5 संकेत जो बताते है आपको माँ की साधना फौरन शुरू कर देनी चाहिए - Kabrau Mogal Dham

5 संकेत जो बताते है आपको माँ की साधना फौरन शुरू कर देनी चाहिए

झाल नमस्कार दोस्तों आप सभी पर मां का

आशीर्वाद और बजरंगबली की कृपा सदैव बनी

रहे दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं जिसे

अपने जीवन काल में इश्वरी अनुभव ना हुए

जहां कुछ लोग उन संकेतों को उन मर्मों से

संबंधित ज्ञान को समझते हैं ग्रुप तुरंत

समझ जाते हैं कि ईश्वर आपसे क्या कह हैं

लेकिन अगर इन संकेतों के बारे में हमें

स्पष्ट रूप से ना पता हो तो इश्वर के

बुलावे के अवसर हाथ से निकल जाते क्योंकि

ईश्वर ने आप लोगों को भी अनेकों बार अपनी

मौजूदगी का अहसास कराया है क्योंकि आप लोग

बहुत खास है ईश्वर के और इसीलिए आप लोगों

से कहा हे इश्वर ने कि सही वक्त आ चुका है

ज्यादा समय न गंवाएं और जितनी जल्दी हो

सके उतनी जल्दी अपने इष्ट की साधना उनकी

पूजा उनकी अराधना प्रारंभ कर दी है

है तो दोस्तों क्या है वहां संकेत जी के

द्वारा आपके हिसाब से बार-बार कहते रहे कि

आप उनकी पूजा-आराधना उनका जब शुरू कर दी

तो आज इस वीडियो में हम ऐसे ही कुछ पांच

संकेतों के बारे में जानेंगे जो आपको अगर

अपनी पूजा में इस स्वप्न में या जागृत

अवस्था में अनुभव होते हैं तो उनका सीधा

मतलब होता है कि आपको अपनी ईश्वर की पूजा

आराधना शुरू कर देनी चाहिए क्योंकि यह वह

पर होते हैं जो आपका जीवन रूपांतरित कर

देते पूरी तरह से बदल देते तो दोस्तों

जानते हैं पहला संकेत यदि आप नियमित पूजा

पाठ नहीं कर रहे हैं या करी का बारीक कर

रहे हैं उसके बावजूद भी आपको स्वप्न में

ईश्वर के दर्शन होते हैं तो यह स्पष्ट

संकेत है कि ईश्वर आपसे कह रहा है कि वह

आपके साथ हैं और आपको तुरंत ही उनकी

नियमित पूजा शुरू कर देनी चाहिए दोस्तों

अब बहुत खुशकिस्मत है कि आपको इतने स्पष्ट

रूप से ईश्वर स्वप्न में दिख रहे हैं

है क्योंकि यह घटना हर किसी के साथ नहीं

घटती कुछ अधूरा काम या प्रार्थना पिछले

जन्म की रह गई होती है जो हमें अगले जन्म

में संपन्न करनी होती है

में कई सारे भक्तगण हमसे पूछते हैं कि

पूजा-पाठ और नहीं करते फिर भी उन्हें

स्वप्न में शिवजी दिखाई देते हैं शिवलिंग

दिखाई देते हैं मां दिखाई देती है तो

उन्हें क्या करना चाहिए तो यह काफी स्पष्ट

हो जाता है कि आप लोगों को ईश्वर संकेत दे

रहा है और हैरानी की बात है कि अभी तक

आपने उनकी पूजा शुरू नहीं कि अगर आप एक

बार उनकी पूजा-आराधना शुरू कर दी इन

संकेतों के बाद तो देखिए आपका जीवन एक बीच

से बदलकर विकसित होकर कैसे एक विशाल वृक्ष

बन जाता है आपको स्वयं ही समझ नहीं आएगा

कि यह सब इतना सौभाग्य आपको कैसे और क्यों

मिल रहा है

मैं अब दूसरी संगीत के बारे में बात करते

हैं कि अगर आपकी नींद अक्षर ब्रह्म

