लक्ष्मी मां यदि तुमने आज मुझे नहीं सुना - Kabrau Mogal Dham

लक्ष्मी मां यदि तुमने आज मुझे नहीं सुना

[संगीत]

मेरे बच्चे तुमने मेरे संदेशों को अपने

जीव उता है जिस कारण मैं तुमसे बहुत खुश

हूं और आज मैं तुम्हें मनोवांछित फल देना

चाहती हूं मैं चाहती हूं कि तुम्हारे जीवन

में कभी किसी प्रकार का दुख ना हो

तुम्हारे घर आंगन में खुशियां ही खुशियां

हो आज मैं तुम्हें वचन देती हूं कि यदि

तुमने मेरी पूजा अर्चना की है तो तुम्हें

उसका फल जरूर मिलेगा तुम्हें मेरी कुछ

बातों को अपने जीवन में अपनाना होगा जिससे

मैं तुम्हें अपना आशीर्वाद और प्यार दे

सकूं मैं चाहती हूं कि तुम अपने माता-पिता

की सेवा करो जिन्होंने तुम्हें इतना बड़ा

बनाया है इस लायक बनाया है कि तुम अपने

बारे में सोच सको अपने निर्णय ले सको अपने

कार्य कर सको और जिस उन्नति पर तुम पहुंचे

हो उसके पीछे तुम्हारे माता-पिता का ही

हाथ है तुम्हारे जीवन में जो आज चल रहा है

वह सब तुम्हारे कर्मों का फल है क्योंकि

तुमने बहुत मेहनत की और सच्चाई का रास्ता

अपनाया तभी तुम इस मुकाम पर पहुंचे हो मैं

चाहती हूं कि तुम हमेशा ऐसे ही उन्नति

करो लेकिन तुम कभी-कभी बहुत ज्यादा ही

चिंतित हो जाते हो अपने भविष्य को लेकर

भविष्य को सोचना बंद करो वर्तमान में जो

चल रहा है उसी में अपना जीवन यापन करो

क्योंकि जीवन में परिवर्तन होना निश्चित

है यह सृष्टि का नियम है कि सुख दुख तो

जीवन में आएंगे ही तो इन परिवर्तनों से मत

डरो ऐसा चल रहा है बस उसी में खुश

रहो हमें अपने जीवन में सभी को महत्व देना

चाहिए चाहे वह कोई भी व्यक्ति हो छोटा हो

या बड़ा हो सभी के कार्य का सम्मान करना

चाहिए आपको भी पलटकर गलत जवाब नहीं देना

चाहिए ना ही गलत शब्दों का प्रयोग करना

चाहिए तुम्हारे जीवन में जो बदलाव हो रहे

हैं वह तुम्हारे अच्छे के लिए ही हो रहे

हैं लेकिन तुम्हें यदि थोड़ी बहुत समस्या

आती है तो तुम्हें घबराना नहीं है उन

समस्याओं का सामना करते हुए आगे बढ़ते

जाना

है आज मेरे संदेश को सुनने के बाद

तुम्हारे जीवन में ऐसा चमत्कार होगा जो

तुमने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा तुम

उसे देखकर बहुत खुश हो जाओगे और तुम्हारा

मन भी प्रसन्न हो

जाएगा मेरे बच्चे तुम्हारी माता तुमसे

बहुत प्रेम करती है बस तुम्हें अपने मन की

आंखों से मुझे देखना होगा मैं तुम्हें

अवश्य नजर आऊंगी तुम जब भी मुझे सच्चे मन

से देखोगे तो तुम्हें स्वयं समझ में आ

जाएगा कि तुम्हारी माता ने तुम्हारे लिए

वह सारे कार्य किए हैं जो तुम्हारे भविष्य

के लिए अच्छे हैं अरे भक्तो लक्ष्मी जी का

महत्व हिंदू धर्म शास्त्रों में बताया गया

है कि लक्ष्मी जी हमारे जीवन की पालना

है क्योंकि लक्ष्मी मां द्वारा ही इस

संसार में सभी सुख सुविधाओं की चीजें हमें

प्राप्त होती

[संगीत]

हैं यदि आपके जीवन में धन का अभाव बना

रहता है पैसों की कमी के कारण कोई भी

कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है बच्चों के

भविष्य की चिंता बनी रहती है अपने सपनों

को पूरा नहीं कर पा रहे हैं घर में किसी

प्रकार का आपसी कलेश बना रहता है तो ऐसी

सभी परेशानियां मां लक्ष्मी के द्वारा

हमेशा के लिए दूर हो सकती

[संगीत]

