11:? लक्ष्मी कृमां ? मेरी पा तुम पर हो गई तो तुम्हारा जीवन... ? - Kabrau Mogal Dham

11:? लक्ष्मी कृमां ? मेरी पा तुम पर हो गई तो तुम्हारा जीवन… ?

हमें अपने जीवन में कोई ना कोई लक्ष्य है जरूर रखना चाहिए और उसे लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें पूरी

कोशिश करनी चाहिए क्योंकि मानव का मन चंचल होता है किसी भी जगह पर ठीक नहीं पता इसलिए हमें

अच्छे से काफी बाहर हम भटकता हुआ महसूस करें और फिर हम दोस्त भगवान को देते हैं कि भगवान ने हमारे भाग्य में कुछ भी अच्छा नहीं लिखा मैं चाहती हूं तुम मेरे संदेश को पूरा सुनो यदि तुम अधूरा छोड़ कर जाओगे तो

तुम जीवन में कभी भी सही रास्ता नहीं अपना पाओगे इसलिए मेरी बातों को ध्यान से सुनो और अभी जय माता रानी कमेंट बॉक्स में लिखो मेरी ऐसे ही पूजा अर्चना करते रहना तुम्हें उसका फल में अवश्य दूंगी बस तुम्हें अपने

जीवन में शांति संयम और प्यार से काम लेना है तुम्हारे जीवन की शुरुआत हो चुकी है तुम्हें अपने जीवन में कभी भी क्रोध नहीं करना है सभी के साथ प्यार से रहना है मेरे बच्चे तुम बार बार यह गलती क्यों कर रहे हो जबकि

मैंने उसे गलती को तुम्हें दोहराने के लिए मना किया है यदि तुम चाहते हो कि तुम पर मैं क्रोधित ना हो तो तुम अपनी गलतियों को करने से पहले स्वयं को रोको तुम्हारे हाथों जाने अनजाने में ऐसी गलतियां हो जाती है जिससे

कि तुम्हारे जीवन में कठिनाइयां आ जाती है और फिर मैं तुम्हें क्रोधित होकर दंड देता हूं लेकिन कुछ गलती ऐसी होती है जो कि तुम जानबूझकर करते हो और फिर मेरा दिल बहुत ज्यादा दुखी होता है जब भी मैं तुम पर

क्रोधित ही हूं फिर मैं तुम्हें माफ नहीं कर पाती और इस कारण तुम्हारे बनते हुए कार्य खुद ही बिगड़ जाते हैं जब भी मेरा संदेश आता है तो तुम उसको बीच में ही छोड़ कर अनदेखा कर देते हो और निर्बल और ऐसा है

व्यक्तियों की तुम आजकल सहायता नहीं कर रहे यह सब देख कर मेरा मन बहुत ज्यादा दुखी होता है तुम तो मेरे प्रिय और मैं चाहती हूं कि मेरे भक्त मेरे नाम का सुमिरन करें और अच्छाई के रास्ते पर चले यदि अपनी माता

से प्यार करते हो तो जय मां लक्ष्मी अभी कमेंट बॉक्स में लिखना मैं इसी में ही खुश हो जाऊंगी और मेरे संदेश को अंत तक सुनना जब भी मैं प्रसन्न होती हूं तो मैं अपने भक्तों को मनचाहा वरदान देता हूं

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