22:22 Maa Kali 1 तारीख से पहले तुम्हें अपने घर में यह करना ही होगा - Kabrau Mogal Dham

22:22 Maa Kali 1 तारीख से पहले तुम्हें अपने घर में यह करना ही होगा

अब और नहीं मेरे बच्चे जितना तुम सहन कर

सकते थे उतना तुमने सहन किया लेकिन अब

बहुत हुआ कठिनाइयां झेलते हुए तुमने यह जो

कर्म किए हैं तुम्हारी इन कर्मों ने मुझे

प्रसन्न कर दिया है और तुमने मुझे अपनी ओर

आकर्षित किया है अपने आप को परिश्रम से और

विश्वास से तुम यहां तक पहुंचे हो तुम सब

बच्चों से अलग हो मेरे बच्चे क्योंकि

तुमने औरों की तरह रोने में अपना समय और

किस्मत को खराब नहीं किया बल्कि तुमने

भाग्य को मेरी सहायता से और स्वयं के

कर्मों से बदलने की कोशिश की है और तुम

निश्चिंत ही अपने कर्मों के द्वारा अपनी

किस्मत को बदल पाए हो तुमने मुझे विवश कर

दिया है कि मैं तुम्हारे भाग्य को सौभाग्य

में परिवर्तित करूं मेरे बच्चे जो लोग हार

मानकर बैठ जाते हैं और अपने जीवन में

निराश होकर गलत रास्ते को चुन लेते हैं

चोरी चकारी करते हैं और किसी के पराय धन

पर गलत निगाहें डालते हैं अपने कर्मों को

सही नहीं करते और वहीं किसी भी तरीके से

धन को अर्जित करने की कोशिश करने वाले

व्यक्ति असहाय व्यक्तियों को परेशान करते

हैं और अन्य गलत कार्य करते हैं उन सभी

बच्चों को तुमने गलत साबित कर दिया तुमने

साबित कर दिया है कि भाग्य को बदला भी जा

सकता है बस कर्म करने की कमी होती है मेरे

बच्चे तुमने बता दिया दुनिया के हर

व्यक्ति को कि यदि जीवन में कुछ ठान लो तो

हर चीज संभव है इसके साथ ही तुम नियमों को

कभी नहीं तोड़ते मैंने बहुत बार देखा है

कि तुम प्रतिदिन मुझे पूजा करते हो कई बार

तो ऐसा हुआ है लोगों के लिए बहुत सारी

बारिश होते हुए मुझ तक नहीं आए लेकिन

तुमने ना बारिश को देखा है कि जो बस

तुम्हें मन में एक ही धारणा हुई कि मुझे

पूजा करने जाना है और तुम आए मुझे

तुम्हारी ऐसी ही बातें तुम्हारी ओर

आकर्षित करती हैं मुझे बाध्य करती हैं

मेरे बच्चे दो ही चीज ऐसी हैं जो इंसान तो

क्या मुझे भी अपनी ओर आकर्षित करती हैं

पहला तुम्हारा प्रेम और दूसरा तुम्हारे

विश्वास पर जो कि पूरी सृष्टि को झुकाने

की ताकत रखती है विश्वास ही वह चीज है जो

तुम्हें जीवन में सब कुछ प्राप्त कराने की

ताकत रखती है जो विश्वास और सबका मान रखते

हैं वैसे ही तुम्हारी यह कर्म है जो मुझे

मजबूर कर देती हैं कि मैं तुम्हें

ऊंचाइयों पर लेकर जाऊं

इसलिए मेरे बच्चे मैंने यह निर्णय लिया है

और यह मैं तुमसे वादा करती हूं कि अब बस

बहुत हो चुका तुमने अपने जीवन में बहुत

सहन कर लिया तुम्हारे कांटों से भरे जीवन

का मार्ग अब फूलों से भरा होगा तुम्हारे

जीवन में जितनी भी उलझन थी वह भी मैं

समाप्त कर दूंगी आने वाले पल तुम्हारे

खुशियों से भरे भरे होंगे तुम्हारे जीवन

में गम का तिनका भी नहीं होगा और खुशियों

की बहार तुम पर बारिश करेगी अब हर इच्छा

तुम्हारी पूर्ण होने के लिए तैयार है तुम

बस एक कार्य को करना प्रारंभ करो मेरे

बच्चे कल से भोलेनाथ को तुम जल अर्पित करो

और शाम के वक्त तुम उनके सामने दीपक दिखाओ

और उनके नियमों को निभाओ और आने वाले

दिनों में गलत चीजों का सेवन मत करना और

उनको प्रसन्न करने के लिए तुम्हें उन्हें

प्रतिदिन भांग चढ़ाना मेरे बच्चे भोलेनाथ

तुम्हारी भावना के भूखे हैं इतना करते ही

वह तुमसे अत्यधिक प्रसन्न होंगे मेरे

बच्चे तुम्हारी सबसे बड़ी शक्ति तुम्हारा

