0:20 / 9:44 क्या माँ काली के मंत्रो से कोई हानि होती है? - Kabrau Mogal Dham

0:20 / 9:44 क्या माँ काली के मंत्रो से कोई हानि होती है?

नमस्कार दोस्तों आप सभी पर मां का

आशीर्वाद और बजरंगबली की कृपा सदैव बनी

रहे आज की जानकारी बहुत महत्त्वपूर्ण है

और हर उस व्यक्ति को जानना बहुत जरूरी है

जो

साधनांची क्या किसी प्रकार की हानि होती

है इसके ऊपर आज हम बात करेंगे और इसे इस

विषय पर ऑथेंटिक चर्चा करना बहुत ही

महत्त्वपूर्ण है क्योंकि आप में से बहुत

सारे लोगों का यह प्रश्न है और साथ ही इस

बात पर भी चर्चा करेंगे कि माहाकाली के

मंत्रों का यदि जप कर रहे हैं तो क्या

विशेष सावधानियां अत्यावश्यक

है जिनका ध्यान साधकों को रखना चाहिए पूरी

ईमानदारी से इस विषय के ऊपर चर्चा करेंगे

देखिए भक्तों को डराने का उद्देश्य ना

हमारा पहले था और ना ही आगे है चैनल का

उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग भक्ति के

मार्ग से जुड़े मां काली से जुड़े स्वयं

में शक्तियों को अनुभव करें साधना हों को

अपने जीवन में उतारे और श्रेष्ठता को

प्राप्त करें तो विषय पर आते हैं देखिए

सबसे पहले तो यह समझिए कि हर मंत्र की एक

विशेष ऊर्जा होती है उसका एक प्रभाव होता

है जिस भी देवी या देवता का मंत्र है उस

देवी या देवता की प्रकृति उसकी ऊर्जा पर

यह निर्भर होता है मंत्र की ऊर्जा उस

संबंधित देवी या देवता की प्रकृति के ऊपर

निर्भर होती है क्योंकि उनकी संपूर्ण

शक्तियों से युक्त यह मंत्र होते हैं और

जब यह मंत्र निरंतर जपे जाए तो सक्रिय

होने लगते हैं और जीवन पर इनका विशेष

प्रभाव दिखने लगता है और जहां तक मां के

मंत्रों की बात है ओम क्रीम कालिका नमः या

अन्य किसी भी मंत्र की ऊर्जा की बात है तो

मां कलयुग में जागृत शक्ति है और मां की

ऊर्जा तीव्र है इसमें कोई संशय नहीं तो

मां के मंत्रों का प्रभाव या उनके किसी भी

कवच स्तोत्र आदि का प्रभाव भाव बहुत जल्दी

होता है क्विक रिजल्ट मिलते हैं अनुभव भी

मां तुरंत कराती है और जब तीव्र ऊर्जा मां

के मंत्रों से पैदा होती है तो जीवन में

इसके सकारात्मक प्रभाव दिखते हैं तो वहीं

कुछ केसेस में नकारात्मक प्रभाव भी दिखते

हैं कुछ समस्याओं के रूप में अब यहां पे

नकारात्मक प्रभाव से डरने की आवश्यकता

नहीं है इसी चीज को आज हम क्लियर करेंगे

कि किस प्रकार से समस्याएं पैदा होती हैं

जब इस चीज को समझेंगे तो मां को दोष देना

बंद कर देंगे कक बहुत लोगों को यह डाउट है

कि मां उग्र देवी हैं और उनके मंत्रों का

जप करने से बुरे परिणाम होते हैं तो इस

विषय को ढंग से समझना जरूरी है यह समझना

जरूरी है कि मां की मंत्रों से जो ऊर्जा

निकलती है उसको हैंडल कैसे करना है उसको

संतुलित कैसे करना है और इसको उदाहरण से

हम लोग समझते हैं देखिए जब हाई वोल्टेज

करंट वायर में दौड़ता है और इलेक्ट्रिक

वायर यदि स्ट्रांग नहीं है तो ब्लास्ट हो

जाता है शॉर्ट सर्किट हो सकता है और आसपास

की चीजें भी आग के चपेट में आ सकती

तो हाई वोल्टेज करंट को मैनेज करने के लिए

उसे हैंडल करने के लिए वायर का मजबूत होना

बहुत जरूरी है यही बात ऊर्जा के क्षेत्र

में भी है चाहे वह मां काली के मंत्रों की

ऊर्जा से उत्पन्न हो प्रभाव या किसी अन्य

शक्ति से तो एक स्ट्रांग रा का एक

स्ट्रांग एनर्जी बॉडी का होना बहुत जरूरी

है अन्यथा समस्याएं पैदा हो सकती हैं मां

की ऊर्जा को हैंडल कैसे करना है उसके तीन

उपाय जानेंगे और मैं पहले भी वीडियोस में

