2024 में 5 नामी मंत्रियों के टिकेट काटने जा रहे मोदी ! | Modi is going to cancel tickets - Kabrau Mogal Dham

2024 में 5 नामी मंत्रियों के टिकेट काटने जा रहे मोदी ! | Modi is going to cancel tickets

तो दोस्तों सिर्फ विपक्ष का नहीं मोदी जी
अब भाजपा के भीतर भी परेशान करने वाले
नेताओं की ना हिसाब करेंगे भारतीय जनता
पार्टी में मोदी के खिलाफ अमित शाह के
खिलाफ बगावत का धुआ उठ रहा है इसीलिए पांच

भाजपा नेताओं की कद्दावर भाजपा नेताओं की
जिनमें कुछ मंत्रिमंडल में शामिल है उनकी
टिकट मोदी जी 2024 में काटने जा रहे हैं
वो पांच बड़े नेता कौन है जिनकी छुट्टी

कराने के लिए मोदी जी उतावले हो रहे हैं
बताएंगे आपको आगे वीडियो में तो वीडियो को
अंत तक देखिएगा नमस्कार स्वागत है आप सभी
का देश नीति

पर देश नीति केवल सच्ची और पक्की खबरें
दोस्तों सबसे पहले आप नितिन गडकरी जी की
इस वीडियो को देखिए कोई भी पार्टी की
सरकार है पर एक बात बहुत अच्छी होती है एक
बात पक्की होती है कि अच्छे काम करने

वालों को कभी सम्मान नहीं मिलता और बुरे
काम करने वालों को कभी सजा नहीं मिलती इसी
का नाम सरकार होता है यानी भारतीय जनता
पार्टी की हालात दोस्तों बद से बदतर होता

चला जा रहा है जिन्होंने अच्छा काम किया
उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा और जो अपराधी
हैं उनकी सजा नहीं हो रही है 2024 चुनाव
से पहले भाजपा में जहां एक तरफ बगावत का

धुआं उठ रहा है वहीं मोदी जी 2024 का
चुनाव जो है उसमें पांच कद्दावर नेताओं को
चुनाव से हटाने उनका नाम काटने पर तुले
हुए हैं एक-एक कर मैं आपको बताऊंगी कि वह

कौन है पांचवां नाम जो है वोह है रवि शंकर
प्रसाद जी हां ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्टर रहे
वो पूर्व ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्टर और आईबी
मिनिस्टर रहे भाजपा के कंवर नेता हैं

जिन्हें एक समय तक मोदी जी का नाक कान आंख
यानी आंख नाक कान जो कहा जाता है वो कहा
जाता था उस रविशंकर प्रसाद की छुट्टी करा
सकते हैं मोदी जी उनका नाम जो है लिस्ट

में है कि इस बार 2024 में रवि शंकर
प्रसाद को टिकट नहीं दिया जाएगा उसके बाद
दोस्तों तीसरा और चौथा नाम एक ही साथ आता
है मेनका गांधी और वरुण गांधी दोस्तों

भाजपा में सुब्रमण्यन स्वामी के साथ-साथ
यह दो नेता हैं कद्दावर नेता हैं जो
अपने-अपने क्षेत्र में बहुत ही मशहूर हैं
कद्दावर हैं उनकी पॉपुलर बेशुमार है जनता

की नब्स जो है उन्हें टटोलना आता है लेकिन
यह नेता दो नेता मां और बेटे दोनों सच को
सच झूठ को झूठ कहते हैं सफेद को सफेद यानी
ब्लैक को ब्लैक और वाइट को वाइट कहते हैं

मोदी सरकार की योग्य सरकार की डबल इंजन की
सरकार की धज्जियां उड़ा देते हैं समय-समय
पर किसान आंदोलन के वक्त जो है दोनों
सरकार से बातचीत करने की कोशिश कर रहे थे

