?️888 ?Mahadev Ji ka Sandesh ?Believe in my teachings? mahadev ka sandesh - Kabrau Mogal Dham

?️888 ?Mahadev Ji ka Sandesh ?Believe in my teachings? mahadev ka sandesh

मेरे प्यारे बच्चे स्वागत है आपका हमारे चैनल महादेव का सच में तो मेरे प्यारे

बच्चे आज तुम्हारी काली मां तुम्हें बहुत ही जरूरी बात बताने आई है मेरे प्रिय

बच्चे कैसे हो तुम मेरे बच्चे इस संदेश में कुछ ऐसा है जो तुम्हें एक बड़े संकट

से बचने के लिए तुम्हारी मदद करेगा मेरे बच्चे जब तुम्हारे सामने असफलताएं हो

निराशा हो सभी लोग तुम्हारे विरुद्ध आ खड़े हो जब परिस्थिति नकारात्मक हो जब लगे

कि अब टूटकर पूरी तरह से हारने वाले हो तब भी तुम निराश मत होना क्योंकि यह एक बहुत

बड़ा संकेत है कि तुम अपने दुखों की समाप्ति के बहुत करीब हो जब तुमने संघर्ष

में लड़ना शुरू किया तब तुम्हारे दुश्मन शांत थे लेकिन जब तुमने प्रगति करना

प्रारंभ किया तब तुमने उनका ध्यान आकर्षित कर लिया तभी उन्होंने तुम्हारे समक्ष कुछ

बाधाएं और चुनौतियां खड़ी कर दी ताकि तुम उन बाधाओं के आगे अपने घुटने पूरी तरह से

टेक दो जहां तुमने उसे भ्रमित किया उसे लगा कि तुम कुछ कठिनाइयों के बाद कुछ

संघर्षों के बाद हार मान लोगे तुम्हें हताश देखकर उसे लगा वह जीत रहा है वो

शैतान जो तुम्हारे भीतर भी बैठा है तुम्हारे बाहर भी है लेकिन वास्तव में तुम

दृढ़ विश्वास के साथ खड़े रहे हो और अपने आपको नियंत्रण में रखने की तुमने पूरा

प्रयास सदैव किया है मेरे बच्चे विश्वास तुम्हें परमात्मा का अटूट साथ दिला रहा है

यदि तुम्हें अपने जीवन में ईश्वर का सानिध्य महसूस होता है तो निश्चित तौर पर

यह प्रमाणित करता है कि एक शक्ति सदैव तुम्हारे साथ है और मैं तुम्हें बताना

चाहती हूं कि तुम्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है मेरे बच्चे मैं निश्चित तौर पर

तुम्हारे साथ हूं और इस माह में तुम्हें एक ऐसी खुशी दिलाने वाली हूं जिसकी तुमने

अभी कल्पना नहीं की है जो तुम सोच रहे हो उससे अलग एक ऐसी खुशी जिसका विचार तुमने

बहुत पहले किया था किंतु अभी तुम उसे नहीं सोच रहे हो वह अब तुम्हें प्राप्त होने

वाला है मैं तुम्हारे जीवन में ऐसी खुशियां और जुनून भेजने की योजना बना रही

हूं जैसे तुमने कभी भी पहले अनुभव ना की हो ऊर्जा का एक ऐसा भंडार तुम्हारे जीवन

में भेज रही हूं जिससे तुम्हारा मन मस्तिष्क शांत हो सके यदि तुम इस आशीर्वाद

की ऊर्जा को प्राप्त करना चाहते हो तो अभी संख्या अवश्य लिखो यह पुष्टि करेगा कि

तुम्हें निश्चित तौर पर यह अभी ही चाहिए मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद तुम्हारे

साथ है जो सदैव तुम्हारा पीछा करता रहेगा और जब तुम सही समय सही जगह पर नहीं होगे

तब भी यह कृपा तुम पर बनी रहेगी तुम्हारे शत्रु मोह के बल गिरे होंगे और एक एक कर

स्वयं तुम्हारे लिए मार्ग खुलते चले जाएंगे इसलिए तुम किसी भी बात की चिंता ना

करो बस यह विश्वास करो कि तुम कृपा के घेरे के बीच खड़े हुए हो तुम्हारी ओर से

दिव्य शक्तियां लड़ रही है चाहे कोई तुम्हारे साथ में हो ना हो चाहे कोई

तुम्हारा साथ दे या ना दे किंतु यह दिव्य शक्तियां निरंतर तुम्हारा साथ दे रही है

विश्वास करो मेरे बच्चे तुम मुझसे प्रेम करो और लंबी छलांग लगाओ ताकि तुम प्रगति

की ओर बहुत जल्द पहुंच सको क्योंकि मैं तुम्हारी इस दौड़ में तुम्हारा साथ दे रही

हूं और यह साथ तुम पर हमेशा ही बरकरार रहेगा मेरे बच्चे कभी-कभी जीवन में

शत्रुओं का आना लाभकारी भी हो जाता है कई बार मनुष्य अपनी क्षमताओं को पहचान नहीं

पाता कई बार मनुष्य अपने वास्तविक उद्देश्य को पहचान नहीं पाता तब यह शत्रु

यह विपरीत परिस्थिति ही है जो उसे प्रेरित करती है कि अपने आत्म उद्देश्य को समझ सके

जो उसे प्रेरित करती है कि वह अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सके एक ईश्वर ही है जो सुख

