?? ये वीडियो केवल मां काली के सच्चे भक्ति को ही मिलेगी जिन्हें मां ने खुद चुनना होगा - Kabrau Mogal Dham

?? ये वीडियो केवल मां काली के सच्चे भक्ति को ही मिलेगी जिन्हें मां ने खुद चुनना होगा

मेरे प्रिय मैं आज तुमसे बहुत प्रसन्न हूं

तुमने कुछ ऐसे कार्य किए हैं जिनसे मेरा

दिल बहुत प्रसन्न हुआ है और मैं तुम्हें

यह सारी बातें बताने आई हूं मैंने तुमसे

कुछ खास बातें छुपाई हैं और वह इसलिए

क्योंकि वह समय सही नहीं था कि तुम इन

सारी बातों को जानो पर तुमने जो कार्य

किया

उसको देख के मुझे अब लगा कि यह सही वक्त

है अब मैं तुम्हें वह बातें बता

दूं तुम्हारे लिए वह बातें जानने का समय

अब आ चुका है तुमने ऐसे कार्य किए हैं

जिससे मैं बहुत प्रसन्न हुई हूं इसी कारण

मैं तुम्हें वह बात बताने आई

हूं जिस तरह तुम्हारी जननी तुमसे कुछ नहीं

छुपाती तुम्हारी जननी तुमसे कुछ नहीं

मांगती उसी तरह मैं भी तुमसे कुछ नहीं छु

पाऊंगी इस बातों से तुम्हारे जीवन में

परिवर्तन आएगा किस चिंता में हो तुम मेरे

प्रिय इन बातों को जानने से तुम्हारे जीवन

में प्रसन्नता आएगी तुम्हारे जीवन को एक

नई दिशा प्राप्त

होगी तुम अब पहले से ज्यादा सकारात्मक हो

जाओगे तुम बिल्कुल

सही राह पर हो मैं तुमसे बहुत ज्यादा

प्रसन्न हूं इसलिए यह सब तुम्हें दिखाया

जा रहा

[संगीत]

