18 को दिव्य जीत का स्वाद चखने वाले हो तुम भूलकर भी इग्नोर ना करे - Kabrau Mogal Dham

18 को दिव्य जीत का स्वाद चखने वाले हो तुम भूलकर भी इग्नोर ना करे

मेरे प्रिय बच्चे तुम्हारे लिए भेजा गया

यह एक विशेष संदेश है क्योंकि अब तुम्हारे

जीत सुनिश्चित हो चुकी है तुम्हारे जीत का

बिगुल बज गया है अब युद्ध समाप्त हो रहा

है शंखनाद हो चुका है अब तुम्हारे विजय का

लहर चारों ओर लहराए

गी तुम अब स्वतंत्र रूप से अपनी जीत का

स्वागत करने वाले हो अब तक तुमने जिस जीत

के लिए इतनी पड़ाए सही है इतने त्याग किए

हैं इतने संघर्ष उठाए हैं अब उस संघर्ष का

उस त्याग का फल तुम्हें प्राप्त होने वाला

है तुमने अपने आप को हर परिस्थिति में

सदैव शांत रखा है तुमने मुझ पर अपना

विश्वास बनाए रखा है और इसलिए आज तुम तक

यह दिव्य संदेश पहुंच रहा

है यह प्रमाणिकता है कि अब तुम्हारी जीत

का फतेह फहराने वाला है हर तरफ तुम्हारे

विजय के चर्चे होने वाले हैं इसलिए मेरे

प्रिय बच्चे तुम्हें हर हाल में इस दिव्य

संदेश को पूरा सुनना है किसी भी परिस्थिति

में इसे बीच में छोड़कर जाने की भूल कभी

भी नहीं करनी

है प्रिय बच्चे अब तुम अपनी जीत की तैयारी

कर लो तुमने कभी भी किसी की भी बुरी बातों

को नहीं सुना है यदि कभी तुम मजबूरी वश

ऐसा किए

हो तो उससे भी तुम पूर्ण रूप से विवश नहीं

हुए हो मेरे प्रिय यह तुम्हारी ताकत है

जिससे अभी तुम अनजान

हो वास्तविकता में तुम लोगों से मतलब ना

रखकर अपने जीवन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने

को तैयार रहे

हो सदा से ही तुम एक ऐसे व्यक्ति की तलाश

में रहे हो जो तुम्हारा ऐसा गुरु बन

सके कि तुम्हें जीवन के हर एक एक पहलू पर

अपना उचित राय और सही मार्गदर्शन दे

सके तुमने हर मुमकिन कोशिश की है कि किसी

की भी नकारात्मकता तुम्हें ना छू

सके किसी की भी नकारात्मकता से तुम्हें

कोई हानि ना हो तुम्हें इसके लिए हर संभव

प्रयत्न किए

हैं चाहे कितनी ही कोशिश लोगों ने क्यों

ना की हो लेकिन तुम्हें वह हरा नहीं पाए

हैं तुम्हें वह झुका नहीं पाए हैं

तुम्हारा मनोबल तोड़ने के

लिए लोगों ने बहुत सोच समझकर साजिश भी रची

है तुम्हें कमजोर आख कर तुम पर बहुत से

लंगस लगाने का भी प्रयास किया

है लेकिन तुम सदा अपनी मेहनत पर ध्यान

देते रहे सदा अपनी कोशिशों पर ध्यान देते

रहे सदा अपने जीवन को बेहतर बनाने की दिशा

में कार्य करते रहे

हो और इस वजह से अब यह जीव तुम्हें

प्राप्त हो रही है तुम जो कि अपने जीवन को

सही रूप रेखा देने के लिए हर संभव प्रयत्न

करते आए

हो आज तुम्हें यह आशीर्वाद प्रदान किया जा

रहा है दिव्यता से भरा हुआ यह आशीर्वाद अब

तुम्हें मिलने वाला है मेरे प्रिय

बच्चे तुम्हारे जीवन में जितने भी दुख आए

हैं वह सारे दुख तुम्हें भले ही तोड़ने का

प्रयास किए हो लेकिन तुम तब भी नहीं

टूटे क्योंकि तब भी तुम पर मेरी दिव्य

ऊर्जा शक्ति विद्यमान रही है तब भी तुम पर