दुख लाभ हानि आशा निराशा में संभाव से मनुष्य के साथ खड़ा होता है इसके अलावा वह

जितने भी मनुष्य है जो तुमसे प्रेम करते हैं जिनसे तुम प्रेम करते हो वह कभी भी

तुम्हारा साथ वैसा नहीं दे सकते जैसा ईश्वर तुम्हारे साथ है लेकिन एक बात है कि

तुम सदा ही भौतिक वस्तुओं के पीछे भागते हो कभी अपने भीतर झाक कर यह जानने का

प्रयास करो कि तुम आखिर कौन हो तुम्हारा वास्तविक उद्देश्य क्या है धन कमाने लोगों

की सेवा करने इन सबसे इतर तुम कुछ और हो

मेरे बच्चे यह विपरीत परिस्थितियां इनसे नफरत नहीं करो इनसे भी प्रेम करो इनकी भी

वास्तविकता को देखो तुम्हारे अनुभव तुम्हारे जीवन के आधार पर तुम्हारे जीवन

में जो परिस्थितियां आई है तुम उनका सामना किस नियत के साथ कैसे करते हो यह तय कर

देता है कि तुम्हारा भविष्य कैसा होगा यदि तुम्ह जीवन में ऐसा कभी महसूस हुआ कि

तुम्हारे दुख की घड़ी में ईश्वर ने तुम्हारा मार्गदर्शन किया है तो वास्तव

में तुम उन शक्तियों के घेरे में ही थे जो शक्तियां तुम्हें आगे ले जाने को प्रेरित

कर रही है एक बार अपने मन से पूरी श्रद्धा से आभार व्यक्त करके देखो तुम तुलना करते

हो उन वस्तुओं से उन परिस्थितियों से उन व्यक्तियों से जिन्ह तुमसे बेहतर प्राप्त

है किंतु य बाहरी दिखावा मात्र है एक छलावा मात्र है तुमसे बेहतर परिस्थिति

नहीं है बस समझने की देवी है यदि मनुष्य के दांत में पीड़ा उत्पन्न हो जाए तो उसकी

जीभ बार-बार वही पहुंचती है उसे लगता है कि यह कष्ट एक बार समाप्त हो जाए तो उसे

जीवन का सुख मिल जाए लेकिन जब वह दुख समाप्त होता है वह पीड़ा ठीक होती है तो

क्या मनुष्य के दुख समाप्त हो जाते हैं नहीं मेरे बच्चे मनुष्य के दुख तो तब

समाप्त होते हैं जब वह स्वयं को पहचान लेता है और वह घड़ी आ गई है जब तुम्हें

स्वयं को पहचानना है क्योंकि तुम विशेष हो तुम्हें समझना है कि तुम अनमोल हो मेरे

बच्चे अभी जो कुछ भी हो रहा है उसे भूल जाओ और लंबी छलांग लगाने की तैयारी करो

क्यों की प्रगति तुम्हें निश्चित तौर पर मिलकर रहेगी प्रकृति तुम्हें थोड़ा

विश्राम दे रही है ताकि तुम लंबी प्रगति के लिए छलांग लगा सको तुम्हारा आध्यात्मिक

जीवन तुम्हारे संबंध और तुम्हारी आर्थिक स्थिति इस माह में फलने फूलने वाले हैं

तुम्हारी समस्याओं का अंत बहुत करीब आ चुका है मेरे बच्चे वह व्यक्ति जिसे तुमने

बेइंतहा प्रेम किया है उसे तुम्हारे प्रेम की कदर होगी वह तुम्हारे प्रेम के मूल्य

को समझेगा वह समझ पाएगा कि तुम्हारा प्रेम उसके लिए अमूल्य है तुम विशेष हो तुम पर

विशेष कृपा है यह बात जल्द ही सब लोग समझ जाएंगे मेरे बच्चे जो मैं तुमसे कह रही

हूं इसे ध्यान पूर्वक सुनना मैंने तुमसे प्रश्न किया है कि क्या मनुष्य को जो

चाहिए जब वह हासिल हो जाता है तो क्या वह सुखी हो जाता है क्या वह संतुष्ट हो जाता

है गहन विचार करो मनुष्य यदि संतुष्ट हो जाए तो उसका जीवन स्वर्ग से भी बेहतर हो

जाता है मेरे बच्चे इस धरती पर स्वर्ग नरक सुख

दुख यह मनुष्य के अपने चुनाव होते हैं परिस्थितियां तो जो घटनी है वह घट कर ही

रहेंगी परिस्थिति के लिए प्रार्थना करना अनावश्यक है है तुम कई बार प्रार्थनाएं

करते हो कि तुम्हारे सामने विपरीत परिस्थिति ही ना आए तुम्हारे सामने कोई

दुख ही ना आए किंतु जीवन एक चक्र है और चक्र वापस पुनः उसी जगह पहुंच जाता है

जहां से उसने प्रारंभ किया था मेरे बच्चे जब मनुष्य का जन्म होता है तो उससे पहले

का उसे कुछ भी ज्ञात नहीं होता जब मनुष्य की मृत्यु हो जाती है तो उसके बाद का उसे

कुछ ज्ञात नहीं होता लेकिन इस बीच के भ्रमण काल में मनुष्य सदैव चिंतित रहता है

वह तरह-तरह की चीजें एकत्र करना चाहता है वह अपने जीवन को बेहतर करने का प्रयत्न

करने लगता है किंतु इन सबके बीच वह अपने जीवन जीना भूल जाता है वह यह भूल जाता है

कि उसके जीवन का समय काल निश्चित है और उसे ज्ञात नहीं कि उसका जीवन का समय काल

कब समाप्त हो जाएगा फिर भी वह सदैव भविष्य की चिंता में ही विलीन रहता है अतीत की

ग्लानि हों में पछताता रहता है अरे तो क्या हुआ तुमसे कुछ भूल हो गया मैं

तुम्हारे साथ हूं मैंने तुम्हें मनुष्य का जन्म दिया है भूल हुई तो जाने दो जो बीता

उसे जाने दो मैं निर्णय करके उस पर तुम्हें कोई कष्ट नहीं देने वाली जब तुमने

पछतावा कर लिया और आगे ऐसी गलती ना करने का विचार कर लिया तो मैं तुम्हें निर्णय

करके विपत्ति क्यों दूंगी ऐसा नहीं होगा मेरे बच्चे मैं सदैव तुम्हारे साथ

रहूंगी मैं तुमसे प्रेम करती हूं तुम्हें मुझसे भयभीत होने की आवश्यकता नहीं तुम

बुरे कर्म करते हो उसके बाद मुझसे भयभीत होते हो तुम्हें भयभीत होने की आवश्यकता

नहीं यदि तुम तुम सम्मान पूर्वक मुझे आदर देकर मेरा विचार करो तो यह जान पाओगे कि

यदि तुमसे कोई भूर हुई है तो तुम उसे पुन ना करो मेरे बच्चे तुम जीत के करीब हो इस

बात को कभी भूलना मत किंतु यह जीत तभी हासिल होती है जब मनुष्य अपनी योग्यता

प्रदर्शित कर देता है मेरे बच्चे धन तुम्हारे जीवन में आ रहा है प्रेम

तुम्हारे जीवन में आ रहा है यह संपूर्ण संसार करुणा से भरा हुआ तुम्हें प्रतीत

होने लगेगा किंतु जब तुम अपने प्रति वैसी ही भावना रखोगे तभी यह तुम्हें हासिल हो

पाएगा यह संसार एक दर्पण है तुम जैसा चाहते हो तुम्हें वैसा ही हासिल होता है

यदि तुम्हें किसी के अंदर कटुता दिख रही है किसी के अंदर शत्रुता दिख रही है तो

निश्चित तौर पर तुम्हारे भीतर वैसे ही गुण विद्यमान है तुम्हें उसे समाप्त करना होगा

यदि किसी के कुछ कह देने मात्र से तुम्हारा जीवन परिवर्तित हो जा रहा है

किसी के कुछ कह देने मात्र से तुम्हें क्रोध आ जा रहा है तो निश्चित तौर पर

तुम्हारे जीवन में कुछ कमियां है तो निश्चित तौर पर तुम भी वैसे ही हो तुम्हें

अभी सुधार की आवश्यकता है मेरे बच्चे तुम जैसा विचार करोगे यह ब्राह्माण तुम्हें

वैसी ही परिस्थितियां उत्पन्न करके देगा उससे विपरीत उससे अलग कोई अन्य परिस्थिति

नहीं आएगी अपनी परिस्थितियों का निर्माण तुम स्वयं करते हो और बाद में यह इल्जाम

तुम मुझ पर लगाते हो हे माता आपने मेरे साथ ऐसा क्यों किया किंतु वास्तविकता तो

यह है कि मैं कभी भी परिस्थितियों का निर्माण नहीं करती मनुष्य के जीवन में आ

रही परिस्थितियां पहले से ही रचित होती है किंतु उन परिस्थितियों में वह कैसा

व्यवहार करेगा या उसके कर्मों को निर्धार करता है और तुम्हें सदैव अपने कर्म सही

रखने हैं जब मैं कर्म सही रखने की बात कर रही हूं इसका अर्थ यह है कि तुम्हें कभी भी

ऐसा कार्य नहीं करना है जिस पर तुम्हें बाद में गलानी हो तुमने जो किया उसकी पूरी

जिम्मेदारी उठाओ जब तुम जिम्मेदारी उठाते हो और अहंकार के भाव को त्याग कर देते हो

तो मैं तुम्हारे आसपास सर्वत्र विद्यमान हो जाती हूं तब मैं तुम्हारे कर्मों का

आकलन नहीं कर रही होती तब मैं तुम्हारा सहयोगी बनकर तुम्हारा साथ दे रही होती हूं

तब मैं तुम्हारे विचार बनकर प्रकट हो रही होती हूं तब मैं क्रिया बनकर तुम में ही

बस जाती हूं मेरे बच्चे तुम्हें अपने भीतर झांकना है तुम्हें अपने जीवन के मूल्य को

समझना है क्योंकि जीत तुम्हें मिलने वाली है क्योंकि धन की वर्षा तुम पर होने वाली

है क्योंकि तुम्हें वह सब हासिल होने वाला है जिसे तुम पाना चाहते थे वह सब तुम्हारे

