Maa Kali Ki Murti घर में रखने से ये घटित होगा आपके साथ | - Kabrau Mogal Dham

Maa Kali Ki Murti घर में रखने से ये घटित होगा आपके साथ |

नमस्कार दोस्तों आप सभी पर आकाश आशीर्वाद

और बजरंगबली की कृपा सदा बनी रहे मैन काली

की मूर्ति घर में रख सकते हैं या नहीं और

यदि मैन की मूर्ति घर में रखते हैं तो

इसका क्या प्रभाव होता है

मैन की स्थापना यदि घर में की है तो किन

नियमों का पालन व्यक्ति को करना चाहिए

और यदि पूजा में कुछ गलती हो जाए तो क्या

मैन नाराज होती है ऐसे बहुत से संशय हैं

बहुत सी प्रश्न हैं जो भक्तगण हम से पूछते

रहते हैं तो आज इन्हीं सब बातों के ऊपर हम

चर्चा करेंगे हमेशा से ही सनातन धर्म में

लोग देवी देवताओं की प्रतिमा या फोटो का

पूजन करते ए रहे हैं देवी देवताओं की

मूर्ति घर में रखने का अर्थ है की वह

देवता वो देवी साक्षात हमारे साथ हमारे घर

में रह रहे हैं और मैन काली जो कलियों की

जागृत शक्ति हैं उनकी मूर्ति घर में

स्थापित करने का अर्थ है एक जागृत शक्ति

को एक जागृत ऊर्जा को घर में स्थापित करना

जहां तक मत स्वरूप का garmanan किया जाए

तो मैन का स्वरूप अधिकतर रौद्र होता है

नरमुंड की माला मैन पहने हुए होती है उनके

ऊपरी एक हाथ में कृपाण होता है दूसरे हाथ

में एक रक्षा का काटा हुआ सर होता है नीचे

के जो उनके दोनों हाथ हैं उनमें से एक हाथ

में एक पत्र है जिसमें रक्षा के सर से केट

हुए सर से जो रक्त निकल रहे हैं वो

एकत्रित हो रहा है और दूसरा हाथ वरद

मुद्रा में है जी बाहर निकली हुई है बाहर

लप-लप ए रही है एक पांव भगवान शिव की छाती

पर रखा हुआ है और जो चेहरे के भाव हैं वो

क्रोध के हैं तो ज्यादातर मैन की जो

मूर्तियां होती है उनकी जो तस्वीर होती है

उसमें मैन का यह स्वरूप देखने को मिलता है

और मैन के इसी रौद्र रूप के कारण लोग उनकी

प्रतिमा को घर में ना रखने की सलाह देते

हैं कुछ लोगों को भाई लगता है की क्योंकि

रौद्र रूप में मैन रहती है तो घर में उनकी

स्थापना से कुछ बुरा हो जाएगा या उनके

क्रोध स्वरूप के कारण घर में लड़ाई झगड़ा

हो सकता है

लेकिन ऐसे लोगों को मैन काली के सही

स्वरूप की कभी समझ ही नहीं यह बहुत ही

हास्यास्पद बात है

क्योंकि मैन अपने भक्तों का हमेशा भला

करती है आका रौद्र रूप नकारात्मक शक्तियों

के लिए बुराइयों के लिए

जिनसे वो हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करती

है मैन काली का यह स्वरूप बुराई पर झूठ पर

अहंकार पर दुराचार पर सत्य की जीत का

प्रतीक है यह स्वरूप अपने भक्तों के लिए

नहीं बल्कि भक्तों की रक्षा के लिए है तो

दोस्तों निर्भय होकर बिना किसी दर के मैन

की मूर्ति अपने घर में भक्त को जरूर

स्थापित करनी चाहिए

कभी भी यह भाव मैन में ना लाइए ना सोचे की

मैन काली अपने भक्तों का अहित करने वाली

देवी वो तो परम सर्वोच्च शक्ति है आदि

शक्ति है परम दयालु है तुरंत प्रसन्न होने

वाली तुरंत जागृत होने वाली पराशक्ति है

डरना उन्हें चाहिए मैन की मूर्ति स्थापित

करने में जो दुराचार में लिप्त है जो मेरी

ही asahayon को सताते हैं उन्हें पीड़ित

करते हैं अब जहां तक बात यह है की मैन की

मूर्ति घर में स्थापित करने का प्रभाव

क्या होता है तो दोस्तों मेरा अनुभव है की

मैन की मूर्ति जिस दिन से जिस घर में

स्थापित होती है उसी दिन से उसे घर का

दुर्भाग्य सौभाग्य में बदल जाता है उसे घर

की रक्षा मैन स्वयं करती है नकारात्मक

ऊर्जा उसे घर में प्रवेश नहीं करते यदि

उसे घर में कुछ गलत हो रहा है घर के किसी

व्यक्ति के अंदर नकारात्मक ऊर्जा है तो

मैन की कृपा से वो भी दूर होती है मैन की

ऊर्जा और उनके सुरक्षा चक्र को एक भक्त

स्वयं ही महसूस करता है मैन की स्थापना के

कुछ दिनों के बाद तो निर्भय होकर बिना दर

के मैन की मूर्ति को घर में स्थापित करें

निर्भय होकर मैन का पूजन करें उनकी सेवा

करें कुछ इस समय मैं आपको अनुभव होने

लगेगा की मैन परम ममतामई है परम

vatsalyamayi है

और मैन की मूर्ति घर में स्थापित करने की

जो अन्य प्रभाव हैं वह भी चमत्कारिक हैं

जिस घर में रोज लड़ाई झगड़ा हो रहा है

क्लेश हो रहा है तो वह समाप्त हो जाता है

घर के सदस्यों में एक दूसरे के लिए स्नेह

प्रेम पैदा होता है उन्नति उसे घर की होती

है उसे घर के सदस्यों की होती है और सबसे

बड़ी बात की उसे घर के जो शत्रु हैं

विरोधी हैं वो शांत होते हैं पाप ग्रहों

की शांति होती है

अब अगला प्रश्न यह है की मैन का नित्य

पूजन घर में कैसे करें अगर मैन की मूर्ति

घर में स्थापित की है किन नियमों का पालन

चाहिए ताकि पूजा में कोई गलती ना हो और

साथ ही यह भी बात उठा रहे हैं आपकी कहीं

कोई गलती पूजा में हो गई तो मैन नाराज हो

जाएगी तो पहले तो यह समझ ले की मैन नाराज

बिल्कुल नहीं होती है मैन की पूजन में

जाने अनजाने भूल होने पर मैन उसी प्रकार

अपने भक्तों को क्षमा करती है जैसे एक

जन्मदिन वाली मैन अपने शिशु की गलतियों को

अनदेखा करती है

बस नित्य मैन की पूजा में सुबह और शाम

जवाब जोत जलाते हैं उनकी pujaradhna करते

हैं तो दोनों समय क्षमा प्रार्थना कर लें

और क्षमा प्रार्थना जरूरी नहीं की संस्कृत

में करें हिंदी में भी अपने भावों को मैन

के समक्ष रखे की हेमा आपकी पूजा में आपकी

सेवा में आपकी आराधना में मुझसे जो कोई भी

भूल चूक हुई है मैन मुझे उसके लिए क्षमा

करें मैं ज्ञानी हूं मुझे ज्ञान दे मुझे

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