????अपने जीवन का सबसे बुरा समय देख रहा है वो ???? - Kabrau Mogal Dham

????अपने जीवन का सबसे बुरा समय देख रहा है वो ????

मेरे

बच्चे तुम पूरी तरह से टूट गए हो अब तुम

में और साहस नहीं बची है थक गए हो तुम

मजबूत और खुश होने का दिखावा करते-करते

अंदर से तुम खुद को बहुत अकेला महसूस करते

हो बस रोना चाहते हो किसी के भी सामने

अपने दिल में दबी बातें बोलकर मन की शांति

चाहते

हो कोई कभी तुमसे तुम्हारे मन का हाल नहीं

पूछता मेरे

बच्चे अगर तुम किसी से महीनों तक बात ना

करो तो वह व्यक्ति भी कभी सामने से तुमसे

बात करने की कोशिश नहीं करता

है हमेशा बस तुम ही सबका ख्याल रखते हो

कभी मां-बाप का भाई बहन का कोई भी रिश्ता

हो हमेशा तुमसे ही उम्मीद रखी गई है कि

तुम अपनी इच्छाओं को मारकर उन सब की

ख्वाहिशों को

समझोगे और तुमने हमेशा यही किया भी

है लेकिन सब कुछ करने के बाद भी आज

तुम्हारा कोई नहीं है जो तुम्हें समझे

जिसके कंधे पर सर रखकर तुम एक बार खुलकर

रो सको उससे अपने दिल की बात कह

सको यह दर्द तुम्हारे बरदाद से बाहर होता

जा रहा

है तुमने जिससे प्रेम किया जिससे तुमने

उम्मीद रखी कि वह तुम्हारी भावनाओं को

समझेगा हमेशा तुम्हारा सा

देगा उसने भी तुम्हारा साथ छोड़ दिया और

तुम्हें महसूस होता

है कि माता वह मुझसे बहुत दूर जा चुका है

कहने को तो मेरे सामने

है मुझसे बात भी कर लेता है

वह पर अब वह मेरा नहीं रहा

माता उसके दिल में उसकी आंखों में मुझे

अपने लिए वह सम्मान वह प्रेम नहीं दिखता

है अब मैं उसकी तरफ देखता हूं तो मुझे

लगता है ज जसे मैं किसी अनजान व्यक्ति की

तरफ देख रहा हूं जिस व्यक्ति को मैं जानता

ही नहीं

हूं मेरे लिए अजनबी हो गया है

वह वह आज भी तुम्हें खोने से डरता है मेरे

बच्चे और तुम गलत नहीं हो उसने ऐसी

गलतियां ही की हैं जिसकी वजह से वह तुमसे

नजरें नहीं मिला पा रहा

है वह अपने किए कर्मों की वजह से शर्मिंदा

है उसे बहुत अच्छे से पता है कि तुम इस

संसार में कितने अकेले हो कितनी मुश्किल

से तुमने उस पर यकीन किया

था और तुमने उसे अपना हर दुख बताया था

लेकिन तुम्हारा हर दर्द हर दुख को जानने

के बाद भी उसने तुम्हें धोखा दिया

तुम्हारा यकीन तोड़ा उसे पता है वह

तुम्हारी नजरों में गिर गया

है उसने क्रोध में जो कदम उठाए उसे भी पता

है कि उससे उसी की हार हुई है

दूसरों से तुम्हारी तुलना करके उसने बहुत

गलत किया क्योंकि तुम्हारे जैसा अच्छा

इंसान दिल से सोचने वाला व्यक्ति इतना

स्वाभिमानी

इंसान उसने आज तक नहीं

देखा तुमने उसे सुधारा उसके रिश्तो को

सुधारा हर मोड़ पर उसका साथ दिया और वह

तुम्हारी तुलना हमेशा दूसरों से करता रहा

कि वोह ऐसे हैं उनको देखो तुम उनके जैसे

क्यों नहीं बनते हो

उनके घर में यह हो रहा है उनके घर में वह

हो रहा है उसने कभी तुम्हारी खूबियों की

प्रशंसा नहीं की कभी तुम्हारी सराहना नहीं

की उसकी की गलतियों पर तुम क्यों रो रहे

हो मेरे

बच्चे मुझे पता है तुम मुझसे रिश्ता खत्म

नहीं करना चाहते

थे तुम कुछ भी करने को तैयार थे उसके लिए

तुम्हारी बस यही शिकायत

है कि माता प्यार तो दूर की बात है क्या

मैं उसके सम्मान का भी हकदार नहीं था ऐसा

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