बहुत करीब है लेकिन तुम्हें अपनी योग्यता प्रदर्शित करनी होगी तुम्हें पुष्टि करनी

होगी तुम्हें दर्शा होगा कि तुम उसे पाने के लिए पूरी तरह से योग्य हो अपने मन वचन

वाणी कर्म इन सब से तुम्हें यह प्रदर्शित करना होगा कि तुम पूरी तरह से जीत को

हासिल करने के योग्य हो कि तुम पूरी तरह से आगे बढ़ने को लंबी छलांग लगाने को

प्रगति को महसूस करने के योग्य हो मेरे बच्चे यह सारा संसार तुम्हें वैसा ही

दिखाई देगा जैसा तुम्हारे भीतर चल रहा हो यदि तुम भय से लिप्त हो तो तुम्हें

तरह-तरह के भय आते रहेंगे यदि तुम क्रोध से लिप्त हो तो निश्चित तौर पर क्रोध के

मौके तुम्हें मिलते रहेंगे मेरे बच्चे क्रोध मनुष्य की वह गति

है जो सबके समक्ष प्रदर्शित नहीं होती और तुम भी इससे अछूते नहीं हो क्या तुमने कभी

विचार किया कि तुम्हारा क्रोध हमेशा तुमसे कमजोर व्यक्ति के के समक्ष ही क्यों

उपस्थित होता है उस व्यक्ति के समक्ष तुम क्रोध क्यों नहीं करते जो तुमसे ज्यादा

ताकतवर हो कभी तुमने इसका विचार किया कि क्रोध एक ऐसी भावना है जो तुम अपने से

कमजोर व्यक्ति को दबाने के लिए ही प्रदर्शित करते हो यह दो चेहरे लेकर के

तुम अध्यात्म के मार्ग पर आगे कैसे बढ़ो तुम्हें इसका त्याग करना होगा मेरे बच्चे

तुमने अध्यात्म के मार्ग का चुनाव तो कर लिया है लेकिन क्या अध्यात्म तुम्हें वह

सब प्रदान करेगा जो तुम प्राप्त करना चाहते हो यदि वास्तव में तुम उसे प्राप्त

करना चाहते हो तो तुम्हें दूसरों के समक्ष मुखौटे नहीं पहनने होंगे तुम्हें अपने

वास्तविक स्वरूप को समझना होगा अपने संसार में अपने जीवन में अपने समाज में तुमने

अपने चेहरे पर इतने मुखोटे दा कि तुम यह समझ ही नहीं पाए कि वास्तव में

तुम कौन हो लेकिन मेरे बच्चे मैं बेहतर तौर पर जानती हूं कि तुम्हारे भीतर एक

सच्चा मनुष्य विद्यमान है तुम प्रेम के सागर हो तुम करुणा के सागर हो तुम्हारे

भीतर करुणा है प्रेम है तुम्हारे भीतर महत्वाकांक्षा है मैं यह बात जानती हूं

किंतु उससे भी ज्यादा तुम्हारे भीतर ममता है प्रेम है करुणा है लेकिन तुम्हें समझना

होगा तुम इस संसार में नफरत बांटने या नफरत करने क्रोध करने ईर्ष करने द्वेष

करने जलन करने नहीं आए हो तुमने तो सदा ही सबका भला चाहा है फिर परिस्थितियां ऐसी

क्यों उत्पन्न हुई कि तुम्हारे भीतर इस प्रकार के दोष जन्म लेने लगे तुम बरों से

युक्त रहे हो तुम बुरी रहे हो फिर ऐसा क्यों हुआ मेरे बच्चे इसका विचार करो तुम

अब जीतने वाले हो और जब मनुष्य जीतने वाला होता है तो उससे पहले उसकी पुष्टि करना

आवश्यक हो जाता है क्योंकि जब किसी को अत्यधिक मात्रा में कुछ प्रदान करना होता

है तो ब्रह्मांड का यह नियम है उससे पहले मनुष्य की आखिरी जांच की जाती है कि क्या

वास्तव में वह इसे प्राप्त करने के योग्य है भी या नहीं कि कहीं ऐसा ना हो कि वह

मनुष्य तानाशा हो जाए कि वह मनुष्य दूसरों पर अपनी आकांक्षाएं ठोकने लगे वह मनुष्य

दूसरों को दबाकर अहंकार से युक्त हो जाए इस ब्रह्मांड में बहुत से ऐसे मनुष्य हुए

जिनको सब कुछ प्रदान करने के बाद वह अहंकार से युक्त हो गए कोई उसम पूरी तरह

से नकारात्मक हो गया तो किसी ने अन्य समान को भी नकारात्मक कर दिया क्योंकि जब

मनुष्य के पास धन प्रभाव और शक्ति पहुंचती है तो वास्तव में उसका प्रभाव इतना बढ़

जाता है कि लोग उसके आभामंडल के तहत उसके जैसा बनने का प्रयत्न करते हैं और यदि

तुम्हें यह सब प्रदान कर दिया जाए तो तुम भी बहुत से लोग लोगों को प्रभावित करोगे

इसलिए उससे पहले एक आखरी पुष्टि आवश्यक होती है

मेरे बच्चे यदि तुम अपने जीवन में वास्तव में खुशियों को आकर्षित करना चाहते हो

अपने दुखों को समाप्त करना चाहते हो तो तुम्हें अपने भीतर के अहंकार को पूरी तरह

से समाप्त करना होगा अपने भीतर प्रेम की भावना को सदा सदा के लिए बढ़ाना होगा मेरे

बच्चे तुम्हें पुष्टि कर होगी अपने जीत की तुम्हें पुष्टि करनी होगी अपने सौंदर्य का

की तुम्हें पुष्टि करनी होगी अपने मन के शुद्धता की तुम्हें पुष्टि करनी होगी इस

जीत को हासिल करने की इसके लिए तुम्हें संख्या लिखना होगा साथ ही यह भी लिखना होगा

कि हां मैं पुष्टि करता हूं मैं जीत को आकर्षित करने की पुष्टि करता हूं मेरे

बच्चे ऐसा करते ही जीत निश्चित तौर पर तुम्हें मिलने वाली है इन सबके बीच एक बात

सदा याद रखना कि परिस्थिति चाहे जैसी भी हो चाहे तुम्हारे विपरीत रही हो चाहे

तुम्हारे अनुकूल रही हो चाहे यह पूरा संसार तुम्हारे खिलाफ ही क्यों ना हो जाए

लेकिन मैं सदैव तुम्हारे साथ हूं मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है और आने

वाले समय में तुम्हारे जीवन में एक बहुत बड़ी घटना घटने वाली है उसके लिए तैयार

रहना मैं उन संकेतो को तुम तक अवश्य पहुंचा हंगी मेरे आने वाले संदेशों की

प्रतीक्षा करना क्योंकि उसमें तुम यह जान पाओगे कि तुम्हारे भविष्य में ऐसा क्या

घटने वाला है जो जानना तुम्हारे लिए अत्यंत आवश्यक है सदा सुखी रहो खुशियां

बांटो और खुश रहो प्रेम करुणा को ही अपना आधार मानो क्योंकि तुम इसी से निर्मित हुए

हो तुम्हारा कल्याण होगा जय हो माता रानी हर हर

महादेव मेरे बच्चे तुम एक आदर्श पुण्य आत्मा हो और यह संदेश आज के दिन तुम तक

पहुंचा है तो इसका अर्थ यह है कि तुम्हारी मनोकामना अब शीघ्र ही पूर्ण होने वाली है

मेरे बच्चे व्यक्ति की गति स्थिति और परिस्थिति कब बदल जाए यह संसार में कोई भी

नहीं जान सकता है एक ऐसा व्यक्ति जो कभी राजा की तरह महलों में रहा हो वह कब सूखी

रोटी खाकर अपना जीवन यापन किसी झोपड़े में करने लगे यह कोई भी नहीं जान सकता क्योंकि

हर एक जीव की गति और परिस्थिति को इस संसार में कोई और है जो देख रहा है वो जो

सबका मालिक है यदि आज तुम कष्ट में हो तो भयभीत ना हो कोई है जो निरंतर तुम्हें देख

के मुस्कुरा रहा है और यह सोच रहा है कि तुम कितने धैर्यवान

हो वह तुम्हारी माता व्याकुल होकर तुम्हे अपनी गोद में बैठाकर दुलार करती है परंतु

वह तो मैं इस सृष्टि में भी श्रेष्ठ पद और सम्मान दिलवाना चाहती है क्योंकि तुम उसके

हकदार हो मेरे बच्चे स्वर्गलोक में बैठे तुम्हारे अभिभावक देवदूत भी तुम्ह देखकर

मुस्कुरा रहे हैं व तुम्हे बताना चाहते हैं कि तुम्हारे लिए उच्चतम प्रणाली के

द्वार अब खुल चुके हैं क्योंकि तुम प्रतिदिन भले ही छोटा किंतु आध्यात्मिक

अभ्यास निरंतर कर रहे हो मेरे बच्चे आज मैं तुम्हें अत्यंत रहस्यमय बात बताने जा

रही हूं जो तुम्हारे जीवन से पूरी तरह से जुड़ी है मेरे बच्चे मुझे ज्ञात है

तुम्हारा मन निर्मल जल की तरह स्वच्छ है तुम अब भौतिक वस्तुओं की उतनी लालसा नहीं

करते हो जितना कि शांति तुम्हें अपने जीवन में चाहिए क्योंकि तुम्हें तो उस अलौकिक

रत्न की लगन लग गई है जिसका कभी विनाश नहीं होता विश्वास करो जिसकी कल्पना तुम

मस्तिष्क पटल पर कर रहे हो वह तुम्हें निश्चित तौर पर मिलकर रहेगा चाहे वह लौकिक

हो या फिर अलौकिक लेकिन कभी यह मत सोचना यह सब कैसे कब और किस समय होगा बस विश्वास

करना यदि तुम्हारी भावना सच्ची है तो सब कुछ तुम्हें मिलकर

रहेगा मेरे बच्चे अब मैं तुम्हें जो कहने जा रही हूं इसे ध्यान पूर्वक सुनो और अपने

मन में धारण कर लो ईश्वर के लिए जो बच्चे अत्यधिक प्रिय होते हैं वह उन्हें इस

सृष्टि में तभी भेजते हैं जब उन्हें अपना कोई विशेष कार्य करवाना होता है जिनके

द्वारा परमात्मा अपना कार्य करवाना चाहते हैं उन्हें ही सारा श्रेय भी देना चाहते

हैं जिस प्रकार एक माता अपने बच्चे के साथ बैठकर उसका हाथ पकड़कर उससे चित्रकारी

करवाती है और फिर सारा श्रेय उसे देकर प्रसन्न होती है यह तो मेरे बालक ने किया

है ऐसे ही तुम्हारी माता अपनी प्रिय संतानों से जगत के कई सारे महत्वपूर्ण

कार्य उसका हाथ पकड़कर करवाती है और फिर अंत सारा श्रेय उन्हें ही बांट देती है

तुम उन्ही संतानों में से एक हो लेकिन सामाजिक दृष्टि में ऐसे लोग साधारण से भी

अधिक साधारण दिखाई पड़ जाते हैं क्योंकि ऐसे लोगों के जीवन में सर्वप्रथम इतने

कष्ट और विपत्तियां आती है कि उन्हें स्वयं ऐसा लगता है कि वह दुर्भाग्य को

लेकर पैदा हुए हैं संपूर्ण समाज उन्हें गरीब दीन हीन और कमजोर मान बैठता है ऐसा

करके भी माता उसे यह दिखाना चाहती है कि वास्तव में इस संसार में कौन उसका मित्र

है और कौन शत्रु कौन है जो केवल धन या

ज्ञान के कारण उसके साथ रहता है और कौन है जिसके हृदय में वास्तव में उसके लिए सच्चा