आप लोगों को कई बार बता चुकी हूं लेकिन आज

मैं स्पष्ट तरीके से पॉइंट वाइज आपको बता

दूंगी लेकिन उससे पहले एक बेसिक को समझना

बहुत जरूरी है और वह यह है कि मां के

मंत्रों के निरंतर जप से मूलाधार चक्र

सक्रिय होने लगता है और निरंतर जब किया

जाए तो कुंडलिनी शक्ति का एक बहुत थोड़ा

सा अंश भी थोड़ा एक्टिवेट होने लगता है

ऊर्जा ऊपर की ओर चढ़ती है लेकिन ब्लॉकेजेस

बहुत होते हैं नेगेटिव एलिमेंटल्स बहुत

सारे होते हैं एनर्जी बॉडी में तो कहीं ना

कहीं साइड इफेक्ट्स भी होते हैं और यह भी

स्पष्ट कर दूं कि जब लाधार चक्र सक्रिया

होता है तो पॉजिटिव इफेक्ट होते हैं लेकिन

कुछ नेगेटिव इफेक्ट भी जीवन में आते हैं

शुरू में बाद में नहीं लेकिन प्रारंभिक

अवस्था में कुछ नेगेटिव इफेक्ट जीवन में

आते हैं और दोष किस पर चला जाता है कि मां

के मंत्रों का जप करने से ऐसा हुआ ऐसा

नहीं है अपनी ऊर्जा को स्ट्रांग किए बिना

मां के मंत्रों का जप करोगे और फिर उन परे

दोष डालोगे यह गलत चीज है मां की ऊर्जा को

ग्रहण करने लायक अपनी एनर्जी बॉडी को आप

बनाइए उसके बाद मां के मंत्रों का जप

करेंगे तो क्विक रिजल्ट भी मिलेंगे और मां

की भक्ति और शक्ति का चमत्कार भी आप लोग

देखेंगे तो सबसे पहली चीज जो आपको ध्यान

रखनी है और जो इस वीडियो का थंबनेल भी है

कि बिना गुरु धारण किए मां के मंत्रों का

जप आपको नहीं करना है इस चीज को आप समझ

लीजिए गुरु धारण करने के पश्चात और कुछ

समय उस गुरु मंत्र को परिपक्व करने के

पश्चात मां के मंत्रों का जब आपको प्रारंभ

करना चाहिए और गुरु कैसा होना चाहिए एक

सक्षम गुरु हो जिसने इस क्षेत्र में

अभ्यास किया हो सालों का ऐसे गुरु के

द्वारा प्रदत्त मंत्र ऐसे समर्थ गुरु के

द्वारा प्रदत्त मंत्र हानि नहीं करते वरन

जब आप उन्हें जपते हैं तो जितनी ऊर्जा

आपको ग्रहण करनी होती है यानी जितनी ऊर्जा

ग्रहण करने लायक आप होते हैं उतनी ही

ऊर्जा आप उस गुरु द्वारा प्रदत मंत्र से

प्राप्त करते हैं धीरे-धीरे आपकी रा

स्ट्रांग होती है एनर्जी बॉडी स्ट्रांग

होती है और मंत्र की अधिक ऊर्जा आपकी बॉडी

में आत्मसात करती है ठीक भौतिक जगत में

जैसे हम देखते हैं कि एक गुरु को पता होता

है कि बच्चे को सिलेबस कितना देना है उसकी

कितनी कैपेसिटी है अगर एक कक्षा चार या

पांच के बच्चे को बीए और एमए का सिलेबस आप

पकड़ा देते हैं तो उसकी क्षमता से बहुत

ऊपर की चीज है तो इसमें बीए और एमए की

सिलेबस का दोष नहीं है वरन दोष उस शिष्य

की क्षमता को आंकने में तो एक सक्षम गुरु

को यह पता होता है कि उसकी शिष्य की ऊर्जा

कितनी है कहां तक है और उस हिसाब से वह

उसे बैलेंस करता है और धीरे-धीरे ऊर्जा को

डेवलप करवाता है उसको अभ्यास के द्वारा कई

बार आप लोग कहीं से भी मंत्रों को उठाकर

उनका जप करना शुरू कर देते हैं बिना

गाइडेंस के आपको कहीं से भी कोई लुभावने

रिजल्ट दिखे और आपने मंत्र जाप शुरू कर

दिया बिना सही जानकारी के तो हानि हो सकती

है जिस गुरु के द्वारा या जिस भी माध्यम

के द्वारा आपको माहाकाली की साधनाएं दी जा

रही हैं वह माध्यम कितना सक्षम है यह बहुत

जरूरी बात है सोचने का विषय है तो पहली

बात तो हर कहीं से भी मंत्र नहीं उठाएं और

मंत्र देने वाला जो आपका गुरु है या जो भी

माध्यम है यदि वह सक्षम है तो उसके मुख से

निकला जो मंत्र है उसको अगर भाव से ग्रहण

करके आप जपते हो अगर आप बिना दीक्षा के भी

जपते हो तो हानि नहीं होती क्योंकि मां का

