22:22?️ मां काली ?️ थड़ थड़ रूह कांप उठी है तुम्हारे शत्रु कि तुम्हारे शत्रु जाल में फंस चुके ह - Kabrau Mogal Dham

22:22?️ मां काली ?️ थड़ थड़ रूह कांप उठी है तुम्हारे शत्रु कि तुम्हारे शत्रु जाल में फंस चुके ह

मेरे बच्चे अगर तुम मुझे अपनी माता रानी मानते हो तो हां लिखकर इस संदेश को लाइक करके कमेंट में जय हो

माता रानी लिख दीजिए साथ ही साथ इस चैनल को सब्सक्राइब कर दीजिए मेरे बच्चे आपके शत्रु कुछ ना कुछ

कुछ षड्यंत्र करते ही रहते हैं मेरे बच्चे क्या षड्यंत्र वह करते हैं देखिए मेरे बच्चे मुझे ऐसा नजर आ रहा है जो आपके पास के एनर्जी थी परवाह लापरवाह थी मतलब उसे एनर्जी से आप अब शिफ्ट कर गए हैं क्या था आप

ज्यादा ध्यान नहीं देते थे खुली किताब द चीज यहां पर ऐसा था खुली किताब बट लग गए अनपढ़ों के हाथ खुली किताब अनपढ़ों के हाथ लग जाती है तो वह क्या ही पड़ जाएगा उसका मिसयूज बस वही कुछ आप एक अनपढ़

लोगों के एनवायरमेंट में आ गए और थे आप एक खुली किताब तो अनपढ़ लोगों ने अपने हिसाब से उसको इस्तेमाल किया और नहीं तो आपको पढ़ करके पर नहीं अनपढ़ों में आई को बहुत ज्यादा होता है मेरे बच्चे

अनपढ़ लोगों की सबसे बड़ी पहचान है ज्यादा अनपढ़ होगा इंसान अगर अनपढ़ के पास पैसा आ गया ना किन मानव को इंसान अहंकार से खुला हुआ होगा उसका अहंकार ही इसके लिए अगर एक अनपढ़ के हाथ पैसा लग

गया और अगर एक पढ़े लिखे इंसान के पास पैसा होता है तो क्या होता है वह इंसान बहुत डाउन टू अर्थ होता है जमीन से झूठ हुआ होता है अपने से पहले दूसरों की रिस्पेक्ट करेगा अपने से नीचे दर्ज के लोगों को ऊंचा कर

देगा अपने आप को नीचा दिखा देगा यह वैल्यू उन में होते हैं जो पर है लिखे होते हैं तो आप लग गए अनपढ़ों के हाथ आपकी एनर्जी से यह लोग खेलते थे आपके और ऐसे यह लोग खेलते थे पता है एनर्जी के साथ खेलना

कितना बड़ा यह रिस्क है और इन लोगों ने वो काम किया है एनर्जी से इन्होंने बहुत खेल है आपकी

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