मेरा हाथ सदा से रहा है और इस वजह से

तुमसे तुम्हारी जीत छीनने वाला इस संसार

में अभी कोई भी नहीं हुआ

है मेरे प्रिय बच्चे एक बात सदैव याद रखो

कि तुम जिन चीजों के हकदार

हो वह चीज तुम्हें अवश्य प्राप्त होगी भले

ही पर स्थितियां भी तुम्हें तुम्हारे

अनुरूप ना जान पड़ रही हो भले ही तुम्हें

ऐसा लग रहा हो कि सब कुछ तुम्हारे विपरीत

हो जैसे तुम्हारे पास कोई मार्ग ना दिख

रहा हो किंतु ऐसे ही क्षण में चमत्कार

घटित होता

है क्योंकि ऐसे क्षण में मनुष्य की ऊर्जा

शक्ति अनगिनत होती है और ऐसे क्षण में जब

भी कोई घटना घटती है जिससे मनुष्य को लाभ

होता

है तो वह उसे चमत्कार मान बैठता है किंतु

दिव्य शक्तियों के लिए मेरे लिए इस

ब्रह्मांड के लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है

यह तो समुंदर से बूंद निकालने जैसा

है इसलिए मेरे प्रिय बच्चे यह तुम्हारी ही

नियति है मेरे प्रिय अब इस जीत को तत्काल

आकर्षित करो संख्या

लिखकर इस बात की पुष्टि करो कि तुम

इस जीत

को इसी छड़ पाना चाहते हो मेरे प्रिय

बच्चे आज तुम पर मेरी विशेष कृपा हुई है

जो आज तुम्हें यह दिव्य और भव्य संदेश मिल

रहा

है यह संदेश जो तुम्हारे जीवन में

प्रचुरता को प्रकट करेगा यदि आज तुम सच्चे

मन से इस संदेश को सुनते हो और इसे अपने

जीवन में उतारते हो तो निश्चित तौर पर

तुम्हारे जीवन में दिव्य प्रचुरता आ रही

है मेरे प्रिय बच्चे यह कृपा ना केवल तुम

पर होगी बल्कि तुम्हारे परिवार पर भी होनी

शुरू हो

जाएगी बालकल मेरे बच्चे यह अब सच हो रहा

है इस संदेश में जो सारी बातें हैं यह

तुम्हारे जीवन की वास्तविकता बनने वाली

है आज इस संदेश में तुम्हारे लिए बहुत से

आशीर्वाद छुपे हुए हैं जब तुम इन संदेशों

के प्रवाह क्षेत्र में आते

हो तो तुम यह जान नहीं पाते लेकिन

तुम्हारे ऊर्जा

अड़वड़ प्रारंभ हो जाते

हैं कि मेरे प्रिय इस संसार में जितने भी

श्रद्धालु मनुष्य हैं उनके ऊपर ईश्वर की

महिमा होने वाली है तुम ऐसे ही एक पुण्य

आत्मा हो इसलिए तुम पर मेरी कृपा बरसने

वाली

है मैं कभी भी अपने चाहने वालों पर स्वयं

को मानने वालों पर स्वयं में विश्वास

व्यक्त करने वालों पर अत्याचार होते हुए

उन्हें पराजित होते हुए नहीं देख सकता

हूं मैं हर हाल में उन्हें ऊपर उठाकर रखता

हूं मेरे प्रिय मैंने पहले तुम्हें मजबूत

होने का निर्देश दिया

था जिसे तुम ठीक ढंग से समझ नहीं पाए थे

और इस वजह से तुम्हारे जीवन में बहुत अथक

प्रयास किया

है तुम्हारे पास मजबूत जितनी भी मुश्किलें

हैं तुमने सबके साथ लड़ने का फैसला किया

है जाने अनजाने ही

सही लेकिन यह तुम्हारे कर्मों में शामिल

हो गया इसलिए तुमने जो कुछ भी मांगा था

तुम उससे भी आगे बढ़ने वाले

हो मेरे प्रिय तुमने इस संसार में जो बीज

बोए हैं जिन्हें अंकुरित किया है जिन्हे

बढ़ाने का तुमने प्रयास किया है वह अब

सुंदर कलियों की भाती खिल रहे

हैं यह तुम्हारे बेहतर और उज्जवल भविष्य

को लेकर आ रहे हैं यह तुम्हारे कर्मों का

