काली माँ का संदेश || - Kabrau Mogal Dham

काली माँ का संदेश ||

मेरे बच्चे आज का दिन बहुत ही शुभ है आज

से अन्याय की डोर मैं अपने हाथों में लेने

वाली हूं जो हमेशा सत्य के मार्ग पर चलते

हैं वह एक सकारात्मक ऊर्जा को अनुभव कर

रहे

होंगे मेरे बच्चे क्या तुम इस प्राकृतिक

में एक शुद्ध हवा एक शुद्ध अनुभव को महसूस

कर पा रहे हो आज यह हवा ईश्वर का गुणगान

कर रही

आज से सब कुछ बदलने वाला है हर एक चीज में

बदलाव आएगा क्योंकि आज का दिन और आने वाला

दिन अत्यंत शुभ है मेरे बच्चे कुछ नया और

अद्भुत प्रारंभ हो रहा है तुम यह सोच लो

कि तुम्हारी विजय निश्चित है जिस क्षण की

प्रतीक्षा तुम कई महीनों से कर रहे हो अब

वह समय आरंभ होने वाला है मेरे बच्चे आपके

लिए शुभ योग शुरू होने जा रहा है क्योंकि

यह महीना और आने वाले महीने तुम्हारे लिए

अत्यंत शुभ रहने वाले हैं मेरे बच्चे अब

तुम सभी चिंताओं से बाहर निकल जाओ अब

तुम्हें अपने विचारों पर ध्यान रखना है

मैं जानती हूं कि तुम बहुत दुखी हो इसलिए

तुम अपने विचारों पर काबू नहीं पा रहे हो

किंतु मेरे बच्चे तुम्हें अब करना ही होगा

तुम्हारे विचार तुम्हारे भविष्य निर्धारित

करने वाले हैं इसलिए तुम जो सच में पाना

चाहते हो केवल तुम्हें सिर्फ वही विचार

करना है तुम्हें अपने विचारों की शक्ति को

पहचानना है क्योंकि तुम अपने जीवन को जैसा

भी बनाना चाहते हो वह सिर्फ तुम्हारे अपने

विचार से ही कर सकते हो मेरे बच्चे मेरी

शक्तियों को जानो और पहचानो और सकारात्मक

ऊर्जा की शक्ति को पहचानो इन शक्तियों से

तुम अपने जीवन में कुछ भी हासिल कर सकते

हो जो तुम पाना चाहते हो वह तुम पा सकते

हो तुम कुछ भी कर सकते केवल अपने आप को

नकारात्मक ऊर्जा से दूर रखो मेरे बच्चे

तुम बहुत ही भाग्यशाली हो और मैं तुम्हारे

साथ हूं अब जो मैं तुम्हें बताने जा रही

हूं उसे ध्यानपूर्वक समझो कभी भी किसी भी

अभिमानी व्यक्ति को समझाने का प्रयास भूल

से भी मत करना क्योंकि ज्ञानी व्यक्ति को

समझाना आसान होता है और यदि कोई अज्ञानी

है तो उसे भी समझाया जा सकता है किंतु यदि

कोई व्यक्ति अभिमान से भरा हुआ है तो उसे

समझाना बहुत मुश्किल होता है मेरे बच्चे

ऐसे व्यक्तियों का इलाज केवल वक्त कर सकते

है इसलिए मेरे बच्चे ना तो कभी भी अभिमानी

बनो और ना ही कभी किसी अभिमानी व्यक्तियों

का साथ दो जो इंसान सरल होता है संस्कारी

होता है केवल वही व्यक्ति अपने जीवन में

आगे बढ़ता है और तरक्की भी करता है और

सफलता को भी प्राप्त करता है तुम्हारा

जीवन तुम्हारी ही सोच और व्यवहार का

परिणाम है इसलिए अभिमान से दूर रहो और

स्वाभिमानी व्यक्ति हमेशा सहज होते हैं

क्योंकि उनका दृष्टिकोण हमेशा सरल एवं

आशावादी होता है उन्हें अपनी कमियां एवं

खूबियां मालूम रहती हैं जबकि अभिमानी

हमेशा अपनी कमियों को ढकने की कोशिश करता

है और अपनी गलतियां कभी स्वीकार नहीं करते

हैं अभिमानी लोगों के रिश्ते दर्द भरे

होते हैं उनके रिश्ते उनकी महत्वता एवं

घमंड पर टिके होते हैं अभिमानी सफलता

प्राप्त करने के लिए रिश्ते तोड़ सकते हैं

जबकि स्वाभिमानी व्यक्ति हमेशा दूसरों की

भावनाओं का ख्याल रखते हैं इनके रिश्ते

मजबूत एवं सुखमय होते हैं इसलिए मेरे

