22:22 माँ काली ? दण्ड की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ?️ अब उसका विनाश निश्चित है। - Kabrau Mogal Dham

22:22 माँ काली ? दण्ड की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ?️ अब उसका विनाश निश्चित है।

मेरे

बच्चे तुम्हारे शत्रुओं की दुर्दशा शुरू

हो गई

है बहुत अवसर दिए मैंने

उसे परंतु वह अपनी हरकतों

से बाज नहीं आ रहा

है आज भी वह तुम्हें रुलाने के सपने देख

रहा

है तुम्हारे विरुद्ध षड़यंत्र कर रहा

है मेरे बच्चे उसने यह ठान लिया है

कि वह तुम्हें सबकी दृष्टि से नीचे

गिराए क्योंकि

तुम्हें तुम्हारी उम्र से अधिक सम्मान

प्राप्त

है लोग तुम्हारा गुणगान करते

हैं तुम्हारा स्वभाव इतना अच्छा

है कि तुम जिससे भी मिलते

हो उसे अपना बना लेते

हो

लोगों को तुम्हारी

बातें तुम्हारे विचार बहुत अच्छे लगते

[संगीत]

हैं किंतु तुम्हारा शत्रु हर

जगह तुम्हारी बुराई कर रहा

है परंतु जब उसके

समक्ष कोई तुम्हारी तारीफ करता

है तो यह उससे बर्दाश्त नहीं होता

है उसके दिमाग में

पर केवल तुम्हारे ही विचार चलते

हैं वह हर समय तुम पर ही नजर रखता

है तुम क्या कर रहे

हो क्यों कर रहे

हो कैसे कर रहे

हो यह जानने में उसकी बहुत रुचि रहती

है मेरे बच्चे उसने तुम्हें दुखी करने के

कई प्रयास

किए तुम्हारे परिवार

को तुम्हारे खिलाफ

भड़काया समाज में तुम्हारे विरुद्ध गंदगी

फैलाई तुम पर कीचड़ उछालने का प्रयत्न

किया परंतु अंततः उसे निराश होना

पड़ा इसलिए वह बहुत क्रोध में

है उसे पता है तुम बहुत बुद्धिमान

हो उसके किसी भी बिछाए गए जाल

में तुम कभी नहीं

फसो इसलिए वह एक नई योजना बना रहा

है तुम्हारे किसी करीबी

को जो तुम्हारे लिए बहुत खास

है उसके चरित्र

पर दाग लगाने का प्रयास कर रहा

है उसके माध्यम

से वह तुम्हें बहुत पीड़ा पहुंचाना चाहता

है परंतु मेरे

बच्चे उसकी इस नीच हरकत के

लिए मैं उसे कभी माफ नहीं

करूंगी ऐसा सोच कर

ही उसने अपना पतन सुनिश्चित कर लिया

है मेरे बच्चे तुम्हारे शत्रु

ने हमेशा वही काम

किया जिससे दूसरों को पीड़ा

[संगीत]

पहुंचे किंतु अब उसके पापों का अंत होने

वाला

है दंड की प्रक्रिया शुरू हो गई

है विनाश के रास्ते पर वह निकल पड़ा

है उसे अब अपना कर्म फल भोगना

पड़ेगा

मेरे बच्चे उसने तुम्हें बहुत रुलाया

है तुम्हें दुखी

[संगीत]

करके उसे अत्यंत आनंद आता

है मेरे बच्चे वह बहुत ढोंगी

है उसकी बातों में बहुत आकर्षण

[संगीत]

है लोगों की नजर

में वह एक नेक इंसान

है लेकिन वह कितना नीच व्यक्ति

है यह तुम भली भाति जानते

हो क्योंकि तुमने उसका असली चेहरा देखा

है परंतु अब उसकी

चाल लोगों को भी समझ आने लगी

[संगीत]

है उसके चेहरे का मुखौटा उतर गया

है लोग भी यह समझने लगे

हैं कि वह कितना झूठा और षड्यंत्रकारी

है मेरे बच्चे उसकी बुरी

दृष्टि तुम्हारे ही ऊपर

है वैसे तो वह किसी का भी भला नहीं

चाहता किसी को तरक्की करते नहीं देख

सकता किंतु सबसे ज्यादा जलन

इर्षा उसे तुमसे ही

है उसे तुम्हारी खुशी देखी नहीं

जाती जब लोग तुम्हें सम्मान देते

हैं तुम्हारी सराहना करते

[संगीत]

हैं तो वह अंदर ही अंदर जल भुन जाता

है तुम्हें और तुम्हारे परिवार

को वह कभी खुश होते

हुए नहीं देखना

चाहता उसने तुम्हारे परिवार को

कष्ट देने के

लिए अपनी पूरी ऊर्जा खर्च कर

दी परंतु अब

उसे अपनी मलीन का एहसास हो गया

है वह समझ गया

है कि कोई दिव्य शक्ति

है जो संकट के हर ताप

से तुम्हें बचा रही

है उसे बहुत अहंकार है खुद पर

उसे लगता

है वह अपनी नीच बुद्धि लगाकर

तुम्हारे अस्तित्व को मिटा

देगा तुम्हारे परिवार

के किसी इंसान का अपमान

[संगीत]

करके वह तुम्हें हरा

देगा परंतु अब उसे अपनी क्षमता

का ज्ञान हो गया है

इसलिए वह

मुझसे शीघ्र ही अपने गुनाहों की माफी

मांगेगा परंतु उसे माफी नहीं

मिलेगी अब उसके बुरे कर्म

ही उसे दंडित

करेंगे क्योंकि उसने जो गुनाह किए

हैं वह बहुत बड़ा

है अब उसे असहनीय पीड़ा सहना

होगा इनके साथ

पाकर वह खुद को बहुत शक्तिशाली समझता

है अब वह भी उसका साथ

छोड़ेंगे वह इतना बुरे

फसे कि उसके अपने ही मित्र उस पर

[संगीत]

हसेंगे और तब उसे एहसास

होगा कि तुम्हें आहत करके उसने कितनी बड़ी

भूल की

है मेरे बच्चे

तुम निश्चिंत रहो तुम्हारे शत्रु का नाश

निश्चित

है खुश

रहो तुम्हारा दिन मंगलमय हो सच्चे मन से

कहो जय मा

काली

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