?सब कुछ मेरी मर्जी से हो रहा है?।।?kaalimaa want to talk to you||?Urgent Msg for you||?don't ignor - Kabrau Mogal Dham

?सब कुछ मेरी मर्जी से हो रहा है?।।?kaalimaa want to talk to you||?Urgent Msg for you||?don’t ignor

मेरे बच्चे मैं तुम्हें बहुत लंबे समय से
सुनते ए रही हूं
मैंने तुम्हारी हर बात हजार बार सनी है की
तुम्हें कोई नहीं समझना

और इसकी वजह से तुम दुखी हो जाते हो और
अपने आत्मविश्वास को हनी पहुंचने हो
मेरे प्यार बच्चे एक बात को हमेशा ध्यान
रखो की इससे कोई फर्क नहीं पड़ता

की तुम्हें कोई समझ रहा है या नहीं अब तू
फर्क इससे पड़ता है की क्या तुम उनकी बटन
को दिल पर लगा बैठे हो क्योंकि अगर ऐसा है
तो तुम बहुत बड़ी समस्या में हो

क्योंकि इस भीम में तुम्हारा मां प्रभावित
हो रहा है
किसी भी बुरे विचारों को तुम्हें अपने मां
में जगह नहीं देने है हमेशा
सकारात्मक की और आगे बढ़ाना है
अपने मां के नकारात्मक खयालों से बाहर
निकालो
सच क्या है यह समझना की कोशिश करो स्वयं

के कर्मों को दर्पण में देखो
और इसका आकलन करो की कौन सी विचारों को
ग्रहण करना तुम्हारे लिए उत्तम रहेगा और
कौन से विचारों को ग्रहण करना अच्छा नहीं
याद रखो मेरे बच्चे इंसान अपने विचारों से
बड़ा होता है

इसलिए अपने विचारों को उच्च श्रेणी का बना
तुम्हारा कल्याण हो
मेरे बच्चे तुम्हें हमेशा मुझे यह शिकायत
रहती है की जिसने भी तुम्हारे साथ बड़ा

किया है
वह हमेशा अपने कर्म फल से बैक क्यों जाता
है उसे कभी भी दुख का सामना नहीं करना पड़ता
तो बुरे कम करके भी सुख भगते हैं
तुम्हारी इसी गलतफहमी को मैं दूर करने आई
हूं मेरे बच्चे

रहते हो की वह तो बड़ा कम करके भी आजाद
घूम रहा है
और तुमने कुछ नहीं किया फिर भी तुम्हें
दुख का भाग बन्ना पद रहा है
तो मैं तुम्हारा यह ब्रह्म तोड़ने आई हूं

मेरे बच्चे
सब को उसके कर्मों का फल प्राप्त होता है
बस उसे फल को भोगनी का समय अलग राहत है
और यही मैं तुम्हें बताने आई हूं

की उसे बुरे व्यक्ति का बड़ा समय ए चुका
है
उसे व्यक्ति से उसके साड़ी खुशियां छन
चुकी है वह हर रोज कई आंसू बहता है

वह व्यक्ति अपने पाटन पर है जो बड़ा उसने
तुम्हारे साथ किया अब उसका पता सबको चल
चुका है और जो लोगों से पहले अच्छा समझते
थे

उन सभी लोगों के सामने उसकी सच्चाई बाहर ए
गई है
अब लोगों को यही समझ आने लगा
और दूसरों का नुकसान कर बैठता था
धीरे-धीरे उसके सभी दोस्त उसका साथ छोड़कर
जा रहे हैं

वह किसी का भी विश्वास पत्र नहीं रहा
यह सब इस के बुरे कर्म का फल है जो लौटकर
उसके पास ही वापस ए रहा है
वह जो आज महसूस कर रहा है उससे यह पता चल

रहा है की उसने तुम्हारे साथ कितना गलत
किया है
और अब उसे अपने गलती का एहसास हो रहा है
आज वह अपने जीवन में सबसे बुरे द्वारा से
गुर्जर रहा है

उसके सभी दोस्तों ने उसका साथ छोड़ दिया
है
और उसकी मदद करने से भी इनकार कर दिया है
अब वह एकदम अकेला और निरसा है

और अपने बुरे कर्मों के लिए मुझे माफी
मांग रहा है
इन सब बटन से तुम खुश मत होना मेरे बच्चे
तुम बस यही स्मरण रखो की बुरे कर्मों का
फल सदैव बड़ा ही होता है
बड़ा कर्म कभी किसी को सच्चा मां सम्मान

और सच्ची प्रतिष्ठा नहीं दिल सकता
यह सब सिर्फ और सिर्फ सच्चाई की ताकत से
ही कमाई जा शक्ति है
इसलिए अपने कर्मों को सदैव उत्तम रखो मेरे

बच्चे
और दूसरों की मदद में उपयोगी बानो
तुम्हारा कभी भी कुछ बड़ा नहीं होगा
मेरे बच्चे आज मैं बहुत प्रश्न हूं मैं
तुम्हें यह बताने आई हूं की पूर्व समय में

तुमने जो भी बुरे कर्म किया थे
उन सब की सूची खत्म हो गई
अब समाप्त हुआ तुमने अपने सभी बुरे कर्मों
के फल को भोग लिया है
इस भीम के दौरान तुम बहुत बार हताश हुए
निरसा हुए

निरंतर आगे बढ़ते चले गए
मैं तुम्हारे इस कामयाबी से अत्यंत प्रश्न
हो इस अवधि के दौरान तुम्हारे अंदर बहुत
परिवर्तनों ने जन्म लिया
तुम कई बार टूटे भी मेरे सामने रॉक कर

अपने दुखों को व्यक्त किया और अपने करने
के लिए क्षमा याचना भी की
ऐसा करने से तुमने अपनी उन्नति के द्वारा
खोल दिए मेरे बच्चे
हम सब कभी ना कभी अपने मार्ग से भटक जाते
हैं बुरे रास्ते हमें अपनी और आकर्षित कर
लेते हैं

परंतु आपको अच्छे और बुरे का फर्क समझकर
अपना चयन करना था
एक व्यक्ति के व्यक्तित्व को उसका ही
दृष्टिकोण बनाता है आप जैसा दृष्टिकोण
रखेंगे
इसलिए मैं बार-बार आपके जीवन में प्रवेश
करती हूं

और आपको सत्य के मार्ग पर चलने के लिए
प्रेरणा भी देती हूं
आप में से कुछ तो मेरी बटन को समझकर तुरंत
ही अपने मार्ग को सकारात्मक बना लेते हैं
परंतु जो व्यक्ति मेरे प्रेम से समझने पर

भी नहीं समझना वह मेरे दंड का भाग बंता है
और उसे मेरे कुदरा रूप का सामना करना
पड़ता है और वह अपने जीवन में कष्ट का भाग
बंता है

और फिर शुरू होती है उसकी यात्रा जो से
बार-बार कष्ट पहुंचती है वह अपने जब तक
भ्रमित मार्ग से बाहर नहीं ए जाता और सत्य
का चयन नहीं कर लेट और जब वह अपने पापोन
का प्रायश्चित कर लेट है

तब उसे मेरी कृपा दृष्टि प्राप्त होती है
और आज आपने इस कठिन यात्रा को पर कर लिया
भेंट स्वरूप मैं आपको आपका मां चाहा वरदान
देती आपकी जो भी इच्छा है वह अगले 24 घंटा में
पुरी अवश्य होगी

आप हमेशा सत्य के मार्ग पर यूं ही बने रहे
और अपने से जुड़े सभी लोगों का भला करते
रहे
आपका कल्याण अवश्य होगा

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