है यह प्रकृति तुम्हारा साथ दे रही है

ताकि तुम निरंतर आगे बढ़ते

रहो तुमने खुद को इस प्रकृति से जोड़ लिया

है तुम खुद को इस प्रकृति से जुड़ा हुआ

मानते हो और यही बात तुम्हारे जीवन को आगे

बढ़ाएगी तुम्हें सफलता की ओर ले

जाएगी जो मनुष्य खुद को इस प्रकृति से

जुड़ा मानता है जो खुद को इस प्रकृति से

जुड़ा समझता है उसके जीवन में सब कुछ

अच्छा ही होता है क्योंकि तुम सच में इस

प्रकृति से जुड़े हो तुम इसी प्रकृति का

हिस्सा हो पर अब इस मोड़ पर आकर अब

डगमगाना नहीं है क्योंकि तुम्हें जो चाहिए

उसे मैंने स्वीकार कर लिया है तुमने जो

प्रार्थनाएं की है जो भी तुमने मुझसे

मांगा है उसे मैंने स्वीकार कर लिया है और

अब समय आ गया

है बहुत जल्दी ही तुम्हारी एक ऐसी व्यक्ति

से मुलाकात होने वाली

है जो तुम्हारी आर्थिक मदद करने वाला है

तुम्हारी स्थिति में तुम्हारी सहायता

करेगा तुम्हें इससे

उभारे वह इंसान तुम्हारे परिवार में से हो

सकता है तुम्हारा मित्र हो सकता है कोई भी

तुम्हारा अपना ही होगा क्योंकि मेरे प्रिय

तुम भी तो सबका भला ही सोचते हो सबके साथ

अच्छा ही कर हो तो तुम्हारे साथ इतना बुरा

कैसे हो सकता है कुछ मनुष्य ऐसे भी होते

हैं जिन्हें दूसरों की खुशी से दुख

पहुंचता है वह दूसरों की दुख से खुश होते

हैं पर तुम तो दूसरों की खुशी में अपनी

खुशी देखते हो दूसरों के दुख में अपना दुख

देखते

हो तो ऐसा मनुष्य भला कितने वक्त दुखी रह

सकता

है तुम्हारे इन्हीं कार्यों से तुम

परमात्मा के बहुत करीब आ चुके हो मेरे

प्रिय तुमने अच्छाई के बीज बोए अब यह बीज

एक विशाल वृक्ष बन चुके हैं जो

तुम्हें फल देने को व्याकुल है अब

तुम्हारे कष्ट खत्म होने वाले हैं तुम

बिल्कुल सही राह पर हो क्या तुमने ध्यान

दिया है तुम्हें बार-बार प्रकृति संदेश दे

रही है तुमसे बात कर रही है अं लोग पशु

पक्षी इत्यादि के माध्यम से जैसे और भी

बहुत कुछ जब भी तुम्हारे जीवन में बदलाव

आने वाला होता है तो प्रकृति ऐसे ही संदेश

देती है तुमने अपने आप को इस प्रकृति से

जोड़ लिया है जो एक खुशाल जीवन के लिए बहत

महत्त्वपूर्ण

है अब यहां पर तुम्हारे लिए कुछ और भी है

बहुत सारी खुशियां अब बाहे फैलाए तुम्हारा

इंतजार कर रही हैं अब तुम्हें बस वर्तमान

काल में रहना शुरू करना है तुम्हारे जीवन

में सब बदलने वाला है इसलिए तुम्हें यह

संदेश सुनाया जा रहा है बहुत जल्द

तुम्हारे जीवन में बदलाव आने वाला है अब

सच में सब कुछ बदलने वाला है और यह बदलाव

तुम्हारी भलाई के लिए होने वाला है इंसान

को जो भी मिलता है वह उसके कर्म के अनुसार

ही मिलता है क्योंकि कर्म उसी प्रकार है

जिस प्रकार आप किसी पेड़ का बीज रोपण

करोगी उसी प्रकार का वृक्ष आपको भविष्य

में मिलेगा यदि आपने मीठे फल का बीज लगाया

तो आपको भविष्य में मीठे फलों की प्राप्ति

होगी और आपने बबुल का वृक्ष लगाया भविष्य

में आपको टे नसीब होंगे जो मनुष्य के लिए

अहित कारी है क्या तुम चाहते हो मैं

तुम्हारे जीवन में तुम्हारी सहायता करूं

और तुम्हारे जीवन में आने वाली सभी

समस्याओं को दूर करूं तुम्हारे जीवन को

खुशियों से भर दूं अगर तुम्हें यह संकेत

मिले तो समझ लेना समय आ गया है मैं हर

घड़ी तुम्हारे साथ हूं तुम्हारे लिए नई नई

योजनाओं का निर्माण कर रही हूं तुम्हारे

हर कार्य पूरे होंगे अब तुम्हारे द्वारा

किए गए नेक कर्मों का फल तुम्हे प्रदान

करने का समय आ चुका है मैं तुम्हें आभास

कराती हूं तुम्हारा अच्छा समय आ चुका है

जिन कार्यों को तुम करने का सोच रहे हो

उन्हें करने का सही वक्त आ चुका है जैसे

जैसे तुम्हारा समय अच्छा होता

जाएगा वैसे-वैसे तुम्हें यह प्रकृति संदेश

देती रहेगी वैसे ही मैं तुमसे बातें करती

रहूंगी जब तुम समझ लेना कि अब तुम्हारे

सभी कार्य पूर्ण होने वाले हैं मेरे प्रिय

उस समय तुम्हें इस प्रकार के संकेत

मिलेंगे तुम्हारा पहला संकेत तुम जो भी

सोचते हो वह सच हो जाता है थोड़े समय में

ही या तुम्हें सपने में हरे भड़े वृक्ष

दिखाई देते हैं या तुम वृक्ष से पके हुए

फल तोड़ते हो या फिर तुम्हें कोई गुरु या

फिर साधु संत के पैर छूते हुए दिखते हो या

तुम रास्ते में चल रहे हो कोई महात्मा

तुम्हें रोककर आशीर्वाद दे तो समझ लेना अब

तुम्हारे अच्छे वक्त की शुरुआत हो चुकी है

अब तुम जो भी कार्य करोगे उसमें तुम्हें

सफलता प्रदान होगी अब तुम्हारे द्वारा किए

गए नेक कर्म तुम्हें फल देने को तैयार है