सकारात्मक परिणाम है कि अब तुम अपनी

इच्छाओं और सपनों से परे बहुत आगे निकल

रहे

हो और यही नहीं तुम यहां भी रुकोगे नहीं

मैं जानता हूं तुम्हारी खून में जो जुनून

दौड़ता है तुम्हारे नशो ऊर्जा दौड़ती है

तुम सही मार्ग की तलाश में हो बाकी

तुम्हारे प्रयत्न में तुम्हारे प्रयासों

में कभी कमी नहीं रही है तुमने सदा ही

बेहतर से और भी बेहतर होना चाहा

है मैं जानता हूं तुम इस संसार में किन

खुशियों को प्राप्त करना चाहते हो मैं यह

समझता

हूं कि कई बार जब मनुष्य चीजों को अलग तरह

से देखता है तो उसकी भावनाएं लड़खान लगती

हैं और उसके भीतर अस्वीकृति की भावना

उत्पन्न होती

है तब ईर्षा दोष जैसे अवगुण जन लेते हैं

मेरे प्रिय ऐसे परिस्थिति में लोग प्रेम

करने का दावा तो करते हैं लेकिन वास्तव

में कर नहीं पाते

हैं क्योंकि वह स्वयं की ही अनैतिक

दुर्गुणों से जूझ रहे होते हैं लेकिन तुम

ऐसी परिस्थिति में भी विचलित नहीं हुए

हो तुमने सदा स्वयं को बेहतर करने का

प्रयास किया है हर संभव प्रयास किया है

तुमने अपने आप को आगे लाने

का अपनी अच्छाइयों को पहचानने के लिए

तुमने बहुत प्रयत्न किया

है सर्वप्रथम स्वयं के लिए ही प्रेम

समाप्त होने लगता है वह अपने आप को दुखी

करने के विभिन्न बहाने ढूंढने लगता है फिर

उसे किसी

भी चीज में रच नहीं आता और जब वह किसी भी

कार्य में रच ढूंढने नहीं पाता तो वह थक

कर बैठने लगता है वह हारने लगता है वह

स्वयं को कमजोर मानने लगता

है वह परिस्थितियों के बोझ तले दबने लगता

है मेरे प्रिय ऐसे स्थिति में वह स्वयं को

अतीत में लेकर जाता

है और अपने द्वारा किए गए बुरे कर्मों को

सोचता रहता है विलाप करता रहता है वह

बार-बार यह विचार करता है कि तत्कालीन

परिस्थिति में यदि उसने कोई और फैसला कर

लिया

होता तो आज उसकी स्थिति कुछ और होती वह

सदा ही उदास होता रहता है उदासीन होता

रहता है उसे कोई भी जगह अच्छे नहीं लगती

है वह मनमोहन दृश्यों में भी कमियां ढूंढ

लेता है स्वर्ग में भी नरक ढूंढ लेता है

अपनों में भी परायो की पहचान करने लगता

है वह उदास हो जाता है वह हताश हो जाता है

और यह अस्वीकृति उसके लिए अत्यंत गंभीर हो

जाती

है मेरे प्रिय अस्वीकृति की भावना मनुष्य

को खोखला कर देती है भीतर से चूर-चूर कर

चकना चूर कर देती

है और ऐसी स्थिति में मनुष्य निराशा के उस

गर्त में हो जाता है जहां से बाहर आ पाना

सामान्यत नहीं हो

पता लेकिन जब तुम्हारे जीवन में ऐसी

परिस्थितियां आई उन परिस्थितियों में जब

कोई सामान्य मनुष्य टूटकर चूर हो

जाता कोई सामान्य मनुष्य बिखर जाता और

उसका हौसला पस्त हो जाते उन स्थिति में भी

तुम्हारे

साथ ऐसा नहीं हुआ क्योंकि तुम पर मेरी

कृपा थी क्योंकि तुम्हारी श्रद्धा मुझ पर

है तुम स्वयं को हिम्मत

देने हर तरह की ऊर्जा तुमने अपने जीवन में

एकत्रित करने का प्रयत्न किया अथक प्रयास

किया तुमने अपने आप

को विषम परिस्थितियों से बाहर निकलने का

