5 मई से पहले तुम्हारा ये जानना बहुत जरूरी है ईश्वरीय संदेश इग्नोर ना करे - Kabrau Mogal Dham

5 मई से पहले तुम्हारा ये जानना बहुत जरूरी है ईश्वरीय संदेश इग्नोर ना करे

मेरे बच्चे उसके मन में तुम्हें लेकर बहुत

से विचार चल रहे हैं उसके अंदर विचारों का

तूफान उठ गया है वह फैसले लेने में बहुत

दुविधा में फंसा हुआ है उसे कुछ समझ नहीं

आ रहा कि जीवन में अब वह क्या करें उसे

कहीं ना कहीं तुम्हारे सहारे की उम्मीद है

और यह तुम्हारे फैसले की भी घड़ी है तुम

कितने दिमाग से काम लोगे और किस प्रकार

उसकी सहायता करोगे इससे तुम्हारा भविष्य

तय होगा

मेरे बच्चे यह अंतिम परीक्षा हो सकती है

इसलिए तुम्हें काफी सोच समझकर फैसला लेना

है तुम्हारा लिया गया यह फैसला तुम्हारे

संघर्षों को समाप्त

करेगा और साथ ही प्रेम की नई परिभाषा भी

लिखेगा तुमने बहुत सारे दुख सहे हैं बहुत

सारे कष्ट झेले हैं लेकिन अब तुम्हें अवसर

मिल रहा है अपने कष्टों को दूर करने का और

साथ ही अपने जीवन में धन वैभव को आकर्षित

करने का तुम बहुत भाग्य ली हो मेरे बच्चे

अब तुम्हें इतना प्रेम मिलेगा जिसकी तुमने

कल्पना भी नहीं की होगी अब लोगों की बातों

पर ध्यान देना छोड़कर केवल खुद पर ध्यान

लगाओ जीवन का एक नया अध्याय शुरू करने की

कगार पर हो

तुम इतना ही नहीं अब तुम्हारे साथ

तुम्हारे परिवार और तुम्हारे साथी को भी

बहुत लाभ मिलेगा तुम्हारे मन में इतनी

शांति आएगी जिससे तुम्हारा चेहरा हमेशा

तेज से भरा हुआ होगा तुम्हारा शरीर अब

बेहतर आकार में हो जाएगा तुम्हारे रोम रोम

में संतुष्टि की धारा प्रवाहित

होगी मेरे बच्चे प्रेम के चरण का आगमन

होने वाला है सकारात्मकता तुम्हारे आसपास

फैलने लगेगी अब तुम्हारे जीवन को सबसे

बेहतर बनाने का समय आ गया है चिंता त्याग

अब खुश हो जाओ मेरा आशीर्वाद तो हमेशा ही

तुम्हारे साथ है मेरे बच्चे आज मैं

तुम्हें बहुत ही महत्त्वपूर्ण बात बताने

आया

हूं तुम्हारे जीवन में इस समय जो दौर गुजर

रहा है वह तुम्हारे जीवन का सबसे

महत्त्वपूर्ण दौर है मनुष्य के जीवन में

जब वह एक ही तरह का जीवन जीता रहता है तो

उसे जिंदगी में ऐसा समय आता है जब वह कुछ

भी ढंग से सोच नहीं पाता वह अपने जीवन में

ऐसा उलझ जाता है कि छोटी से छोटी चीज भी

उसे समस्या लगने लगती है मेरे बच्चे मैं

जानता हूं तुम्हारे जीवन में इस समय क्या

गुजर रहा है तुम्हारा मन किन प्रकार के

उलझनों से उलझा हुआ है कैसे छोटी से छोटी

चीज भी तुम्हारे जीवन में समस्या उत्पन्न

कर देती है यह अलग बात है कि तुम मानसिक

रूप से अत्यंत मजबूत हो तुम सदैव ही

दूसरों का सहारा बनते आए हो लेकिन कभी-कभी

तुम इतने हताश इतने निराश हो जाते हो कि

तुम्हें भी सहारे की आवश्यकता पड़ती है

कोई भी मनुष्य चाहे वह कितना ही बलवान

कितना ही शूरवीर या फिर कितना ही साहसी

क्यों ना हो कभी ना कभी उसके जीवन में ऐसा

दौर आता है जब वह पूरी तरह से हताश हो रहा

होता है तब उसका किसी भी कार्य में मन

नहीं

लगता क्योंकि उसे आगे की राह दिखाई ही

नहीं पड़ती अपने परिवार अपने प्रेम जीवन

में भी वह नीरसता का सामना कर रहा होता है

चाहे उसके मित्र हो या कोई उसका सगा

संबंधी ही क्यों ना हो उसे किसी से भी

राहत नहीं मिल रही

होती क्योंकि उस समय उसे आवश्यकता होती है

