🕉️ मां काली 🕉️ मेरे बच्चे कल के दिन में तुम्हें वरदान दुंगी 🕉️ - Kabrau Mogal Dham

🕉️ मां काली 🕉️ मेरे बच्चे कल के दिन में तुम्हें वरदान दुंगी 🕉️

बच्चे मैंने तुम्हारी पुकार सुन ली है यदि
तुम्हें मेरा संदेश मिला है तो मैं
तुम्हें वरदान दूंगी इससे पहले जो बता रही
हूं उसे ध्यानपूर्वक सुना बहुत जरूरी है

मेरे बच्चे कल के दिन मैं तुम्हें वरदान
उसे समय दूंगी जी समय तुम्हें बता रही हूं
लेकिन उसके लिए तुम्हें कम करना होगा मेरे
बच्चे वरदान का कभी तुम गलत फायदा मत

उठाना क्योंकि तुम्हें मिली हुई शक्ति
तुम्हें मिला हुआ वह चीज है जो मैं
तुम्हें देने वाली हूं उससे किसी का तुम
भला ही करना लेकिन किसी का नुकसान कभी मत

करना ऐसा कोई कार्य मत करना जिससे किसी के
हृदय को कष्ट हो क्योंकि जो वरदान मैं
तुम्हें देने वाली हूं उससे तुम्हारा
अपना भला हो और दूसरों का भी भला हो अगर

ऐसा कार्य करोगे तो वह वरदान तुम्हारे
जीवन में मेरे आशीर्वाद से फलेगा फूलेगा
और तुम बहुत आगे तक जा पाओगे मेरा वरदान
तुम्हें शक्ति से परिपूर्ण बनाने का है

तुम इतने शक्तिशाली हो जाओगे केवल हृदय से
ही नहीं कोई कार्य को करने से भी और
तुम्हारा दिमाग भी एक शक्तिशाली दिमाग बन
जाएगा

जो हर मुसीबत से कैसे निकालना है वह सोच
पाओगे जी प्रकार मैंने बुराई का नस किया
था ऐसे ही तुम संसार में लोगों की सहायता
करने के समाज उतने ही श्रेष्ठ व्यक्ति बन

पाओगे क्योंकि मेरे बच्चे जो श्रेष्ठ होता
है वही किसी की मदद कर पता है
कमजोर व्यक्ति किसी की क्या मदद करेगा उसे
तो खुद सहायता की जरूर होती है इसलिए तुम

कभी भी अपनी शक्ति का दुरुपयोग मत करना इस
बात का स्वाद है ख्याल रखना कल संध्या कल
में जब तुम मेरे समक्ष दीपक जलाओगे
उसे समय केवल एक कम करना कुछ समय के लिए
एकांत मां करके बैठना और सोचना की संसार

में तुमसे तुम्हें सबसे बड़ा क्या लगता है
कौन सी ऐसी मंजिल है जो सबसे बड़ी
उपहार तो मुझे मांग लेना
उसे समय जब तुम्हारे मां की शक्ति बहुत

ज्यादा बड़ी हुई होगी और जी कार्य पर
तुम्हें अंदर से है विश्वास हो की हां वह
मंजिल तुम्हारे लिए ही बनी है या वह खुशी
तुम्हें मिलनी ही चाहिए तो यह मेरा तुमसे

वादा है और मेरा तुम्हारे लिए वरदान भी है
जी समय तुम्हें तुम्हारे हृदय से ऐसे ही
आवाज आने लगेगी यह मंजिल तुम्हारे लिए बनी
है और तुम इसके अधिकारी हो तुम्हें चीज

मिलनी ही चाहिए तब तुम्हारे लिए मैं यह
तुम्हारे जीवन में सत्य करूंगी मेरे बच्चे
मैं तुम्हें दुखी नहीं देख शक्ति
लेकिन जीवन में तुम्हारी की गई कुछ ऐसी
गलतियां जिनको तुम्हें भुगतना पड़ता है और

उसे समय
मैं मजबूर हो जाति हूं क्योंकि मेरे बच्चे
प्रकृति का और संसार में हर देवी देवता
यही नियम है कर्म का फल तो भोगना ही पड़ता
है

वह अच्छा हो या बड़ा उसमें शकर भी मैं
तुम्हें तुम्हारे कासन से बच्चा नहीं
शक्ति अगर कुछ करना है तो उससे पहले
तुम्हें अपने कर्मों पर भी ध्यान देना

होगा मेरे बच्चे मेरा वरदान तभी तुम्हारे
जीवन में सफलता है
अच्छा करना तो दुनिया में हर व्यक्ति
चाहता है लेकिन मेरे बच्चे खुद अच्छा कोई

नहीं करना चाहता
जैसे तुम अपने लिए चाहते हो वैसा ही करना
प्रारंभ करो तब तुम्हें कुछ मांगने की
जरूर नहीं होगी सब कुछ बिन मांगे ही मिल
जाएगा

क्योंकि जैसा तुम दूसरों को देते हो वैसा
खुद बी खुद प्राकृतिक तुम्हारी और खींच कर
ले आई है तुम्हारा मां स्थिर होता है तभी
तुम्हारे मां की शक्ति कई गुना बाढ़ जाति