तुम जीत के सूत्रधार बने और तुमने अपनी

जीत को अपने पास आकर्षित

किया उस हाल में जब मनुष्य विलाप कर रहा

होता है तुम्हें भी रोने के अवसर मिले तुम

भी दुखी हुए लेकिन तुमने अपने भीतर धैर्य

बढ़ाया तुमने स्वयं को ही हिम्मत दी तुम

आगे आए तुम योद्धा की भाति लड़ते रहे तुम

अग्रदूत बने रहे और यही कारण है कि

तुम्हारा चुनाव कर लिया गया

है इस जीत के सर्वप्रथम हकदार तुम ही हो

तुमसे ज्यादा इस जीत के लिए कोई भी मनुष्य

योग्य हो ही नहीं सकता

है क्योंकि तुमने अपनी आत्मा का ख्याल

नहीं किया तुमने इसे चकनाचूर नहीं होने

दिया तुम मेरी बातों को सुनते रहे यह अलग

बात है तुम उसे ठीक ढंग से समझ नहीं

पाए लेकिन तुमने प्रयास किया उसे सुनने का

तुमने प्रयास किया अपने दर्द के बीच भी

अपने विश्वास और शक्ति को बनाए रखने

का तुमने विजय की दृष्टिकोण को अपनाने का

प्रयास किया किसी को भी सही करने के अपने

प्रयासों को तुमने नष्ट कर दिया और स्वयं

को ही सही करने पर विचार

किया मेरे प्रिय तुमने अपनी भावनाओं पर

नियंत्रण करने के अथक प्रयास किए हैं

यद्यपि तुम अभी पूरी तरह से इसमें सफल

नहीं हो सके हो लेकिन तुम सफलता के बहुत

करीब आ चुके

हो तुम उस राह पर बहुत आगे निकल आए हो अब

तुम्हें अपने मन को अपने नियंत्रण में

लेना है और तुम्हें अपने मन को यह अनुमति

प्रदान करनी

है कि वह मेरी बातों को ध्यानपूर्वक अपने

जीवन में उतारे तुम जैसा सहनशील तुम जैसा

करुणामय तुम जैसा दयालु मनुष्य मिलना इस

संसार में मुश्किल

है अभी तुम इसे समझ नहीं पा रहे हो लेकिन

जब तुम तुलनात्मक रूप से से कभी इसका आकलन

करोगे तब तुम यह जान जाओगे कि तुम अपने

आसपास उपस्थित सभी लोगों में सबसे ज्यादा

दयालु सबसे ज्यादा करुणामय

हो लेकिन परिस्थितियां ऐसी बन ही नहीं

पाती कि तुम इसका प्रदर्शन कर पाओ क्योंकि

कहीं ना कहीं तुम्हारे भीतर शर्म घर कर

जाता

है जिसकी वजह से उन परिस्थितियों में जहां

तुम खुलकर आना चाहते हो वहां भी खुलकर

नहीं आ पाते अपनी बातों को ख नहीं रख

पाते और तुम्हारे भीतर यह चीज कुंठा बन

जाती है या बचपन से ही एक नासूर बनता चला

गया एक घाव के रूप में एक फोड़े के रूप

में तुम्हारे जीवन में बनता चला

गया तुम अपनी बातों को ठीक ढंग से रख नहीं

पाते थे और इस वजह से कई बार तुम्हें

लोगों ने कमजोर भी समझ लिया जबकि

वास्तविकता में तुम तो कभी कमजोर रहे ही

नहीं

हो अभी तक उसे समझ नहीं पाए हो मेरे प्रिय

व्यक्तिगत रूप से तुम्हें किसी से भी

दुश्मनी लेनी नहीं है विभिन्न प्रकार के

लोग तुमसे शत्रुता का भाव रखते

हैं और चाहते हैं कि तुम कभी सफल नहीं हो

सको लेकिन तुम्हें उनसे भी शत्रुता का भाव

नहीं रखना है ऊंची उड़ान के लिए तैयार हो

तब तुम्हारे भीतर थकान ना बची

हो तब तुम्हारे भीतर हताशा या निराशा ना

बची हो तुम्हारे भीतर यह भाव ना बचा हो यह

सब कुछ तुमने ने क्या खोकर प्राप्त किया

है मेरे प्रिय जब संघर्ष की परिस्थितियां

