वो कौन से 10 काम है जो संध्या ?के समय नहीं करना चाहिए!!वरना चली जायेगी घर की बरकत#maakali#maadurga - Kabrau Mogal Dham

वो कौन से 10 काम है जो संध्या ?के समय नहीं करना चाहिए!!वरना चली जायेगी घर की बरकत#maakali#maadurga

नमस्ते दोस्तों जय माता दी आप सबको मेरी

तरफ से सबसे पहले जय माता दी माता रानी की

कृपा आप सब पर सदैव बनी

रहे तो फ्रेंड्स आज का जो वीडियो है उसका

टॉपिक यह

है कि वह कौन से काम है जो संध्या के

समय नहीं करना चाहिए वरना चली जाएगी घर की

बरकत जी दोस्तों

टाइटल देखकर तो आपको समझ में आ गया होगा

कि कौन से वह काम है जो हमें नहीं करना

चाहिए संध्या के समय पर क्योंकि संध्या का

समय एक ऐसा समय होता है जिसको गोधूली बेला

माना गया है और गोधूली बेला में कहते हैं

कि देवी देवता हमारे घर में पधार हैं जो

हमारे पित्र है वह हमारे घर में पधार हैं

मतलब आते हैं हमारे घर के अंदर आते हैं

वास करते हैं तो उस समय पर कुछ ऐसे काम

हैं जो हमें नहीं करना चाहिए वरना सच में

घर की बरकत चली जाती

है तो चलिए फ्रेंड्स बिना किसी देरी के

वीडियो शुरू करते हैं वीडियो अगर पसंद आया

हो तो लाइक जरूर कीजिएगा और मेरे चैनल को

सब्सक्राइब करना ना भूले तो चलिए दोस्तों

बात करते हैं उन काम के बारे में जो

हमें संध्या के समय नहीं करना चाहिए

तो उसमें से जो सबसे

पहला काम है वह यह है बाल नहीं झाड़ना जी

हां संध्या के समय आप अपने बाल नहीं झाड़े

संध्या का समय

मतलब से लेकर तक का जो समय होता

है उस बीच आप अपने बाल नहीं झार है ठीक है

उससे पहले झाड़ लीजिए या फिर उसके बाद

झाड़ लीजिए बस उस समय में मत झार ए यह काम

भी हमें नहीं करना चाहिए अच्छा दूसरा

है नाखून नहीं

काटना जी हां नाखून संध्या के समय कभी

नहीं काटने चाहिए शनिवार को नहीं काटने

चाहिए बृहस्पतिवार को भी नहीं काटनी चाहिए

तो दूसरा काम है कि नाखून का नहीं काटना

संध्या के समय आप बिल्कुल भी नाखून मत

काट तीसरा काम है घर के मोखे पर नहीं

बैठना

जो घर का आपका जो मुख्य द्वार है जिसे हम

मोखा भी कहते हैं मुख्य द्वार भी कहते हैं

मेन गेट भी कहते हैं वहां आप बैठ के मत

रहिए क्योंकि संध्याकाल में हमारे घर में

लक्ष्मी जी पधार हैं हमारे पितृ भी पधार

हैं और भी अन्य देवी देवता जो है वह पधार

हैं तो अगर आप संध्या काल में मुख्य द्वार

पर बैठी रहेंगी तो वह देवी देवता जो है

वहीं से वापस चले जाएंगे तो इसीलिए घर के

मोखे पर संध्याकाल में कभी ना बैठे

चौथा काम है घर के द्वार पर खड़ा नहीं

होना जी हां घर के द्वार मतलब मुख्य द्वार

पर खड़ा नहीं होना किसी किसी की ऐसी आदत

होती है कि संध्याकाल में जाकर मुख्य

द्वार पर खड़े होकर बाहर ताकत ताकी करने

की आदत होती है तो यह काम आप मत करिए आप

घर के मुख्य द्वार पर खड़े होकर बाहर देखा

देखी मत करिए मतलब मुख्य द्वार पर आप खड़ा

मत रहिए आप बाहर निकल के खड़ रहिए या फिर

अंदर की तरफ रहिए लेकिन मुख्य द्वार पर

खरा मत

होईए अच्छा संध्या काल में झारू भी नहीं

लगाना चाहिए यह है पांचवा काम झारू नहीं

लगाना जी हां संध्याकाल के समय अगर आप घर

में झारू मारिए मैंने जो समय बताया अगर उस

समय में अगर आप झारू मारते हैं घर में तो

जो लक्ष्मी जी आती हैं वह घर के बाहर से

ही वापस को चली जाती हैं ठीक है तो इसी के

लिए आप संध्या काल में घर में झारू मत

लगाइए उससे पहले ही लगाकर रख लीजिए बट

संध्या काल में झारू नहीं लगाइए तो छठा

