🕉️ मां दुर्गा 🕉️तुम्हारे खिलाफ लाख षड्यंत्र रचने के बाद भी वह तड़प रहा है मैं आ रही हूं - Kabrau Mogal Dham

🕉️ मां दुर्गा 🕉️तुम्हारे खिलाफ लाख षड्यंत्र रचने के बाद भी वह तड़प रहा है मैं आ रही हूं

मेरे बच्चे मुझे पता है बहुत तनाव में हो तुम बहुत रो रहे हो और बार बार चिक चिक कर मुझे मदद की गुहार

कर रहे हो तुम बहुत रो रहे हो मेरे बच्चे तुम्हारा मन बहुत विचलित है बार मुझसे यही कह रहे हो की माता आप

मेरी मदद कर दो जीवन खत्म कर दो मुझे अपने पास बुला लो संसार में नहीं रहना है इस संसार में नहीं रहना माता जहां पर मुझे कोई नहीं समझता है मैं अपनी मेहनत का खाना चाहता हूं अपनी मेहनत से सब कुछ लोगों

तो उसे मेहनत से भी दिक्कत है हक्का नहीं खा रहा माता कुछ नहीं छीन रहा हूं किसी से कुछ नहीं मांग रहा हूं कभी किसी का बुरा नहीं चाहता कभी किसी को बुरा नहीं बोलना अपना कर्म करता हूं और अपने कर्म की अपने

फल अपनी परिश्रम का फल मांग रहा हूं आपसे यह लोग मुझे मेरे सपनों को पूरा नहीं करने दे रहे हैं माता और अब मुझे यह सब नहीं देखा जा रहा है जगत जननी है आप मेरी मां है मैंने आपको अपनी मां से ज्यादा प्यार

किया आप अपने बच्चों को रोता हुआ देख रही है और वह सब हंस रहे हैं और आप कुछ नहीं कर रहे आप मेरी परीक्षा लेती जा रही है और न जाने कितने वर्षों से मैं अपने दिल को यह दिलासा देकर परीक्षा दे रहा हूं कि मेरी

माता 1 दिन मुझे फल देगी पर अब मैं थक गया हूं मां थक गया हूं लोगों के षड्यंत्र देख देख कर अपने ही मुझे आगे बढ़ता नहीं देखना चाहते हैं जिनको मैं अपना संसार दे दिया करते हैं रोते हैं मुझे का खाना तक सुकून से

नहीं खाने देते जब भी मैं मेहनत करता रहा इतने वर्षों से तब भी मैं उठकर यह सोचता रहा एक दिन मेरी माता मुझे मेरे परिश्रम का फल देंगे मेरे एक छोटे से छोटे काम के लिए तो आप मुझे नहीं समझ में आ रहा है कि आप मुझे किसी और लेकर जा रहे हैं मुझे पता है तुम बहुत रो रहे हो मेरे बच्चे

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