प्रेम है फिर कुछ ऐसा हो है कि उस व्यक्ति का जीवन क्षण भर में ही बदल जाता है एक

ऐसा चमत्कार होता है कि वह फर्श से अर्श तक पहुंच जाता है और लोग कहते रह जाते हैं

कि देखो कैसे यह कमजोर व्यक्ति इतना मजबूत हो गया यह भूखे पेट सोने वाला आज कैसे

दूसरों को खिलाने वाला बन गया कैसे लोगों से मांगने वाला आज सबसे बड़ा दानी बन गया

मेरे बच्चे हीरा कोयले की खान में ही मिलता है सूर्य का महत्व वही जानता है

जिसने अंधकार को झेला हो जिसने अंधकार को महसूस किया हो तुम्हें जो धन का भाव

शारीरिक मानसिक सामाजिक कष्ट मिले हैं उसका भी यही कारण है मेरे बच्चे ईश्वर का

मार्गदर्शन तुम्हें निश्चित तौर पर मिलता रहा है और इस चैनल के माध्यम से तुम्हें

निरंतर मिल रहा है इस संदेश को अवश्य लाइक करो और अपनी पुष्टि जाहिर करो कि तुम

मजबूती की ओर बढ़ना चाहते हो तुम नई जिम्मेदारियों के साथ खुशी का अनुभव कर

रहे हो क्योंकि यह जिम्मेदारियां केवल तुम्हें मजबूत बनाने के लिए नहीं आई है

बल्कि इन जिम्मेदारियों के साथ तुम्हारे जीवन में असीम प्रेम धन उत्साह ऊर्जा और

मधुर संबंध मिलने वाले मेरे बच्चे तुम्हारे प्रसन्नता की चाबी अब

तुम्हारे हाथों में प्रदान की जा रही है यही सर्वश्रेष्ठ समय है जब तुम्हें यह

चाबी प्रदान कर दी जाए और तुम्हारे चेहरे पर अनंत मुस्कान लहरा दी जाए क्योंकि तुम

वास्तव में इसके हकदार र हो मेरे बच्चे इस चाबी को पाने के लिए भाग्यशाली अंक

अवश्य लिखें और अपनी इच्छा जाहिर करो तुम्हारे आभा मंडल का विस्तार हो चुका है

यह तुम्हें शीघ्र ही पता लग जाएगा मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदैव

तुम्हारे साथ है तुम्हारा कल्याण हो जय हो माता रानी हर हर

महादेव मेरे बच्चे यह संदेश तुम्हें भेजकर मुझे बड़ी खुशी हो रही है क्योंकि तुम उसे

जब प्राप्त करोगे तब तुम्हारा मन प्रसन्न हो होने लगेगा क्योंकि मैं तुम्हें वह

भेजने जा रही हूं जो तुम्हें प्रसन्नता प्रदान करेगी मेरे बच्चे अब समय आ गया है

तुम्हारी सभी समस्याओं के एक एक कर समाप्त होने का मैं तुमसे बड़ी खुश हूं क्योंकि

तुम अपने बाहरी वातावरण पर नहीं बल्कि अपने भीतरी मन मस्तिष्क भीतरी वातावरण पर

कार्य कर रहे हो तुम अब जागरूक हो रहे हो अपनी आंतरिक आवाज के प्रति इसलिए तुम इस

वक्त विश्वास से भर रहे हो और वह देख रहे हो जो दूसरों के लिए देखना असंभव है

अदृश्य है मेरे बच्चे ऐसा इसलिए संभव है

क्योंकि अब तुम्हारे साथ चक्र पर ऊर्जा का संचार हो रहा है और तुम धीरे धीरे अब उस

द्वार में प्रवेश कर रहे हो जहां व्यक्ति मात्र सूक्ष्म शरीर से ही प्रवेश पा सकता

है मेरे बच्चे तुम बहुत जल्द नई ऊर्जा के अनुभव को महसूस कर पाओगे तुम्हारी बहुत

बड़ी इच्छा पूरी होगी और तुम अपने जीवन की सर्वाधिक खुशी को महसूस करने में सक्षम हो

पाओगे यदि तुम किसी बड़ी इच्छा के पूरे होने की प्रतीक्षा कर रहे हो तो अभी

भाग्यशाली अंक अवश्य लिखो और इस बात की पुष्टि

करो मेरे बच्चे जब तुम इस संदेश को प्राप्त करोगे तो तुम्हारे जीवन में

विभिन्न प्रकार की अद्भुत आध्या घटनाएं हो रही होंगी अगले दो दिनों के भीतर ही

तुम्हारे सपने में या सुसुप्त की अवस्था में तुम्हे एक अनुभव होगा मेरे बच्चे उसे

स्वप्न मत समझना क्योंकि वह तुम्हारा प्रत्यक्ष अनुभव है जिसे तुम दूसरे आयाम

में महसूस करोगे और तुम आने वाले समय में और भी अद्भुत अनुभवों से भरने वाले हो

मेरे बच्चे कई बार व्यक्ति जीवन में हो रही घटनाओं के चलते स्वयं को असफल घोषित

कर निराशा से भर लेता है या फिर असफलताओं को देखते देख देखते वो यह स्वीकार कर लेता

है कि अब वह कभी भी सफल नहीं हो सकता है लेकिन ऐसा नहीं है मेरे बच्चे जो हार के

समय हिम्मत नहीं हारता वास्तव में विजय होने का दम भी वही रखता है वास्तव में वही

इतिहास रखता है मेरे बच्चे तुम्हारी सबसे बड़ी भूल यह है कि तुम सभी की ही भावनाओं

की कद्र करते हो किंतु तुम्हें क्या चाहिए तुम इसे ही भूल बैठते हो तुम स्वयं को वह

मान लेते हो जो लोग तुम्हें बताते हैं और वह भूल जाते हो जो श् ने तुम्हे बताया है

ईश्वर ने तुम्हे बनाया है तुम दूसरों की काबिलियत देखते हो लेकिन जो हुनर तुम्हारे

पास है जो कला जो कौशल तुम्हारे पास है जो तुम्हें जन्म जात मिली है जिसका तुमने

विकास किया है तुम उसे भूल जाते हो जब तक कोई व्यक्ति खुद का सम्मान नहीं करता तब

तक कोई भी उसे सम्मानित नहीं कर सकता जब मनुष्य अपने

किसी दूसरे को बड़ा मान बैठता है तो उसका सूर्य ग्रह कमजोर हो जाता है मेरे बच्चे

यदि तुम किसी को वही दे सकते हो जो तुम्हारे पास है तो फिर यदि तुम निराशा से

भरे हुए होगे तो इस ब्रह्मांड को क्या लौटा होगे केवल दुख और निराशा ही इसलिए

मेरे बच्चे कभी भी निराश ना हो तुम जैसा सोचते हो ठीक वैसे ही बनते चले जाते हो

इसलिए स्वयं के लिए अच्छा और बड़ा सोचो तुम्हारे पास कुछ अद्भुत आ रहा है अपने आप

को ग्रहण शल ऊर्जा में लेकर के आओ क्योंकि अब ब्रह्मांड तुम्हें देना शुरू कर रहा है

और जब ब्रह्मांड देना शुरू करता है तब वह गिनती नहीं गिनता क्या तुम ब्रह्मांड के

उपहारों से अपने हाथ भरने को पूरी तरह से तैयार हो यदि हां तो अभी इसकी पुष्टि करो

इसके लिए अभी तुम इस अंक को अवश्य लिखो साथ ही यह भी लिखो कि तुम ब्रह्मांड

का दिया उपहार स्वीकार करने को पूरी तरह से तैयार हो तुम इसे ज्यादा से ज्यादा बार

लिखो मेरे बच्चे तुम्हें यदि कुछ पाना है तो उसके लिए समय देना होगा ब्रह्मांड से

जो तुम पाना चाहते हो तो सर्वप्रथम तुम्हें कुछ देना होगा तुम अपना समय अपना

सम्मान अपना प्रेम देना प्रारंभ करो मेरे बच्चे अभी इस संदेश के कमेंट बॉक्स में

तुम इस बात को अवश्य लिखो कि तुम चाहते हो आगे बढ़ना तुम ज्यादा से ज्यादा इस बात को

लिखो और अपने मन में यह बात दोहरा कि मैं तैयार हूं ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जा

