5 गुण वाला व्यक्ति माँ को बेहद प्रिय है | - Kabrau Mogal Dham

5 गुण वाला व्यक्ति माँ को बेहद प्रिय है |

लुटी में एक मां के लिए उसकी सभी संस्था

ने बराबर प्रिय होती है और सभी को एक समान

स्नेह और प्यार करती है मां कभी भी अपनी

संतानों में भी नहीं करती लेकिन किसी

संतान के अंदर कुछ ऐसी ऋषि टूट जाएं कुछ

ऐसी अद्भुत गुण होते हैं जिसकी वजह से वह

अपनी मां की ट्रैफिक पुलिस के आशीर्वाद और

कृपा को स्वभाविक रूप से ज्यादा रह कर

पाता है

अच्छा ठीक इसी प्रकार मां काली के सभी

भक्त मां को समान रूप से प्रिय लेकिन कुछ

बहुत ही खास विशेषता है यदि मां के भक्तों

के चरित्र में है तो स्वभाविक रूप से एक

ऐसा योग्य पात्र बन जाता है जिसमें मां की

कृपा उनकी प्रसन्नता ज्यादा समय पति उसकी

स्वयं की विशेषताओं के कारण नमस्कार

दोस्तों आप सभी पर मां का आशीर्वाद और

बजरंगबली की कृपा सदैव बनी रहे

कि आज इस वीडियो में हम जानेंगे पांच ऐसे

गुण ऐसी विशेषताएं जो किसी भी मनुष्य में

अगर हैं तो वह मां को बहुत प्रिय होता है

और ऐसा व्यक्ति जब भी मां की साधना उठाता

है अब रखता है या कोई भी मनोकामना रखता है

तो वह हर हाल में पूर्णता सफल होता है तो

आइए जानते हैं पहला गांव

कि नियमित धन और पूर्ण समर्पण यह एक ऐसा

गुण है दोस्तों जो एक भक्त को मां का

प्रिय बनाता है

का अभ्यास एम प्रिया शर्मा अभय साथ सर्कल

यह कला अभियां सा ध्यान उन आधी कि आधा सच

से दुष्कर्म अर्थात अभ्यास से सक्रिय होती

है अब यहां से सब कला ध्यान मोहन आदि होते

हैं और अभ्यास से क्या दूश करें अर्थात अब

ध्यान से कुछ भी दुष्कर नहीं है

हेलो दोस्तों नियमित धन का मार्ग एक ऐसा

मार्ग है जो व्यक्ति की संपूर्ण चेतना को

उसके आज्ञाचक्र से सहस्रार चक्र तक ले

जाता है ब्रह्म की ओर जैसे दैवीय ऊर्जा से

एक व्यक्ति को जोड़ता है

है और व्यक्ति अपने आसपास फैली दैवीय

ऊर्जाओं को महसूस कर पाता है उन्हें ग्रहण

कर पाता है और अपने अंतिम लक्ष्य यानि मां

की एनर्जी से खुद को मिला पाता है ऐसा

ध्यान नियमित अभ्यास से विकसित होता है एक

अटूट संकल्प ल अटूट जिजीविषा कि कुछ भी हो

जाए कैसे भी जीवन में उथल-पुथल ध्यान का

क्रम टूटना नहीं चाहिए तो ऐसा व्यक्ति मां

का स्वभाविक रूप से कृपा पात्र बन जाता है

हमें बहुत खुशी होती है दोस्तों जब आपके

मैसेजेस मिलते हैं यह ध्यान के मार्ग पर

चलकर आपको बहुत लाभ मिला है और बहुत

श्रेष्ठ अनुभव हुए हैं

हां कभी-कभी ध्यान और साधना अकेला व्यक्ति

को प्रत्यक्ष रूप से नजर नहीं आते इस चीज

को भी आप को समझना चाहिए और उसे लगता है

कि उसे पूजा का पूरा फल नहीं मिल रहा है

लेकिन यह असंभव है

हां हां ऐसा होता है कि बहुत से आपके जो

प्रारंभ करें आपके जो कर्म है जिन्होंने

आपके चारों ओर नकारात्मक घेरा बना या वह

एक बहुत ही मजबूत नगर अपना जीरा उसको कट

होने में समय लगता है जो प्रत्येक हैं और

जिसका प्रत्यक्ष लाभ व्यक्ति को नजर नहीं

आता और व्यक्ति को लगता है कि उसको उसकी

पूजा का उसकी साधना का फल नहीं मिल रहा है

और दोस्तों यहीं व्यक्ति के जीवन में

परीक्षा का समय होता है और अगर इस परीक्षा

को जो व्यक्ति बिना भक्ति के मार्ग से

डिगे पास कर लेता है तो मां का प्रिय बन

जाता है और फिर अपनी जिंदगी में मां के

चमत्कारों का साक्षी बन पाता है

और दूसरा गुड दूसरी विशेषता एक व्यक्ति को

मां का प्रिय बनाती है वह है उस व्यक्ति

का हनुमान जी और भैरव के प्रति समर्पण जी

हां दोस्तों एक व्यक्ति में अगर हनुमान जी

और भैरव जी के प्रति पूर्ण समर्पण है तो

ऐसे व्यक्ति मां के बहुत करीब होते हैं

हनुमान जी और भैरव जी मां के गुण हैं मां

के पुत्रवत है तो मां की संपूर्ण कृपा को

प्राप्त करने के लिए इन दोनों को बनाना

बहुत जरूरी है

कि हनुमान जी और भैरव बाबा की पूजा के

बिना मां की पूजा अधूरी होती है

