Amit Shah न जागते, तो गिर जाती Nitish Kumar Sarkar, Tejashwi Yadav के बंगले में घुस ? | Bihar News - Kabrau Mogal Dham

Amit Shah न जागते, तो गिर जाती Nitish Kumar Sarkar, Tejashwi Yadav के बंगले में घुस ? | Bihar News

नमस्कार मेरा नाम ज्ञानेश्वर है और आपने
देखना शुरू किया है लाइव सिटी देखिए बिहार
विधानसभा में नीतीश कुमार ने विश्वासमत
हासिल कर लिया बिहार विधानसभा के अध्यक्ष

अवद बिहारी चौधरी को भी हटा दिया गया यह
सब कल 12 फरवरी को हुआ था लेकिन आपको यह
सच बताएं कि नीतीश कुमार की सरकार गिर
जाएगी यह बात 11 फरवरी की रात को 11 बजे

बीजेपी और जेडीयू के नेताओं ने भी मान
लिया था यह सच है कि यदि शासन प्रशासन
नीतीश कुमार के पास ना होता तो कल 12
फरवरी को सरकार नहीं बसती टकम दोनों ओर से
किए जा रहे थे सेंधमारी
प्रलोभन

बायदे दोनों ओर से हो रहे थे तो देखिए 11
फरवरी की रात 11 बजे जब यह लगने लगा कि
सरकार नहीं बचा पाएंगे कल 12 फरवरी को
सरकार गिरेगी तो दिल्ली तक रात को जागने

लगा था आपको यह बताएं जानकर हैरत भी होगी
आपको कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रात
को 3 बजे तक जागते रहे थे और इस कोशिश को
अंजाम तक पहुंचाने के बाद ही सोए थे कि

नीतीश कुमार की सरकार अब बच जाएगी वे
लगातार पटना में अपने पार्टी के राष्ट्रीय
महासचिव विनोद तावरे बिहार के दोनों
डिप्टी सीएम सम्रत चौधरी और विजय कुमार

सिन्हा के संपर्क में थे नित्यानंद राय की
स्पेशल ड्यूटी केंद्रीय ग राज्य मंत्री
पटना में लगी हुई थी ऋतुराज सिन्हा को
लगाया गया था तो इतनी सारी बेचैनी क्यों

पैदा हुई देखिए ऐसा है कि तेजस्वी यादव ने
ला तो कर दिया था लेकिन अपने ही घर में
डाका पड़ जाएगा उन्हें इस बात की उम्मीद
नहीं थी 11 फरवरी की रात 10 बजे जेडी और

बीजेपी के पॉलिटिकल मैनेजर्स ने यह मान
लिया कि हमारे पास बिहार विधानसभा के
अध्यक्ष अबद बिहारी चौधरी को हटाने के लिए
संख्या कम हो रही है 12 22 से हम कम होने

जा रहे हैं और बीजेपी के लिए कलंक की बात
थी अमित को भी इस बात पर गुस्सा था कि
कैसे बीजेपी के तीन विधायक गायब हो गए
कैसे उन्होंने यह सोच लिया कि वे आरजेडी

की सरकार बनवा देंगे बीजेपी के विधायकों
ने कभी ऐसा नहीं किया था लेकिन हां किया
विधानसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए वे मौके
पर विधानसभा में नहीं आए वे तेजस्वी यादव

के पाले में जा चुके थे और यह तीन विधायक
देखिए दो विधायकों के बारे में जानकारी ी
तो बीजेपी के लीडरशिप को पहले से थी
मिश्री लाल यादव झारखंड के मुख्यमंत्री

चंपा सोरे की सुरक्षा में रांची में थे और
रश्मी वर्मा गरवा में थी दोनों ने कह दिया
था वोट नहीं देंगे सम्राट चौध जब कल यह कह
रहे थे किसी को नहीं छोड़ेंगे तो यह बात

वे अपने मन से नहीं कह रहे थे यह केंद्रीय
गृहमंत्री अमित शाह का निर्देश है कि
जिन्होंने बगावत की है जिन्होंने दगा किया
है जिन्होंने भाजपा को कलंकित किया है

भागीरथी ने भी रास्ते से गायब हो गई तो
बीजेपी के तीन एमएलए गायब हैं तीन एमएलए
नहीं आने वाले हैं जब यह बात नीतीश कुमार
के पॉलिटिकल मैनेजर्स और पॉलिटिकल

कमांडर्स ने 11 फरवरी की रात 10 बजे सुनी
तो उनके तो होश ही उड़ गए क्योंकि उनके घर
में भी डाका पड़ चुका था तेजस यादव का डॉक
संजीव सिंह जो पर्वता के एमएलए हैं वे

किंग पिन बने हुए थे और उनके साथ कितने
विधायक देखिए स्वयं डॉक्टर सुदर्शन बीमा
भारती और डॉक्ट संजीव बीमा भारती सुदर्शन
बगा वाले मनोज यादव और दिलीप राय यह सभी