आती हैं जब संघर्ष विकराल रूप धर लेते हैं

तो मनुष्य के भीतर थकान आ जाती है और वह

कई बार निर्णयों के बोझ के तले दब जाता

है और ऐसे क्षण में उसकी आत्मा उसे झकझोर

देती है उसकी आत्मा बार-बार उसे यह याद

दिलाती है कि अब उसे रुक जाना चाहिए अब

उसे थम जाना

चाहिए लेकिन तुम निश्चिंत रहो मेरे प्रिय

क्योंकि तुम्हारे भीतर ऐसी ऊर्जा विद्यमान

है जो तुम्हें हारने नहीं देगी जो तुम्हें

हार बिल्कुल भी नहीं मानने

देगी और इसी वजह से तुम्हारा बचाव किया

जाएगा तुम्हारा चुनाव बहुत सोच समझ कर हुआ

है मैं जानता हूं कि तुम्हारी करुणा

तुम्हें इस जीवन में आगे लेकर

जाएगी इसी करुणा ने तुम्हें कई बार हानि

भी पहुंचाई है लेकिन यह हानि बहुत छोटी है

जब तुम छलांग लगाओ तो वह इतनी ऊंची होगी

कि आकाश को चीर

देगी और तुम्हारे पद चनों के पीछे समस्त

संसार चलने लगेगा मेरे प्रिय बच्चे तुम

जीत की राह में बहुत तेजी से आगे आ चले हो

तुम इसे स्वीकार करो इसे अपने जीवन में

आने

दो मेरे प्रिय जो तुमने सहन किया है वह

सामान्य नहीं है लेकिन तुम्हारा आने वाला

जीवन भी सामान्य नहीं होगा यह सामान्यता

से कहीं ऊपर

होगा यह तुम्हारे अब तक के जंजाल भरे जीवन

से बहुत ही ज्यादा श्रेष्ठ होगा इसमें धन

होगी इसमें प्रचुरता होगी इसमें तुम्हारी

बातों का मूल्य

होगा तुम जो बातें कहोगे वह लोगों के लिए

प्रेरणा बन जाएगी मेरे प्रिय तुम जिस

रास्ते पर हो इस रास्ते पर मैं नहीं कहता

कि कोई बाधा नहीं आएगी

मैं नहीं कहता कि कोई रुकावट उत्पन्न करने

वाले मनुष्य नहीं होंगे हां निश्चित तौर

पर इस पर बाधा आएगी निश्चित तौर यह

चुनौतियों से भरा हुआ

होगा निश्चित तौर पर लोगों की कुटिल

राजनीति कूटनीति तुम्हें हराने का तुम्हें

गिराने का प्रयत्न करेगी लेकिन मैं

तुम्हें अस्पष्ट कर देना चाहता हूं यह सब

कुछ विफल हो

जाएगा यह सब कुछ समाप्त हो जाएगा कुछ भी

तुम्हें हरा नहीं पाएगा कोई भी तुम्हें

पराजित नहीं कर पाएगा मैं साकार रूप में

तुम्हारे सामने ही उपस्थित

रहूंगा मैं हर उस कण में विद्यमान हूं

जिससे तुम परिचित हो क्योंकि मैं तुम्हारे

ही ऊर्जा में विद्यमान हूं इसलिए मैं

तुम्हारे सामने रहूंगा तुम्हारा सार्थ

बनकर तुम्हें मुझे पहचानना

है तुम्हें मेरा साथ देना है और फिर मैं

तुम्हें बहुत ऊंची छलांग लगवा उंग

तुम्हारे विचारों से मैं ऐसी क्रांति ऐसी

ज्वाला उत्पन्न करूंगा कि तुम्हारे

प्रतिद्वंदी में जलकर खाक हो

जाएंगे और तुम सूर्य के समान विकराल होगे

और ऐसे ही ऊर्जा के केंद बिंदु होगे ऐसे

ही ऊर्जा के स्रोत होगे जिससे हर कोई

लाभान्वित

होगा तुम उस वृक्ष के समान होगे जिसमें

इतने फल हो कि वह निर्ममता से वह सलता से

झुका हुआ होगा या अहंकार के तले नहीं

होगा वास्तव में यह पूरी तरह से मानवीय

भावनाओं के सफलता के लिए होगा मेरे प्रिय

मैंने तुम्हें मोक्ष प्रदान करने का

आशीर्वाद दिया है मैं तुम्हें विजय का

आशीर्वाद दे रहा

हूं मैं तुम्हारे विरासत को मजबूत कर रहा

