22:22????️ मां काली ????️बहुत ताने सुन लिए तुम्हारे मित्र शत्रु रिश्तेदार अब सब के मुंह पर ताला लगने वाला - Kabrau Mogal Dham

22:22????️ मां काली ????️बहुत ताने सुन लिए तुम्हारे मित्र शत्रु रिश्तेदार अब सब के मुंह पर ताला लगने वाला

मेरे प्यारे बच्चे यदि तुम्हें मेरा संदेश

प्राप्त हुआ है तो तुम्हारे जीवन की

समस्याएं आज समाप्त होने वाली हैं मेरी

तीन बातों पर विशेष ध्यान देते ही

तुम्हारी हर परेशानी दूर हो जाएगी सुबह से

लेकर शाम तक और हर समय उठते बैठते जागते

तुम्हारे मन में यही विचार हमेशा लगा रहता

है कि मेरे साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है

मैंने क्या गलती की है मेरा क्या दोष है

मैंने तो कुछ गलत किया भी नहीं फिर भी

मेरे साथ यह हो रहा है मैं क्यों इतना

परेशान हूं संसार के सभी व्यक्ति बहुत

खुशहाल हैं और मेरे जीवन में कोई भी

परेशानी मेरा पीछा नहीं छोड़ रही है

तुम्हारा मन सदा अपनी नाकामियों से परेशान

रहता है

कोई भी नया कार्य प्रारंभ करते हो पर वह

अधूरा रहता है या पूरा होते-होते रुक जाता

है कई बार तो तुम्हें ऐसा लगता है कि तुम

किसी भी कार्य को नहीं कर

पाओगे तुम्हारा हृदय है मानने लगा है कि

कोई भी काम सफल नहीं हो पा रहा है

तुम्हारा विश्वास टूटने लगा है डग मगाने

लगा है तुम्हें ऐसा लग रहा है कि तुम्हारे

जीवन में पता नहीं आगे क्या होने वाला है

आगे के सभी रास्ते बंद दिखाई दे रहे हैं

ऐसा लग रहा है कि जीवन में कुछ बचा नहीं

है और तुम्हारा कोई साथ नहीं दे रहा है

लेकिन मेरे बच्चे अभी भी कुछ रास्ते खुले

हुए हैं जिन पर चलकर तुम अपनी मंजिल को

प्राप्त कर सकते हो अपनी हर परेशानी को

समाप्त कर सकते हो अगर कुछ कमी है तो उन

पर चलने की आज तुम्हें मैं तीन काम

बताऊंगी उन बातों को ध्यान पूर्वक सुनना

और समझना और करना है पहला जीवन में

प्रतिदिन संध्याकाल को तुम अगले दिन के

लिए है निश्चय कर लो कि आज की गई गलती को

कल रोक लोगे कहने का अर्थ है कि पीछे की

जो भी चीजें छूट रही हैं उनको नहीं दोहरा

होगे आगे जब तुम्हें चलना

तो तुम्हें एक नए रास्ते को बनाते हुए

पीछे की गलतियों को छोड़कर चलना

है तभी तुम उस मुकाम पर पहुंच सकते हो

जहां तुम पहुंचना चाहते हो दूसरा खुद के

मार्ग खुद बनाओ सुनो सबकी करो अपने हृदय

की तुम्हारा हृदय जब सबकी बातों को सुनने

के बाद जो कहता है अंदर से जो विश्वास

तुम्हारा जागता है उसे को करो और तीसरा

तुम सोचते ज्यादा हो और काम करते कम हो जो

भी विचार तुम्हारे मन में आता है उस पर

तुरंत काम करना प्रारंभ कर देना चाहिए ना

कि तुम सोचते सोचते अपने समय को व्यर्थ

में गवा हो भले ही तुम चिंताओं से घिरे

हुए हो कितनी भी उलझन से मायूस हो चुके हो

फिर भी यदि तुम्हें इन परेशानियों से

निकलना है तो कि किसी भी मार्ग पर तुरंत

काम करने से तुम्हारे समय की बचत होगी और

उस पर जितना जल्दी तुम काम कर सकते हो तो

एक सही समय तुम्हारे हाथों से निकल जाएगा

और उस पर जितना जल्दी हो सके तुम काम कर

सकते हो नहीं तो एक सही समय तुम्हारे

हाथों से निकल जाएगा वही तुम्हें भी

प्राप्त होगा जो तुम्हें चाहिए इस बात का

