर

गए हैं लेकिन केसी त्यागी के इस बयान ने
सनसनी मचाकर रख दिए कि नीतीश कुमार कितने
दिन रहते हैं हालांकि उनका यह जो कदम
उठाया गया है वह भी बहुत संतुलित बोल रहे

थे जब से बिहार की सरकार से उन्होंने अपना
डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को अलग किया था
तब से यह बात माने जा रही थी कि तेजस्वी
यादव बहुत संतुलित बात कर रहे हैं

उन्होंने कहा हमारे लिए आदर नहीं है तभी
से आशंका थी लेकिन अब नीतीश कुमार के
राजनीतिक सलाहकार अगर इस बात का इशारा कर
रहे हैं कि हमारे बीच में कांग्रेस ककही

थी तो जाहिर सी बात है इन दोनों के बीच
में डिफरेंस नहीं है तो इसका मतलब यह है
कि देर इज सो चांसेस संभव है नीतीश कुमार
मैं पलटू कुमार नहीं कहना चाहता उस

व्यक्ति को क्योंकि मैं उसकी वाकई बहुत
इज्जत इसलिए करता था चलिए अब भी करता हूं
थोड़ी बहुत कि बिहार के हालातों को पलटने
में उसने काम तो किया था यह बात दिगर है

कि बिहार के हालात वो नहीं हो पाए कि
जिसके लिए बिहारी जाने जाते हैं लेकिन फिर
भी कुछ से कुछ ना कुछ से ना से कुछ हां तो
है तो इस वजह से नीतीश कुमार के राजनीतिक

सलाहकार अगर इस बात को कह रहे हैं तो
दर्शकों आप भरोसा रखिए संभव है कि नीतीश
कुमार फिर कोई पलटी मारे और एक बात मैं और
बता दूं यह पर्सनल आशंका कुछ लोगों की और

मेरी भी है देखिए सब कुछ सही चल रहा था
गठबंधन नीतीश कुमार ने बनाया वहां पे
इसमें कोई दौराई नहीं कि उनको संयोजक
बनाने में कुछ दिक्कत हुई देर हुई

कांग्रेस आई की तरफ से भी हील इज्जत हुई
है उसके अंदर उसमें उनका अहंकार मान लीजिए
या उनका अहम मान लीजिए उनकी अना मान लीजिए
उसको ठेस पहुंची उन्होंने वही बुथ जो

बनाया था उसे तोड़ दिया उसी शिल्पकार ने
यह बात हकीकत है लेकिन फिर भी ऐसा भी संभव
है कि दबे बाम पर आते आते जाम छन जाए 272
की लड़ाई है 303 पूरे नहीं हो रहे थे इस

बिहार की वजह से भारतीय जनता पार्टी के 39
सीटें अगर घट जाती है 35 सीटें घट जाती है
तो 270 से नीचे आ जाते हैं और महाराष्ट्र
में जिस प्रकार का डेंट अभी तक लगता हुआ

दिख रहा है उससे भी लगता यह था कि 303
नहीं या 272 का आंकड़ा नहीं पा पाएंगी अब
बिहार के अंदर तथाकथित
इस बदलने इसने उथल पुथल ने ये तो बात
साबित कर दी है कि साहब परसेप्शन तो तोड़

दिया इंडिया एलायस का इसमें भी कोई दोराई
नहीं लेकिन फिर भी 1215 15 लोकसभा आने के
बाद और 272 80 अगर नहीं आ पाए उस वक्त
नीतीश कुमार ने पलटी मार दी मोदी जी कहां

जाओगे तेरे दर से उठा तो किधर जाऊंगा मैं
कता छोड़ दूंगा तो मर जाऊंगा और कभी इसके
दर कभी उसके दरग में जिंदगी तेरा शुक्रिया
कहां-कहां से हम गुजर गए तो ये नीतीश

कुमार के बारे में भी है उधर जैन चौधरी को
तोड़ने की बात है लेकिन मैं आपको दर्शकों
एक बात और बताता हूं इसी एपिसोड में 2022
में जब मायावती और अखिलेश यादव का जो है
आपस में जो है नहीं 2022 में नहीं 19 में

हुआ पैक्ट उत्तर प्रदेश में लोकसभा के
चुनाव में तो 10 सीटें जीत गए भारतीय
बहुजन समाज पार्टी और अखिलेश यादव की
पार्टी पांच सीटें जो उम्मीद की जा रही थी

वो नहीं हुआ क्योंकि दो बड़े नेता मिल
जाने का मतलब यह नहीं होता कि नीचे लोग
लेक लोकल के जो वोटर्स हैं दर्शक हैं वो
भी बदल जाएं कार्यकर्ता भले ही तुम्हारे

पक्ष में आ जाए लेकिन एक बात बताऊं वोटर
का अपना भी कुछ विवेक होता है परसेप्शन
बनाता भी है बिगाड़ भी है करता भी है
इमरान खान के बारे में पाकिस्तान में जाकर

देख लो जेल से तमाम सबसे बड़ी पार्टी बनकर
उभ रहा है वो उस वो तो जीता हुआ था उसके
बारे में बेईमानी के आरोप लग रहे हैं उसके
पास कुछ नहीं था ना उसकी पार्टी थी ना
सिंबल था ना उसको प्रचार करने की वो थी

आजादी थी उसने नए लड़के खड़े कर दिया और
हालात क्या करके दिखाए कि सबसे बड़ी
पार्टी बनकर उभरा और उसको तो बेईमानी से
हरा दिया गया तो आप आप यह ना समझें असल