हूं तुम्हें दृढ़ होना होगा तुम्हें अपनी

जिम्मेदारियों का अनुभव करना

होगा सही समय पर यह बताने के लिए कि अब

तुम आध्यात्मिक स्तर की किस ऊंचाई पर हो

मैं तुम्हारे जीवन में एक मुख्य फरिश्ते

को भेजूंगा यह फरिश्ता ऊर्जा से भरा हुआ

होगा यह फरिश्ता जब तुम्हारे ऊर्जा

क्षेत्र में आएगा तो तुम में अभूतपूर्व

साहस और इतना बल भर जाएगा कि तुम स्वयं को

श्रेष्ठ मानने लगोगे तुम स्वयं को

सर्वोच्च मानने

लगोगे और यही वह क्षण होगा जब तुम्हें

अपने भीतर अहंकार को पनपने से रोकना होगा

यही वह क्षण होगा जब तुम्हारे जीवन में

खुशियों की बरसात

होगी मेरे प्रिय बच्चे मुझे ज्ञात है कि

तुमने कितने आंसू बहाए हैं तुमने कितना

विलाप किया है कैसे कैसे तुम रोते गए हो

थोड़े से बेहतर जीवन के लिए तुमने

क्या-क्या सहा

है मैं सब कुछ जानता हूं और मैं यह भली

भाति जानता हूं कि इन सब से निकलने के लिए

तुमने अथक प्रयत्न भी किया है मैं

तुम्हारे प्रयत्नों को बर्बाद नहीं जाने

दूंगा मैं तुम्हारे प्रयासों को यूं ही

व्यर्थ ना होने दूंगा मैं तुम्हारे

प्रयत्नों की सराहना करता हूं मैं जानता

हूं कि तुमने कितना संघर्ष किया है तुमने

कितना परिश्रम किया

है और किसकिस तरह के लोगों का सामना किया

है इसलिए मैं प्रशंसा करता हूं तुम्हारे

मन की तुम्हारे बुद्धि की तुम्हारे भीतर

बसे परमात्मा

की मैं तुम्हारे इसी जीवन में तुम्हें

स्वर्ग दिलाने वाला हूं यह स्वर्ग मृत्यु

के बाद का स्वर्ग नहीं है अपितु यह तो

तुम्हारे इसी जीवन में इसी भौतिक लोक में

भोगने वाला स्वर्ग

है स्वर्ग से आशय ऐसे जीवन से है जहां

तुम्हारी बातों का मूल्य दे होगा जहां

तुम्हें खुशियां ही खुशियां प्राप्त होंगी

जहां तुम भोग भी कर सकोगे जहां उपभोग भी

कर

सकोगे लेकिन नैतिक रूप से मर्यादा में

रहते हुए जहां तुम्हारा जी लुक घेर भी ना

पाएगा जहां तुम मुझे याद कर सकोगे जहां

तुम मुझसे मिल

सकोगे मेरे प्रिय इससे जीवन को तुम्हें

आकर्षित करना है इससे जीवन को तुम्हें

जीते जाना है प्रसन्नता के साथ बिना

शिकायत किए हुए तुम्हें रा लिखना

होगा साथ ही यह भी लिखना होगा कि मैं

श्रेष्ठ हूं मैं प्रेम का साग हूं मैं

बेहतर जीवन जीने के हकदार हूं इसलिए मुझे

यह जीवन मिलना ही

चाहिए फिर तुम देखोगे कि तुम्हारे जीवन

में कैसे-कैसे अद्भुत चमत्कार घटित हो रहे

हैं मेरे प्रिय तुम्हें प्रार्थना की ताकत

को महसूस करना होगा तुम्हें स्वयं के भीतर

उतरना

होगा और यह करते हुए तुम्हें ज्यादा समय

नहीं बिताना है कुछ ही समय में तुम यह देख

पाओगे कैसे तुम्हारा जीवन पूर्णता बदल रहा

है

है मेरे प्रिय समय आ गया है अपने आप को

स्वीकार करने का समय आ गया है जब अपने

भीतर बसे सभी तरह के निराशा को त्याग दिया

जाए यह उचित समय है तुम्हें आगे बढ़ने का

इसे व्यर्थ ना जाने दो इसकी संभावना को

बर्बाद ना होने दो इसमें तुम्हारे लिए

बहुत कुछ छुपा हुआ है एक इनाम एक उपहार