और अब तुम्हें तुम्हारे परिवार के लोगों

का साथ मिलेगा तुम्हें स्वता महसूस होने

लगेगा मैं तुम्हारे जीवन में प्रवेश कर

चुकी हूं तुम्हारा भाग्य उदय होना निश्चित

है मेरे प्रिय इन

सब जीत तुम्हारी ही होगी भले ही हालात आज

कैसे हो भले ही आज तुम्हें मुश्किल दौर से

गुजरना पड़ रहा है

परंतु मेरे

प्रिय तुम सीख रहे हो

अतः जीत तुम्हारी ही

होगी मैं तुमसे अति प्रसन्न हूं तुमने जिस

प्रकार कठिन वक्त में भी सत्य का मार्ग

चुना जिस प्रकार तुम सभी परीक्षाएं

सफलता पूर्वक पार कर रहे हो

यही तुम्हारी जीत को सुनिश्चित करता

है वक्त को पकड़ना ना मुमकिन

है फिर क्यों

तुम बीते भक्तों के कुछ पलों को मुट्ठी

में दबा कर रखना चाहते

हो जो हुआ वह केवल एक अनुभव दिलाने के लिए

था मेरे प्रिय तुम ऐसे हार नहीं मान

सकते यदि तुम्हें अस सफलता मिली तो उसके

पीछे भी विशेष कारण था तुमने जो देखा है

वह तुम्हारे जीवन का अनुभव

है तुम्हारी हार नहीं

हुई तुम्हारी जीत ऐसी होगी सब देखते रह

जाएंगे

तुम्हारी जीत की रोशनी ऐतिहासिक

होगी जीत जीवन के सफर

में संबंधों में और समाज

में मेरे

प्रिय जो संबंध तुम्हारी तकलीफों को

बढ़ाते

हैं जो तुम्हें बार-बार दर्द देते

हैं

जिसने

तुम्हारे मुख की मुस्कान छीन

ली जिसने तुम्हें ऐसे दौर पर खड़ा किया

है जहां तुमने सोचा भी ना

था वही दूसरे और ऐसे

संबंध जो पीड़ा में भी तुम्हें मुस्कराना

सिखाते हैं तुम्हारे जीवन में है जो

मुश्किल ी में तुम्हें टूटने नहीं

देते ऐसे दोनों ही प्रकार के

संबंध तुम्हारे जीवन में

है चुनाव केवल तुम्हें करना है कि किसको

अपने पास रखना

है क्योंकि तुम्हारा अपना केवल वही है तो

तुम्हारे कठिन वक्त में भी तुम्हारा साथ

नहीं

छोड़ता जो बस तुम पर विश्वास करता

है क्योंकि वही वास्तव में तुम्हारे अपने

हैं क्या तुम मुझे एक प्रश्न का उत्तर

दोगे जब शिशु प्रथम बार चलने का प्रयास

करता है तब वह कितनी बार गिरता

है शायद गिनती करना असंभव

हो क्योंकि वह हर दिन हर एक कदम पर गिरता

है फिर भी शिशु की माता अपने बच्चे के इस

प्रयास को देखकर खुशी से झूम उठती है और

अपनी ममता आंखों से निछावर कर देती

है वह उसके घाव को नहीं बल्कि उसके प्रयास

को देखती

है उसी प्रकार तुम मेरे वह शिशु हो जो अभी

चलना सीख रहा

है यदि तुम गिरते हो तो यह क्यों भूल जाते

हो तुम्हारी माता तुम्हारे साथ खड़ी है जो

तुम्हें अपनी प्रेम और दुलार से फिर से

खड़ा कर

देगी प्रयास करते वक्त गिर जाना कोई गलती

नहीं है मेरे प्रिय

सबसे बड़ी गलती तुम्हारी वही होगी जो एक

बार गिर के कभी उठने का प्रयास ही ना

करना सबसे बड़ी भूल है आज तुम

उठोगे फिर चलोगे और रफ्तार से दौड़ लगाओगी

आज फिर तुम्हारी जिंदगी का एक नया सवेरा

होगा तुम आज फिर

उठोगे तुम आज फिर

उठोगे तुम अपनी जिंदगी में अपने और छल

कपटी लोगों को

पहचानोगे मेरे प्रिय तुम्हारे मार्ग में

जो चुनौतियां आती हैं तो वह पुष्टिकरण

करती है कि तुम सही दिशा में अग्रसर हो

रहे हो जब तुम प्रसन्न करते

हो ने सारी

चुनौतियां सारी कठिनाइयां सिर्फ तुम्हें

ही क्यों दी है तब मुझे अत्यधिक पीड़ा

होती

है भला कोई

जन्मदाता अपने ही संतान को पड़ा कैसे दे

सकता

है मेरे

प्रिय मेरा हाथ पकड़ लो और अपनी सारी

चिंताए मुझे दे दो

मेरे दिखाए रास्ते प चलना शुरू करो जीत

तुम्हारी निश्चित है जिनके समक्ष कोई

परेशानी ही नहीं

है वह गलत मार्ग पर है या वह चलने का

प्रयास ही नहीं कर रहे क्योंकि जो आगे

बढ़ेगा उसके मार्ग में उतार चढ़ाव आना तो

स्वाभाविक है किंतु जो चलेगा ही नहीं जो

सिर्फ बैठा रहेगा उसके लिए तो हर समय एक

समान ही

रहेगा उसके लिए कौन सा उतार चढ़ाव और कौन

सा मार्ग इसलिए परेशानी से डरो मत उसका

समाधान करो उसका सामना करो जो तुम तुम कर

रहे हो या तुम जो करना चाह रहे

हो उसका विवरण दूसरों से साझा करना यह

तुम्हारी सबसे बड़ी भूल है क्योंकि

तुम्हारे समक्ष तुम्हारा मित्र है क्योंकि

तुम्हारे समक्ष तुम्हारा मित्र है या

शत्रु यह तुम नहीं जानते तुम जो कार्य

करना रहे हो या कर रहे हो उसका विवरण

दूसरों से तब तक ना करो जब तक तुम अपने

कार्य में सफलता ना पालो अपनी योजनाओं को

गुप्त रखते हुए चलो आने वाले समय में आने

वाले समय में तुम स्वयं का भाग्य

लिखोगे जो तुम चाहते हो वैसा ही होगा मैं

तुम्हारे साथ हूं उठो और अब आगे

बढ़ो

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