BJP विरोधी अंडर करंट ने बढ़ाई मोदी की टेंशन | ASHOK CHAUHAN | KISAN PROTEST | WANKHEDE - Kabrau Mogal Dham

BJP विरोधी अंडर करंट ने बढ़ाई मोदी की टेंशन | ASHOK CHAUHAN | KISAN PROTEST | WANKHEDE

नमस्कार स्वागत है आपका य चैनल उल्टा
चश्मा पर लेकर आया हूं आपका अपना
कार्यक्रम विश्लेषण विथ वानखड़े सबकी
नजरें कल आज बिहार पर थी बिहार में

विधानसभा में पिछले रात से लगातार
घटनाक्रम बदल रहा था 121
पे नंबर के साथ नीतीश कुमार कभी
मोटरसाइकिल पर घूम रहे थे तो कभी कार में

एक एक आदमी जुटाने का प्रयास हो रहा था
क्योंकि विश्वास मत के लिए 122 चाहिए थे
और सबसे पहले तो स्पीकर को हटाने के लिए
122 चाहिए

थ 121 का आंकड़ा था तीन आरजेडी से उठाए
124 हो गए एक उनका बागी पुलिस पकड़ के लाई
125 हो
गए उसी के बीच तीन और बागी पुलिस के ही

भरोसे वापस आए या पुलिस ले
आई और तीन चार एफआईआर हुई एक रात में और
जाकर 129 सरकार को
मिले एनीवे यह तो बिहार हुआ दूसरी तरफ
किसान आंदोलन पूरी

दिल्ली की जान गले में अटकी हुई है कि कल
से क्या फिर वही किसान आंदोलन झेलना
होगा और महाराष्ट्र में अशोक
चौहाण पूर्व मुख्यमंत्री महाराष्ट्र के

कांग्रेस के एक नेता बड़े शंकर राव चौहाण
के बेटे जो महाराष्ट्र के दो बार
मुख्यमंत्री एक बार डिफेंस मिनिस्टर एक
बार गृहम मंत्री से से बड़े बड़े पोस्ट पर

रहे
वो
इंसान आज भारी मन
से पार्टी से इस्तीफा दे दिया सदस्यता से
विधानसभा की इस्तीफा
दिया

दो तीन लाइन का पत्र है कि मैं इस्तीफा
देता हूं सदस्यता से पार्टी के और
विधानसभा के सदस्यता
के वर्तमान में वह बीजेपी जाएंगे नहीं

जाएंगे इसके बारे में क्लेरिटी नहीं लेकिन
इतनी बात तय है कि वोह बीजेपी जाने के लिए
ही उन्होंने इस्तीफा दिया एक बात अशोक
चौहान में अच्छी लगी उन्होंने इस्तीफा य

वैयक्तिक कारणों से बताया ना पार्टी से
नाराज होने की बात कही ना राम मंदिर में
पार्टी की क्या लाइन है यह बात कही ना
राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाया ना

नाना पटोले जिनसे व बुरी तरह से आहत थे
उनका नाम
लिया इतना ही कहा कि यह वैयक्तिक निर्णय
है मैं इसके लिए किसी को भी जिम्मेदार
नहीं मानता ना किसी को भी मैं इसके

लिए प्रताना या यह नहीं कहता कि इसने मेरे
साथ बुरा
किया अशोक चौहाण

आदर्श गृह निर्माण सोसाइटी के केस में
अटके हुए हैं उनके ऊपर सीबीआई और ईडी
दोनों के केसेस चल रहे हैं 2012 का केस है
ये लेकिन 2024 में 12 साल बाद भी रंग

दिखाया ईडी का केस बड़ा मुश्किल होता है
फाइल पड़ी रहती है जब सरकार को चाहे उस पर
धूल हटाओ फाइल बाहर निकालो और जो रडार प
है वो फिर बंदर जैसा नाचने लगता है या तो
हेमंत सोरेन जैसे जेल जाओ अनिल देशमुख

जैसे जेल जाओ या फिर सरेंडर हो जैसे नितीश
बाबू ने किया जैसे अजीत पवार ने
किया जैसे हेमंता जीी ने
किया तो अशोक चौहाण ने इस्तीफा दिया डील य

बताई जाती है कि वो राज्यसभा में लाए
जाएंगे और उनकी बेटी को उनकी जो सीट है
विधानसभा की भोकर नांदेड़ जिले में वहां
से

उठाए अशोक चौहाण को बीजेपी में लाकर
बीजेपी को क्या मिला
ये जब सवाल मैंने पूछा बीजेपी के नेता
हू तो उन्होंने कहा कि हमें समझ में नहीं

आया कि क्यों लिया पहले ही हमारे पार्टी
में बाहर वाले जो आए हैं उनकी इतनी भरमार
है कि पुरानी बीजेपी और नई बीजेपी में
संघर्ष हो रहा