तुम्हारे लिए आ रहा है इसलिए इसे स्वीकार

करो मेरे प्रिय याद रखो इस संसार में

मनुष्य यदि प्रेम बांटता है तो बदले में

कई गुना होकर प्रेम पाता

है यदि धन बांटता है तो बदले में कई गुना

होकर धन पाता है यदि वह सद्भावना बांटता

है तो बदले में कई गुना होकर सद्भावना

पाता है यदि वह अहंकार बांटता है तो बदले

में कई गुना अहंकार आता है यदि वह दुख

बांटता है तो बदले में कई गुना होकर दुख

आता

है यदि वह खुशियों को बांटता है मुस्कान

बांटता है प्रसन्नता बांटता है तो बदले

में कई गुना होकर उसे मुस्कान मिलती है

प्रसन्नता मिलती है अपनापन मिलता

है इसलिए तुम्हें अपने जीवन में आ रहे

विभिन्न प्रकार के भावनाओं को आकलन कर

उनको नियंत्रण में करना

होगा ताकि तुम केवल सकारात्मक विचारों का

आदान प्रदान कर सको प्रिय बच्चे यह

तुम्हारी जीत का समय है यह उची उड़ान भरने

का समय है इसे किसी भी हाल में व्यर्थ

नहीं होने

दो जितनी भी बुरी ताकतें तुम पर काबू पाना

चाहती हैं वह तुम्हें काबू में नहीं कर

पाएंगी वह तुम्हें हरा नहीं पाएंगी उनमें

इतनी साहस नहीं इतनी क्षमता नहीं कि

तुम्हें हानि पहुंचा

सके मैं सदैव तुम्हारे लिए खड़ा रहूंगा

मैं उसी रूप में तुम्हारे समक्ष आऊंगा जिस

रूप में तुम मुझे देखते आए हो मेरी

प्रतीक्षा करते रहो मैं बहुत जल्द

तुम्हारे सामने

रहूंगा मेरे प्रिय अपने आप को सहारा

प्रदान करो अपने आप का महत्व समझो स्वयं

के मूल को जानो तुम अद्भुत हो तुम विलक्षण

हो तुम महान हो इसे स्वीकार

करो तुम्हारी जीत तय हो चुकी है इस जीत को

अपने जीवन में उतारो संख्या लिखकर

अपने जीवन को बेहतर बनाने की पुष्टि

करो अपने जीत की पुष्टि करना तुम्हारे लिए

अत्यंत आवश्यक है क्योंकि ऐसा करने से तुम

निरंतर ब्रह्मांड में यह ऊर्जा छोड़ते

रहते हो कि तुम इस जीत को पाने के लिए

बहुत आतुर हो

और ब्रह्मांड जो कि तुम्हारे पालक के रूप

में कार्य कर रहा है वह तुम्हारा उन

क्षणों में सेवक बन जाता है संसार में तुम

दुख भोगने नहीं आए

हो यहां चिंता करने या किसी भी प्रकार की

पीड़ा को सहने नहीं आए हो इसलिए तुम्हारे

मन में कभी भी यह विकार उत्पन्न नहीं होना

चाहिए कि तुम इस संसार में जीने के योग्य

नहीं

हो तुम्हारा इस संसार में कोई स्थान नहीं

है कोई मूल नहीं है मेरे प्रिय बच्चे अपने

आप को यदि तुम कमजोर मान बैठते हो तो तुम

स्वयं के लिए ही पतन का मार्ग प्रशस्त कर

रहे

हो क्योंकि स्वयं को कमजोर मानना इस संसार

के सबसे बड़े पापों में से एक है वास्तव

में यह भी एक प्रकार का

कुकमे करता रहता

है इसलिए चाहे तुम्हारी स्थिति कितनी ही

खराब क्यों ना हो कितनी ही विषम क्यों ना

हो अपना हौसला कभी ना टूटने देना स्वयं को

कमजोर कभी भी मत

मानना क्योंकि ऐसा मानने से तुम धीरे-धीरे

वैसे बनते चले जाओगे वास्तविकता में जब

तुम्हारा निर्माण हुआ था सदा सुखी रहो

तुम्हारा कल्याण होगा

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