को ग्रहण करने के लिए मैं ईश्वर का बनाया हुआ सर्वश्रेष्ठ रचना हूं मुझे ईश्वर ने

बहुत प्रेम से बनाया है इसलिए मेरा यह अधिकार है कि मैं सभी अच्छी चीजों को

ग्रहण करूं मेरा जीवन सुख समृद्धि संपन्नता खुशहाली और धन की अधिकता से भर

जाए मुझे जो चाहिए वह सकारात्मक रूप में बिना किसी दबाव के मुझे मिलता रहे मेरे

हाथों में इतनी ताकत मिले कि मैं दूसरों का उद्धार कर सकूं और अपने जीवन को बेहतर

से भी बेहतरीन बना सकू मेरे बच्चे जब तुम अपने मन में इस

प्रकार की बातें बोलोगे तो तुम्हारा जीवन निश्चित तौर पर बेहतर होगा क्योंकि अब तुम

ग्रहण करने की ऊर्जा में आ चुके हो अब तुम्हारा जीवन बदल रहा है अब तुम्हारे

जीवन से दुखों का अंत तो हो रहा है लेकिन तुम्हें इसके लिए तैयार होना होगा क्योंकि

कहीं ऐसा ना हो कि उपहार मिले और तुम अपनी आंखें बंद करके बैठ जाओ इसलिए सचेत रहो

अपनी आंखें खोल कर रखो तुम्हारे जीवन में परिवर्तन किसी भी क्षण हो सकता है यह

परिवर्तन का दौर है परिवर्तन का दौर तब सक्रिय होता है जब मनुष्य सकारात्मक भाव

से निरता की ओर बढ़ता रहे जब मनुष्य को यह भय ना हो कि आगे क्या होगा क्योंकि वह

अपना सब कुछ कुछ ईश्वर के हाथों में छोड़ देता है उसे लगता है जो भी होगा उसे देख

लिया जाएगा क्योंकि ईश्वर हमारे साथ है इसलिए हमारी प्रगति सुनिश्चित

है मेरे बच्चे तुम्हें ऐसा विचार अपने मन में लाना होगा जब तुम इस प्रकार के विचार

अपने मन में लाते तो तुम्हारी सुख समृद्धि संपन्नता स्वयं बढ़ने लगती है तुम्हारा

जीवन खुशियों से भरने लगता है तुम्हारे जीवन से सभी कष्ट दुख दूर हो जाते

हैं मेरे बच्चे अब समय आ चुका है जीवन को गतिशील बनाने का प्रगतिशील बनाने का वह

प्राप्त करने का जो प्राप्त करने की तुम में क्षमता है वह प्राप्त करने का जो

प्राप्त करने के तुम योग्य हो मेरे बच्चे एक बात याद रखना चाहे परिस्थिति कैसी भी

हो चाहे सुख हो चाहे दुख हो चाहे कितने ही कष्ट क्यों ना आ जाए तुम कभी भी अकेले

नहीं रहोगे मेरा आशीर्वाद सदैव विभिन्न रूपों में तुम्हारे साथ रहेगा तुम्हे याद

है पिछले कुछ दिनों में तुम्हारे जीवन में विभिन्न प्रकार के अनुभव तुम्हे होते आए

हैं कई बार तुम उत्साह से भरे हो तो कई बार निराशा के बोझ तले दब गए हो कई बार

तुम्हे ऐसा लगा कि तुम्हारा जीवन व्यर्थ है तो कई बार तुम कोई ना कोई उम्मीद

ढूंढते नजर आए लेकिन हर क्षण हर घड़ी में तुम पर नजर रखे हुए थी तुम्हारी

गतिविधियों का आकलन निरंतर किए जा रही थी मेरे बच्चे अब वह समय बहुत नजदीक है जिस

समय की तुमने सदा ही कल्पना की थी जिस प्रकार का जीवन जीने की तुम इच्छा करते आए

हो जिस प्रकार का जीवन जीने की तुम कल्पना करते आए हो उसके प्रति तुम्हारा प्रयास

पूर्ण नहीं है मेरे बच्चे मुझे ज्ञात है कि तुम्हारी कल्पनाएं बड़ी है किंतु

तुम्हारा प्रयास सर्वश्रेष्ठ नहीं है क्योंकि तुम्हे वह मार्ग नजर ही नहीं आ

रहा जो तुम्हें तुम्हारे उस सक्रिय जीवन की तरफ लेकर जाए मेरे बच्चे मैंने तुम्ह

बहुत बार वह मार्ग सुझाया है लेकिन स्वयं पर संदेह के चते तुम वो कदम उठा नहीं पा

रहे जिसकी वजह से तुम्हे वह खुशहाली भरा जीवन मिल सके लेकिन मेरे बच्चे अब मैं

स्वयं ही तुम्हारे जीवन में ऐसे लोगों को भेज रही हूं जो तुम्हें उन संकेतों को

समझाने में तुम्हारी सहायता करें तुम्हारे मार्ग को आसान बनाए तुम्हारे जीवन में आ

रही समस्याओं का अंत करें मेरे बच्चे तुम्हे मजबूत होना होगा और हर परिस्थिति

में हिम्मत से कार्य करना होगा जब कोई तुम्हें दबाना चाहे तो कभी भी दबना मत

क्योंकि तुम पर मेरा हाथ है और तुम्हारी विजय को मैं अपने हाथों से लिख रही हूं

मेरे बच्चे प्रकृति ने यह रचना कर दी है तुम्हारी विजय सुनिश्चित हो चुकी है इसलिए

अपने भीतर बसे सभी प्रकार के भय निकाल दो अपने भीतर आ रहे सभी संदे हों को समाप्त

कर दो त्याग दो मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है तुम्हारा कल्याण हो जय हो

माता रानी हर हर महादेव मेरे बच्चे कोई है जो हर घड़ी हर

पल तुम पर अपनी नजर रख रहा है तुम्हारे भविष्य से जुड़ा यह बात आज जान लो जो कोई

नहीं बताएगा यह महा परिवर्तन महा विनाशकारी तूफान उनके लिए बहुत ही अच्छा

अच्छा साबित होने वाला है मेरे बच्चे जो सत्य के साथ है एक बहुत बड़ा महापरिवर्तन

आने वाला है आज तुम यहां आए नहीं हो बल्कि तुम्हें यहां तक लाया गया है क्योंकि जब

घी सीधी उंगली से नहीं निकलता तो प्रकृति अपनी उंगली टेरी करती है और बड़े बड़े को

सीधा कर देती है अब न्याय होकर रहेगा जो तुम चाहते थे उसे कोई रोक नहीं पाएगा इस

महा परिवर्तन को आज और आने वाले दो माह तक यह ऊर्जा चरम पर होगी और हम सभी एक महान

परिवर्तन से होकर गुजरेंगे मां काली कहती है मेरे बच्चे

क्या तुम तैयार हो इस दिव्य ऊर्जा को स्वीकृति देने के लिए अंक लिखे तुम

ग्रहण करने की ऊर्जा में अब आ चुके हो क्योंकि अब वह सब तुम्हें मिलकर रहेगा जो

तुम्हारे लिए लिखा गया है यह सब कुछ तुम्हारे पास आएगा जिसके लिए तुमने

प्रतीक्षा की है तुम्हारी वह सभी योजनाएं सफल होंगी जिसके लिए तुमने परीक्षण की

अपने जीवन में होने जा रही यह दिव्य चमत्कार के लिए तुम्हें तैयार स्वयं को

करना चाहिए क्योंकि अब वह होगा जो तुम्हारे रोंगटे खड़ी कर देगा मेरे बच्चे

तुम्हारे जीवन में कुछ बहुत बड़ा होने जा रहा है यह तुम्हारे कर्मों का ही फल है

जिसने तुम्हारे भाग्य को जगाने का कार्य किया है जो तुम्हारा है वह तुम्हारे पास आ

रहा है जो तुम्हारे लिए है वह तुम्हारे जीवन में आ रहा है बदलाव को अपनी सवारी

बनाए तुम्हारे जीवन को बदलने वह आ रहा है वह कुछ इस तरह आएगा तुम्हारे जीवन में कि

तुम चकित रह जाओगे तुम्हें कुछ सोचने का समय भी नहीं मिलेगा जैसे जब पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती

है तो दिन रात में और रात दिन में बदल जाता है ऐसे ही तुम्हारे जीवन में कुछ ऐसा

घटित होगा कि तुम्हारी स्थिति पूर्ण रूप से परिवर्तित हो जाएंगी तुम्हारी सभी

प्रार्थनाएं स्वीकार हो रही है तुम्हारी ऊर्जा वायु को शुद्ध कर रही है और

तुम्हारी दिव्य शक्ति आज्ञा चक्र पर घूम रही है

मेरे बच्चे तुम्हें प्रतिदिन अपने आज्ञा चक्र पर सनसनाहट महसूस होने लगी है मैं

देख रही हूं तुम समर्पण की भावना को स्वीकार कर रहे हो यही तुम्हारी कामयाबी

का बीज बनने वाला है यदि आप भी ईश्वर से प्रेम करते हैं तो लिखें और दिव्य

संदेश को अवश्य ही लाइक करें मेरे बच्चे कई बार तुम्हारे जीवन में कुछ घटना ना ऐसी

होती है जो तत्काल हमें बहुत ही पीड़ा देती है हम उसका उद्देश्य नहीं जान पाते

और सबको अपना शत्रु मान लेते हैं जैसे एक शिशु को अनेकों बीमारियों से

बचाने के लिए एक एक इंजेक्शन उसे दिया जाता है उसकी कोमल त्वचा पर भयंकर निशान

बनते हैं उसे बहुत पीड़ा सहनी पड़ती है शिशु सप्ताह भर पीड़ा से व्याकुल रहता फिर

भी की मां उसे दूसरे एक इंजेक्शन के लिए दोबारा ले जाती है शिशु मां को शत्रु

समझेगा फिर भी माता उसे बीमारियों से बचाने के लिए और मजबूत बनाने के लिए सारे

इंजेक्शन उसे देती है क्योंकि वह जानती है जिस दिन यह समझदार होकर बड़ा हो जाएगा तो

समझ पाएगा कि उसकी मां ने उसकी प्राण की रक्षा की है यदि आपको अपनी माता पर

विश्वास है तो इस दिव्य संदेश को अवश्य से ही लाइक करें इस प्रकार समस्त सृष्टि की माता यानी

कि हमारी प्रकृति अपने प्रिय संतानों को अधिक मजबूत बनाने के लिए और नकारात्मक

ऊर्जा के प्रभाव से बचाने के लिए उनके प्राण भावित जीवन में कष्टकारी परिस्थिति

को उत्पन्न करती है ताकि वह भविष्य में हर परिस्थिति से लड़ सके यदि आप अपने माता के

वह योद्धा है तो अंक अवश्य लिखे

क्योंकि तुम ही आवश्यक पड़ने पर समाज को बदल भी सकते हो तुम्हें केवल मुझ पर और

स्वयं पर विश्वास करने की आवश्यकता है जिसके जीवन में कभी कोई कष्ट नहीं आया या

समस्या नहीं आया इसका अर्थ है उसने कभी कुछ नया सीखने का प्रयास जीवन में किया ही

नहीं अब तुम ही बताओ क्या संपूर्ण सृष्टि की माता हमारा अहित

चाहेंगी मेरे बच्चे यदि तुम्हारे जीवन में अधिक विपत्ति आती है तो तुम प्रसन्न हो

जाओ कोई है जो हर घड़ी हर क्षण तुम्हें अत्यधिक मजबूत बना रहा है तुम्हें देख रहा

है तुम कितने भाग्यशाली हो जो परमात्मा तुमसे इतना प्रेम करते हैं भाग्यशाली अंक

लिखे और कहे अपनी माता से प्रेम मैं बहुत करता

मैं उनके प्रेम में भीख रहा हूं क्योंकि मेरी माता मुझसे कुछ विशेष करवाना चाहती

है मेरे बच्चे जो विशेष होते हैं उनका जीवन साधारण कैसे हो सकता है तुम्हारा

लक्ष्य और लक्ष्य तक जाने का मार्ग स्वयं तुम्हारी माता द्वारा निर्धारित किया जा

रहा है इसलिए कहो मैं अपनी माता का हृदय से आभारी हूं मैं प्रतिदिन अपने लक्ष्य की

ओर बढ़ रहा मेरी हर योजना सफल हो रही है यदि आप मानते

हैं तो अवश्य लिखें मेरे बच्चे तुम सब कुछ सही कर रहे

हो अब तुम्हारा हृदय रूटी कमर खिल उठा है अनाहत चक्र प्रेम से ऊर्जा ला रहा है वही

ऊर्जा तो तुम्हारे शरीर में संचार हो रही है जो तुम्हें नवीन उत्साह की प्रेरणा कर

रही है मेरे बच्चे महसूस करो छाती के दाई

तरफ जहां हृदय रूपी कमर विराजमान है वहां आध्यात्मिक ऊर्जा से वह कमल खिल उठा है

जिसके फल स्वरूप तुम्हारा मस्तिष्क चमकने लगा है मेरे बच्चे तुम प्रकृति रूप से

आकर्षण का केंद्र बन गए हो जिस प्रकार निर्मल नदी के जल की ओर सभी आकर्षित होते

हैं निर्मल नदी स्वच्छ रूप से सबको प्रेम देती है अपने चार चारों ओर से सकारात्मक

ऊर्जा का संचार के करने के लिए लिखे जय हो माता रानी इस निर्मल नदी के प्रभाव से एक

स्वच्छ पवित्र पुण्य आत्मा अपने हृदय की ऊर्जा से संपूर्ण वातावरण को शुद्ध पवित्र

और ऊर्जावान करती है जैसे धरती के केंद्र में चुंबकीय आकर्षण सभी रत्नों को अपनी ओर

खींच लेता है उसी प्रकार एक आध्यात्मिक व्यक्ति अपने आकर्षण से सभी दिव्य

शक्तियों को अपनी ओर बिना चाहे आकर्षित कर लेता है यह तुम्हारी इसी यात्रा का अद्भुत

फल है तुम देखोगे शीघ्र ही तुम्हें नीचा दिखाने वाले स्वयं नीचे गिरेंगे बिना

मांगे ही तुम्हारे मन की वस्तुएं तुम्हें मिल जाएंगी क्योंकि तुम आकर्षण का केंद्र

हो यदि आप चाहते हैं आपकी माता का सच्चा मार्गदर्शन आप तक पहुंचता रहे तो चैनल को

अवश्य ही सब्सक्राइब कर ले मेरे बच्चे जो तुम्हारी आलोचना करते हैं तुम्हें नीचा

दिखाते हैं वह स्वयं नीचे गिरेंगे किंतु तुम्हारी यह यात्रा यहां समाप्त नहीं होती

है तुम्हें तो कुछ प्रेम ऊर्जा में अभी डूबना बाकी है जिसमें डूबने से माता

व्यक्ति के अधीन हो जाती है ईश्वर का अंश और ईश्वर के बीच का भेद मिट जाता है मेरे

बच्चे अपनी ऊर्जा के वास्तविकता को अनुभव करो और आनंदित हो जाओ लिखे और कहे मैं

और मेरा परिवार मेरी मां के दिव्य सुरक्षा कवच में है समय स्वयं करवट लेगा और

तुम्हारी गाया को पलट कर रख देगा लोग देखते रह जाएंगे तुम क्या थे और क्या हो

गए हो मेरे बच्चे तुम मेरे हृदय में बैठ गए हो तुम हर जगह ईश्वर को देख रहे हो

स्वयं को तैयार कर लो उस जादुई दिव्य ऊर्जा से जुड़ने के लिए जो तुम्हारा नाम

सबसे ऊपर लिख देगा क्या तुम तैयार हो मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है तुम्हारा

कल्याण हो जय हो माता रानी हर हर महादेव मेरे बच्चे तुम अपने आत्मा की आवाज

को सुनना शुरू करो क्योंकि य है जो इस कोलाह समय तुम्हें सही सलाह दे सकता है

मेरे बच्चे तुम यह संदेश किसी सहयोग वश नहीं पढ़ रहे हो बल्कि तुम्हारे ही

प्रश्नों के उत्तर स्वरूप यह संदेश तुम्हें आज प्राप्त हुआ है यदि तुम इस

वक्त उलझन में फसे हुए हो और सही मार्गदर्शन की प्रतीक्षा में हो तो

निश्चित तौर पर यह संदेश तुम्हारे लिए ही आया है मेरे बच्चे अपनी माता पर विश्वास

करते हैं तो भाग्यशाली अंक लिखकर जय हो माता रानी लिख

दीजिए मेरे बच्चे तुम इस समय इतना चिंतित क्यों हो रहे हो जबकि तुम जानते हो कि

वास्तव में सही क्या है तुम्हारा हृदय तुम्हें बारंबार सही सलाह दे रहा है लेकिन

तुम अपने ही हट में उलझे हुए हो मेरे बच्चे जरा रुक को और अपने मन की पुकार को

सुनो तुम्हें तत्काल ही आराम और सहार की अनुभूति होगी आज के इस दिव्य संदेश को

तुम्हें ना केवल सुनना है बल्कि इसे लाइक भी करना है मेरे बच्चे अभी तुम जिस

परिस्थिति में हो वो परिस्थिति सदा के लिए नहीं है अस्थाई है इसका तुम्हारे भविष्य

से वास्तविक में कोई संबंध नहीं है इसलिए वर्तमान की स्थिति को बार-बार भविष्य में

कल्पना करना बंद कर दो जो चीज अभी घटी ही नहीं है तुम उसकी चिंता क्यों लिए हो

तुमने अपने विचारों से बहुत ज्यादा कल्पना कल्पित किया है ऐसी चीजें जो वास्तव में

होंगी भी नहीं किंतु तुम इन बातों में इतना उलझे हुए हो कि तुम्हारा हृदय बेचैन

होता जा रहा है लेकिन अब मैं इस ऊर्जा को बदल रही हूं मेरे बच्चे अब तुम्हारी

बीमारी तुम्हारे लिए अच्छे स्वास्थ्य में तब्दील होगी मन से भय निकलने वाला है

तुम्हारे जीवन में उत्साह उमम की लहरें चलने वाली है अब तुम वह पाने वाले हो जो

पाने की तुम्हारी कामना रही है लेकिन मेरे बच्चे जब तुम स्वयं से यह प्रश्न करते हो

कि यह सब कैसे संभव है तो बताओ क्या यह संभव हो पाएगा इस वक्त में तुम्हारे

भविष्य में उस घटना को होते हुए स्वयं ही देख रही हूं जहां तुम एक उमंग के साथ एक

उत्साह के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ र हो अपने कार्यों को कर रही हो जहां तुम

आनंदमय हो तुम्हारा जीवन प्रेम से लबालब भरा हुआ है तुम अपने ही सपनों के घर में

रह रहे हो तुम्हारा यह सपनों का घर प्रकृति की सुंदर सुनहरी गोद में है मेरे

बच्चे इस ऊर्जा को तक्षण आकर्षित करो भाग्यशाली अंक को अभी अवश्य लिखे और

ब्रह्मांड में अपनी इच्छा जाहिर करें मेरे बच्चे तुम्हारा शरीर स्वस्थ है और

तुम्हारे सम्मान में वृद्धि हो रही है तुम्हारी समृद्धि बढ़ती चली जा रही है कि

तुम अपने जीवन में सफलता के नए नए अस्त्रों को स्थापित कर रही हो मेरे बच्चे

ऐसे स्तर जिनसे ना केवल तुम्हारी पहचान है बल्कि तुम्हारे परिवार की भी पहचान बढ़

रही है तुम्हारे ऐसे भविष्य को देखते हुए जब मैं अभी मुस्कुरा रही हूं तो सोचो कि

जब तुम इसे जानोगे तो तुम कैसे मुस्कुराहट से भर उठोगे मेरे बच्चे धैर्य धारण करो तुम्हारी

समस्त चिंताएं व्यर्थ है उनका वास्तव में कोई वजूद ही नहीं है जिसके कारण तुम ने

अनावश्यक तनाव अपने सिर पर रखा हुआ है इसका वास्तव में कोई भी महत्व नहीं है अब

स्वयं को इससे पूरी तरह से मुक्त कर दो खुलकर जीवन जीना प्रारंभ करो और जय हो

माता रानी अवश्य लिखो और यह कहो कि मैं अपनी सभी चिंताएं आज समाप्त करता हूं

क्योंकि मेरा भविष्य खुशियों से परिपूर्ण है मैं नए जीवन नए उत्साह नए उमंग के साथ

इस खूबसूरत जीवन को जीने वाला हूं मेरे बच्चे यदि तुम्हें मेरी इस बात पर विश्वास

है तो अभी अपनी पुष्टि जाहिर करो मेरे बच्चे तुम्हारे बाहर इस संसार में कुछ भी

नहीं जो तुम पाना चाहते हो वह तुम्हारे भीतर विराजमान है जब तुम निराश होते हो तब

प्रकृति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ जब तुम प्रसन्न होते हो तब भी प्रकृति में कोई

परिवर्तन नहीं होता है तो फिर तुम क्यों चिंता करते हो क्या तुम इसका अर्थ जानते

हो इसका अर्थ यह है कि जितने भी परिवर्तन तुम अनुभव कर रहे हो वह तुम्हारे भीतर ही

हो रहे हैं तुम्हें आनंद को महसूस करने के लिए बाहरी प्रसन्नता की आवश्यकता ही नहीं

है वो तुम्हे अपने ही भीतर से प्राप्त होगी मेरे बच्चे यदि तुम्ह मेरी बात समझ आ

रही है तो अभी हां लिखकर इसकी अवश्य ही पुष्टि करो मेरे बच्चे कभी-कभी मनुष्य

स्वयं को इतना विवश हारा हुआ और निराश महसूस करता है कि वह अपना स्वयं का

अस्तित्व भूल जाता है वो भूल जाता है कि वो ईश्वर द्वारा ही निर्मित है ईश्वर की

इच्छा से निर्मित उनकी ही संतान है मनुष्य यह भूल जाता है की अनेक शक्तियों से

सुशोभित सातो चक्र उसके ही शरीर में उपस्थित है उन्हे तो केवल बस उन शक्तियों

को जागृत करना है मूलाधार से लेकर सहस्त्र चक्र तक उसके ही शरीर में विद्यमान है

पाताल से स्वर्ग तक जुड़ने की ऊर्जा की शक्ति मनुष्य के भीतर ही विद्यमान है यह

कहीं बाहर नहीं है वह इस बात को भूल जाता है कि उसे जो पाना है वह कहीं भी बाहर

नहीं है वह भूल जाता है कि अनंत चेतना ब्रह्मांड से ही उसकी अपनी चेतना जुड़ी

हुई है जो सृष्टि के सृजन पालन और विनाश का मूल तत्व है मेरे बच्चे मनुष्य इस बात

को स्मरण नहीं रख पाता कि वह मानव बुद्धि ही है जिसने ब्राह्माण की इच्छा से हर

प्रकार के आधुनिक यंत्र का आविष्कार किया है और अभी भी नियमित कर रहा है मेरे बच्चे

तुम अपने आप को इतना कमजोर क्यों महसूस कर रहे हो यह तुम्हारी ही बुद्धि ने तुम्हें

आज तक यहां तक लाने में तुम्हारी सहायता की है जिसकी वजह से तुम अभी भी जीवन को जी

रहे हो अच्छा बुरा जैसा भी है तुम यह जीवन जीते हुए इस उम्र तक इस पड़ाव तक आप

पहुंचे हो क्या अब तक तुम्हारे साथ कुछ ऐसा हुआ जो तुम्हा री पूरी शक्ति और

क्षमता को खो दे और तुम जीवन ना जी पाओ मेरे बच्चे तुम अभी भी जीवन जी रहे हो ऐसा

क्यों है ऐसा इस कारण क्योंकि जो भी समस्या तुम्हारे समक्ष आई वह तुम्हारी

बुद्धि की वजह से है वह तुम्हारे मस्तिष्क की वजह से है तुमने उस समस्या को इतना

बड़ा बना दिया अपनी ही सोच में हर समस्या को तुम बड़ा बना गए एक बार विचार करो हर

समस्या का समाधान तुम्हारे पास था बस जरूरत थी कभी बहुत साहस की कभी किसी के

सामने खुलकर अपनी बात रखने की तो कभी परिश्रम की मेरे बच्चे क्या तुमने कभी

विचार किया है कि तुम जो जीवन जी रहे हो उस जीवन में कष्ट क्यों आ रहे हैं क्या उस

कष्टों का कारण तुम्हारे आलस्य तुम्हारा भय और और तुम्हारी खुलकर अपनी बात ना रख

पाने के कारण ही है और इन सबसे तुम छुटकारा पा सकते हो तुम्हें अपने भीतर से

भय समाप्त करना है तुम्हें अपनी बात खुल के रखनी है जो होगा वह मेरे ऊपर छोड़ दो

जब तुम अपनी सारी चिंता इस प्रकृति पर छोड़ देते हो ईश्वर पर छोड़ देते हो और

स्वयं को पहचानने लगते हो तुम्हें जो करना है उसे खुलकर करने लगते हो तो तुम्हारी

समस्या समाप्त होने लगती है किंतु जब तुम यह सोचते हो कि सारे परिवर्तन तुम स्वयं

ही करोगे सब कुछ तुम स्वयं ही करना चाहते हो तो यह संभव नहीं है मेरे बच्चे

तुम्हारे जीवन में जितने भी दुख आए जितने भी तकलीफें आई वह एक समय के बाद समाप्त हो

गई और हर बार एक नया दुख आया हर बाद एक नई

तकलीफ आई लेकिन क्या तुमने बिना डरे हुए किसी दुख का सामना किया मेरे बच्चे यदि

तुम बिना भय के किसी दुख का सामना करोगे तो इस संसार में किसी भी दुख की इतनी

क्षमता इतनी शक्ति नहीं है कि तुम्हें गिरा सके मेरे बच्चे किसी व्यक्ति की

कुशलता इस बात पर निर्भर करती है कि वो किन्ही परिस्थितियों में किन प्रकार के

निर्णय लेता है और उसका मस्तिष्क किस प्रकार का व्यवहार करता है यदि वो बिना

भयभीत हुए अपने जीवन को यूं ही छोड़कर आगे बढ़ते रहता है अपनी समस्याओं को भूलकर आगे

बढ़ता रहता है तो फिर उसकी सहायता करने के लिए प्रकृति के सारे तत्व एकजुट हो जाते

हैं किंतु जो छड़ छड़ भय में ही अपना जीवन जीता है हर पल केवल भय में डूबा रहता

उसकी सहायता भला कौन कर सकता है मेरे बच्चे तुम्हारा मन विचलित हो सकता है तुम

गलत कदम उठा सकते हो लेकिन तुम्हारा मस्तिष्क तुम्हें इस बात की सूचना देता

रहता है कि तुम्हें ऐसा नहीं करना है क्योंकि तुम एक बेहतर जीवन जीने आए हो

मेरे बच्चे यदि तुम्हें यह मानव जीवन मिला है तो इसे खुलकर जियो बिना किसी के दबाव

के बिना किसी भय के क्योंकि यह कोई नहीं जानता कि यह जीवन कब समाप्त हो जाए किंतु

तुम अभी से भविष्य की चिंता में निरंतर रहते हो यह हो जाए वो हो जाए मुझे यहां

मिल जाए मुझे वो मिल जाए इस तरह की भावनाएं तुम्हारे जीवन में निरंतर चलती

रहती है एक बार इनका त्याग करो और सोचो कि जो तुम्हारे पास अभी उपलब्ध है क्या वह कम

है मेरे बच्चे अपने अंदर के उस तत्व को जाहिर करो उस तत्व को उजागर करो जो

तुम्हारे लिए देवीय शक्ति बन जाए तुम्हारे अंदर की देवीय शक्ति तब जागृत होगी जब तुम

नरक के द्वार पर चल रहे हो और फिर भी तुम अपने जीवन में इस बात के लिए शुक्र गुजार

रहो इस बात के लिए आभारी रहो कि तुम्हारे पास पाप मौजूद है जिस वजह से तुम उस नरक

के दवार पर चल पा रहे हो मेरे बच्चे तुम कहीं भी चलो किंतु तुम्हारे पास पाव है इस

बात का आभार तुम्हें होना चाहिए जीवन में तुम्हारे पास जो भी है उसका आभार व्यक्त

करो फिर देखो तुम्हारे जीवन में इतना आएगा कि तुम संभाल भी ना

पाओगे मेरे बच्चे आभार व्यक्त करना ही इस जीवन का आधार है तुम्हारी प्रगति निश्चित

तौर पर होगी अपने जीवन से केवल और केवल भय को मिटा डालो मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद

सदैव तुम्हारे साथ है मेरा आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए लिखकर मुझे अपनी

स्वीकृति प्रदान करा देना और अपनी माता का अगला संदेश प्राप्त करने के लिए अपनी माता

के इस संदेश को लाइक करके चैनल को सब्सक्राइब अवश्य कर लेना परेशानियों में

क्यों ना उलझा हो मैं उसे सारी परेशानियों से बाहर निकाल लाती हूं किसी ने भी मुझ पर

अपना पूर्ण विश्वास जताया है मैंने उसे कभी भी निराश नहीं किया है मेरे बच्चे यह

संसार मेरे ही द्वारा रचाया गया है मैं ही इस संसार का पालन करती भी हूं और मैं ही

इस संसार का संधार करता भी हूं मैं ही चीजों को बनाती हूं मैं ही चीज को मिटाती

हूं और मैं ही उनको संरक्षण भी दान करती हूं मेरे बच्चे तुम मेरी ही रचना हो

तुम्हें इस बात को कभी भी नहीं भूलनी चाहिए और इतना ही नहीं जिन भी जीवों को

मैंने बनाया है उन सभी को मैं अवसर प्रदान कराती हूं मेरे बच्चे अपने जीवन के उच्चतम