है कई धरों में बीजेपी बैठी है बीजेपी
ओरिजिनल बीजेपी सेना मतलब सेना से बीजेपी
में आए हुए बीजेपी
कांग्रेस कांग्रेस से बीजेपी में आए

हुए बीजेपी एनसीपी या राष्ट्रवादी
कांग्रेस से बीजेपी में आए हुए बीजेपी
एमएनएस यानी मनसे से बीजेपी में
आए यह अलग अलग धड़े बीजेपी में संघर्ष कर
रहे

हैं संगठन जिले स्तर तक गुटों में बटा हुआ
है ऐसे में एक आदमी और ले आते हैं
आप संघर्ष
बढ़ेगा यह तो बीजे के अंदर आए हुए लोगों

की बात बता रहा हूं सहयोगी
दल
एनसीपी अजीत पवार और शिवसेना एकनाथ शिंदे
इनका एक अलग मसला है झगड़े आपस में इतने
हैं कि आपको पता ही पड़ा होगा कि एक

बीजेपी के विधायक
ने शिवसेना गुट
के जो एकनाथ सिंधे के थे कॉरपोरेटर उनको
पुलिस स्टेशन के अंदर गोलियो मारी
तो हर जगह संघर्ष है जो पार्टी एक

डिसिप्लिन की पार्टी थी इतना संघर्ष
होता दूसरी बात पार्टी के प्रवक्ताओं को
इतनी परेशानी होती है कि आदर्श घोटाले
में शहीदों के चीता पर रोटी सेकने वाला

शहीदों का विश्वासघात करने
वाला अशोक चौहाण इसका इस्तीफा मांगने वाली
बीजेपी ये तो कांग्रेस की नैतिकता इतनी
ऊंची थी

कि बीजेपी ने इस्तीफा मांगा और कांग्रेस
ने अपने नेताओं का इस्तीफा
लिया बीजेपी में
तो कितना भी बड़ा कांड कर
दे यदि विपक्ष ने इस्तीफा मांगा तो वह

बिल्कुल नहीं देता और व डटा रहता है और
केंद्रीय नेतृत्व के भी उसके साथ बना रहता
है 2019 में जब चुनाव में नांदेड़ से अशोक
चौहाण लड़ रहे थे और सीट हारे अपनी वहां

आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने
यह कहा
था एक आदर्श ग्रह निर्माण सोसाइटी बनी थी
और वहां शहीदों के साथ कितना विश्वास घात

किया यह नांदेड़ और पूरा देश जानता है और
किसने किया यह बताने की जरूरत
नहीं और इसके आगे जाकर उसी रैली में

देवेंद्र फडणवीस जी ने कहा
था अशोक चौहाण तो लीडर है ही नहीं यह डीलर
है केरोसीन से लेकर पेट्रोल तक डीलरशिप
उसके पास पास मोटरसाइकिल से लेकर कार तक

नांदेड़ में हर डीलरशिप उसके पास है यह
धंधेबाज आदमी डीलरशिप मतलब धंधा करने वाला
र कांग्रेस ने इनको मंत्री मुख्यमंत्री तक
बनाया लेकिन इन्होंने नांदेड़ का कोई

विकास नहीं किया इसलिए आप हमें वोट
दीजिए अब जब यह उनको साथ में लेंगे तो यह
डीलर लीडर कैसा होता है यह देवेंद्र
फडणवीस बता
पाएंगे यह शहीदों का विश्वासघात कर

वाला बीजेपी के साथ क्या कर रहा है इस
सवाल का जवाब मोदी जी तो देंगे नहीं
क्योंकि मोदी जी सवाल का जवाब नहीं देते व
अपने मन की बात कहते हैं लेकिन बीजेपी

प्रवक्ता की बहुत किरकी होती है और उन्हें
समझ में नहीं आता कि इसको झेले
कैसे कुल मिला केर कांग्रेस
में इतना बड़ा लॉस मैं नहीं मानता हुआ है

करके क्योंकि जो आदमी खुद की सीटी लो सभा
की निकाल नहीं पाया और उनके लोकसभा
कांसटेसी में जो छह विधानसभा सीट आती
है

उसमें तीन कांग्रेस के पास
है दो बीजेपी के पास और एक शिवसेना के पास
ने आधा आधा मसला
है पिछली बार अशोक चौहान 40000 वोट से
हारे थे और प्रकाश आंबेडकर और ओएसी की
वंचित

आघाड़ा आंबेडकर इस साइड प आते इंडिया
गठबंधन की तरफ तो यकीनन बीजेपी के लिए यह
सीट बहुत भारी होगी भले ही अशोक चौहाण साथ
में तो भाजपा

को कुछ फायदा नहीं हुआ स्टेट यूनिट के लिए
इस चीज कैसे निगले इसके लिए चिंता हो रही
है केंद्र में बताने के लिए है कि अब
कांग्रेस में भी दम नहीं रहा उनके लोग