किसी ऐसे मनुष्य की जो उसे अपने गले से

लगाकर अपने सीने से लगाकर उसे सहारा दे

सके उसे यह बता सके कि संसार में वह अकेला

नहीं है कोई ऐसा शख्स होना चाहिए जो उसे

यह एहसास दिला सके कि वह उससे इस हद तक

प्रेम करता है कि यदि उसने कोई गलत बात भी

कह दी कोई गलत कार्य भी कर दिया तो भी वह

उसे जाने नहीं देगा तब भी वह उसका ख्याल

रखेगा

मेरे बच्चे तुम अपने जीवन में बहुत से

लोगों का सहारा बने हो बहुत से लोगों को

तुमने राहत पहुंचाई है बहुत से लोग जब

मुश्किल में रहे हैं तो तुमने उन्हें

सहायता दी है यह केवल आर्थिक सहायता नहीं

बल्कि मानसिक सहायता के रूप में भी रही है

मानसिक सहायता मनुष्य के लिए आर्थिक

सहायता से भी ज्यादा महत्वपूर्ण होती है

कई बार मनुष्य के कहे हुए दो शब्द भी किसी

दूसरे शख्स को प्रगति तक लेकर चले जाते

हैं

जो कार्य धन नहीं कर पाता रिश्ते संबंध

नाते नहीं कर पाते जो कार्य भक्ति नहीं कर

पाती वह कार्य मनुष्य के केवल कहे हुए दो

शब्द कर जाते हैं प्रेम और

अपंथम से बढ़कर होता है तुम्हें भी इस समय

ऐसे ही सहारे की आवश्यकता है ऐसा नहीं है

कि तुम कमजोर हो ऐसा भी नहीं है कि तुम

में इच्छा नहीं है और ना ही ऐसा है कि तुम

किसी कार्य को करने के योग्य नहीं हो

लेकिन तुम्हारे भीतर जो यह तुलना का भाव

उत्पन्न होता है वह उचित नहीं है हर

मनुष्य अपने-अपने प्रकार से श्रेष्ठ होता

है मनुष्य सोचता है कि संसार में कुछ भी

संपूर्ण नहीं है इस संसार में कुछ भी

श्रेष्ठ नहीं है लेकिन मेरे बच्चे वह गलत

होता है क्योंकि मैंने इस संसार में सब

कुछ सर्वोत्तम बनाया है श्रेष्ठ बनाया है

प्रकृति अपने नियमों से कभी पीछे नहीं

हटती प्रकृति में जो नियम बना दिए गए हैं

वह सर्वदा वही बने रहते हैं क्या तुमने

कभी ऐसा देखा कि यदि जल को ऊपर से छोड़ा

जाए तो वह ऊपर ही रह जाए नीचे ना आए ऐसा

नहीं हो सकता झरने से बहा हुआ पानी अवश्य

ही समुंदर में मिलता है ना कि बादलों में

जाता है मेरे बच्चे जिस प्रकार

गुरुत्वाकर्षण का नियम कार्य करता है उसी

प्रकार प्रकृति के सारे नियम कार्य करते

हैं फिर चाहे वह आकर्षण का ही नियम क्यों

ना हो सारे ही नियम अपने अपने तरह से

कार्य करते हैं एक ऋतु के बाद जो ऋतु

निश्चित होती है वही ऋतु उस जगह पर आती है

मेरे बच्चे ऋतुएं कभी अपना स्वभाव नहीं

बदलती यदि किसी स्थान पर ठंडक के बाद

गर्मी के बाद साथ आता है तो सालों साल

वहां पर ऐसा ही होता है ऐसा कभी नहीं होता

कि ठंडक के बाद सीधे बरसात आ जाए मेरे

बच्चे ऋतुओं का नियम भी होता है इस संसार

में सब कुछ श्रेष्ठ है उसी प्रकार से जीव

जंतु अजीव सूक्ष्म जीव सब कुछ अपने-अपने

जगह पर श्रेष्ठ है परंतु हर किसी की

महत्वता हर किसी की वास्तविकता अलग होती

है जिस प्रकार सोने की बाली का कार्य सोने

की अंगूठी नहीं कर सकती जिस प्रकार अंगूठी

का कार्य पाव की बिछिया नहीं कर

सकती जिस प्रकार बिछिया का कार्य पांव का

पायल नहीं कर सकता किंतु वह सभी बने तो

सोने के ही होते हैं ना अर्थात तत्व एक ही

है ले लेकिन उनके कार्य अलग-अलग हैं उसी

प्रकार से सभी मनुष्य एक ही तत्व से बने

हैं मेरे ही अंश से उत्पन्न यह सभी जीव

जंतु हैं लेकिन हर किसी का कार्य अलग होता

है गाय का कार्य सिंह नहीं कर सकता सिंह

