सकंद मां स्कंदमाता के दर्शन पाते ही - Kabrau Mogal Dham

सकंद मां स्कंदमाता के दर्शन पाते ही

अगर आप माता रानी को दिल से मानते हैं तो

अभी संदेश को पूरा सुनना मेरे तुम्हारे

जीवन में सब कुछ बदल रहा है जो तुमने चाहा

था धीरे-धीरे वह सब पूरा होने वाला

है सबसे पहले तुम्हारा यह जानना जरूरी है

कि तुम्हारे जीवन में जो तुम्हारे रुके

हुए कार्य थे क्यों रुके हुए हैं जो अभी

तक पूरे नहीं हुए हैं तुम्हें उसका पीछे

का कारण जानना है कि तुम कार्य करते तो हो

यदि उसमें सफलता नहीं मिल पाती तो तुम उस

कार्य को वहीं छोड़ देते हो और नया कार्य

शुरू कर देते

हो जीवन में कभी भी अपने लक्ष्य पर

पहुंचने के लिए हमें कार्यों को पूरा करना

चाहिए यदि हमें इसमें सफलता नहीं मिलती है

तो हमें दोबारा प्रयास करना चाहिए उस

कार्य को तब तक करते रहना चाहिए

जब तक कि तुम्हें उसमें सफलता ना

मिले यही असली कार्य करने की नीति होती है

और तुम्हें इस नीति को अपनाना होगा तभी

तुम जीवन में आगे बढ़ सकते हो मेरे बच्चे

कार्य को पूरा करो तभी तुम जीवन में आगे

बढ़ पाओगे अधूरे कार्य के साथ कभी भी किसी

को कोई लाभ नहीं मिला

है मैं तुम्हें नवरात्रों में अपने दर्शन

देने आई हूं इस समय जो कोई भी मेरे दर्शन

प्राप्त कर लेता है और मेरे संदेश को अपने

जीवन में अपनाता है उसके जीवन के बिगड़े

काम मैं पल भर में पूरे कर देती

हूं मेरे बच्चे तुम हमेशा लोगों के

व्यवहार से दुख और ऐसा करके तुम गलत कर

रहे हो तुम्हें दूसरों के लिए इतना सोचने

की आवश्यकता नहीं है दूसरे जो भी कर रहे

हैं तुम्हें ध्यान नहीं तुम्हें सिर्फ

अपने कार्यों पर ही ध्यान देना है

यदि कोई तुम्हारे लिए ब भी कर रहा है तो

तुम्हें सोचने की आवश्यकता नहीं है ये समझ

लिया है जितना वह तुम्हारे लिए सोच रहे

हैं इस प्रकार के नकारात्मक सोच से दूर

रहना चाहिए बस यह सोच लो कि जो जैसा करेगा

वैसा भरेगा तुम्हें दूसरों के लिए इतना

सोचने की आवश्यकता नहीं है अपने ऊपर ध्यान

दो दूसरों की बातों से जितना दूर रहोगे

तुम जीवन में उतना ही खुश

रहोगे मेरे क्रोध के आगे किसी की बुराई

नहीं टिक सकती है तो मैं तुम्हें इस चंचल

मन में नकारात्मक सोच को कैसे देख सकती

हूं मैं तुम्हारे नकारात्मक सोच को

तुम्हारे से दूर रखना चाहती हूं इसलिए

मेरे बच्चे अपनी माता की बातों को मान

लो ऐसे दुखी रहने से और नकारात्मक सोचने

के कारण तुम जीवन में आगे नहीं बढ़ पा रहे

हो और यह तुम्हारी सबसे बड़ी गलती है जो

तुम खुद अपने हाथों से कर रहे हो मैं तो

तुम्हें आगे बढ़ाने के अनेकों मार्ग

दिखाती हूं परंतु यदि तुम इसमें फंस कर रह

जाओगे तो फिर तुम जिंदगी में कभी आगे नहीं

बढ़

सकते नकारात्मकता ने तुम्हारे दिल और

दिमाग पर प्रभाव डाल दिया है तुम्हारे

सोचने समझने की क्षमता कम हो गई है तुम

सही गलत कुछ भी नहीं समझ पा रहे हो मेरे

बच्चे तुम्हें क्या हो गया है तुम अपनी

बुद्धि का प्रयोग अच्छे कार्य में नहीं कर

रहे इन बुरी सोच को छोड़ दो और अच्छी

चीजों को सोचो ताकि तुम्हारा भविष्य का

नाश ना हो इन चीजों के कारण तुम्हारे जीवन

में कभी भी अच्छा नहीं हो सकता इसलिए अपने

जीवन से नकारात्मक विचारों को छोड़ दो और

सकारात्मक विचार

अपनाओ जो भक्त सच्चे मन से मुझे एक बार भी

याद करता है मैं उसके जीवन से सभी कष्टों

को उसी पल दूर कर देती हूं अबकी बार इन नौ

दिनों की व्रत और पूजा का फल तुम्हें

मिलेगा यदि तुम नौ दिन सच्चे मन से मेरी

पूजा और भक्ति करते हो और किसी का दिल

नहीं दुखाते हो और सच्चे मन से लोगों की

सेवा करते हो तो तुम्हारी मनोकामनाएं

अवश्य पूरी होंगी

मेरे बच्चों मनुष्य जीवन तुम्हें बहुत

संघर्ष करने के बाद मिला है तो मैं चाहती

हूं कि तुम इस जीवन का भरपूर लाभ लो अपने

जीवन में छोटी-छोटी

खुशियां जी भरकर

जियो यह सोचो आज का दिन ही तुम्हारे लिए

सबसे ज्यादा खुशी का है आज के दिन माता ने

तुम्हें बहुत सारी शक्तियां दी हैं