छोड़ छोड़ के जा रहे हैं लेकिन वो छोड़
इडी के वजह से जा रहे हैं किसी ने ये
कमेंट की कि उनके पिता ने भी कांग्रेस
छोड़ी थी शंकरराव चौहान 1975 में

मुख्यमंत्री बने थे उनके मुख्यमंत्री पद
में मंत्री मंत्रिमंडल में वसंत दादा
पाटील यह मराठवाड़ा के शंकरराव चौहान थे
और वसंत दादा पाटील पश्चिम महाराष्ट्र के

सांगली से आते इन दोनों में अनबन थी पूरी
पार्टी दोनों के बीच में स्प्लिट हो गई थी
और आखिर वसंत दादा का पड़ा भारी पड़ा और
1977 में शंकरराव चौहाण को इस्तीफा देना

पड़ा और वसंत दादा पाटील मुख्यमंत्री
बने इससे होते हुए शंकरराव चौहाण ने अपना
राजनीतिक दल खड़ा किया महाराष्ट्र
समाजवादी कांग्रेस

पार्टी इसी बीच वसंत दादा की सरकार गिरा
के आदरणीय शरद पवार जी ने प्रोग्रेसिव
डेमोक्रेटिक फ्रंट पीडीएफ फॉर्म किया इसको
पुलोद कहते हैं मराठी
में

और पुरोगामी लोकशाही
आड़ी और उन्होंने शंकरराव चौहाण को मंत्री
बनाया बाद में इंदिरा जी के कॉल पर शंकर
राव
चौहाण वहां चले गए कांग्रेस में वापस चले

गए और मरने तक कांग्रेस में रहे शंकर राव
इसलिए पार्टी अलग बनाए थे कांग्रेस छोड़े
थे क्यों क्योंकि वह आहत हो गए थे यहां
अशोक चौहाण को आहत होने की जरूरत नहीं

पार्टी ने हमेशा उन्हें जरूरत से ज्यादा
ही दिया इसीलिए इस अपराध भत से अशोक चौ
किसी को भी जिम्मेदार नहीं मान रहे हैं और
वैयक्तिक कारण से पार्टी छोड़ी यह बता रहे

हैं इसलिए उनके पिता की और उनकी तुलना
नहीं हो
सकती बाद में शंकर राव जी ने एक पत्रकार
से बात करते हुए कहा था कि मैंने कांग्रेस

नहीं छोड़ी थी मुझे ही इंदिरा जी ने नया
पक्ष बनाने के लिए कहा था क्योंकि इंदिरा
जी पार्टी पर पूर्ण रूप से कंट्रोल चाहती
थी महाराष्ट्र यूनिट

प वसंतराव नायक को मुख्यमंत्री बनाया था
और तीन बार 15 साल तक वसंत राव नायक
मुख्यमंत्री बने सब कुछ ठीक चल रहा था
लेकिन मराठा मुख्यमंत्री चाहिए इसलिए वसंत

दादा पाटील पूरे महाराष्ट्र में एक
राजनीतिक आंदोलन खड़ा कर दिया वसंत राव
नायक बंजारा
थे
इसलिए इंदिरा गांधी जी ने गुस्से में यदि
आपको मराठा ही चाहिए तो तुम्हें मराठा

मुख्यमंत्री देती हूं करके शंकर राव चौहाण
को भेजा
शंकरराव चौहाण भी मराठा है वसंत दादा
पाटिल की डिमांड भी पूरी हुई और हाथ में
मुख्यमंत्री पद नहीं आया लेकिन वसंत दादा

पाटिल ने अपना गेम शुरू किया इसी बीच
लोकसभा के चुनाव हुए कांग्रेस को उसमें
समाधान कारक रिजल्ट नहीं मिले इंदिरा जी
को य समझ में आया कि वसंत दादा के साथ
ज्यादा खींच नहीं सकते उन्होंने वसंत दादा

को मुख्यमंत्री बनाया ये घटनाक्रम था तो
उसी वसंत दादा को सेटल करने के लिए मुझे
अलग राजनीतिक दल खोलने के लिए इंदिरा जी
ने कहा था ऐसा उन्होंने कहा लेकिन आज

शंकरराव चन हयात नहीं वो पत्रकार जिनसे
उनसे बात हो गई वो बहुत वृद्धावस्था में
है और इंदिरा जी भी नहीं है इसलिए सच कहा
है य तो वो दोनों जानते हैं लेकिन कुल

मिलाकर आज फिर ईडी ने अपना प्रकोप किया एक
और मछली बीजेपी के जाले में आ गई आज इतना
ही कल फिर आता हूं किसी विषय के साथ तब तक
के लिए नमस्कार देखते रहिए
ू चैनल उल्टा च

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *