??ये सब रोक दो ll ?Maa Kali Message ll ✅ - Kabrau Mogal Dham

??ये सब रोक दो ll ?Maa Kali Message ll ✅

मेरे बच्चे तुम सदैव मेरे स्मरण में रहते
हो मैं तुम्हारी हर एक प्रार्थना को ध्यान
से सुन रही हूं तुम सदैव अपने लक्ष्य को
प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करते हो

तुम अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए
भरपूर परिश्रम भी करते हो परंतु तुम्हारे
परिश्रम में कहानी ना कहानी कोई कमी र

जाति है तुम्हारा लक्ष्य तुम्हारे पास तो
है लेकिन तुम उसे प्राप्त करने में समर्थ
हो तुम अपनी और से अपने लक्ष्य तक पहुंचने
के लिए अपना सब कुछ प्रधान कर देते हो

किंतु फिर भी तुम्हारे हाथ केवल सफलता ही
आई है मेरे बच्चों मैं तुम्हें बताना
चाहती हूं की तुम्हारे प्रयासों में कोई
भी कमी नहीं है बस आवश्यकता है तो तुम्हें

कुछ बटन पर ध्यान देने की तुम्हें स्मरण
रखना चाहिए
की किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए
दो चीजों की आवश्यकता है वह है प्रार्थना

और प्रयास जीवन में कुछ भी प्राप्त करने
के लिए तुम्हें कठिन परिश्रम करना ही
पड़ेगा इसके अलावा तो तुम्हारे पास कोई
अन्य रास्ता नहीं है

यदि तुम्हारा मां सच में लक्ष्य को
प्राप्त करना चाहता होगा तो तुम्हें उसके
प्रति परिश्रम करने में तनिक भी कठिनाई
नहीं होगी

उल्टा तुम्हें उसे परिश्रम में आनंद आने
लगेगा तुम्हें परिश्रम कुछ इस प्रकार करना
चाहिए की जैसे तुम्हारी सफलता केवल
तुम्हारे परिश्रम पर ही निर्भर है

लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रार्थना कवि
हम योगदान है प्रार्थना तुमको कठिन स्थिति
में भी उम्मीद प्राप्त करने का कार्य करती
है

परिश्रम करने के बावजूद भी जब सफलता
प्राप्त नहीं
और निराशा को दूर रखना के लिए तुम्हें
प्रार्थना की आवश्यकता पड़ती है

प्रार्थना करने से तुम्हारे मां में
विश्वास उत्पन्न होता है जो तुम्हें वापस
उम्मीद की उंगली थम देता है
यही उम्मीद तुम्हें निराशा के समय में

परिश्रम करने में मदद करेगी तुम्हें
प्रार्थना कुछ ऐसे करनी चाहिए की जैसे
तुम्हारी सफलता केवल तुम्हारे प्रार्थना
पर ही निर्भर है अपने लक्ष्य की प्रताप के

लिए तुम्हें प्रार्थना और परिश्रम दोनों
की ही आवश्यकता है प्रार्थना तुम्हें
संयमित बनती है और परिश्रम करने का हौसला
प्रधान करती है

महसूस हो की तुम्हारे लक्ष्य की प्रताप
में अब विषम कठिनाइयां ए रही है तब
तुम्हें माल लेना चाहिए की तुम्हारा

लक्ष्य अब तुम्हारे समीप ही है लक्ष्य
जितना ही करीब होता है उससे जुड़ी
कठिनाइयां उतनी ही विषम होती जाति हैं तो
मैं मुश्किलों के प्रति अपनी मानसिकता को

बदलना चाहिए मुश्किल भले ही तुम्हारे
लक्ष्य प्रताप में बड़ा बंटी है
मगर वह तुम्हें मजबूत भी बनती है तुम्हें
मुश्किलों को अपना मित्र समझकर उनसे और

अधिक परिश्रम करने की प्रेरणा लेनी चाहिए
मेरे बच्चों मैं तुम्हारे व्यवहार से काफी
प्रश्न हूं तुम जी भी लक्ष्य को साधोगे
तुम्हें उसे लक्ष्य में सफलता अवश्य

प्राप्त होगी तुम्हारे लक्ष्य की प्रताप
में मैं स्वयं तुम्हारा सहारा बनूंगी
तुम्हारे जीवन को बहुत ध्यान से देखने पर
मैंने यह जाना है की तुम्हारा मां भीतर से

प्रश्न नहीं तुम जी लक्ष्य को प्राप्त
करने के लिए प्रयास कर रहे हो उसे लक्ष्य
की प्रताप तुम केवल दूसरों के लिए ही करना
चाहते हो

तुम अपना सर परिश्रम केवल इसलिए कर रहे हो
जिससे तुम्हारे आसपास के लोग तुम्हारा
सम्मान करने लगे तुम्हें ऐसा लगता है की
जब तक तुम सामाजिक तोर पर सफल नहीं हो

