0:02 / 3:03 घोर भय कष्ट शत्रु नाश होगा शुक्रवार को सुनें बगलामुखी कवचम् - Kabrau Mogal Dham

0:02 / 3:03 घोर भय कष्ट शत्रु नाश होगा शुक्रवार को सुनें बगलामुखी कवचम्

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बगला मुखी
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कवचम श्रुत्वा च बगला
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पूजाम स्तोत्रम चापी
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महेश्वर इदा निम स्रोत
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मिमि कवचम वद मेंे प्रभु वैरी नाश करम
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दिव्यम सर्वा शुभ विना शम शुभ दम स्मरणा
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पुण्यम त्राहिमाम दुख ना
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शम शी भैरव
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वाच कवचम स्रण
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वक्षा भैरवी प्राण
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वल्लभे पठित वा धार त्वा तु त्रैलोक्य
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विजय भवे ओमस्य श्री बगलामुखी कवच स्य
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नारद ऋषि अनुष्टुप छंद श्री बगलामुखी
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देवता लम बीजम ए कलकम पुरुषार्थ चतुष्टय
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जपे
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विनियोग शिरो में बगला
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पातु हृदय एकाक्षरी परा ओम ह्रीम ओम मेल
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लाटे च बगला वैरी नाशिनी गदा हस्ता सदा
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पातु मुखम में मोक्ष दयनी वैरी जीवां धरा
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पातु कंठम में बगलामुखी
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उदर नाभि देशम
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पातु नित्यम परात्पर परात्पर परा पातु मम
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गुह्य सुरेश्वरी
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हस्तो चैव तथा पातु पार्वती परिपा में
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विवादे विष मेंे घोरे संग्राम रिपु संकटे
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पीतांबर धरा
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पात सर्वांग शिव
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नर्तकी श्री विद्या समयो पातु मा ंगी
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दुरिता शिवा पातु पुत्रम सुता चैव कलम
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कालिका मम पातु नित्यम भ्रा तरम में पी
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तरम शूलिनी सदा संदेही बगला देव्य कवचम मन
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मुखो दितम नव देयम
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मुख्या सर्व सिद्धि
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प्रदायक पठना धारणा
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दस्य पूजना तम लभ इदम कवचम
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मजावा यो जपे बगलामुखी
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पि बं शोणित तस्य योगिन प्राप्य
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सादर वश्य चा कर्षण चैव मारे मोहने
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तथा महा भय विपत च पठ दवा पाठ येतु यह
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तस्य सर्वार्थ सिद्धि स्या
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भक्ति युक्त स्य पार्वती

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