बच्चे कभी भी अभिमानी व्यक्ति मत बनना

मेरे बच्चे अभिमानी व्यक्ति चाहता है कि

सिर्फ उसकी सुनी और मानी जाए यह दूसरों की

बातों या विचारों को महत्व नहीं देते जबकि

स्वाभिमानी अपने विचारों को दूसरों पर

नहीं थोपते हैं वह अपनी गलती अपने पर लेते

हैं अभिमानी व्यक्ति हमेशा आंखें बचाकर

बात करते हैं एवं उनकी आंखों में दूसरों

को हमेशा नीचे दिखाने का भाव होता है जबकि

स्वाभिमानी व्यक्ति की आंखें सरल होती हैं

एवं उन आंखों में दूसरों के लिए सम्मान का

भाव होता है मेरे बच्चे अभिमानी के रास्ते

में बड़े सूक्ष्म होते हैं कभी यह त्याग

के रास्ते आता है कभी विनम्रता के कभी

भक्ति के तो कभी स्वाभिमान के इसकी पहचान

करने का एक ही तरीका है जहां भी मैं का

भाव उठे तो समझ जाना कि अभिमान उत्पन्न हो

रहा है मेरे बच्चे स्वाभिमान तुम्हारे

लड़खड़ाते कदमों को ऊर्जावान कर उनमें

दृढ़ता प्रदान करता है कठिन पर स्थितियों

और विपन्न वस्था में भी स्वाभिमान तुम्हें

डूबने नहीं देता अभिमान अज्ञान के अंधेरे

में ढकेल है अभिमान ज्ञान घमंड और अपनों

को बड़ा ताकतवर समझकर झूठा बनाता है

व्यक्ति को अपने ज्ञान का अभिमान तो होता

है लेकिन अपने अभिमान का ज्ञान नहीं होता

है मेरे बच्चे अपने स्वाभिमान को जांच रहो

कहीं यह अभिमान में तो नहीं बदल रहा

काली मां कहती हैं मेरे बच्चे तुम्हारी

पुकार मुझ तक पहुंच चुकी है अब तुम यही

सोच रहे हो ना कि यदि तुम्हारी पुकार मुझ

तक पहुंच गई है तो मैं चुप क्यों हूं

तुम्हारी पुकार को सुनने के बाद मैं

तुम्हारी समस्या को समाप्त क्यों नहीं कर

रही सुनने के बाद मैं तुम्हारी समस्या को

सवा बार-बार उठ रहा है और तुम्हारा मन

विचलित हो रहा है शीघ्र ही उत्तर जानने के

लिए शीघ्र यह जानने के लिए कि मैं

तुम्हारी समस्याओं की पुकार सुनने के

पश्चात शीघ्र समाप्त क्यों नहीं कर रही

परंतु मेरे बच्चे तुम इन बातों से अभी तक

अनजान हो कि यदि मैं चुप हूं तो इसका अर्थ

यह नहीं कि मैं कुछ कर नहीं रही या कुछ

बड़ा सोच नहीं रही बल्कि मैंने तुम्हारे

लिए बहुत कुछ सोच रखा है और बहुत ही अलग

सोच रखा है इसके लिए ही मैं तुम्हें तैयार

कर रही हूं तुम्हारी परीक्षाओं के उपरांत

ही मैं तुम्हें उस मंजिल पर अवश्य ही

पहुंचा दूंगी जिस मंजिल पर तुम पहुंचना

चाहते हो परंतु उसके लिए तुम्हें पूर्ण

रूप से तैयार होना होगा तुम्हें अपने अंदर

इतनी शक्ति विधमान करनी होगी कि मैं जब

तुम्हारे जीवन में चमत्कार करूं तो तुम

उसे देखने के लिए फौरन तैयार रहो तुम्हारी

परीक्षाओं के पीछे तुम्हारा सुनहरा भविष्य

जो मैं अब तुम्हें दे रही हूं तुम्हारे

आसपास के किसी भी व्यक्ति को तुम्हारे

कारण कष्ट ना हो तो तुम स्वयं को

भाग्यशाली समझना तुम्हा अच्छे दिनों की

शुरुआत हो चुकी है परंतु इसके साथ-साथ

मेरे बच्चे यह भी याद रखना है मैं

तुम्हारे साथ हूं तुम्हारे सामने ना सही

परंतु तुम्हारे आसपास हूं बस तुम उस रूप

को अपने सच्चे मन की शक्ति से मुझे देख

नहीं पा रहे हो क्योंकि मुझे देखने के लिए

या मेरा दर्शन प्राप्त करने के लिए एक

सच्चे मन और सच्चे हृदय की आवश्यकता होती

है जो कि तुम्हारे पास है बस तुम उसे सही

समय पर सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर पा