कि जिस प्रकार किसी बच्चे को इसमें दिखाने

से उसकी मां अत्यधिक प्रसन्न होती है उसी

प्रकार हनुमान जी और भैरव जी की सेवा से

मां अत्यंत प्रसन्न होती है और एक बार

आपने हनुमान जी और भैरव जी को प्रसन्न कर

लिया इन्हें मना लिया तो आपके सभी कार्य

स्वयं ही बनने लगते हैं और एक चीज का

ध्यान रखें दोस्तों कि जो रहस्य है उन्हें

हमेशा बटुक भैरव जी की उपासना करनी चाहिए

क्योंकि बटुक भैरव जी भैरव जी का स्वरूप

है तीसरा गुण जो एक व्यक्ति को मार्क्स

विशेष कृपा पात्र बनाता है वह है क्रोध और

अहंकार से मुक्ति है

कि अगर क्रोध अहंकार यह नकारात्मक ऊर्जाएं

व्यक्ति के अंदर है तो एक ऐसा नकारात्मक

घिरा व्यक्ति के चारों ओर बना देती हैं जो

किसी भी व्यक्ति कृपा को मां की कृपा को

व्यक्ति तक नहीं पहुंचने देता तो अगर आप

मां की कृपा को उनके आशीर्वाद को

संपूर्णता पाना चाहते हैं तो हर हाल में

क्रोध और अहंकार रूपी विष को आप को

त्यागना होगा अ

कि कई बहनों के मैसेज आते हैं कि नहीं

क्रोध बहुत आता है तो उन्हें क्या करना

चाहिए कि मां से प्रार्थना करें कि हे मां

मेरे विकारों से मुक्ति दे मेरे क्रोध से

मेरे अहंकार से मुझे मुक्तिपथ सी

है और दूध का अकेला कोई अस्तित्व नहीं है

यह अंधकार रूपी बीज का वृक्ष होता है तो

इस चीज को आपको समझना है कि अगर आपके अंदर

क्रोध है तो उसका कारण आपके अंदर समाया व

अहंकार तो क्रोध और अहंकार से जितनी जल्दी

हो सके आपको मुक्ति पानी है

कि चौथी विशेषता जो एक व्यक्ति को मां का

कृपापात्र बनाती है वह है उसका स्त्रियों

के प्रति सम्मान और श्रद्धा यत्र नारी

पूजयंते तत्र देवता रमंते तत्र तो यह न

पूज्यंते तत्र सर्वत्र त्रिफला अर्थात

जहां स्त्रियों की पूजा होती है वहां

देवताओं का निवास होता है और जहां

स्त्रियों की पूजा नहीं होती है उनका

सम्मान नहीं होता है वह सारे कार्य निष्फल

हो जाते हैं दोस्तों नारी शक्ति मां की

पूजा संपूर्ण चराचर जगत में व्याप्त है

संपूर्ण ब्रहमांड का आधार शिविर शक्ति के

बिना अधूरे हैं सब समान है भगवान कृष्ण

राधा के बिना अधूरे हैं श्री राम की शक्ति

मां सीता में है

तो स्त्रियों का हर रूप मां बहन पत्नी यह

सारे रूप पूजनीय हैं

में कोई भी ऐसा व्यक्ति जो मां की तो अटूट

भक्ति करता है लेकिन अपनी मां के प्रति

बहनों के प्रति या किसी भी स्त्री के

प्रति गलत भावना रखता है तो ऐसा व्यक्ति

कभी भी मां की कृपा को संपूर्णता प्राप्त

नहीं कर सकता और उसकी पूजा सफल नहीं हो

सकते स्त्रियों के प्रति उसकी अनुचित सोच

उसे मां से बहुत दूर कर देती है तो

दोस्तों ना सिर्फ स्त्रियों का बल्कि हर

प्राणी का सम्मान करना चाहिए क्योंकि

ईश्वर हर जगह विद्यमान है

का पांचवा गुरु जी एक व्यक्ति को मारपीट

बनाता है वह क्षमा प्रेम और संभव ऐसे गुण

हैं जो आपको मां के विशेष प्रिय बनाते हैं

यह सारे गुण दैवीय हैं स्वयं मां काली के

है और यह ऐसी विशेषताएं हैं कि जिनको आप

अगर अपने जीवन में उतारते हैं तो ऐसा संभव

है कि आपकी पूजा साधना सफल ना हो

आप सबके प्रति समान व्यवहार प्रेमपूर्वक

व्यवहार करुणामई व्यवहार दिन अभाव के समान

रूप से सबको देखना यह वह विशेषताएं हैं जो

एक व्यक्ति को ब्रह्म से मां की एनर्जी से

जोड़ती है और मां की एनर्जी से पूर्णता

मिलाने में सक्षम है

है क्योंकि जब एक व्यक्ति ने बदले की

भावना की जगह क्षमा की भावना क्रोध और

घृणा की जगह प्रेम की भावना और वैभव की

जगह संभव पैदा हो जाता है तो ऐसा व्यक्ति

परमानंद को प्राप्त हो जाता है

है तो दोस्तों आज की वीडियो में इतना ही

अगली वीडियो में बहुत जल मिलती हूं तब तक

के लिए अपना ध्यान रखिए स्वस्थ रहें खुश

रहिए मस्त रहिए जय माता दी जय बजरंगबली

[संगीत]

कर दो

झाला

लुट

लुट

MP

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