शमशान काली आपके शरीर में आने से पहले देती है ये संकेत || samsan kali sharir me aane se pehle deti h - Kabrau Mogal Dham

शमशान काली आपके शरीर में आने से पहले देती है ये संकेत || samsan kali sharir me aane se pehle deti h

में जय माता दी मित्रों आपका मेरे चैनल

मां काली मां दुर्गा शक्ति संवाद में

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तुरंत मिल जाए मित्रो आजकल जो टॉपिक है वह

टॉपिक यह है कि जिन लोगों पर शमशान का लिए

आती हैं देखिए श्मशान काली सबसे प्रचंड

शक्ति होती है और मां भगवती

श्मशान काली के रूप में बहुत ही कम लोगों

पर आती है बहुत ही यानी आप कह सकते हैं कि

लाखों में एक व्यक्ति पर व्यक्तिमत्व

करोड़ों में भी मानती हूं

एक करोड़ में एक व्यक्ति पर श्मशानकाली कि

चौकी आती हैं यानी सवारी आती है लेकिन जब

यह आती हैं तो बहुत ही प्रचंडता के साथ

शरीर में प्रवेश करती हैं साथ ही जब यह

आती हैं तो यह पूरे शरीर को तोड़ देती हैं

क्योंकि मेरा साध्वी एक बार हुआ था कि

मेरे को भी एक बार श्मशान काली की सवारी

आई थी लेकिन वह एक ही बार आई लेकिन जब वह

आई तो उनके आने के बाद में कम से कम एक

हफ्ते तक तो मेरे शरीर में बहुत ही दरदरा

और मेरी ऐसी हालत हो गई कि मैं से उठा भी

नहीं जाता था तो इतनी प्रचंड शक्ति शमशान

का लिखिए उग्रशक्ति है

है तो जिन लोगों में आती है उनके क्या

लक्षण होते हैं और क्या-क्या वह महसूस

करते हैं यह सब जानकारी मैं आपको इस

वीडियो में दूंगी देखिए पहली बात तो

श्मशान काली की जो सवारी है जो कि अवार्ड

किसी को नहीं आती बहुत कम लोगों को आती है

हैं और जिन लोगों को आती है उनके अंदर जो

सबसे पहला लक्षण आता है वह यह होता है कि

उनको जो है सबसे पहले अपने घर वाले बहुत

बुरे लगने लगते हैं इतने बुरे लगते हैं कि

मन करता है वह जान से मार दिया अपने जो

परिवार के सदस्य उसे वह व्यक्ति बिल्कुल

भी पसंद नहीं करता

कि वह व्यक्ति बहुत ही चिड़चिड़ा हो जाता

है और इतना चिड़चिड़ा हो जाता है कि

बात-बात पर गुस्सा करने लगता है छोटी-छोटी

बातों पर वह बहुत ज्यादा उग्र हो जाता है

यानि समान फोन ना तोड़ना चिल्लाना इधर-उधर

भागना यह सब हरकतें उसके अंदर आने लगती

हैं इतना ज्यादा वह उग्र हो जाता है

है उसके अंदर अ

और तामसिक प्रवृतियां आने लगती है यानी

तामसिक चीजों का सेवन करने का उसका मन

करने लगता है मतलब उसको शराब पीना पसंद

नहीं होता शराब का सेवन वह बिल्कुल नहीं

करता यह नहीं कि तामसिक में वह शराब पीने

लगे नहीं सर आप उसे पीना बिल्कुल नहीं

पसंद होता उसे मांस खाना अच्छा लगता है

कि उसे मांस की खुशबू बहुत पसंद होती है

यहां तक कि वह बच्चा माधवी खाना अगर उसे

खाने को मिल जाए तो वह भी खाने को तैयार

हो जाता है

है और वह इतना जिद्दी हो जाता है यानी उसे