हैं यदि आपने लक्ष्मी मां को प्रसन्न कर

दिया तो आपके घर में हमेशा वह वास करेंगी

और जहा पर लक्ष्मी मां और विष्णु भगवान

दोनों की पूजा होती है वहां पर जीवन में

किसी प्रकार की कमियां नहीं

रहती क्योंकि विष्णु भगवान इस जगत के

पालनहार हैं जब लक्ष्मी मां प्रसन्न होती

है तो विष्णु भगवान स्वयं ही प्रसन्न हो

जाते हैं और हमारी सभी परेशा

को दूर कर देते हैं बस आपको इस मंत्र को

आज बार जाप करना है और संदेश को पूरा

सुनना है हर एक

मनोकामना विष्णु भगवान और माता लक्ष्मी

अवश्य पूरा

करेंगी और यदि किसी कारण वश से आप इस

मंत्र को जप करने में असमर्थ है और संदेश

को नहीं सुन पा रहे हैं

तो घबराने की आवश्यकता नहीं है आपको बस मन

में श्रद्धा रखते हुए अपने मोबाइल फोन में

लगाकर इसे छोड़ देना है आप इसे कहीं पर भी

अपने कार्य करते हुए सुन सकते हैं और इस

मंत्र और संदेश को आप फोन में चलने दीजिए

आपकी घर दुकान ऑफिस में जितनी बार भी यह

संदेश

और मंत्र की आवाज गूंजे गी उतना ही आपको

लाभ प्राप्त होगा तो चलिए आज इस संदेश की

शुरुआत करते

[संगीत]

हैं विष्णु देव तव्य कृपया सर्वे जीवने

दुखानी निरोध त्या

[संगीत]