दोनों सरकार की घोर आलोचना कर रहे थे और
किसान के साथ खड़े नजर आए थे दोस्तों
महिला पहलवान जब धरने पर बैठे दिल्ली में
तब भी यह दो नेता जो है मां और बेटे ने

सरकार से सवाल पूछा और महिला पहलवानों के
साथ खड़े नजर आए इसके अलावा ऐसे तमाम
मुद्दे हैं जहां पर सरकार को लाल आंखें
दिखाते हुए और आईना दिखाने का काम मां और

बेटे ने किया है लेकिन इस बार चुनाव में
दोस्तों इनका सूपड़ा साफ हो सकता है मोदी
जी अपने तीसरे कार्यकाल में मां बेटे को
चाहते नहीं

अपने-अपने जगह पर यह जनप्रिय नेता होने के
बावजूद मोदी से सवाल पूछते हैं भाजपा
सरकार को कटघरे में खड़ा करते हैं और मोदी
से सवाल पूछने वालों की कोई जगह नहीं है

कैबिनेट में नहीं है और साथ ही साथ 24
चुनावी लिस्ट में नहीं है इसीलिए 20224
में इन दोनों यानी मां और बेटे का भी नाम
काट दिया जाएगा इसके बाद दोस्तों नाम आता

है राजनाथ सिंह जो कि फिलहाल डिफेंस
मिनिस्टर हैं अ दो बार वह अध्यक्ष रहे
जैसे बीजेपी नड्डा भारतीय जनता पार्टी के
अध्यक्ष हैं उस उस तरह राज राजनाथ सिंह

अध्यक्ष रहे वह यूपी में सीएम रहे विदेश
मंत्री रहे लेकिन उसके बावजूद भी अब 2024
में राजनाथ सिंह का नाम भी उस लिस्ट में
शामिल है जहां 2024 में उनका नाम जो है
उसे काट दिया जाएगा राजनाथ सिंह पहले

विदेश मंत्री से डिफेंस और डिफेंस से सीधा
अब लग रहा है कि उन्हें मार्गदर्शन कमिटी
में भेज दिया जाएगा क्योंकि अब कैबिनेट
में चर्चा सिर्फ मोदी की होनी चाहिए और
सभी जूनियर्स नेताओं की टीम तैयार की

जाएगी ताकि राजस्थान मध्य प्रदेश
छत्तीसगढ़ की मुख्यमंत्रियों की तरह बस वो
मोदी जी की इंस्ट्रक्शन पर काम करें
राजनाथ सिंह के लिए यह भी माना जा रहा है

कि राजनाथ सिंह खुद पॉलिटिक्स छोड़ देंगे
क्योंकि राम मंदिर निर्माण के बाद जिस तरह
से कैबिनेट में प्रस्ताव पारित किया गया
जोर जबरदस्ती एक तरह से राजनाथ सिंह से वो

पढ़वाओ लेटर जहां मोदी को भगवान के साथ
तुलना किया गया जहां यह कहा गया कि 2014
के बाद हमारी रूह जो है वह आजाद हुई है उस
प्रस्ताव को पढ़ते वक्त राजनाथ सिंह जैसे

वरिष्ठ नेता का क्या ही हाल होगा इस पर तब
बहुत चर्चा हो रही थी और फिर जो नाम सबसे
ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है वह नाम
है नितिन गडकरी जी हां नितिन गडकरी भाजपा

में सबसे कर्मठ नेता अपना काम बेहतरीन
तरीके से डिलीवर करने वाले नेता नितिन
गडकरी सड़क और परिवहन मंत्रालय इनके हाथ
में है देश में पिछले पाच साल को अगर देखा

जाए तो सबसे अच्छा काम इस एक सेक्टर में
इस एक मंत्रालय में हुआ है दोस्तों 2014
में जब पहली बार मोदी जी प्रधानमंत्री बने
थे तब अरुण जेटली सुष्मा स्वराज नितिन