काम है मांस का सेवन नहीं करना चाहिए जी

फ्रेंड्स संध्याकाल में मांस का सेवन

बिल्कुल ना करें क्योंकि वह गोदली बेला

होती है उस समय हम अपने घर में पूजा पाठ

करते हैं भगवान के सामने दिया जलाते हैं

तो उस समय आप पूजा पाठ पर ध्यान दे बल्कि

मछली इन सब का सेवन बिल्कुल भी ना

करें सातवा काम है मुख्य द्वार पर दिया

जलाना जी हां आपका जो घर का मुख्य द्वार

है जो आपका मेन गेट है वहां पर

अगर संभव हो तो आप एक दिया जरूर जलाइन में

लक्ष्मी जी आते हैं घर में धन संपत्ति की

सुख शांति की वैभव की बरकत होती है तो आप

यह जरूर कीजिए घर के मुख्य द्वार पर दिया

जलाए तो आठवा काम है घर के दरवाजे को बंद

नहीं रखे खोल कर रखें जी बिल्कुल

संध्याकाल में जैसे मैंने बताया कि देवी

देवता का घर में आगमन होता है हमारे

पित्रों का आगमन होता है तो घर के दरवाजे

जो है आपके मेन जो दरवाजा है मुख्य द्वार

जो है उसको बंद ना रखें संध्या का समय उसे

खोल कर

रखे नवा काम है संध्या के समय सोना नहीं

चाहिए जी हां यह बहुत महत्त्वपूर्ण है कि

संध्या काल में हमें सोना नहीं चाहिए इससे

घर में दरिद्रता बढ़ती है घर की जो सुख

शांति वह भंग होती है और घर की धन संपत्ति

की जो बरकत होती है वह भी खत्म हो जाती है

तो संध्याकाल में सोना नहीं चाहिए और आखरी

एवं जो दसवा काम है वह यह है कि संध्या के

समय घर में अंधकार नहीं रखना चाहिए

क्योंकि संध्या के समय घर में भगवान हमार

आते हैं हमारे जो इष्ट है वह आते हैं

लक्ष्मी जी आती है हमारी माता रानी आती है

हमारे पित्रों का भी आगमन होता है तो घर

में संध्या के समय अंधकार बिल्कुल भी ना

रखें जो भी आपके घर की लाइट हैं सबको

जलाकर रखें यहां तक कि जो आपके मुख्य

द्वार पर जो लाइट है उसको भी जलाकर रखें

तो यह बहुत शुभ होता है तो संध्या के समय

घर में अंधकार भी नहीं रखनी चाहिए तो चलिए

फ्रेंड्स आशा करती हूं कि यह जानकारी आपको

अच्छी लगी होगी और इसी के साथ आपसे अलविदा

लेती हूं मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में जय

माता दी
नमस्ते दोस्तों जय माता दी आप सबको मेरी

तरफ से सबसे पहले जय माता दी माता रानी की

कृपा आप सब पर सदैव बनी

रहे तो फ्रेंड्स आज का जो वीडियो है उसका

टॉपिक यह

है कि वह कौन से काम है जो संध्या के

समय नहीं करना चाहिए वरना चली जाएगी घर की

बरकत जी दोस्तों

टाइटल देखकर तो आपको समझ में आ गया होगा

कि कौन से वह काम है जो हमें नहीं करना

चाहिए संध्या के समय पर क्योंकि संध्या का

समय एक ऐसा समय होता है जिसको गोधूली बेला

माना गया है और गोधूली बेला में कहते हैं

कि देवी देवता हमारे घर में पधार हैं जो

हमारे पित्र है वह हमारे घर में पधार हैं

मतलब आते हैं हमारे घर के अंदर आते हैं

वास करते हैं तो उस समय पर कुछ ऐसे काम

हैं जो हमें नहीं करना चाहिए वरना सच में

घर की बरकत चली जाती

है तो चलिए फ्रेंड्स बिना किसी देरी के

वीडियो शुरू करते हैं वीडियो अगर पसंद आया

हो तो लाइक जरूर कीजिएगा और मेरे चैनल को

सब्सक्राइब करना ना भूले तो चलिए दोस्तों

बात करते हैं उन काम के बारे में जो

हमें संध्या के समय नहीं करना चाहिए

तो उसमें से जो सबसे

पहला काम है वह यह है बाल नहीं झाड़ना जी

हां संध्या के समय आप अपने बाल नहीं झाड़े

संध्या का समय

मतलब से लेकर तक का जो समय होता

है उस बीच आप अपने बाल नहीं झार है ठीक है

उससे पहले झाड़ लीजिए या फिर उसके बाद