हर बात कितनी जिद्दी हो जाती है कि अगर

उसे कोई वस्तु चाहिए तो चाहिए चाहे वह

कहीं से भी उपलब्ध कराई जाए और उसको लेकर

वह बस सोचता ही रहता है कि मुझे यही चाहिए

मुझे यही चीज चाहिए इतनी ज्यादा उसकी

प्रवृत्ति बदल जाती है या नहीं जिसे कहते

स्वभाव में इतना बड़ा परिवर्तन उसके होता

है

कि उसका समय पूरी तरह बदल जाता है

हैं और जिन लोगों पर श्मशान काली की चौकी

आती है उनके शरीर में अजीब सी गंध आने

लगती है एक जैसे कहते हैं शमशान की गंध एक

मुर्दे जलने जैसी गंध जैसे कोई कच्चा मांस

जलता है इस प्रकार के गंध उनके शरीर में

से आने लगती है यानी वह शरीर से ही ऐसे

लगते हैं जैसे कि वह शमशान में निवास करने

वाले व्यक्तियों तो इस प्रकार के गानों

उनके शरीर से आने लगती है ऐसे व्यक्तियों

को अंधेरा बहुत पसंद होता है वह अंधेरे

में रहना चाहते हैं उन्हें कोई भी रोशनी

से उनकी आंखों में कैसे कहते हैं कि आखिर

चूड़ियां जाती हैं रोशनी उन्हें बिलकुल भी

पसंद नहीं होती तो वह अंधेरा रखते हैं अगर

कमरे में भी रहते हैं तो बहुत ही अ हल्की

लाइट में रहना पसंद करते हैं और आपके समय

वह अंधेरे में ही वापस करना पसंद करते हैं

है

ऐसे व्यक्तियों को लाल रंग बिल्कुल पसंद

नहीं होता उन्हें लाल रंग से चिढ़ हो जाती

है वह कभी भी लाल रंग धारण नहीं करते और

ना ही किसी भी लाल वस्त्रों का प्रयोग

करते हैं वह हम उन्हें हमेशा काला रंग

पसंद आता है वस्त्रों में भी वह काले

वस्त्र पहनना पसंद करते हैं और अगर किसी

भी चीज का प्रयोग करते हैं तो उन्हें वह

काले रंग की ही पसंद आती हैं ऐसे

व्यक्तियों को एकांतवास पसंद होता है यानी

वह अकेले में रहना पसंद करते हैं उन्हें

जो भी संसार के व्यक्ति होते हैं उनसे

उन्हें अलग रहना पसंद होता है वह

मिलना-जुलना बिल्कुल भी पसंद नहीं करते

हैं

वो कहते हैं वह चीजों से वह दूर होने लगते

हैं लोगों से दूर होने लगते हैं वह तक

जितनी भी चीजें होती है वह पसंद नहीं आती

वह अपने आप में ही रहने लगते हैं और किसी

से बात करना उन्हें बिल्कुल अच्छा नहीं

लगता

के साथ ही उनकी रीढ़ की हड्डी में बहुत

दर्द होता है यानि जो कमर की हड्डी होती

है पीछे की बैक बॉल इसको बोलते हैं उसमें

उन्हें बहुत ज्यादा दर्द होता है बहुत

पीड़ा होती है जब भी वह पूजा करते हैं या

बैठते हैं यह चलते-फिरते भी उनको दर्द

होता है बहुत अ

मैं आपको खाज खुजली की बीमारियां हो जाती

हैं इत्यादि मां भगवती ने श्मशान काली जब

शरीर में आती है तो अ छोड़कर निकलती है

ऐसा कहा जाता है तो उनके जो शरीर में खाज

खुजली की बीमारी हो जाती है थोड़े हो जाते

हैं जगह-जगह मोटे-मोटे फुंसियां निकल आती

हैं

है और इतना दर्द होता है कि वह बहुत

परेशान हो जाते हैं और एक समय पर

एक समय ऐसा भी उनके जीवन में आता है जब वह

माफी यह कहते हैं कि मां भगवती जय मां