आम विष्णु जी का यह मंत्र सारे कार्य

सिद्ध कर देगा

और लक्ष्मी मां तो फिर खुद ही प्रसन्न हो

जाती हैं जब उनके प्रभु का कोई ध्यान करता

है भगवान को प्रसन्न करने के लिए व्यक्ति

को एकादशी व्रत या सत्यनारायण व्रत अवश्य

करना चाहिए जिन लोगों को आर्थिक समस्या है

उन्हें भगवान विष्णु के साथ-साथ देवी

लक्ष्मी की भी पूजा करनी चाहिए और उनकी

पूजा करने से खुद ही भगवान प्रसन्न हो

जाते हैं आप देवी लक्ष्मी का एक रूप

श्रीयंत्र भी रख सकती

हैं ओम नमो

नारायणाय यह मंत्र भगवान विष्णु जी को

श्रद्धांजलि है इसका अर्थ है मैं सर्व

शक्तिमान के सामने झुकता हूं माना जाता है

कि इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति भगवान

विष्णु के निवास यानी वैकुंठ में पहुंच

जाता है जहां भक्त आनंद में जीवन बिता

सकते

हैं आप विष्णु जी को शीघ्र प्रसन्न करने

के

लिए गुरुवार के दिन किसी ऐसे मंदिर पर

जाकर जहां पर विष भगवान की प्रतिमा हो

वहां पर गुड़ चने की दाल केसर और पीले रंग

का कपड़ा चढ़ाए पीपल के पेड़ों में भगवान

विष्णु का वास माना जाता

है ऐसे में गुरुवार के दिन पीपल पर मीठा

जल जरूर

चढ़ाएं यदि आप यह सारे छोटे-छोटे कार्य

करते हैं तो भगवान विष्णु आप प्रसन्न

होंगे और माता लक्ष्मी तो यही चाहती हैं

कि उनके भगवान यदि प्रसन्न होती हैं तो वह

भी खुद ही प्रसन्न हो जाती हैं चाहे किसी

भी स्थान पर क्यों ना हो तुम्हें बस हमेशा

अपने मन में श्रद्धा रखनी है और दूसरों से

प्यार करना है तुम्हारे जीवन में जो

परीक्षा चल रही है वह धीरे-धीरे समाप्त हो

जाएगी मैं जानती हूं तुम बहुत अधिक परेशान

हो जाते हो जब तुम किसी भी प्रकार की बुरी

चीज को सुनते हो पर मेरे बच्चे तुम्हें

परेशान होने की

आवश्यकता नहीं है क्योंकि जिसके पास स्वयं

उसकी माता का आशीर्वाद है उसे परेशान होने

की आवश्यकता नहीं

होती मैं कभी कभी भी तुम्हारे लिए बहुत

उदास हो जाती हूं और रोने लगती हूं

क्योंकि तुम मेरे बच्चे हो और एक मां अपने

बच्चे को दर्द में देखकर कभी भी खुश नहीं

रह सकती आज भी मैं तुम्हें इस दर्द से

उभारने के लिए स्वयं अपने दर्शन तुम्हें

देना चाहती हूं मेरे बच्चे तुम बहुत भोले

और मासूम हो और तुम्हारे इसी भोलेपन का

फायदा यह दुनिया ती

है मेरे बच्चे तुमने अनेकों कष्टों का

सामना किया है अनेकों परीक्षाएं भी दी हैं

और ना जाने क्या-क्या सहा है तुम्हारी

माता को तुम्हारी हर एक पीड़ा दिख रही है

अब उन सारे दुखों का अंत करने का समय आ

गया है मैं अब तुम्हारे रास्ते में आने

वाली

सभी बाधाओं को नष्ट कर दूंगी तुमने जो कुछ

सहा है जीवन में उन सब का अंत निश्चित है

वह सब दुख तुम्हारे जीवन का एक हिस्सा था

परंतु अब तुम्हारे सुख के दिनों का आगमन

होने का समय आ गया

है मेरे बच्चों तुम्हें इन सुखों का खुले

हृदय से स्वागत करना चाहिए क्योंकि यह

सुखी तुम्हारे जीवन की पीड़ा को खत्म कर

देंगे और तुम्हारी जिंदगी में इतनी

खुशियां भर देंगे कि तुम एक बार फिर से

अपने जीवन में हर कार्य को भली प्रकार से

कर

पाओगे तुम मेरे अत्यंत ही प्रिय बच्चे हो

मैं तुम्हें खुशियां सुख समृद्धि ज्ञान यह

सब कुछ देना चाहती हूं ताक तुम्हें किसी

प्रकार की कोई परेशानी ना झेलनी पड़े

परंतु तुम याद रखो कि कुछ ना कुछ कीमत

तुम्हें चुकानी पड़ती है और यहां तुम्हें

केवल अपने नकारात्मक विचारों को त्यागना

होगा बस यही कीमत तुम्हें चुकानी

है री कृपा जिस पर भी पड़ी है उसका जीवन

सवर गया है उसको जीवन में कभी भी दुखों का

साम साना नहीं करना पड़ा है मैं सदा

तुम्हारे पास हूं इसलिए घबराने की

आवश्यकता नहीं है बस मेरे ऊपर हमेशा

विश्वास और आस्था बनाए रखना क्योंकि

तुम्हारे विश्वास में ही मेरी शक्ति है

तुम जितना मुझ पर विश्वास करोगे उतना ही

मैं तुम्हारे निकट रहूंगी और उतना ही

तुम्हें मेरा आशीर्वाद और प्यार प्राप्त

होगा

मैं तुम्हें जीवन में खुशियां प्रदान करना

चाहती हूं क्योंकि तुम इन खुशियों के

हकदार हो बस तुम आलस के कारण तुम इन

खुशियों से दूर हो जिस दिन तुम अपने आलस

को त्याग दोगे उसी क्षण तुम्हें सारी

खुशियां प्राप्त हो

जाएंगी मेरे बच्चे तुमने मुझे हमेशा खुश

किया

है मेरी भक्ति कर के अब मैं तुम्हें वह

सारे सुख देना चाहती हूं जिसके तुम हकदार

हो जीवन में सारे सुख पाने के लिए लालच

क्रोध बेईमानी को त्याग देना

[संगीत]

चाहिए यदि मेरे द्वारा बताई गई बातों को

तुमने भली प्रकार से अपने जीवन में अपना

लिया तो तुम पर मेरी कृपा होगी साथ विष्णु

भगवान की भी कृपा होगी और मैं उन्हीं

बच्चों को अपना आशीर्वाद देती हूं जो दिल

से सभी कार्य करते

हैं अब मैं अपने धाम वापस जाना चाहती हूं

और अपना आशीर्वाद देकर जाना चाहती हूं कि

जीवन में खुश रहो स्वस्थ रहो उन्नति करो

तुम्हारा कल्याण हो और तुम्हारी सभी

मनोकामनाएं पूर्ण हो तुम्हारा दिन मंगलमय

हो

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