बागी बने हुए थे तो अब यह बात तय की गई
देखिए अब अलग-अलग हिस्सों में रणनीति पर
काम शुरू हुआ विनोद तावरे नित्यानंद राय
ऋतुराज सिन्हा ने एक मोर्चा संभाला बीजेपी

का और दूसरी ओर अशोक चौधरी सम्राट चौधरी
विजय सिन्हा और संजय झा ने दूसरा मोचा
संभाला जेड का तय यह हुआ कि वह करना
होगा जो आज तक ना हुआ था तेजस्वी यादव के

बंगले में पुलिस घुस जाएगी या घुसना चाहिए
इस बात का फैसला लिया जाना था देखिए आनंद
मोहन से नीतीश कुमार की बातचीत 10 फरवरी
के दिन में ही हो चुकी थी 11 फरवरी को भी

हुई थी और वे कह रहे थे कि हम आपके साथ है
लेकिन परेशानी यह थी कि चेतन आनंद तेजस्वी
यादव के साथ उनके बंगले में थे हम यह नहीं
कह रहे कैद थे क्योंकि वे बैट बल्ला भी

खेलते देखे गए थे लेकिन चेतन आनंद की
मर्जी पिता की मर्जी के खिलाफ नहीं हो
सकती थी पिता का अपमान भी उन्हें याद था
वे कह रहे थे मीटिंग में शामिल होने गए थे

उन्हें वहां रोक लिया गया भाई ने
प्राथमिकी दज करा दी गुमशुदगी की तो अब यह
लगा जो यह मान रहे थे कि कल सरकार गिर
जाएगी कि यदि हमने आक्रामक कारवाई नहीं की

तो सरकार का बचना संभव नहीं है तो आक्रामक
कारवाई क्या हो चेतन आनंद को बाहर निकाला
जाए और बगैर चेतन आनंद को बाहर निकाले यह
संभव नहीं हो पाएगा कि हम सरकार को बचा

लेंगे देखिए यादव की भूल यही हुई तेजस्वी
यादव के घर में जब पहली बार रात को 10 बजे
पुलिस घुसी थी तभी उन्हें तब चेतन आनंद को
नहीं लाया गया था उन्हें चेतन आनंद को

शिफ्ट कर देना था लेकिन तेजस्वी यादव को
उम्मीद थी कि दूसरी बार पुलिस नहीं आएगी
लेकिन इधर तो प्रशासन और शासन का सहयोग
लिया जा रहा था जेडी और बीजेपी के

पॉलिटिकल कमांडर्स ने यह मान लिया था कि
यदि चेतन आनंद वहां रहे तो तो तेजस्वी
यादव अपने साथ लेकर आएंगे और विपक्ष की
मेज पर बैठाए और जब वोटिंग का वक्त आएगा

तो उन्हें खड़ा कर लिया जाएगा तो रात 2
बजे यह तय हुआ कि पुलिस घुसे गी चेतन आनंद
को बाहर निकाला जाएगा और यही हो गया जो
चेतन आनंद को बाहर निकाला गया वही तेजस्वी

यादव हार गए उनके जो विधायक थे उनके भीतर
जो जेडीयू के भी साथ देने वाले उनके भीतर
भी खवाब पैदा हो गया उधर डॉक्टर संजीव जो
किंग पिन बने हुए थे देखिए कहा जा रहा है

कि बख्तियारपुर के पास को एक फार्म हाउस
है वहां जेडीयू के कई नाराज विधायकों को
रखा गया था इस लोकेशन की तलाश भी अशोक
चौधरी ने कर ली थी मनोज यादव जो विजय

कुमार चौधरी के यहां मीटिंग में मौजूद थे
उन्हें चाणक्या होटल पहुंचना था लेकिन वे
चाणक्य होटल पहुंचने के बजाय चले गए थे
हास पर तो फिर चेतन आनंद के ऑपरेशन के बाद

इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया कि सुदर्शन
को और मनोज जादव को निकाला जाए बीमा भारती
और डॉक्टर संजीव अभ भी बागी मुद्रा में
बने हुए थे डॉक्टर संजीव के लहजे से भी

जेडीयू के पॉलिटिकल कमांडर्स बहुत परेशान
थे कि वे क्या क रहे हैं किस तरीके से कह
रहे हैं तो यह बातें हुई अब देखिए नीलम
देवी अनंत सिंह की पत्नी और प्रहलाद यादव

सबसे ज्यादा झटका तो तेजस्वी यादव को
प्रहलाद यादव से लगा नीलम देवी नहीं आई थी
नीलम देवी के संपर्क में डिप्टी सीएम विजय
कुमार सिन्हा है यह जानकारी सभी को थी और

कहा जा रहा है कि नीलम देवी की ऑपरेशन को
विजय सिन्हा ने ही अंजाम दिया है साथ में
अशोक चौधरी की भूमिका रही है तो विजय
सिन्हा ऑपरेशन नीलम देवी के लिए तेजस्वी