का कार्य सर्प नहीं कर सकता उसी प्रकार

तुम्हारा कार्य कोई अन्य मनुष्य नहीं कर

सकता तुम्हारे गुण किसी अन्य मनुष्य में

विद्यमान नहीं है है तुम्हारा महत्व अलग

है तुम्हारा उद्देश्य अलग है तुम निरर्थक

कभी भी नहीं हो किसी भी क्षण तुम इस संसार

में निरर्थक नहीं रहे हो किसी भी पल में

किसी भी क्षण में कभी भी तुम्हारे जीवन का

उद्देश्य रहित नहीं रहा है तुम्हारा जीवन

सदा उद्देश्य से भरा हुआ है परंतु यह

तुम्हारा कार्य है उस उद्देश्य को भली

भाति समझना जिस क्षण तुम अपने उस उद्देश्य

को समझ जाते हो उस क्षण तुम श्रेष्ठ बन

जाते हो फिर अपने कार्यों के द्वारा तुम

सर्वश्रेष्ठ बन जाते हो तुम मेरे ही अंश

हो तुम्हारे भीतर मेरी ही आत्मा

तुम्हारे भीतर जो मेरी आत्मा है जब तुम

उसे श्रेष्ठ बनाते हो तब वह मुझ में

परमात्मा में लीन हो जाती है मेरे बच्चे

तुम गलत नहीं हो तुम अलग भी नहीं हो तुम

श्रेष्ठ हो तुमसे ही मैं साकार रूप

प्राप्त करता हूं तुम जहां भी श्रेष्ठता

देखते हो मैं वहां विद्यमान होता

हूं तुम में भी मैं विद्यमान हूं तुम्हें

बस आवश्यकता है स्वयं को ढूंढने की मुझे

समझने की मैं तुम्हारे इतने करीब हूं कि

तुम सोच भी नहीं सकते

तुम कल्पना भी नहीं कर सकते मैं तुम्हारे

उतने करीब हूं तुम्हें आवश्यकता है तो बस

मुझे समझने की तुम जो पाना चाहते हो मैं

वह सारी चीजें जानता

हूं और मैं आज तुम्हें यह बताना चाहता हूं

कि तुम इस संसार में जो कुछ भी पाना चाहते

हो वह तुम अवश्य ही पाकर

रहोगे उसमें से ऐसा कुछ भी नहीं जो तुम

प्राप्त ना कर सको भले ही वह चीजें

तुम्हें अभी बहुत दूर लगती हो तुम्हें ऐसा

लगता हो कि तुम उसके योग्य नहीं हो

तुम्हें ऐसा लगता हो कि उसके लिए कुछ चुने

हुए लोग ही होते हैं मेरे बच्चे तुम ही

चुने हुए हो तुम ही वह विलक्षण मनुष्य हो

जो इस संसार में सब कुछ प्राप्त कर सकता

है मेरे प्रेम के सबसे बड़े आकांक्षी भी

तुम ही हो और मेरे प्रेम के सबसे बड़े

प्राप्त करता भी तुम ही हो मैं तुम पर वह

प्रेम लुटाना चाहता हूं जो तुम कभी भी

नहीं सोच सकते मैं तुम्हें वह सब कुछ

प्रदान करना चाहता

जिसकी तुमने कल्पना की है और कभी कभार

जिसकी तुम कल्पना भी नहीं कर सकते मैं

तुम्हें वह सब कुछ देना चाहता

हूं अपने मन से यह बात निकाल दो कि तुमने

पाप किया है अपने मन से यह बात निकाल दो

कि तुम योग्य नहीं हो अपने मन से यह बात

निकाल दो कि तुम छोटे हो यह बात निकाल दो

कि तुम दोषी हो अपने मन से हटा दो कि तुम

अहंकारी हो मेरे बच्चे तुम प्रेम को पाने

के लिए सबसे उपयुक्त मनुष्य हो तुम प्रेम

को पाने के लिए सबसे ज्यादा सार्थक मनुष्य

हो तुम्हें मैं विभिन्न रूपों में प्रेम

देना चाहता हूं तुम्हारे साथी के अंदर भी

मेरा ही अंश तुम्हें प्रेम देना चाहता है

वह पेड़ जिसके पास जाकर तुम्हें अपनापन

महसूस हो वह कोई और नहीं मैं ही हूं उन

नदियों की लहरों के पास जहां तुम्हें

सुकून का एहसास होता है वहां कोई और नहीं

होता मैं ही होता हूं हवाओं के वह सारे

झोके जो तुम्हें भिगो देते हैं बारिश की

वह बूंद जो तुम्हें शांति प्रदान करती हैं

जो तुम्हारे मन को सुकून देती हैं वह कोई

और नहीं मेरे ही अंश है उन्हें किसी और ने

नहीं बनाया तुमने बनाया है तुम्हारी