है मेरे बच्चे तुम्हारी इस खराब हालात के
जिम्मेदार तुम नहीं हो बल्कि कोई और है
इससे पहले की वह तुम्हें पूरा बर्बाद कर
दे उसे अपने जीवन से निकाल फेकू नहीं तो

वह तुम्हें कहानी और का नहीं छोड़ेगा यदि
तुम चाहते हो की सदैव तुम्हारी ऐसी हालात
ना रहे तो तुम्हारा जीवन से उसको निकालना
अति आवश्यक

तुम्हारा जीवन बहुत
मेरे बच्चे तुम मुझे एक बात का जवाब दो
जीवन में सबसे आवश्यक क्या
तुम अपने जीवन में खुशियों को प्राप्त करो
संसार में तुम्हारी हर इच्छा पुरी हो

ऐसे में यदि किसी कारणवश तुम्हारा मार्ग
कोई रोकने की कोशिश करता है तो निश्चित ही
वह तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन बन जाता है
दुश्मन के बड़े में पता ना हो तो तुम अपने

दुश्मन को अपने मार्ग से हटा नहीं सकते
क्योंकि मार्ग से हटाने के लिए उसको जानना
जरूरी है
वही मैं तुम्हें आज ज्ञात कराऊंगी की वह
कौन है और उसे अपने मार्ग से हटाने का

रास्ता भी तुम्हें दिखाऊंगी बस तुम ध्यान
से सभी बटन को सुना और समझना निश्चित ही
तुम्हारे मार्ग में आने वाली मुसीबत
समाप्त हो जाएगी और तुम्हारे जीवन में

शांति ए जाएगी
बिगड़ने हुए सभी कार्य बने ग जाएंगे मैं
जानती हूं की तुम्हारे अंदर मां में यही
बात बार-बार घूम रही होगी की वह व्यक्ति
तुम्हारे रास्ते में रुकावट बन रहा है और

तुम इस बात को जन के लिए बहुत बेचैन हो
रहे हो मेरे बच्चे तुम्हें चिंतित होने की
कोई आवश्यकता नहीं
क्योंकि वह कोई व्यक्ति नहीं है जो
तुम्हारे रास्ते में रुकावट बन रहा है

और तुम्हारे कार्य को पूरा नहीं होने दे
रहा वह तुम्हारा ही अलसी है जो की
तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन है बनते बनते
कार्य को बिगाड़ देता है

इसलिए मेरे बच्चे तुम जीवन में यदि सूची
हुई मंजिल को प्राप्त करना चाहते हो तो
तुम्हें उसे त्याग कर देना चाहिए मेरे
बच्चे कुछ भी प्राप्त कुछ समय के लिए नहीं

होता है तो चिंतित होकर तुम बार-बार उन
बटन को सोचते रहते हो और तुम्हारा शरीर कम
करना बैंड कर देता है बस दिमाग कम करता है
मेरे बच्चे यह सब अलसी का करण होता है

तुम्हारा अवचेतन मां जो सोचता ज्यादा है
और शरीर इतना कम नहीं कर पता इसलिए अपने
शरीर को अलसी त्याग कर ऐसा बना जिससे की
वह कम अत्यधिक करें

परिश्रम करने के लिए हमेशा तुम्हारा शरीर
तट पर रहे पर निश्चित ही मेरा इस बात पर
तुम खुद विश्वास करो की जैसे तुम यह
प्रारंभ करोगे तुम्हारे जीवन की कठिनाइयां

झट से समाप्त हो जाएगी यदि तुम अपने शरीर
से अलसी को निकालना में सक्षम नहीं हुए
तो उसके लिए तुम प्रतिदिन सुबह सूरज
निकालने से पहले उठो और सूर्य को जल और
कुमकुम एक लोट में डालकर उसमें पुष्प

डालकर सूर्य को जल अर्पित करो और अपने मां
को शांत रखना का संकल्प लो और यह संकल्प
तुम्हारे हाथों से टूटना नहीं चाहिए
क्योंकि मेरे बच्चे
सोचता तो हर कोई है परंतु उसे मार्ग पर

कितनी कठिनाइयां कितनी मुश्किल आई है
क्योंकि लगातार अभ्यास करने से तुम किसी
भी कार्य में सक्षम हो पाओगे और आलस्य
करोगे तो तुम प्रयास कर नहीं पाओगे

क्योंकि अलसी के करण
व्यक्ति अपने जीवन का कीमती समय नष्ट कर
देता है बाद में उसे व्यक्ति को पछतावा भी
होता है लेकिन समय बीट जाता है

आलसी ही दरिद्रता का करण है जीवन और समय
के महत्व को ना समझना वाला अपना कीमती
जीवन और समय अलसी के करण
खराब कर देता है इसलिए मेरे बच्चे अलसी को

जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी त्याग दो
मेरे बच्चे मैं नहीं जानती की तुम्हारे
आलसी की मेरे अगले संदेश की प्रतीक्षा
करना हम फिर आएंगे तुमसे मिलने ओम नमः
शिवाय

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