गडकरी राजनाथ सिंह यह एक बड़ा कुणबा मोदी
को जीत और नई सरकार पर जनता की भरोसा को
जताने में मदद किया था लेकिन धीरे-धीरे
मोदी के साथ जितने भी कद्दावर नेता नजर
आते थे उन्हें एक-एक कर एलिमिनेट कर दिया

गया हर एक चुनाव हर एक लोकसभा चुनाव में
किस तरह से मोदी के साथ खड़े रहे वो
कद्दावर नेता जो है वह किस तरह से
एलिमिनेट हुए मैं आपको एक-एक कर दिखाऊंगी

और समझाऊ लेकिन मैं पहले बता देती हूं कि
2014 में ना अ मुरली मनोहर जोशी और लाल
कृष्ण अडवाणी भी चुनाव लड़े उन्होंने
अपने-अपने सीट पर जीत दर्ज कराई उसके बाद

भी 2014 में ना तो उन्हें कैबिनेट में जगह
दी गई थी और माना यह जा रहा था कि मुरली
मनोहर जोशी ने मोदी से लोकसभा स्पीकर बनने
का दावा पेश किया था उसकी मांग की थी

लेकिन उन्हें लोकसभा स्पीकर नहीं बनाया
गया था और वहीं पर लालकृष्ण अडवाणी
राष्ट्रपति बनना चाहते थे लेकिन ना तो
उन्हें कैबिनेट में जगह दी गई ना ही

उन्हें राष्ट्रपति बनाया गया तो मोदी जी
ने बहुत ही सोच समझकर सबसे पहले लाल कृष्ण
अडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को को लाइन से
हटा दिया और अब दोस्तों 2019 और 2014 की

ये दो तस्वीर जो है इन्हें आप एक बार
देखिए दोस्तों यह 2014 की तस्वीर है जहां
आप नरेंद्र मोदी को राजनाथ सिंह को सुषमा
स्वराज को अरुण जेटली को देख सकते हैं
वेंकैया नायडू भी नजर हैं नितिन गडकरी भी

नजर है नजर आ रहे हैं इस जगह पर जो है अब
2024 2019 का यह तस्वीर 19 की ये तस्वीर
को आप देखिए 2 2019 में दोस्तों सुषमा
स्वराज और अरुण जेटली को हटाया गया अरुण
जेटली और सुषमा स्वराज जो है 2019 में उन

दोनों की मौत हो गई थी दोनों की मौत जो है
अगस्त महीने में हुई थी तभी तभी नई-नई
सरकार बनी थी तीन-चार महीने हुए थे नई
सरकार बने हुए और दोनों को मंत्रिमंडल में

जगह नहीं दी गई थी तब यह सवाल उठा था और
यह कहा गया था कि दोनों की तबीयत लगातार
खराब हो रही है इसके चलते 2019 का जो
मंत्रिमंडल है वहां अरुण जेटली और स्वराज

जैसे कद्दावर नेताओं को उस मंत्रिमंडल से
हटाया गया वह खुद नहीं चाहते थे
मंत्रिमंडल में शामिल होना लेकिन क्या
उन्हें हटाया गया था या वह खुद रिटायर
होना चाहते थे खुद मंत्रिमंडल में शामिल

नहीं होना चाहते थे इसे लेकर के सवाल जवाब
का दौर जो है उस समय रहा और माना यह भी
जाता है कुछ लोग यह भी दावा करते हैं कि
सुषमा स्वराज और अरुण जेटली को कैबिनेट
में मंत्रिमंडल में शामिल ना करने के चलते

उनसे मंत्री पद छीनने के चलते कहीं ना
कहीं उन्हें ठेस पहुंची थी उन्हें दुख
पहुंचाया गया था जिसका नतीजा दोनों की
तबीयत बिगड़ी और कुछ ही महीने में दोनों