काली आप मुझे इस संसार से उठाने अब मैं

संसार में नहीं रहना चाहता हूं इस कष्ट को

नहीं रहना चाहता हूं

है तो वह इस स्थिति जब होती है यानि जो वह

उस परिस्थिति में आ जाते हैं बिल्कुल कहते

हैं हर चीज की एक अंत हो जाता है तब उस

समय मां काली महाश्मशान काली खुलकर उनके

शरीर में प्रवेश करती है यानि जो उनकी

परीक्षा का समय होता है उसका उस समय अंत

हो जाता है जब वह अपनी मृत्यु मांग लेते

हैं वहां पर तब उनका जो वह कष्ट का समय है

वह समाप्त हो जाता है तब महाकाली भद्रकाली

कि श्मशान काली के रूप में उस व्यक्ति के

शरीर में पूर्णतया प्रवेश कर जाती हैं और

वह व्यक्ति काली में हो जाता है यानी मां

काली का स्वरूप हो जाता है मां भगवती का

पूर्ण आशीर्वाद उसको मिल जाता है क्योंकि

जो उसकी परीक्षा की घड़ी होती है वह

संपूर्ण हो जाती है और माइक का आशीर्वाद

उसको प्राप्त होता है और उसके जन्म के फिर

कट जाते हैं मैं तो ऐसा मानती हूं जो भी

व्यक्ति मां काली की पूजा करते हैं और मां

भद्रकाली महाकाली जिनके शरीर में निवास

करती हैं वह मां भगवती के चरणों में जाने

के लिए तैयार हो जाता है यानी जैसे ही

उसका जन्म इस पूरा होता है शरीर पूरा होता

है मां भगवती महामाया के चरणों में वह चला

जाता है महारानी उसे अपने चरणों में स्थान

दे देती हैं और जो यह जन्म के फेयर होते

हैं यह बंधन जो होता है जब पाप कर्म का जो

यह चक्र चलता है कि पुण्य किया पी उसको

भोगने के लिए मनुष्य को जन्म लेना पड़ता

है तो वहीं फिर उसे कट जाता है और मां

भगवती के चरणों में ही निधन हो मैं या मां

भगवती की शैतानियां बन जाती है मां भगवती

उन्हें दासी बनाकर अपने चरणों में रखते

हैं तो यह माई की पूजा का प्रताप होता है

प्रभाव होता है जो हर किसी को प्राप्त

नहीं होता यह वरदान है माई जिन पर कृपा

करती है उनको ही यह वरदान प्राप्त होता है

तो मित्रो यह सभी लक्षण उस व्यक्ति में

होते हैं श्मशान काली कि सवारी आने की आशा

करता हूं आपको जो यह जानकारी है वह समझ

में आई होगी अगर आपके साथ भी लक्षण है तो

आप मां भगवती की जितनी पूजा अराधना कर

सकते हैं इतनी पूजा कीजिए क्योंकि मां

भगवती जब किसी को भी आशीर्वाद देती है तो

केवल उसे एक ही वस्तु चाहती हैं वह उनकी

सेवाओं और आराधना तो आप फ्लेवर आराधना

कीजिए परिणाम की बिल्कुल भी चिंता मत

कीजिए परिस्थितियों की चिंता मत कीजिए मां

रानी के चरणों में अपना ध्यान लगाइए मां

भगवती आपका बेटा जरूर पार करेंगे तो

मित्रों अब प्रश्न लेती हूं मैं अपना

प्रश्न यह है पूजा का डर मुझसे पूछें जो

मेरा सर फट गई और दूसरा लेने और पुराने

वाले आशंका क्या करें देखिए बच्चों जिनका

आसन फट जाता है वह लोगों के साथ ऐसा होता

है कि आसन फट जाता है क्योंकि हर चीज की

एक कहते हैं एक वस्तु का एक जीवन होता है

