22:22 माँ काली ???? दूसरों की नजरों से खुद को देखना बंद करो। ????भूलकर भी अनदेखा न करें।????️ - Kabrau Mogal Dham

22:22 माँ काली ???? दूसरों की नजरों से खुद को देखना बंद करो। ????भूलकर भी अनदेखा न करें।????️

[संगीत]

मेरे

बच्चे कैसे हो

तुम मैं जानती

हूं तुम्हें मेरे न्याय की प्रतीक्षा

है तुम्हारा मन बहुत उदास

है तुमसे अब और इंतजार नहीं हो रहा

है कुछ लोग तुम्हें बहुत परेशान कर रहे

हैं तुम पर हस रहे

हैं दूसरों को

देखकर तुम्हारे मन में बहुत सारे सवाल उठ

रहे

हैं कुछ लोग तुमसे आगे निकल रहे

हैं जबकि ना वह सच्चे

हैं ना परिश्रम कर रहे

हैं फिर भी खुश

है फिर तुम्हारे साथ अन्याय क्यों हो रहा

है तुम तो सबका भला करते

हो सबकी खुशी के बारे में सोचते

हो वर्षों से दिल लगाकर मेहनत कर रहे

हो फिर भी तुम्हारे जीवन

में इतना दर्द क्यों

है मेरे बच्चे आज मैं

तुम्हें तुम्हारे सभी प्रश्नों के उत्तर

दूंगी इस के माध्यम

से मैं आज तुमसे बहुत कुछ कहने आई

हूं मेरी एक एक बात तुम्हारे लिए

भविष्यवाणी

है मेरे बच्चे घर संसार के जिस झमेले में

तुम पड़े

हो वह मुझसे छुपा नहीं

है एक एक पल तुम्हारे लिए कितना मुश्किल

है मैं सब देख रही

हूं परंतु तुम यह नहीं

जानते कि तुम्हारी मां तुम्हारे

लिए कितनी बड़ी योजना बना रही

है जिन्हें तुम सफल होता हुआ देख रहे

हो उनकी खुशी उनकी सफलता सब क्षणिक

है उन्हें धन तो मिलेगा

परंतु सुख कभी नहीं

मिलेगा उनके परिवार में आजीवन क्लेश

रहेगा शांति का जीवन वह कभी नहीं जी

पाएगा क्योंकि उसने दूसरों को केवल कष्ट

ही दिया

है दुख दिया

है उसके चेहरे पर तुम जो खुशी देख रहे

हो वह झूठी है

सत्य तो यह

है कि उसके हृदय में अथाह पीड़ा

है परंतु दिखावे का जीवन

जीना उसका शौक बन गया

है वह तुम्हें खुद से नीचा दिखाना चाहता

है उसके पास संसार के सभी सुख साधन

है परंतु भीतर से वह ना कंगाल

है यह उसे भी पता

है इसलिए वह तुम्हें जलाने का प्रयास कर

रहा

है मेरे बच्चे वह व्यक्ति भी जानता

है कि भले ही तुम्हारे

पास संसार के सभी सुख साधन नहीं

है परंतु तुम एक जिंदा दिल इंसान

हो तुम खुलकर जीवन का आनंद ले रहे

हो सत्य के मार्ग पर चल रहे

हो कुछ ना होते हुए

भी तुम्हारे चेहरे पर सुकून दिखाई देता

है तुम्हारी मुस्कान सच्ची

है ना तुम्हारे मन में कोई लालच

है ना किसी के लिए कोई घृणा

है तुम खुद भी खुश र ते

हो और दूसरों को भी खुश रखने का प्रयास

करते

हो यही बात उससे सहन नहीं

होती तुम्हारी खुशियों को

ही वह बर्बाद करना चाहता

है इसलिए आए दिन वह तुम्हारे

खिलाफ कुछ ना कुछ षड्यंत्र करता

है या कुछ ऐसा बोलता है

जिससे तुम्हें दुख

हो तुम्हारी आत्मा को चोट

पहुंचे मैं जानती

हूं कुछ लोगों की

बातें तुम्हें बहुत तकलीफ दे रही

हैं किंतु मेरे

बच्चे स्वयं को दुनिया के दृष्टि

से देखना बंद कर

दो यदि तुम सही सफल और सार्थक जीवन जीना

चाहते

हो तो अपना मूल्यांकन

[संगीत]

कभी दूसरों की नजर से मत

करना दूसरे तुम्हारे बारे में क्या सोचते

हैं क्या कहते

हैं कभी ध्यान मत

देना तुम्हारे पास अपना विवेक है

अपनी बुद्धि है अपना तर्क है अपनी आंखें

हैं अपनी आंखों से खुद को

[संगीत]

देखो स्वयं को परखो स्वयं को

जानो तुम्हारा उद्देश्य तुम्हारा चरित्र

और

तुम यदि तुम्हारी नजरों से सब अच्छा

है तो कोई फर्क नहीं

पड़ता कि लोग क्या सो

मेरे बच्चे मेरी एक बात हमेशा याद

रखना लोग केवल अपना स्वार्थ देखते

हैं वह तुम्हें वही कहेंगे वैसा ही

देखेंगे जैसा वह तुम्हें देखना चाहते

[संगीत]

हैं यदि तुमसे उनका कोई स्वार्थ

है तो वह तुम्हारी तारीफों के पुल बांध

देंगे जहां भी जाएंगे तुम्हारा ही गुणगान

करेंगे परंतु यदि उनका स्वार्थ पूरा हो

गया तो वह तुम्हारी आलोचना ही

करेंगे तुम्हारा अपमान ही

करेंगे दूसरों की नजर में

[संगीत]

भी तुम्हारी इज्जत उछालने की कोशिश

करेंगे मेरे बच्चे मैं जानती

हूं तुम क्यों इतना छटपटा रहे

हो तुम्हारे जीवन की मूल जरूरत है

तुम्हारी

सफलता तुम इसलिए इतने चिंतित

हो क्योंकि दुनिया समाज

में तुम जो नाम इज्जत रुपया पैसा कमाना

चाहते हो वह तुम्हें नहीं मिल रहा

है शांत

रहो तुम्हारी माता तुम्हारे जीवन की हर

कमी जानती

है सब्र रखो बहुत

जल्द तुम्हारा जीवन खुशियों से भरने वाला

है सुख समृद्धि सब कुछ तुम्हें

मिलेगा यह कोई उपहास नहीं

है यह तुम्हारे जीवन का वह अटल सत्य

है जिसे कोई नहीं बदल

सकता मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ है

खुश रहो तुम्हारा कल्याण हो सच्चे मन से

कहो जय

माहाकाली

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