मुहूर्त में खुलती है तो यह सीधा संकेत

होता है कि आप बहुत ही सौभाग्यशाली और खुद

राखी निद्रा चक्र को यानि स्लीप साइकिल को

कुछ ऐसे संतुलित कर चुकी है जिससे यहां पर

ईश्वर से तालमेल बिठा सके उनके करीब जा

सके तो अगर आपकी ब्रह्म मुहूर्त में नहीं

घुसती है तो आपको अपने इष्ट की पूजा साधना

प्रारंभ अवश्य कर देनी चाहिए क्योंकि कुछ

लोग काफी प्रयास के बाद भी ब्रह्मा

मुहूर्त में नहीं जा पाते हैं क्योंकि

उनका जो निद्रा चक्र है जो स्लीप साइकिल

है उनका शरीर है वह अनुमति नहीं देता है

कि वोट कर पूजा पाठ प्रारंभ करें तो आप

लोग अपने आप को खुशकिस्मत समझती कि आप उस

ब्रह्म के समय में उठ पाते हैं और दोबारा

से सूख कर ऐसे अवसर को अपना कायल

हैं अब जानते हैं तीसरा संकेत जिसके

द्वारा आपके इश्वर आपसे कह रहे हैं कि

आपको उनकी पूजा अराधना शुरू कर देनी चाहिए

वह इस प्रकार है कि जब कभी भी आप मंदिर

जाते हैं या कभी गए तो आपको एक शीतलता एक

नवीनता एक संपूर्णता का अहसास होता है

दूसरा इश्वर की प्रतिमाओं को देखकर लगाव

महसूस होने लगे जब आपको भगवान की

प्रतिमाओं को देखकर जब आपके यहां सू आने

लगे मंदिर के माहौल को देखकर दीवारों को

देखकर मंदिर के प्रति अगर आपका प्रेम जाए

और आपका मन करे कि आप वहां अधिक से अधिक

समय बिताएं अपने रोजमर्रा के कामों को

बुलाकर कुछ समय के लिए आप मंदिर में मिल

जाए अपने शरीर से हटकर अपनी आत्मा के मूल

स्वरूप को खोज इस सत्य को खोजें और अगर यह

सांप को मंदिर में होता है और यह खिंचाव

सत्य को लेकर आपको होता है तो यह सीधा

संकेत है कि परमेश्वर ने आपके दिल के तार

को छेड़ा है और आपके भीतर अनंत प्रेम का

संचार हुआ है आपको अपने आपको ईश्वर को

समर्पित कर देना चाहिए

कि चौथा संकेत आपके मन में कभी कभी क्रोध

आ जाता है थोड़ा सा ही सही लेकिन लालच और

ही या की भावना आ जाती है जो आपके अंतर्मन

तो समझता है कि नहीं होनी चाहिए लेकिन

भौतिक जरूरतों की वजह से आपको

इक्का-दुक्का बार अपने लालच की पूर्ति

करनी पड़ जाती है लेकिन इसका परिणाम काफी

गंभीर हो जाता है और कुछ आपके संग फिर ऐसा

घटने लगता है जो कि एक स्वस्थ जीवन जीने

में बाधा है वह आपको तकलीफ देता है

और आसान शब्दों में अगर आपके हाथों थोड़ी

सी ब्राउन हो जाती हैं उसके बदले आपको

इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है तो

यह सीधा संकेत होता है कि आप किस

सेंसटिविटी बहुत ही अधिक बढ़ गई है आप

लोगों ने शत-प्रतिशत कभी ना करिए अनुभव

किया होगा कि दुनिया में या आपके आसपास

कुछ ऐसे व्यक्ति हैं जो बुरा करने के

बावजूद भी बच निकलते हैं उनके साथ कुछ भी

अशोक नहीं होता लेकिन दोस्तों वह इसलिए

होता है क्योंकि उनका और उनके ईश्वर का जो

रिश्ता है वह बहुत दूर है बहुत कमजोर है