की एक साथ आप कह सकते हैं अगस्त महीने की
शुरू में और अगस्त महीने के बीच में सुषमा
स्वराज और अरुण जेटली की मौत हो गई थी
यानी 2014 का जो तस्वीर है दोस्तों 2014

की यह तस्वीर जहां अरुण जेटली और सुषमा
स्वराज नजर आ रहे हैं और मोदी से बड़े
लेवल के वो नेता थे मोदी से कई मर्तबा वो
ज्यादा चुनाव लड़े चुनाव जीते और राजनीति

में अच्छी खासी पकड़ उनकी थी तो मोदी जी
ने 2019 में सबसे पहले उन्हें हटाया अब
2000 14 के बाद 2019 की इस तस्वीर में

दोस्तों नरेंद्र मोदी शामिल हैं राजनाथ
सिंह शामिल हैं अमित शाह शामिल हैं और साथ
ही साथ नितिन गडकरी भी शामिल हैं रविशंकर
प्रसाद शामिल है नरेंद्र सिंह तोमर शामिल

हैं और इस कैबिनेट में अब रविशंकर प्रसाद
को पहले ही हटाया गया नरेंद्र सिंह तोमर
जो कृषि मंत्री रहे उन्हें चुनाव में
उतारा गया था मध्य प्रदेश में उन्हें भी

हटाया गया और अब इधर जो बाएं तरफ की
तस्वीर है और जो यह चार शख्स पहले पायदान
पर नजर आ रहे हैं मोदी जी राजनाथ सिंह
अमित शाह और नितिन गडकरी इनमें से राजनाथ

सिंह और नितिन गडकरी की छुट्टी हो सकती है
यानी इन चार में से मोदी के समान अगर कह
सकते हैं या बहुत अच्छा काम करने वाले या
कद्दावर रहे मोदी की तरह ही पॉपुलर रखने

वाले या अच्छा काम करने वाले नेताओं में
शामिल है नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह का जिस तरह से आप कह सकते हैं
उनके पास पावर तो है लेकिन उस पावर का
नरेंद्र मोदी के नरेंद्र मोदी से पूछे

बगैर वह इस्तेमाल कहीं नहीं कर सकते
डिफेंस मिनिस्टर हैं लेकिन हर जगह पर हर
एक प्रोग्राम में हम देख पाते हैं कि वहां
पर डिफेंस मिनिस्टर इंडियन आर्मी एयरफोर्स
और नेवी के बीच पहुंचे या ना पहुंचे

नरेंद्र मोदी जो है वोह पहुंच जाते हैं और
कहीं ना कहीं नितिन गडकरी जो है वो
नरेंद्र मोदी के आगे एक बहुत बड़ा चैलेंज
बन गए हैं और यहां पर आप देख सकते हैं

दोस्तों अगर मैं आपको थोड़ा सा दिखाऊं कि
किस तरह से नितिन गडकरी के साथ धोखा हुआ
नितिन गडकरी के पास सबसे पहले अगर 2014 की
बात की जाए 2019 की शुरू की बात की जाए तो

उनके पास मिनिस्ट्री ऑफ सरफेस ट्रांसपोर्ट
एंड हाईवेज यानी वो परिवहन मंत्री रहे
उसके अलावा उनके पास रूरल डेवलपमेंट और
पंचायती राज का अ जो क्षेत्र हैं उन्हें

दिया गया था वाटर रिसोर्सेस मंत्री वो रहे
शिपिंग और एमएसएमई का सेक्टर भी उन्हें
दिया गया था लेकिन कैसे दोस्तों कैसे
उन्हें इन तमाम मंत्रालय उनसे छीन लिया

गया और केवल परिवहन मंत्रालय में वह जिस
तरह के नेता हैं जिस तरह के कामकाज को वह
डिलीवर कर सकते हैं उसे एक पर्टिकुलर
सिर्फ एक सेक्टर में सीमित कर दिया गया एक
मंत्रालय उनको दिया गया और सारी मंत्रालय