जब उसका भी जीवन पूरा होता है तो वह खराब

हो जाती है तो उसका क्या करना चाहिए जैसे

आपका आसन फट गया है तब आपको क्या करना है

आपको एक नया सिम लेना है

नया सा लेने के बाद उसको उपाधि करना है और

माथे से लगा कर बिठाना है और उस पर माथा

टेकना है तब आपको इस पर पूजा करनी है और

जो आपका आसन फट गया है

कि आपने उस आसन पर बहुत पूजा की तप किया

तो वह ऑप्शन महत्वपूर्ण हो जाता है तो

उसको ऐसा नहीं फेंका जा सकता उसको जल

प्रवाह किया जाता है और जल प्रवाह करते

समय उसके साथ में दो फूल और एक मिठाई कोई

भी मिठाई आप रख सकते हैं और दक्षिणा ₹ ₹

जो भी आपकी श्रद्धा है उसके साथ में रख

करके आपको स्किन जल प्रवाह कर देना है

केवल यही आपको करना है और अपने नए अवसर पर

पूजा प्रारंभ कर दीजिए फिर अगला प्रश्न है

वैष्णवी सिंह जी का यह कहते हैं नमस्कार

मां मुझे भी मां की सवारी आती है और मन है

मां को नींबू का हार पहनाने का मन करता है

क्या नींबू का हार पहना सकते हैं या नहीं

मैं आपके रिप्लाई का इंतजार रहेगा जय मां

भवानी देखिए जो बच्चे मां भगवती मां काली

की पूजा करते हैं वह मां भगवती को नींबू

का हार पहना सकते हैं और नींबू का जो है

रोता है कि वह जहां पर काली मंदिर होता है

यानी प्रसिद्ध कालीपीठ जान होती है वहां

पर तो बाजार में तैयार भी मिल जाते हैं

लेकिन

जहां नहीं मिलते जैसे हम जहां रहते हैं

वहां पर कहीं भी दूर-दूर तक नींबू का हार

नहीं मिलता तो जिस जगह कोई भी व्यक्ति

जन्म होता है उसको फैमिली बना करके मां

भगवती को नींबू का हार पहनाना पड़ता है तो

ऐसी परिस्थिति में आपको नींबू का हार अपने

घर पर ही तैयार करना होगा और वह ले जाकर

के मंदिर में मां भगवती को बनाना है पंडित

जी को दे वह मां भगवती को पहना देंगे और

अब मैं तो यह कहती हूं अगर आप हार पहनाने

जा रहे हैं तोहार इतना बड़ा होना चाहिए जो

मां भगवती के गले में आ जाए यह नहीं कि आप

पांच नींबू का हार लेकर जा रहे हैं तो वह

पंडित जी का करते हैं उसको उठाकर के

प्रश्न पर टांग देते हैं मां भगवती के तो

आप इतना बड़ा हार ले जाएं मैंने नींबू के

ऊपर पूरी वीडियो बना रखी है आप वह वीडियो

सुने और उसमें नींबू की संख्या में मैंने

आपको बता रखिए कितने नींबू का हार आप बना

सकते हैं और अधिकतम कितने नींबू आपको लेने

हैं तो उस हिसाब से अपने घर पर हर बना

करके मां भगवती को अर्पण कर सकते हैं और

जो भी आपकी इच्छा है या परेशानी है उसके

लिए प्रार्थना करें तो मित्रों आशा करती

हूं आपको अपने प्रश्नों के उत्तर भी मिले

होंगे और जानकारी भी मिली होगी मां भगवती

से यही प्रार्थना करती हूं कि वह आपके

भंडार है भर्ती रहे आपकी सभी मनोकामनाओं

को पूर्ण करती रहे आपसे फिर मिलूंगी अपनी

अगली वीडियो में तब तक के लिए जय महाकाली

जय महाकाल की

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