रहे हो अपने मन को जागृत करो मेरे बच्चे

मैं जानती हूं कि अभी तुम परेशानी में हो

जिस कारण तुम्हें इस शक्ति को नहीं पहचान

पा रहे हो पर एक ऐसा समय आएगा कि तुम

शक्ति को पहचान लोगे क्योंकि मैं तुम्हारा

मार्गदर्शन करूंगी मेरा मार्गदर्शन ही

तुम्हारी परीक्षा होगा अगर तुम इसमें सफल

हो जाते हो तुम्हारी इच्छा पूर्ण हो जाएगी

उसके पश्चात तुम्हें अपनी मां से कोई

शिकायत नहीं रहेगी तो अब तुम तैयार हो ना

मेरे बच्चों मैं जानती हूं कि तुम बहुत

परेशानी में हो और तुम्हारे साथ कभी-कभी

जीवन में ऐसा होता है कि तुम करना तो कुछ

चाहते हो पर कुछ और कर लेते हो और आज मेरा

यह संदेश केवल तुम्हें सच्चाई को बताने के

लिए आई हूं कि तुम्हें तुम्हारे असली

लक्ष्य के बारे में पता चल सके क्योंकि

तुम्हारे लिए यह जानना आवश्यक है कि वह

कौन सी गलती है जिसके कारण तुम अपने

लक्ष्य से भटक जाते हो जो इंसान अपने

लक्ष्य से भटक जाता है वह कभी किसी मोड़

पर नहीं पहुंच पाता क्योंकि उसे अपने जीवन

का लक्ष्य निर्धार नहीं होता और जिसके

जीवन में कोई लक्ष्य नहीं होता वह कभी भी

अपने जीवन में आगे नहीं बढ़ सकता जैसे एक

मुसाफिर अपनी मंजिल पर तभी पहुंच सकता है

जब उसे अपनी मंजिल का पता मालूम हो किंतु

यदि उसे अपनी मंजिल का ही पता ना मालूम हो

तो वह कभी भी किसी मंजिल पर नहीं पहुंच

सकता ऐसा व्यक्ति केवल यहां से वहां भटकता

ही रह जाता है परंतु अपनी वास्तविक मंजिल

कभी नहीं मिल पाती वैसे यदि तुम्हारे जीवन

में भी लक्ष्य नहीं है तो तुम ऐसे ही

भटकते रहोगे इसलिए तुम्हें आवश्यकता है एक

ऐसी मंजिल की जो तुम्हारे पूरे जीवन को

संवार दे मेरे बच्चे तुम्हारी माता ने

तुम्हें इस धरती पर केवल अपने जीवन को

संवारने का तो मेरी शक्ति के लिए भेजा है

परंतु तुम इस दुनिया की मोह माया में आकर

अपने लक्ष्य के साथ-साथ अपनी माता को ही

भूल चुके हो मैंने तुम्हें हर मार्ग

दिखाया है किंतु तुम ऐसी कुछ गलतियां कर

देते हो कि तुम उन मार्ग पर नहीं चल

पाते आज का मेरा यह संदेश केवल तुम्हें

असली मंजिल तक पहुंचाने का मार्ग बताएंगे

किंतु यदि तुमने मेरे संदेश को अनदेखा

किया और तुम्हें लगा कि मैं स्वयं ही अपना

मार्ग ढूंढ लूंगा तो तुम ऐसे ही भटकते

रहोगे मेरे बच्चों मैं नहीं चाहती कि तुम

ऐसे ही भटकते रहो तुम अपने जीवन में बहुत

अधिक भटक चुके हो अब तुम्हें ठहराव की

आवश्यकता है तुमने अपने जीवन के दुखों को

बहुत सह लिया किंतु अब तुम्हें आवश्यकता

है इस मार्ग पर चलने की जहां केवल शांति

और सुख है और यह तभी संभव है जब तुम उचित

मार्ग पर चलकर उचित कार्य करो मेरे बच्चों

समय की कीमत सबसे अधिक होती है और तुम्हें

समय के अनुसार ही चलना होगा संसार की सबसे

शक्तिशाली चीज समय ऐसी चीज है जो निर्बल

को बलवान बना सकती है और मेरे बच्चे मैं

चाहती हूं कि तुम अपने जीवन को उस दिशा

में लेकर जाओ जिस दिशा में मैं तुम्हें ले

जाना चाहती हूं जहां केवल तुम्हारी जिंदगी

में सुख और शांति रहेगी इसलिए अब तुम अपने

माता के अनुसार आगे बढ़ते जाओ मैं जानती

हूं मेरे बच्चों तुम काफी वर्षों से अपने

जीवन में होने वाली परेशानी से जूझ रहे हो

लेकिन अभी तुम्हारी जिंदगी कुछ ही दिनों