से उन्हें हटाया गया दोस्तों यह कहीं ना
कहीं तब से यह सवाल लोग के मन में था कि
क्या नरेंद्र मोदी और अमित शाह के साथ
नितिन गडकरी में कुछ ना कुछ मत विरोध हो

रहा है नितिन गडकरी की छुट्टी दोस्तों
पक्की तब भी हो गई थी जब मोदी ने तीन
राज्य में चुनाव जीते थे तभी पता चल चुका
था मैंने इस पर एक स्टोरी भी बनाई थी कि
अब हिंदी बेल्ट में यानी राजस्थान

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में चुनाव जीतने
के बाद नितिन गडकरी को नरेंद्र मोदी हटा
कर के रहेंगे तो वहीं दोस्तों उनकी छुट्टी
की बात तब भी हो रही थी जब बीजेपी की

पार्लियामेंट्री बोर्ड से नितिन गडकरी को
हटाया गया था दोस्तों नितिन गडकरी के इस
वीडियो को आप समझ रहे होंगे जो मैंने आपको
दिखाया कि जिन्होंने अच्छा काम किया किसी
भी पार्टी में उनकी सम्मान नहीं होती और

जिन्होंने अपराध किया उनको कभी सजा नहीं
दी जाती यह हर एक पार्टी या राजनीति में
इसी तरह से राजनीति होती है अच्छे काम

करने वालों के लिए सम्मान नहीं और अपराध
करने वालों को सजा नहीं कहा यह भी जा रहा
है दोस्तों कि अगर नितिन गटक और राजनाथ को
टिकट दिया भी जाए उनका हाल ना मुरली मनोहर
जोशी और लाल कृष्ण अडवाणी की तरह हो जाएगी

यानी जैसे मैंने आपको कहा कि 2024 में यह
दोनों नेता चुनाव तो जीते थे एक को लोकसभा
स्पीकर बनना था एक को राष्ट्रपति बनना था
लेकिन मोदी जी ने वह मौका उन्हें नहीं

दिया उन्हें मार्गदर्शन कमेटी में शामिल
कर दिया गया अब और नितिन गडकरी और राजनाथ
सिंह का भी वही हाल हो सकता है और 2019
में अरुण जेटली को और सुष्मा स्वराज जो कि
मोदी से कई ऊपर लेवल के नेता रहे उन्हें

भी मोदी जी ने 2019 में कैबिनेट
मिनिस्ट्री से कैबिनेट मंत्रालय से हटा
दिया था यानी मोदी जी उनके लेवल के नेता
या उनसे बढ़ के कोई अगर नेता हैं उनको
हमेशा से हटाने का काम करते आए हैं हमने

देखा मध्य प्रदेश और राजस्थान में किस तरह
से शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा राज्य की
छुट्टी करा दी गई यानी ऐसे नेता उन्हें
चाहिए जो सिर्फ उनके इशारे पर ना ते हुए
थिरकते हुए नजर आएंगे दोस्तों इस पूरे
विषय को आप किस तरह से देखते हैं कि आपको

भी लगता है कि
2024 का चुनाव बहुत ज्यादा दिलचस्प होने
वाला है नरेंद्र मोदी बाहरी ताकतों को
कहीं ना कहीं रोकने के अलावा अब अंदर उनकी
जो ताकतें रही भारतीय जनता पार्टी के जो
मजबूत और जो कद्दावर नेता रहे जो मोदी को
चैलेंज कर सकते हैं आगे चलके जो मोदी की

जगह ले सकते हैं उन्हें अब एलिमिनेट करने
का काम मोदी जी ने शुरू कर दिया इस पूरे
पर आप अपनी राय कमेंट बॉक्स में हमारे साथ
शेयर तो करेंगे ही साथ ही साथ यह वीडियो
यह रिपोर्ट आपको कैसी लगी वह भी हमें

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