है क्योंकि ईश्वर से नजदीकी भरते भरते

आपके कार्यों के प्रभाव का जो अवसर है वह

बढ़ जाता है

है यानी कि आपकी सेंसटिविटी संवेदनशीलता

बढ़ जाती है

है और आप अपने जीवन में किसी का थोड़ा स

भला कर दी तो आपका बहुत अधिक भला हो जाता

है लेकिन अगर आप किसी को थोड़ा सा भी दुख

पहुंचे हैं तो आपको कई गुना मात्रा में

उसका दुष्प्रभाव झेलना पड़ता है

है तो इसका अर्थ यह है कि आपके कार्य का

जो नतीजा है जो यह फल है कितना गुना बढ़कर

आपका पहुंचता है यह बताते हैं कि आप ईश्वर

के कितने नजदीक हैं और आप चुने गए हैं

किसी खास उद्देश्य के लिए

हैं अब जानते हैं पांचवा संघ की दोस्तों

दिन के समय कभी भी आप अपने काम में व्यस्त

होते हैं उसी भी चॉप को यह अनुभव होने लगे

कि कोई आपके आसपास है कोई आप को घूर रहे

हैं लगातार आपको देखे जा रहा है या कभी

कभी किसी के चलने का एहसास होता है कदमों

की आहट अगर आपको सुनाई देती है किसी की

मौजूदगी अगर आपको महसूस होते हैं तो वैसे

समय में लोग बहुत डर जाते हैं यह सोच कर

कि कोई नकारात्मक ऊर्जा है भूत-प्रेत है

और फिर भयभीत हो जाते हैं घबरा जाते हैं

लेकिन आपको यह गलती नहीं करनी है आपको यह

बात याद रखनी है कि यह सीधा संकेत है किसी

सकारात्मक ऊर्जा की मौजूदगी का क्योंकि

हमेशा ही सकारात्मक ऊर्जा इधर जवान होती

हैं अगर नहीं होती स्वामी होती है यह आदत

यह मौजूदगी का अहसास सिर्फ सकारात्मक

ऊर्जा ही पैदा करती है वरना कभी भी अगर

नकारात्मक ऊर्जा आएगी तो यह बहुत ज्यादा

आक्रामक होगी तीव्र होगी असंवेदनशील होगी

और फौरन हानि पहुंचाएगी

है तो दोस्तों बहुत ही कम अक्सर होते हैं

जब आपके जीवन में आपका सामना नकारात्मक

ऊर्जा उसे बस वह आपका भय होता है जो

जानकारी के अभाव में आपको डरने पर मजबूर

कर देता है

है तो अगली बार आपको जब भी एड्रेस तो आपको

अखिलेश के करीब जाना है और एक विशाल सागर

में एक बूंद की भांति उनमें मिल जाना उनकी

पूजा आरंभ कर देनी है

मेरे प्रिय आत्मन आपको एक बेहद जरूरी बात

बतानी है कि आप लोग असहयोग करना चाहते हैं

तो मेंबरशिप बटन के द्वारा प्रयोग कर सकते

हैं

ए मेंबरशिप से आने वाली सारी की सारी राशि

जरूरतमंदों को जाती है आपका छोटा सा

प्रयोग किसी जरूरतमंद की पूरे हफ्ते की

कमाई है जरूरत के समय में हम सबको अपनी

तरफ से थोड़ा-थोड़ा प्रयास करना है मां की

भक्ति उनकी स्तुति करने के लिए आपका

धन्यवाद मां की बातें कि उनकी साधना आएं

और यह सीमित ज्ञान सब तक पहुंचाते रहे

ईश्वर हम सब के साथ सबको देख रहा है सब

कुछ देख रहा है

है तो दोस्तों अगली वीडियो में बहुत जल्दी

मिलती हूं आपसे तब तक के लिए आप अपना

ध्यान रखिए स्वस्थ रहें खुश रहें मस्त

रहिए जय माता दी जय बजरंगबली की

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