जिससे कि तुम अपने बिगड़े काम भी बना सकते

हो तुम्हें अपने दिन की शुरुआत हंसी खुशी

से करनी चाहिए और मेरी भक्ति में ध्यान

लगाओ यदि तुम मेरा ध्यान करते हो तो

तुम्हें तीनों लोगों का वरदान मिलेगा

तुम्हें अपने मन की इच्छा के अनुसार फल

प्राप्त होगा इसलिए अपने दिन की शुरुआत

मेरी भक्ति से करो

जो बच्चे मेरी भक्ति अपनी पूर्ण श्रद्धा

से करते हैं उन्हें मैं जीवन में कभी

निराश नहीं होने

देती क्योंकि मैं चाहती हूं कि मेरे सभी

बच्चे मेरी सभी शक्तियां प्राप्त करके

अपनी मेहनत से अपने जीवन को सफल बनाएं इस

कलयुग में बहुत कम लोग ऐसे हैं जो दूसरों

की मदद करने के लिए भी सोचते हैं अपने

कार्य तो हर कोई करता है लेकिन लेकिन अगर

दूसरों के कार्य के लिए भी कोई अपने मन से

पूरी तरीके से तैयार होता है और उसकी मदद

करता है तो वह बच्चा मेरा प्रिय बच्चा

कहलाता

है आज कल के समय में अच्छे कर्म करने वाले

व्यक्ति बहुत कम है तो मैं चाहती हूं कि

तुम अच्छे कर्म करो सबकी रक्षा करो सबकी

सहायता

करो अगर तुम तुम्हारी छोटी सी मदद करने से

किसी के जीवन में बदलाव आता है और वह बहुत

खुश महसूस करता है तो तुम अपने जीवन में

भी अच्छे कार्य करते हुए देखोगे क्योंकि

किसी के दिल से निकली गई दुआ बहुत ज्यादा

अनमोल होती

है अगर जीवन में कोई तुम्हें गलत बोले और

तुम्हारे साथ बुरा व्यवहार करें तो तुम

कभी भी पलट कर वैसा ही व्यवहार मत कर

तुम उसे प्यार से संयम से धैर्य से और

सूझबूझ से उसको समझाना और उसकी गलती पर

उसको माफी जरूर देना क्योंकि माफ करने

वाला कभी छोटा नहीं होता

है क्योंकि अगर तुम उस व्यक्ति को माफ

नहीं करते हो तो तुम्हारे मन में उसके लिए

नफरत भर जाती है और तुम मनही मन दुखी होते

हो कि उसने मेरे साथ गलत व्यवहार किया

इसलिए तुम अपने आप को खुद ही दुख पहुंचाते

हो और तुम्हारा शरीर अंदर ही अंदर रोगों

से ग्रस्त होना शुरू हो जाता

है इसलिए मेरे बच्चे मैं चाहती हूं कि तुम

अच्छे बनो हमेशा दूसरों की गलतियों को माफ

कर दो उन्हें नजरअंदाज करना सीखो ताकि तुम

अपने आप को हानि ना

पहुंचाओ मैं जानती हूं कि तुम मुझ पर बहुत

विश्वास करते हो और तुम्हारी माता

तुम्हारे सदा साथ हैं ऐसा विश्वास जीवन भर

बना रहे इसके लिए तुम्हें मेरी कुछ बातों

को अपने जीवन में प्रयोग में लाना होगा

मेरी पहली बात है कि सदा बड़ों का सम्मान

करो अपने से छोटों को प्यार करो किसी दुखी

असहाय को दुख ना पहुंचाओ उनकी हमेशा

सहायता करो

ऐसा करने से तुम्हें अपने मन की आत्मा में

बहुत ज्यादा शांति महसूस होगी और तुम्हारा

विश्वास बहुत ज्यादा बढ़ेगा ऐसा करने से

तुम्हारे जीवन के सभी कार्य जल्दी सफल

होंगे हमेशा दूसरों का सम्मान करो तभी

आपको भी हर जगह सम्मान मिलेगा अगर आप किसी

का तिरस्कार करती हैं आप शब्द बोलते हैं

तो आप जीवन में चाहे कितना भी धन कमा ले

लेकिन आपकी आत्मा कभी खुश नहीं

होगी क्योंकि वही मनुष्य खुश रहता है

जिसका हृदय और उसकी आत्मा भी खुश रहती है

अगर आप अंदर से अच्छा महसूस करेंगे तभी

आपके चेहरे पर आपकी बुद्धि पर उसका असर

पड़ता है इसलिए हमेशा उत्तम और मीठा बोलो

ऐसे शब्द बोलो जिससे कि सामने वाले

व्यक्ति का दिल भी खुश हो जाए मेरा

आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है मेरे बच्चों

इस बार के नवरात्र में तुम्हें अवश्य ही

फल

मिलेगा और यह भी बात याद रखना कार्य करते

समय उसमें काफी बार विघी आ जाएंगे लेकिन

तुम उस कार्य को बीच में ही मत छोड़ देना

निरंतर प्रयास करते हुए आगे बढ़ते जाना

तुम्हें सफलता अवश्य मिलेगी

ताकि वे व्यक्ति तुम्हें दिल से दुआ दें

और तुम्हारे सारे बिगड़े काम फिर बन

जाएंगे मैं चाहती हूं मेरे बच्चों कि तुम

अपने हाथों से ऐसे व्यक्तियों को भोजन

कराओ माता आज अपना आशीर्वाद तुम्हें देती

हैं जीवन में स्वस्थ रहो खुश रहो तुम्हारा

दिन मंगलमय हो

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