में बदलने वाली है तुम महसूस करोगे

तुम्हारे जीवन में खुशियां आनी शुरू हो गई

हैं मेरे बच्चों मेरी बात याद रखना हमेशा

सची लगन के साथ अपने कार्य करते जाना तुम

कहीं पर भी अपने मन में डर मत लाना कि कोई

भी कार्य तो नहीं कर सकते तुम अपने मन में

यह डर मत रखो कि क्या सही होगा क्या गलत

होगा बस अपने कार्य को दृढ़ निश्चय के साथ

अपनी ईमानदारी के साथ करते जाओ अगर तुम

चिंता करते रहोगे कि मेरा कार्य सही होगा

या गलत तो तुम कोई भी कार्य नहीं कर पाओगे

इसी उलझ में अपना पूरा समय खराब कर दोगे

तुम्हारे हर कार्य का फल तुम्हें तभी मिल

सकता है जब तुम उसे अपने पूरे दिल से करो

तुमने मेरी जितनी भी पूजा अर्चना की है

उसका फल मैंने हमेशा से दिया है और आगे भी

दूंगी तुम यह कभी मत सोचना कि तुम्हारी

मां तुम्हारे साथ नहीं है मैं हमेशा से

तुम्हारे साथ ही और आगे भी तुम्हारे साथ

ही रहूंगी मेरे बच्चों

बस तुम केवल मुझ पर विश्वास बनाए रखो मैं

वह देवी हूं जो हर बुराई का नाश पल भर में

कर देती हूं फिर तुम्हारे ऊपर आए कष्टों

को मैं कैसे दूर नहीं करूंगी तुम यह मत

सोचो कि तुम अधूरे रहोगे मैं सदा तुम्हारे

साथ हूं एक माता का कर्तव्य अपने बच्चों

की रक्षा करना होता है और मैं भी तुम्हारे

हर दुख को हर लूंगी मेरी कृपा का फल तो

तुम्हें अवश्य मिलेगा किंतु तुम बार-बार

अपने मन में उठ रहे विचारों को बंद करो और

केवल मेरा ध्यान करो तुम्हारे सारे दुख

दूर हो जाएंगे मन में बार-बार उठ रहे

विचार ही हमारे सुख दुख का कारण बनते हैं

इसलिए सदा अच्छे विचारों को सोचो आप जीवन

में कभी भी किसी का बुरा मत सोचना क्योंकि

समय कभी भी बदल सकता है इसलिए अपने समय पर

कभी घमंड मत करना यह मत सोचना कि आप आज

समय तुम्हारे हाथ में है तो तुम जो मर्जी

कर सकते हो हमेशा याद रखना समय किसी का

नहीं है वह केवल उसी का होता है जो उसके

अनुसार कार्य करता है और मैंने जो तुम्हें

हुनर दिए हैं उन पर कभी भी घमंड मत करना

क्योंकि घमंड व्यक्ति को एक ना एक दिन

परस्त कर देता है इसलिए मेरे बच्चों सदा

ही अपने आप को इस घमंड रूपी बुराई से दूर

रखना क्योंकि जब तुम घमंड से दूर रहोगे

तभी तुम अच्छाई की ओर बढ़ सकोगे जैसे धनुष

से निकला गया बाण किसी ना किसी को भेद

देता है ऐसे ही मुख से निकले गए कटु शब्द

हमारे हृदय को अंदर तक भेद देते हैं हमेशा

दूसरों के प्रति प्रेम की वाणी से बात करो

प्रेम से बोला हुआ हर वाक्य अमृत के समान

प्रतीत होता है इसलिए अपनी वाणी का

सदुपयोग करें स्वयं मीठा बोलें और सामने

वाले को भी मीठा बोलने का अवसर दें ऐसा

करने से तुम अपने साथ-साथ सामने वाले के

हृदय में भी प्रेम की भावना को जागृत कर

दोगे जिससे यदि वह तुम्हारे प्रति गलत

धारणा भी रखता होगा तो तुम्हारे प्रेम को

देखकर वह अपनी धारणा को बदल देगा अब मैं

अपने धाम वापस जाना चाहती हूं किंतु यह

कहना चाहती हूं कि मेरे संदेश को अपने

जीवन में अपनाना और अपने मन को शांत करके

अपने कार्यों पर ध्यान देना तुम्हारे जीवन

में अब से सब कुछ अच्छा होगा मेरा

आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है तुम्हारा

कल्याण हो तुम्हारा दिन मंगलमय हो

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