बिंदु तक पहुंचने के लिए मैं निरंतर उन्हे संकेत भी देती रहती हूं बहुत से लोग ऐसे

हैं जो केवल अपने स्वार्थ के लिए दूसरों को कष्ट पहुंचाते हैं दूसरों के साथ

कुटिलता चलते रहते हैं दूसरों के खिलाफ षड्यंत्र रचते हैं उस तक्षण में वह स्वयं

को ही ईश्वर मान बैठते हैं मेरे बच्चे उन्हें लगता है कि वह कोई

चाल चल रहे हैं और जीवन उसी प्रकार से गति करेगा लेकिन जल्द ही उनका यह मिथ्या भ्रम

में तोड़ देती हूं मेरे बच्चे बहुत से लोग के लिए इस समय संसार में कलयुग चल रहा है

लेकिन क्या तुम जानते हो युग जैसा इस संसार में कभी कुछ नहीं रहा यह मनुष्य का

मन है जो उसके भीतर युग का निर्माण करता है मेरे बच्चे जब मनुष्य साफ दिल का होता

है जब मनुष्य को हर किसी में ईश्वर दिखाई देते हैं जब मनुष्य को सभी में प्रेम

दिखता है जब मनुष्य दूसरों से संबंध बिना मतलब का रखना बंद कर देता है उस समय ही

उसका जीवन सतयुग होता है उस समय वह सतयुग जैसे काल में जी रहा होता है लेकिन मेरे

बच्चे जैसे ही मनुष्य के भीतर छल कपट ईर्ष्या द्वेष व मनुस्य आ जाता है उस क्षण

में वह कलयुग में जीने लगता है और फिर वह दुखों से गिरता चला जाता है वह यह जान भी

नहीं पाता कि आखिर उसके जीवन में यह दुख क्यों आ रहे

हैं मेरे बच्चे वह सब कुछ भूलता जाता है किंतु यह तो उसके कर्मों का ही परिणाम

होता है जिसकी वजह से उसके जीवन में यह दुख घिर घिर करके आते रहते हैं वह ना

चाहते हुए भी अनेक प्रकार के दुखों से घिर जाता है लेकिन मेरे बच्चे जब मनुष्य के

जीवन में समस्या आने के बावजूद भी वो चिंता मुक्त बना रहता है और अपनी सारी

चिंताओं को मेरे ऊपर छोड़ देता है तो मुझे मजबूरी में विवश होकर उसकी सहायता करनी ही

पड़ती है चाहे इसमें इच्छा हो या ना हो क्योंकि यही विधि का विधान है यही नीति का

नियम है जो मनुष्य साहस दिखाता है जो मनुष्य स्वयं के अहंकार को नष्ट करता है

जो मैं की भावना से ऊपर उठ कर के दूसरे जनों का कल्याण भी सोचता है जो केवल अपने

स्वार्थ को सिद्ध करने में नहीं लगा रहता है बल्कि प्रेम भाव से दूसरे मनुष्यों के

प्रति आदर रखता है दूसरे जीवों के प्रति सम्मान रखता है यहां तक कि जो पर्यावरण को

भी अपना मानकर उसका सम्मान करता है उसका इस जगत में कोई भी हानि पहुंचाने की

क्षमता नहीं रखता है क्योंकि मेरे बच्चे मैं उसे

संरक्षण प्रदान स्वयं ही करा रही होती हूं फिर चाहे वह मनुष्य कितना भी पापी अपने

जीवन में क्यों ना रहा हो चाहे उसने जाने अनजाने में कितनी भी बड़ी गलतियां क्यों

ना की हो किंतु जो अपने पाप का पस्तावा कर लेता है उसके जीवन से बुरे कर्मों को मैं

धीरे धीरे करके नष्ट कर देती हूं मेरे बच्चे तुम तुमने अपने जीवन में ना जाने

कितनी ही परिस्थितियों को झेला है याद करो तुम्हारे जीवन का वो दौर जब तुम छटपटा रहे

थे जब तुम्हें लग रहा था कि यही रात सबसे भारी है जब तुम्हें लग रहा था कि तुम्हारे

दुखों का अंत होने का नाम नहीं ले रहा है उस क्षण में तुम्हारे ऊपर क्या बीत रही थी

और उस क्षण में तुमने मुझसे क्या प्रार्थना की थी क्या तुम्हे याद रहा है

क्या तुम्हें याद आ रहा है कि कैसे तुम खुद को फंसा हुआ महसूस कर रहे थे कैसे

तुम्हें लग रहा था कि तुम्हारा जीवन यही थम सा गया है कैसे तुम्हें लग रहा था कि

तुम्हारे जीवन का अंत भी हो सकता है मेरे बच्चे उस क्षण में भी तुम क्या महसूस कर

रहे थे अपने भीतर की भावना को समझो तुम उन सभी परेशानियों से उभर कर बाहर आ गए और

फिर भी तुम्हारे भीतर से वह भय नहीं जा रहा तुम्हें उस भय को समाप्त करना है

क्योंकि यह भय ही है जो तुम्हें आगे नहीं बढ़ने दे रहा है और यह भय अभी पूर्ण रूप

नहीं लिया है लेकिन मेरे बच्चे तुम यदि निरंतर उसी भय के बारे में सोचते रहोगे तो

निश्चित तौर पर वो तुम्हारा भय पूर्ण रूप भी ले लेगा तुम्हें अपने उस भय को भगाना

है अपने उस भय को मिटाना है निदर होकर जीवन जीना दूसरों को कष्ट ना पहुंचाना और

उच्चतम से उच्चतम उपभोग करना ही तुम्हारा लक्ष्य है मेरे बच्चे तुम्हारे द्वारा मैं

इस संसार को देखती हूं तुम्हारा नजरिया भी मेरा ही नजरिया है तुम उससे भिन्न नहीं हो

तुम्हें इस बात को समझना होगा मेरे बच्चे तुम्हें अपने भीतर साहस को भरना होगा

तुम्हें स्वयं से यह कहना होगा तुम्हें कहना होगा कि मैं मजबूत हूं मैं साहसी हूं

मैं निदर हूं दुनिया की कोई भी ताकत मुझे हरा नहीं सकती दुनिया का कोई भी विघ्न

मेरे सामने टिक नहीं सकता मेरे बच्चे मैं चाहूं तो पत्थर से भी

पानी निकाल सकती हूं मैं चाहूं तो कठिन से कठिन रास्तों पर चल कर के उच्चतम से

उच्चतम बिंदु तक पहुंच सकती हूं मैं चाहूं तो मैं इस दुनिया में कुछ भी कर सकती हूं

मेरे बच्चे तुम्हें स्वयं से कहना होगा कि मैं सर्वश्रेष्ठ हूं तुम्हें स्वयं से

कहना होगा कि मैं उस परम आत्मा का परम अंश हूं इसलिए कोई मुझे हानि नहीं पहुंचा सकता

मैं उस परम आत्मा से भिन्न नहीं हूं मैं उनका ही अभिन्न अंग हूं तुम्हें स्वयं से

निरंतर यह बातें करनी है मेरे बच्चे तुम्हें अपने भीतर बसे दिव्यता को जगाना

है तुम्हें अपने भीतर बस रहे ईश्वर के अंश को जागृत करना है तुम्हें समझना है कि तुम

मूल्यवान हो अपितु अमूल्य हो तुम्हारा मूल्य लगाया ही नहीं जा सकता तुम्हें अपनी

भावनाओं को समझना है तुम्हें आत्म नियंत्रण करना सीखना है मेरे बच्चे अपनी

इंद्रियों पर नियंत्रण लगाकर रखना तुम्हारे लिए अत्यंत आवश्यक है अब तक

तुम्हारे शरीर में तुम्हारे भीतर तुम्हारे मस्तिष्क में तुम्हारे बुद्धि में जो भी

विचार गए हैं उस पर तुम्हारा अधिकार नहीं था लेकिन आगे तुम्हारे मन में क्या विचार

जाएंगे इस पर तुम्हारा अधिकार है इसलिए तुम्हें चुनाव करना होगा तुम्हें चुनना

होगा यह चयन तुम्हारा ही होगा और तुम्हारे ही चयन तुम्हारे कर्मों का निर्माण करेंगे

तुम्हारा चयन यह तय करने के लिए होगा कि तुम्हें ईश्वर के दिव्य रास्ते पर चलना है

या फिर शैतान के बताए मार्ग पर चलना है एक ऐसे मार्ग पर चलना है जहां प्रारंभ में तो

सब कुछ प्रकाशम लगता है किंतु अंत उसका केवल अंधकार में है या फिर तुम्हे ईश्वर

के उस दिव्य मार्ग पर चलना है जो शुरुआत में थोड़ा कठिन तो प्रतीत होता है किंतु

उसके बाद एक सुनहरा भविष्य और उज्जवल जीवन तुम्हारी प्रतीक्षा में है मेरे बच्चे

तुम्हें यह चयन करना होगा यह चयन तुम्हारे लिए अति आवश्यक है और तुम जानते हो तुम

अपने इस चयन में अपने इस यात्रा में कभी भी अकेले नहीं रहोगे मेरी ऊर्जा निरंतर

तुम्हारे साथ रहेगी तुम्हें सहायता प्रदान करने के लिए तुम्हें जीवन प्रदान करने के

लिए मेरे बच्चे तुम कभी भी अकेले नहीं हो इस बात को सदैव याद रखना मैं तुम्हारे

बहुत करीब हूं बहुत ज्यादा करीब हूं और यह एक रहस्य है जिसे तुम्हें किसी से कहना

नहीं है बल्कि महसूस करना है जब तुम उसे महसूस करने लगोगे तो तुम जान पाओगे मेरी

ऊर्जा को हर जगह अनुभव करने में सक्षम हो सकोगे मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदैव

तुम्हारे साथ रहेगा जय हो माता रानी हर हर महादेव मेरे बच्चे तुम

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