हाथ और मां की आज्ञा ऐसे व्यक्ति के संग

होती है ऐसे गुरु के साथ होती है और जब

ऐसे समर्थ गुरु द्वारा प्रदत मंत्र आपको

दिया जाता है और सच्चे भाव से आप जपते हैं

तो मां की ऊर्जा से स्वत ही कनेक्ट हो

जाते हैं और मां की कृपा आप तक पहुंचने

लगती है तो माध्य क् जेनन होना चाहिए जहां

से भी आपको मंत्र की प्राप्ति हुई है

दूसरी चीज कई बार कई लोगों को स्वप्न के

माध्यम से या ध्यान में मंत्र प्राप्त

होता है तो ऐसे मंत्र को आप बिल्कुल जप

सकते हैं क्योंकि ऐसे मंत्र इष्ट के

द्वारा स्वयं प्रदत होते हैं और किसी भी

प्रकार की हानि नहीं होती है ऐसे मंत्रों

में आपको स्वतः ही ईश्वरीय एक शक्तिपात

आपके ऊपर किया जाता है और आपकी जो ऊर्जा

होती है उस मंत्र की ऊर्जा को ग्रहण करने

लायक ईष्ट के द्वारा बना दी जाती है तो

आपको गहरे ध्यान में या स्वप्न में कोई भी

मंत्र मिले मां का मंत्र मिले या अपने

इष्ट का जिसका भी मंत्र मिले उसका जप आप

निसंकोच कर सकते हैं तीसरा पॉइंट कि अगर

गुरु नहीं है तो क्या करें तो पहले भी हम

कई बार बता चुके हैं गुरु नहीं है तो अपने

इष्ट को गुरु धारण करें अब और इसके अलावा

अपने इष्ट के मंत्रों का जप यदि लंबे समय

से आप कर रहे हैं तो मां के मंत्रों की

ऊर्जा को आपके इष्ट के मंत्रों की ऊर्जा

बैलेंस कर देगी तो भी हानि नहीं होती जो

लोग लंबे समय से इष्ट के मंत्रों का जप कर

रहे हैं उनकी एनर्जी बॉडी बहुत स्ट्रांग

होती है अगर स्कैनिंग की जाए उनकी एनर्जी

की तो बहुत स्ट्रांग होती है करंट जैसा

दौड़ता है उनके रा में तो मां के मंत्रों

की ऊर्जा से वह आसानी से कनेक्ट होते हैं

बिना किसी समस्या के जहां तक मैं अपनी बात

करूं तो मेरी इष्ट हनुमान जी हैं और करीब

साल से ज्यादा हो गए हैं उनका

ध्यान कर रही हूं उनकी सेवा कर रही हूं और

मां के मंत्रों की अगर बात करूं तो मां ने

स्वयं मुझे दीक्षित किया है और एक साक्षात

अनुभव इतना दिव्य एक घटना घटित हुई थी

जिसको शब्दों में नहीं बताया जा सकता और

जब याद करती हूं तो रोंगटे खड़े हो जाते

हैं और स्वयं मां की आज्ञा से ही आपको जो

मां के गुरु मंत्र हैं वह आपको प्रदान किए

गए हैं अगला पॉइंट मां की ऊर्जा को कैसे

बैलेंस करेंगे ओम नमः शिवाय का अधिकतम जप

करके भगवान शिव की ऊर्जा ही एकमात्र ऐसी

ऊर्जा है जो मां की तीव्र ऊर्जा को बैलेंस

करती है तो यदि आप मां के मंत्रों का जप

कर रहे हैं तो साथ में ओम नमः शिवाय का

अधिकतम जप आपको करना चाहिए और मैं यह

कहूंगी कि पहले कुछ महीने ओम नमः शिवाय का

लगातार आप जप करके उसके बाद बाद जो मां की

साधनाएं हैं वह आपको शुरू करनी चाहिए तो

आज की वीडियो में इतना ही दोस्तों उम्मीद

करती हूं कि आप लोगों के बहुत सारे

प्रश्नों का जवाब आपको मिला होगा और बहुत

सारे संशय भय आपके दूर हुए होंगे तो हमेशा

गांठ बांध ले कि जब माहाकाली के मंत्रों

का जप आप प्रारंभ कर रहे हैं अगर अगर

ऑलरेडी काफी समय से कर रहे हैं तो ठीक है

गुरु मिल गए हैं तो ठीक है और अगर

प्रारंभिक अवस्था में है तो जरूर यह जो

कुछ पॉइंट्स मैंने आपको बताए हैं इनको

जरूर फॉलो करेंगे तो ऊर्जा के क्षेत्र में

एनर्जी के

क्षेत्र में कोई भी किसी भी प्रकार की

समस्या आपको नहीं आएगी आज की वीडियो में

इतना ही अगली वीडियो में बहुत जल्द मिलते

हैं तब तक के लिए अपना ध्यान रखें स्वस्थ

रहे खुश रहे मस्त रहे जय माता दी जय

बजरंग

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