समसाणा त चाली काली देक न किलकार - Kabrau Mogal Dham

समसाणा त चाली काली देक न किलकार

[संगीत]

बोलिए मां कालका रानी की

जय दुखिया

इंसान संकट से परेशान जब महाकाली को शमशान

में भोग देते हैं तो भोग लेकर किस प्रकार

मां संकट पर धावा बोलती है हाथ में हथियार

लेकर चलती है आइए भजन महाकाली के श्री

चरणों में सुनिए कैसे

[संगीत]

समसाना ते चली काली देख ने

किलकार हाथ में हथियार लेके हाथ में

हथियार समसाना ते चली ड़ी देखने लकार हाथ

में हथियार लेके हाथ में हथियार समसाना

ताली गाड़ी देखने किलकार हाथ में हथियार ख

हाथ में

हथियार जो मैं बर क मसान चाली झूम चूम के

भवन में आली भवन में आली भवन में आली ो

में बरक मसान त चाली झूम झूम के भवन में

आली भवना में आली भवना में आली घूमने लागी

देखो नगन कटार हाथ में हथियार लेके हाथ

में हथियार सनाते चली ड़ी देने किलकार हाथ

में हथियार ले ग हाथ में

हथियार

खाए पता से पान चबरी आज पेसीन खूब खिलारी

खूब खिलारी खूब खिलारी खाए पता से पान

चबरी आज बसी ने खूब खिलारी खूब खिलारी खूब

लारी संकट प काल का हो

असवार हाथ में हथियार लेकर हाथ में हथियार

समसाना ली का देखने लकार हाथ में हथियार

लेक हाथ में

हथियार

प्रेम भाव की भूखी माई कर दे पल में पीड़

पराई पीड़ पराई पीड़ पराई प्रेम भाव की

भूख माई कर दे पल में पीड़

पराई प ई पीड़ पराई रोग मिटा काली लावे

नहीं कोई वारे हाथ में हथियार ले हाथ में

हथियार सम ली काने दिलग हाथ में हथियार

लेते हाथ में

हथियार

राजकुमार सुनर आ आला गुरु विनोद का देख्या

वाला देख्या वाला देखा वाला

राजकुमार सुनारिया आला गुरु विनोद का

देख्या बाला देख्या वाला देख्या बाला नू

बालिंदी अप करया

उपकार हाथ में हथियार लेके हाथ में हथियार

समसाना ते चली गड़ी ने गलग हाथ में हथियार

ले हाथ में हथियार

हाथ में हथियार लेके हाथ में हथियार हाथ

में हथियार लेके हाथ में

[संगीत]

हथियार

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