वही बनेंगे तुम्हारी गति को और बढ़ा देंगे

तुम्हारा वेट लगातार बढ़ता ही जाएगा

तुम्हारे मन की आकर्षण शक्ति को अत्यधिक

भंसाली करेंगे तुमको हर कार्य को करने की

उमंग भर देंगे मेरे बच्चे तुम्हारे हृदय

में कुछ भी कर गुजरने की शक्ति प्रदान

करने वाले हैं क्योंकि प्रेम वह शक्ति है

जब तुम किसी को सच्चा प्रेम करते हो तब

तुम उनकी खुशियों का ज्यादा ख्याल रखते हो

तुम चाहते हो कि तुम्हारी वजह से कोई कमी

ना रहे सारे संसार की खुशियां तुम उसे

देना चाहते हो और तुम अपने प्रेम से बहुत

खुश होते हो तुम्हारी खुशियां उसी से

मिलती हैं तुम गलती नहीं करते हो और जब

तुम अत्यधिक खुश होते हो तुम्हारे हर

कार्य में मन लगाकर पूरी शक्ति से कार्य

को और शक्ति से किए गए कार्य शीघ्र ही

सफलता प्राप्त होती है क्योंकि यही प्रेम

की शक्ति है इस शक्ति से तुम किसी भी

मंजिल को प्राप्त करने की शक्ति प्राप्त

होती है मन में उमंग उठती है यह प्रेम की

शक्ति तुम्हें मुझसे और भोलेनाथ से

प्राप्त होती है और तुम्हारे माता-पिता से

प्राप्त होती है और तुम्हारे जितने भी

अपने हैं उन सबसे प्राप्त होती है क्योंकि

प्रेम एक डोरी है जो तुम्हें बांध कर रखती

है और नफरत वह कैची है जो सब कुछ काटकर

अलग-अलग कर देती है मेरे बच्चे तुम सबसे

और मुझसे बहुत प्रेम करो मेरे बच्चे तुम

तुम्हारे अंदर जो भी प्रेम और सोहत की

भावना है तुम्हें उसका इस्तेमाल सबसे पहले

स्वयं की देखभाल करने में करना चाहिए

तुम्हें स्वयं से पूर्ण बनने का प्रयास

करना चाहिए संसार में सदा सदैव तुम्हारी

रक्षा के लिए कोई नहीं आएगा तुम्हें अपने

जीवन के पथ पर अकेले ही आगे बढ़ने की

क्षमता रखनी चाहिए क्योंकि एक तुम ही हो

जो स्वयं का साथ जीवन भर दोगे तुम्हें इस

बात का सदैव स्मरण रखना चाहिए कि यदि तुम

वर्तमान के अलावा किसी और समय की बात को

लेकर परेशान हो तो वह परेशानी एकदम व्यर्थ

है यदि तुम बीते हुए कल या आने वाले कल को

लेकर ही परेशान रहोगे तो तुम और किसी का

नहीं बल्कि स्वयं को हानि ही हानि

पहुंचाओ मेरे बच्चे प्रसन्न जीवन का सबसे

छोटा मार्ग है स्वयं से प्रेम करना यदि

तुम स्वयं से अटूट प्रेम करते हो तो

तुम्हारे जीवन में चाहे कितनी भी

परेशानियां क्यों ना आए तुम्हारी खुशियों

का अंत कभी नहीं होगा मेरे बच्चे इस कार्य

को साधारण मत समझना लेकिन यदि मेरे बच्चे

जो कार्य देखने में बहुत साधारण लगते हैं

परंतु उसके अंदर इतनी शक्ति होती है कि वह

तुम्हारे जीवन को एक नई दिशा में मोड़

सकती है इसलिए किसी भी कार्य को छोटा मत

समझना सभी कार्य अपनी-अपनी जगह अहम भूमिका

रखते हैं और तुम्हारी परिश्रम पूर्ण

निष्ठा और विश्वास के साथ है तो तुम्हें

फल जरूर मिलेगा मैं जानती हूं कि तुम्हारा

मुझ पर अटूट श्रद्धा और विश्वास है इसलिए

मैं हमेशा तुम्हें सही मार्ग बताती हूं

मैं कभी भी तुम्हें भटकने नहीं दूंगी तुम

मेरे प्रिय भक्त हो और मैं हमेशा तुम्हारे

साथ रहूंगी चाहे परिस्थिति कैसी भी क्यों

ना हो मेरे बच्चे तुम बिल्कुल भी चिंता मत

करना मैंने तुम्हारे लिए सारे द्वार खोल

दिए हैं अब तुम्हारी सफलता निश्चित है जो

भी तुम्हारे मार्ग में रुकावटें थी वह सब

अब दूर हो चुकी हैं अब केवल तुम्हारे

मार्ग में खुशियां ही खुशियां हैं जो

तुम्हें तुम्हारी सफलता के लिए अति आवश्यक

है तुम्हारा कल्याण

हो

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