जाते तब तक तुम प्रश्न नहीं र सकते हो
तुम्हें लगता है की तुम्हारे जीवन में
प्रसन्नता की कुंजी तुम्हारी सफलता ही है
तुम अपनी प्रसन्नता के लिए कार्य करने के

बजे दूसरों के सामने अपने सम्मान के लिए
कार्य करने में लगे हुए हो तुम्हें यह
समझना चाहिए की तुम्हारे जीवन की

प्रसन्नता तुम्हारी सफलता पर नहीं बल्कि
तुम्हारी सफलता तुम्हारी प्रसन्नता पर
निर्भर करती है जब तक तुम अपने पूर्व मां
से प्रश्न और संतुष्ट नहीं रहोगे तब तक

तुम सफल नहीं हो सकते तुम्हारी प्रसन्नता
तुम्हारे किया कार्यों में साफ तोर दिखाई
देती है यदि तुम प्रसन्नचित होकर किसी
कार्य को करते हो तो उसे कार्य को सफल

होने से कोई
अपने मां को अच्छी तरह से खंगाल ना होगा
और पता करना होगा की आखिर तुम्हारे लिए
सफलता क्या

सफलता दूसरों के सामने सम्मान प्राप्त
करना है या फिर तुम्हारे मां की प्रसन्नता
ही तुम्हारी सफलता है
यदि तुम्हारा मां प्रश्न रहेगा तो

तुम्हारे किया सभी कार्यों में एक प्रकार
की नकारात्मकता दिखाई देगी
भले ही तुम्हारा कार्य पूर्ण हो जाए परंतु
यह नकारात्मकता दूसरों को तुमसे दूर ले

जाएगी इसके करण तुम्हारे आत्मविश्वास में
भी कमी आएगी
तुम्हें सदैव उन कार्यों को करने में अपना
ध्यान लगाना चाहिए जिन कार्यों से

तुम्हारे मां को प्रसन्नता प्राप्त होती
है तुम्हें अपनी दिलचस्प के अनुसार ही
कार्य करने चाहिए क्योंकि उन कार्यों को
करने में तुम्हें सफलता भले ही थोड़े समय

बाद प्राप्त हो परंतु प्रसन्नता तुरंत
प्राप्त होती है
मैं यह चाहती हूं की तुम्हें संसार की हर
सुंदरता का आभास करने का सुख भी प्राप्त
हो मैंने यह देखा है की तुमने अभी तक

संसार की अल सुंदरता की अनुभूति की नहीं
ऊपरी तोर पर देखने पर जीवन परेशानियां से
भरपूर दिखाई पड़ता है किंतु ध्यान से जीवन

की अनुभूति करने पर इस जीवन की सुंदरता का
पता चला है
जीवन की सुंदरता के बड़े में ना तो पढ़ा
जा सकता है ना ही उसे देखा जा सकता है और

ना ही उसे सुना जा सकता है
जीवन की अल सुंदरता केवल उसे जी करके ही
किया जा सकता है तुम्हारे जीवन का कोई
हिस्सा उसकी सुंदरता को नहीं दशा सकता

तुम्हारा संपूर्ण जीवन ही उसकी सुंदरता को
दशा सकता है जीवन को उसकी पूर्णत हमें
जीने पर ही तुम्हें उसकी अल सुंदरता का
आभास हो सकता है तुम्हारे जीवन में

तुम्हें अनेक परेशानियां का सामना करना
पड़ेगा तुम्हें उन परेशानियां से लड़ने के
लिए अपनी क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता भी
पड़ेगी

तुम्हारी क्षमता को बढ़ाने के लिए तुम्हें
जीवन में अनेक गुरु मिलेंगे लेकिन
तुम्हारे जीवन का सबसे बड़ा
यदि कोई है तो वह स्वयं तुम्हारा जीवन

तुम्हारा जीवन तुम्हें वह सबक शिखा सकता
है जो तुम्हें कोई और गुरु कभी भी नहीं
शिखा पाएगा
तुम्हारा जीवन एक अच्छे गुरु की भांति

तुम्हें किसी भी कार्य को करने की
स्वतंत्रता प्रधान करता है यदि तुम उसे
कार्य को सही तरीके से कर लेते हो तो वह
तुम्हें उसका इनाम देता है और यदि तुम उसे

कार्य को गलत करते हो
तो वह तुम्हें उसका दंड भी प्रधान करता है
तो मैं यह सदैव स्मरण रखना चाहिए की जीवन
को जीने का सही तरीका है

उसे आगे की और जीना और जीवन से सीखने का
सही तरीका
तुम्हें अपने बीते हुए जीवन से सिख लेते
हुए अपने आगे के जीवन को सुखमय बनाने का
प्रयास करना चाहिए

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