झाड़ लीजिए बस उस समय में मत झार ए यह काम

भी हमें नहीं करना चाहिए अच्छा दूसरा

है नाखून नहीं

काटना जी हां नाखून संध्या के समय कभी

नहीं काटने चाहिए शनिवार को नहीं काटने

चाहिए बृहस्पतिवार को भी नहीं काटनी चाहिए

तो दूसरा काम है कि नाखून का नहीं काटना

संध्या के समय आप बिल्कुल भी नाखून मत

काट तीसरा काम है घर के मोखे पर नहीं

बैठना

जो घर का आपका जो मुख्य द्वार है जिसे हम

मोखा भी कहते हैं मुख्य द्वार भी कहते हैं

मेन गेट भी कहते हैं वहां आप बैठ के मत

रहिए क्योंकि संध्याकाल में हमारे घर में

लक्ष्मी जी पधार हैं हमारे पितृ भी पधार

हैं और भी अन्य देवी देवता जो है वह पधार

हैं तो अगर आप संध्या काल में मुख्य द्वार

पर बैठी रहेंगी तो वह देवी देवता जो है

वहीं से वापस चले जाएंगे तो इसीलिए घर के

मोखे पर संध्याकाल में कभी ना बैठे

चौथा काम है घर के द्वार पर खड़ा नहीं

होना जी हां घर के द्वार मतलब मुख्य द्वार

पर खड़ा नहीं होना किसी किसी की ऐसी आदत

होती है कि संध्याकाल में जाकर मुख्य

द्वार पर खड़े होकर बाहर ताकत ताकी करने

की आदत होती है तो यह काम आप मत करिए आप

घर के मुख्य द्वार पर खड़े होकर बाहर देखा

देखी मत करिए मतलब मुख्य द्वार पर आप खड़ा

मत रहिए आप बाहर निकल के खड़ रहिए या फिर

अंदर की तरफ रहिए लेकिन मुख्य द्वार पर

खरा मत

होईए अच्छा संध्या काल में झारू भी नहीं

लगाना चाहिए यह है पांचवा काम झारू नहीं

लगाना जी हां संध्याकाल के समय अगर आप घर

में झारू मारिए मैंने जो समय बताया अगर उस

समय में अगर आप झारू मारते हैं घर में तो

जो लक्ष्मी जी आती हैं वह घर के बाहर से

ही वापस को चली जाती हैं ठीक है तो इसी के

लिए आप संध्या काल में घर में झारू मत

लगाइए उससे पहले ही लगाकर रख लीजिए बट

संध्या काल में झारू नहीं लगाइए तो छठा

काम है मांस का सेवन नहीं करना चाहिए जी

फ्रेंड्स संध्याकाल में मांस का सेवन

बिल्कुल ना करें क्योंकि वह गोदली बेला

होती है उस समय हम अपने घर में पूजा पाठ

करते हैं भगवान के सामने दिया जलाते हैं

तो उस समय आप पूजा पाठ पर ध्यान दे बल्कि

मछली इन सब का सेवन बिल्कुल भी ना

करें सातवा काम है मुख्य द्वार पर दिया

जलाना जी हां आपका जो घर का मुख्य द्वार

है जो आपका मेन गेट है वहां पर

अगर संभव हो तो आप एक दिया जरूर जलाइन में

लक्ष्मी जी आते हैं घर में धन संपत्ति की

सुख शांति की वैभव की बरकत होती है तो आप

यह जरूर कीजिए घर के मुख्य द्वार पर दिया

जलाए तो आठवा काम है घर के दरवाजे को बंद

नहीं रखे खोल कर रखें जी बिल्कुल

संध्याकाल में जैसे मैंने बताया कि देवी

देवता का घर में आगमन होता है हमारे

पित्रों का आगमन होता है तो घर के दरवाजे

जो है आपके मेन जो दरवाजा है मुख्य द्वार

जो है उसको बंद ना रखें संध्या का समय उसे

खोल कर

रखे नवा काम है संध्या के समय सोना नहीं

चाहिए जी हां यह बहुत महत्त्वपूर्ण है कि

संध्या काल में हमें सोना नहीं चाहिए इससे

घर में दरिद्रता बढ़ती है घर की जो सुख

शांति वह भंग होती है और घर की धन संपत्ति

की जो बरकत होती है वह भी खत्म हो जाती है

तो संध्याकाल में सोना नहीं चाहिए और आखरी

एवं जो दसवा काम है वह यह है कि संध्या के

समय घर में अंधकार नहीं रखना चाहिए

क्योंकि संध्या के समय घर में भगवान हमार

आते हैं हमारे जो इष्ट है वह आते हैं

लक्ष्मी जी आती है हमारी माता रानी आती है

हमारे पित्रों का भी आगमन होता है तो घर