ध्यान रखना परेशानियां तब घरती हैं जब तुम

परेशानियों को देखकर अपने कदमों को पीछे

हटाते हो इसलिए कभी भी परेशानियों से डरो

मत उसका डटकर सामना करो जो डटकर सामना

करके आगे जाने की हिम्मत रखते हैं वह

निश्चित ही हर परेशानी का सामना कर लेते

हैं क्योंकि किसी भी चीज से डरना ही

असफलता का मुख्य कारण है और संसार में ऐसी

कोई चीज नहीं जो तुम नहीं कर सकते अगर कुछ

कमी है तो सोचकर

केवल मन लगाकर करने की जैसे ही तुम इसे

दूर करोगे हर परेशानी से निकल जाओगे अब जो

तुम्हें बताने जा रही हूं यह बात आज तक

तुम्हें किसी ने भी नहीं बताई होगी मेरे

बच्चे तुम्हारी सफलता का रहस्य यहां छुपा

हुआ है तुम प्रयास करते हो दूसरे को देखने

का तुम देखने का प्रयास करते हो कि वह

जीवन में आगे कैसे बढ़ रहा है आगे बढ़ने

के लिए वह क्या कर रहा है और जो भी वह कर

रहा है उनका उन्हें लाभ कैसे होगा तुम

प्रयास करते हो उनके जीवन में देखने की

उनकी गतिविधियों को तुम देखने और समझने का

प्रयास करते हो इसलिए तुम पीछे छूट जाते

हो जीवन में यदि तुम आगे बढ़ना चाहते हो

तो तुम्हारी दृष्टि भी आगे की होनी चाहिए

कदम भी उसी मार्ग पर आगे बढ़ाना चाहिए

अपनी गतिविधियों को देखो अपनी योजनाओं को

देखो अपने प्रयासों को अपने अनुभव को समझो

और उसी मार्ग पर आगे बढ़ो ऐसी कोई सफलता

नहीं जो तुम्हें प्राप्त नहीं होगी तुम

में कोई ना कोई विशेष है और तुम में कोई

ना कोई दोष भी

है यह प्राकृतिक तुम्हें क्या सिखाती है

यह सभी एक दूसरे से लड़ते नहीं है एक

दूसरे के लिए बाधा नहीं बनते बस अपना कर्म

करते हैं सूर्य अपने प्रकाश से वनस्पतियों

के पेड़ पौधों को जन्म देता है मेघ वर्षा

करते हैं फिर लुप्त होते

हैं पर्वत की है आ चलता है उस वर्षा को एक

दिशा देती है एक धारा बनती

जो बहती है यह सब क्या है यह सब एक संयोग

है चक्र है सभी साथ मिलकर अपना कर्म करते

हैं तभी यह प्राकृतिक जीवित है यही

तुम्हें भी करना है सहयोग में रहकर काम

करना है किसी के लिए बाधा नहीं बनना है

किसी को छोटा नहीं समझना है ऐसे ही करते

रहना है सबके साथ मिलकर कर्म करना है

प्रकृतिक भी तुम्हें यही सिखाती है मेरे

बच्चे एक प्रबल मन कठिन परिस्थितियों को

एक चुनौती के रूप में देखता है और

चुनौतियों में अवसर को देखता है यही

तुम्हें भी करना है इस संसार में किसी को

भी दोषी मानने से तुम्हारी समस्या सुलझ

नहीं जाएगी इसलिए इस संसार को दोष देने के

स्थान पर उस समस्या के जड़ तक जाओ उसे

समझो और अपने इस मन को प्रबल बनाओ यदि

तुम्हारा मन प्रबल हो गया तो इस संसार में

बड़ी से बड़ी कठिन से कठिन परिस्थितियां

क्यों ना आ जाए तुम्हारे जीवन में बड़ी से

बड़ी समस्या क्यों ना बन जाए तुम अपने

जीवन में आसानी से उसे पार कर सकते हो

क्योंकि तुम मेरे प्यारे बच्चे हो और मैं

तुम्हें कभी दुखी नहीं देखना चाहती इसलिए

मेरी बातों का विष ध्यान देना मेरा

आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है मेरे अगले

संदेश की प्रतीक्षा करना मैं फिर आऊंगी

तुमसे मिलने ओम नमः शिवाय

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