ताकत तो वोटर्स की है इसको इन्फ्लुएंस तो
किया जा सकता है लेकिन हमेशा के लिए इसका
बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता नीतीश कुमार का
जो वोटर है वो व्यतित है संभव है मैं कई
बार बता चुका अगर कांग्रेस और तेजस्वी

यादव जो वहां के महानायक बनकर उभर रहे हैं
यह भी मैं आपको बता देता हूं तेजस्वी यादव
वहां का दूसरा जेपी बन सकता है हालांकि
मैं नीतीश कुमार के बारे में उम्मीद करता

था लेकिन जिस तरह से वहां सामाजिक न्याय
की धरती उसको कहा जाता है वहां पर मैं
अपनी बात पहले वो पूरी कर दूं तो कांग्रेस
अगर बढ़िया करके इलेक्शन लड़ती है तेजस्वी

यादव के साथ तो नीतीश का वो वोट शायद
कांग्रेस के कैंडिडेट को आ जाए उन सीटों
पर अगर तेजस्वी यादव कांग्रेस के लोगों को
लड़ाते हैं अब आ जाती है जमीनी बात तो मैं

आपको बताऊं बिहार के अंदर भारतीय जनता
पार्टी अपना चीफ मिनिस्टर आज तक नहीं बना
पाई धार्मिक उन्माद आप वहां नहीं फैला
सकते क्योंकि वहां जातीय मामले दूसरे हैं

वहां का वोटर उत्तर प्रदेश जैसा नहीं है
जैसे उत्तर प्रदेश के बारे में एक साउथ के
आदमी ने कहा कि गोबर पट्टी है हालांकि
उसने तो बिहार को भी जोड़ दिया था लेकिन
यहां के लोगों के भेजे के अंदर जो गोबर

बताते हैं बहुत से लोग मैं नहीं कह रहा
हूं मैं खुद उत्तर प्रदेश का हूं
लेकिन बात यह कि वहां धार्मिक पशु नहीं है
ज्यादा धार्मिक उन्माद नहीं है वहा ज्यादा

वहां अपने अपने इश्यूज हैं वहां का जो
बिहार का बंदा सुबह-सुबह अखबार जरूर पढ़ता
है और अपने विवेक से सोचता भी है और यही
वजह है कि भारतीय जनता पार्टी व कामयाब

नहीं लालू प्रसाद शरद यादव नितीश कुमार
ऐसे नेता जेपी लोग ये तमाम लोग लोग जो है
व कामयाब हुए क्योंकि बुनियादी जरूरत है
कमजोर अमीर की और गरीब की लड़ाई को व

जानते हैं तो यह जो नीतीश कुमार गए हैं
वहां के लोग जानते हैं कि हमें क्या करना
है किसी भी माहौल के अंदर बिहार के अंदर
भारतीय जनता पार्टी ऐसी धार्मिक उन्माद

नहीं फैला पाई जैसा कि देश के किसी हिस्से
में उसने कि है लेकिन दोस्तों बात यह है
कि अब नीतीश कुमार का वो वोटर शायद संभव
इधर आ जाए और वो जानता है तेजस्वी यादव के

पास शायद उसका बैकग्राउंड की वजह से
ज्यादा ना आ पाए लेकिन कांग्रेस का मुखौटा
लगाकर अगर उन 17 सीटों प तेजस्वी यादव
लड़ा देते हैं और जातीय समीकरण साथ देते

हैं तो नीतीश कुमार जो है बहुत बड़ा झटका
लगेगा और नीतीश कुमार अगर जीत करर आ भी गए
तो यह कोई गारंटी नहीं है कि वो मोदी जी
के एनडीए के गठबंधन में उन्हें

प्रधानमंत्री बनाए संभव है उनकी वो सीट का
एक पाया खींच करर बिहार के अंदर ले आएं
बिहार ही एक ऐसी धरती देश के अंदर बची है
दोस्तों मैं आज किसी डिबेट में कह रहा था

कि वो वाकई सामाजिक न्याय की धरती है और
वो लोग वहां के हैं वहां के लोग आप वहां
पे अभी कल जब सुबह कल जो है वहां पर
अविश्वास पत्र पर जो है वोटिंग होने जा

रही थी तो वहां आम बिहार के लोग और
तेजस्वी यादव के लोग विधानसभा के ऊंच कर
रहे थे पुलिस को रोकना पड़ा है जो यहां
बुलडोजर का डर दिखाकर करके लोगों को घरों

के अंदर बंद कर दिया जाता घरों को तोड़
दिया जाता है गोली चला दी जाती है मार भी
दिया जाता है बाद में पता चलता है कि वो
घर तो गलत टूट गया था बिहार में ऐसा नहीं

है बिहार के अंदर जो आम आदमी है वो अपने
हुकूक को जानता है कानून की मर्यादाओं को
जानता है वो सड़क पर आना जानता आंदोलन के
अंदर अग्रण रूप उसने ले चुका है और बिहार
नहीं देश को कई बार दशा दिखाई है दोस्तों

उन पढ़े-लिखे लोगों से तो समझ में नहीं आ
रही बात लेकिन हो सकता है बिहार के वो लोग
जो राजनीतिक ऐतबार से तो बहुत पढ़े लिखे
हैं भले आर्थिक तबार से इतने ना हो तो वह

लोग फिर दोबारा से शायद दिखा द वह दौर भी
देखा है तबारक की नाखों ने लम्हो ने खता
की सदियों ने सजा पाई आपको खबर कैसी लगी
अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दीजिएगा

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