कल्पनाओं ने बनाया है तुम्हारी आकर्षण ने

बनाया है तुम्हारे जीवन जीने की इच्छा से

उत्पन्न हुए हैं यह लेकिन जब कभी तुम

क्रोध में स्वयं को बुरा बोलते हो क्रोध

में विलाप करते हुए जब तुम अपने ही दुख की

कल्पना करते हो तो मेरे बच्चे तुम स्वयं

को दुख नहीं दे रहे हो मुझे दुख दे रहे

होते हो क्योंकि तुम्हारी उन कल्पनाओं से

ही दुख का भी जन्म होता है जब तुम अपने

साथी से क्रोधित होकर बात-बात पर लड़ते हो

जब तुम अपने परिवार से क्रोधित होकर

छोटी-छोटी बातों पर लड़ते हो तो तुम अब

अपने उस महान उद्देश्य से दूर जा रहे होते

हो

जिसके लिए तुम इस भूलोक पर आए हो तुम्हें

क्या लगता है तुम इस भूलोक पर क्यों हो

मेरे बच्चे तुम यहां के वासी नहीं हो

तुम्हारा संबंध इस भूलोक से नहीं है तुम

तो उस देवीय लोक से हो जहां कुछ भी पाना

कठिन नहीं है तुम उस देवीय लोक से हो जहां

सब कुछ बहुत आसानी से तुम्हारे कदमों में

आ सकता है मेरे बच्चे तुम श्रेष्ठ हो

तुम्हें यह समझना होगा यह बात अहंकार की

नहीं है यह बात आत्मविश्वास की है अपने आप

को कमजोर मानकर तुम अपने भीतर का

आत्मविश्वास चकनाचूर कर देते हो जबकि तुम

उससे कहीं ऊपर हो छोटी-छोटी बातों से

छोटे-छोटे झगड़ों से छोटे-छोटे ईर्षा

द्वेष से कहीं ऊपर हो तुम मैं जानता हूं

तुमने अपने भीतर से ईर्षा द्वेष का खात्मा

कर दिया है लेकिन कुछ चीजें हैं जिनसे अभी

तुम्हें बचना है मेरे बच्चे तुम्हें समझना

होगा कि तुम इन सभी चीजों से बहुत ऊपर हो

इसलिए अपने जीवन की समस्त चिंता त्याग और

कभी चाहे तुम्हें कितना ही दुख क्यों ना

हो अपने बारे में कुछ भी गलत मत

कहो चाहे कितनी ही पीड़ा क्यों ना हो रही

हो ऐसी कल्पना मत करो कि तुम्हें दुख मिल

रहा हो संगीत सुनते हुए एकांत में रहकर भी

तुम ऐसी कल्पना मत

करना मेरे बच्चे सुख की कामना करो सुख की

कल्पना करो और सब कुछ भूल जाओ सब कुछ यह

सोच कर करो कि जो हो रहा है वह ईश्वर

द्वारा ही हो रहा है तुम्हारे जीवन से मैं

दुख ऐसे दूर कर दूंगा जैसे कभी दुख होता

ही ना हो तुम्हारा जीवन स्वर्ग जैसा बन

सकता है मेरे बच्चे बस तुम्हें स्वयं में

विश्वास करना है

क्योंकि तुम सर्वश्रेष्ठ हो तुम

सर्वश्रेष्ठ जीवन पाने के लिए सबसे

उपयुक्त हो तुम सबसे सार्थक हो मेरा

आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ है समस्त

चिंताओं को त्याग दो दुखों को त्याग दो

भूल जाओ कि संसार में कोई दुख भी है भूल

जाओ कि कोई तुम्हें प्रेम नहीं

करता याद करो तो केवल उन लोगों को जो

तुमसे बनतहा प्रेम करते हैं याद करो उन

लोगों को जिन्होंने तुम्हारे लिए कुछ भी

कार्य किया है मैं सर्वदा तुम तुम्हारे

साथ

हूं तुम्हारे जीवन को बदलने से मैं बस जरा

सा दूर हूं तुम्हें बस थोड़ी सी कल्पना

करनी है सकारात्मक सुचारू आनंद भरी

कल्पना ऐसी कल्पना जिससे ना केवल तुम्हारा

जीवन बदलेगा बल्कि तुम्हें चाहने वाले सभी

लोगों का जीवन बदल जाएगा मेरे बच्चे

तुम्हारा जीवन सुख पूर्वक व्यतीत होने

वाला है आने वाले अगले दिन तुम्हारे

लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है यह दौर तुम्हारे

लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है सदा सुखी रहो

तुम्हारा कल्याण होगा

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