यादव को लग गया था कि नीलम देवी कम होने
वाली है लेकिन फिर भी वे जेडीयू के और
बीजेपी के विधायकों की संख्या को गिन करर
यह मान रहे थे कि हम अवद बिहारी चौधरी को

हटने नहीं देंगे और जब अवद बिहारी चौधरी
नहीं हटेंगे तो खेला बड़ा हो जाएगा मतलब
बीमा भारती भी आती डॉक्टर संजीव भी आते
मनोज यादव भी आते सुदर्शन भी आते और यह

सभी के सभी फिर नीतीश सरकार के विश्वास मत
के पक्ष में वोटिंग नहीं करते ठीक यही हाल
बीजेपी के विधायकों का भी होता रश्मी
वर्मा का भागीरथी देवी का और मिश्री लाल

यादव का तो देखिए प्रहलाद यादव जो सुरज
गरा के हैं जिनके बारे में लालू यादव सोच
ही नहीं सकते थे तेजस्वी यादव सोच ही नहीं
सकते थे कहा जा रहा है कि इस ऑपरेशन को भी

अंतिम तौर पर विजय सिन्हा ने ही अंजाम
दिया है उन्होंने ही पूरा किया है देखिए
प्रहलाद यादव का बालू का कारोबार है तमाम

तरीके की परेशानियां रहती हैं और सरकार तो
नीतीश कुमार की है और बालू का कारोबार
बगैर सरकार की मदद से संभव नहीं है कितने

लोचे होते हैं कितने पंगे होते हैं यह सभी
को पता है और देखिए जब चेतन आनंद को बाहर
निकाल लिया गया रात को नीलम देवी साध ली
गई प्रहलाद यादव पर दौड़ा डाल दिया गया तो

सभी की ड्यूटी तय की गई जैसे जेडीयू के
एमएलसी संजय सिंह उनकी ड्यूटी लगाई गई कि
वे सुबह अपने सुरक्षा घेरे में नीलम देवी
को अनंत सिंह के बंगले से देखिए बंगला तो

नीलम देवी के नाम से आवंटित है लेकिन वह
बंगला अनंत सिंह का ही माना जाता है अनंत
सिंह के बंगले से लेकर आएंगे तो संजय सिंह
लेकर आए प्रहलाद

यादव विजय कुमार सिन्हा की देखरेख में
पहुंचेंगे और विधानसभा में वे बेंच के लिए
जाने के पहले विजय कुमार सिन्हा के साथ ही
देखे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जाकर

मुलाकात की देखिए अब यह भी तय है कि अमित
शाह को जब रात को 3 बजे तक जागना पड़ा
अमित शाह के तेवर को आप जानते हैं अमित
शाह का निर्देश साफ है जिन्होंने बदमाशी

की है जो बिके हैं उन्हें छोड़ना नहीं है
आपने देखा ही कोतवाली थाने में एफआईआर
दर्ज हो गई है पा पा करोड़ रुपए के

प्रलोभन की पा करोड़ अभी ले लो पा करोड़
बाद में दे देंगे और डॉक्टर संजीव भले ही
कल समय पर आ गए लेकिन नीतीश कुमार उनकी

भावनाओं से बहुत आहत बताए जा रहे हैं बीमा
भारती का भी हिसाब किताब हो गया आपने देखा
ही कि बीमा भारती के पति और बीमा भारती के
बेटे को मकामा पुलिस ने अरेस्ट कर लिया

बार की कोर्ट में हाजिर कराकर उन्हें जेल
भी भेज दिया गया मिश्री लाल यादव भी
तब निकले मान से निकले जब उनके बेटे को

दरभंगा में पुलिस ने खोजना प्रारंभ किया
तो देखिए अब सरकार उन बागियों पर करी नजर
रखेगी वैसे देखिए बहुमत बहुत बड़ा नहीं है
और खेल कब खेला जा सकता है और तेजस्वी

यादव ने कल फिर डोरे डाले प्रहलाद जी जब
जरूरत होगा तो याद हमें कीजिएगा नीलम देवी
के लिए
भी तो यह सारी बातें चेतन आनंद को तो छोटा

भाई ही कह दिया तो अमित शाह का रात 3 बजे
तक जागना तभी बिहार की सरकार बची है यदि
अमित शाह नहीं जागते बीजेपी ने बराबरी से
ऑपरेशन ना किया होता क्योंकि बीजेपी को इस

बात का एहसास है कि हमारे तीन विधायकों ने
हमारे पार्टी के सिद्धांतों को हमारे
पार्टी की चाल को को कलंकित कर दिया है
बीजेपी के विधायक कहां बिकने के लिए कहां

पलटने के लिए जाने जाते थे और इस बात को
लेकर नाराजगी भी रही अमित शाह की यह कौन
है जो इस तरीके का बताव कर रहे हैं तो आगे
क्या होगा यह देखने की बात होगी किस तरीके

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