23:23 ?️ मां दुर्गा ?️ मुझे सब पता है मेरे बच्चे ?️ Maa Durga ka sandesh - Kabrau Mogal Dham

23:23 ?️ मां दुर्गा ?️ मुझे सब पता है मेरे बच्चे ?️ Maa Durga ka sandesh

तो मैं दुर्गा मां तुम्हें एक बात बताने

के लिए आज इस धरती लोग पर आने के लिए विवश

हो चुकी हूं मैं तुमसे कुछ बात जानना

चाहती हूं जिसके लिए तुम्हें आज मेरे

संदेश को अंत तक सुना होगा क्योंकि यह

तुम्हारे जीवन से जुड़ा है और यदि तुमने

मेरे संदेश को नहीं सुना तो तुम्हारे जीवन

का कल्याण नहीं हो पाएगा इसलिए आज मुझे

अवश्य सुना तुमने मुझे जीवन में कई बार और

देखा किया है परंतु आज मैं नहीं चाहती की

तुम मुझे देखा करो इसलिए तुम्हारी साड़ी

परेशानियां का समाधान आज मेरे पास है बस

तुम्हें मुझे कुछ समय देना है यदि तुम

मुझे प्रेम करते हो तो तुम मुझे अपना आज

समय डॉग तुम्हारे समय

तुम्हारे जीवन की साड़ी परेशानियां को

समाप्त कर दूंगी तुम मेरे उन सब से प्रिया

भक्तों में से एक हो जो मुझे सबसे प्रिया

हो मैं तुम्हारी माता मेरी अनुमति से ही

हर कम होता है मैं संसार के प्रत्येक कान

में हूं मैं तुम्हारे भीतर भी हूं और बाहर

भी हूं मैं इस जगत में हर स्थान पर हूं

जहां पर इंसान नहीं पहुंच सकता परंतु

तुम्हारी भक्ति ने मुझे इतना प्रभावित

किया है की मैं स्वयं तुम्हारे पास ए गई

हूं मेरे बच्चों तुम्हारी भक्ति से मैं

बहुत प्रश्न हुई हूं और अब मैं तुम्हें

सारे खुशियां देना चाहती हूं परंतु

तुम्हें छोटी सी परीक्षा में सफल होना है

तुम चाहे किसी भी स्थान पर क्यों ना हो

परंतु तुम्हें हमेशा मुझे याद करना है और

आज तुम्हारी जो परीक्षा में तुमसे लूंगी

उसे परीक्षा में तुम सफल अवश्य होंगे

क्योंकि मेरे बच्चों परीक्षा से संसार का

चक्र है जो इंसान परीक्षा में सफल होते

हैं वह हमेशा आगे बढ़ते हैं कुछ परीक्षा

संसार तुमसे लेती है और कुछ परीक्षा में

स्वयं लेने आई हूं मेरे बच्चों परीक्षा का

सीधा सा अर्थ है तुम्हारे जीवन में एक नया

मोड आना यदि परीक्षा तुमसे ना ले जाए तो

तुम कभी आगे नहीं बाढ़ सकते मेरे बच्चों

याद रखना दूसरों का बड़ा करने से कभी किसी

का अच्छा नहीं हुआ है और यह बात तुम भी

जानते हो की बुराई कभी किसी को विजय नहीं

दिल शक्ति है किसी का बड़ा करके तुम यदि

आज खुश हो भी जाते हो तो कल एक ऐसा पाल

आएगा जब तुम्हें तुम्हारी इस गलती का

एहसास होगा लेकिन तब तुम्हारे पास कुछ भी

नहीं रहेगा और तुमने जो गलती की है उसे

गलती का समाधान भी तुम्हें नहीं मिल पाएगा

मेरे बच्चों इसलिए तुम अपने जीवन में

गलतियां करने से बच्चों यदि तुमने गलती कर

भी ली है तो सबके लिए माफी मांग लो जी

प्रकार मेरे निकॉन रूप है लेकिन उन रूपन

में से एक रूप मेरा न्याय करने का भी है

तथा दूसरा रूप मेरा रौद्र रूप है इस

प्रकार तुम्हारे भीतर भी दो प्रकार के

मनुष्य

जो सदा अच्छाई की र पर चला है और दूसरों

का भला सोचता है

इस प्रकार दूसरा मनुष्य तुम्हारे अंदर वह

रौद्र रूप है जो यदि गलत होते हुए देख लो

तो तुम उन चीजों को ठीक करने के लिए कुछ

भी कर सकते हो इसलिए मेरे बच्चों अपने

भीतर के हर रूप को

अच्छाई के मार्ग पर लेकर जाना तुम्हारा

कर्तव्य है कभी अपने अंदर शैतान का रूप मत

लेकर आना अन्यथा तुम केवल दूसरों का बड़ा

ही करते रहोगे मनुष्य अपने कर्मों करनी

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