में संध्या के समय अंधकार बिल्कुल भी ना

रखें जो भी आपके घर की लाइट हैं सबको

जलाकर रखें यहां तक कि जो आपके मुख्य

द्वार पर जो लाइट है उसको भी जलाकर रखें

तो यह बहुत शुभ होता है तो संध्या के समय

घर में अंधकार भी नहीं रखनी चाहिए तो चलिए

फ्रेंड्स आशा करती हूं कि यह जानकारी आपको

अच्छी लगी होगी और इसी के साथ आपसे अलविदा

लेती हूं मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में जय

माता दी
नमस्ते दोस्तों जय माता दी आप सबको मेरी

तरफ से सबसे पहले जय माता दी माता रानी की

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टॉपिक यह

है कि वह कौन से काम है जो संध्या के

समय नहीं करना चाहिए वरना चली जाएगी घर की

बरकत जी दोस्तों

टाइटल देखकर तो आपको समझ में आ गया होगा

कि कौन से वह काम है जो हमें नहीं करना

चाहिए संध्या के समय पर क्योंकि संध्या का

समय एक ऐसा समय होता है जिसको गोधूली बेला

माना गया है और गोधूली बेला में कहते हैं

कि देवी देवता हमारे घर में पधार हैं जो

हमारे पित्र है वह हमारे घर में पधार हैं

मतलब आते हैं हमारे घर के अंदर आते हैं

वास करते हैं तो उस समय पर कुछ ऐसे काम

हैं जो हमें नहीं करना चाहिए वरना सच में

घर की बरकत चली जाती

है तो चलिए फ्रेंड्स बिना किसी देरी के

वीडियो शुरू करते हैं वीडियो अगर पसंद आया

हो तो लाइक जरूर कीजिएगा और मेरे चैनल को

सब्सक्राइब करना ना भूले तो चलिए दोस्तों

बात करते हैं उन काम के बारे में जो

हमें संध्या के समय नहीं करना चाहिए

तो उसमें से जो सबसे

पहला काम है वह यह है बाल नहीं झाड़ना जी

हां संध्या के समय आप अपने बाल नहीं झाड़े

संध्या का समय

मतलब से लेकर तक का जो समय होता

है उस बीच आप अपने बाल नहीं झार है ठीक है

उससे पहले झाड़ लीजिए या फिर उसके बाद

झाड़ लीजिए बस उस समय में मत झार ए यह काम

भी हमें नहीं करना चाहिए अच्छा दूसरा

है नाखून नहीं

काटना जी हां नाखून संध्या के समय कभी

नहीं काटने चाहिए शनिवार को नहीं काटने

चाहिए बृहस्पतिवार को भी नहीं काटनी चाहिए

तो दूसरा काम है कि नाखून का नहीं काटना

संध्या के समय आप बिल्कुल भी नाखून मत

काट तीसरा काम है घर के मोखे पर नहीं

बैठना

जो घर का आपका जो मुख्य द्वार है जिसे हम

मोखा भी कहते हैं मुख्य द्वार भी कहते हैं

मेन गेट भी कहते हैं वहां आप बैठ के मत

रहिए क्योंकि संध्याकाल में हमारे घर में

लक्ष्मी जी पधार हैं हमारे पितृ भी पधार

हैं और भी अन्य देवी देवता जो है वह पधार

हैं तो अगर आप संध्या काल में मुख्य द्वार

पर बैठी रहेंगी तो वह देवी देवता जो है

वहीं से वापस चले जाएंगे तो इसीलिए घर के

मोखे पर संध्याकाल में कभी ना बैठे

चौथा काम है घर के द्वार पर खड़ा नहीं

होना जी हां घर के द्वार मतलब मुख्य द्वार

पर खड़ा नहीं होना किसी किसी की ऐसी आदत

होती है कि संध्याकाल में जाकर मुख्य

द्वार पर खड़े होकर बाहर ताकत ताकी करने

की आदत होती है तो यह काम आप मत करिए आप

घर के मुख्य द्वार पर खड़े होकर बाहर देखा

देखी मत करिए मतलब मुख्य द्वार पर आप खड़ा

मत रहिए आप बाहर निकल के खड़ रहिए या फिर

अंदर की तरफ रहिए लेकिन मुख्य द्वार पर

खरा मत

होईए अच्छा संध्या काल में झारू भी नहीं

लगाना चाहिए यह है पांचवा काम झारू नहीं

लगाना जी हां संध्याकाल के समय अगर आप घर

में झारू मारिए मैंने जो समय बताया अगर उस

समय में अगर आप झारू मारते हैं घर में तो

जो लक्ष्मी जी आती हैं वह घर के बाहर से

ही वापस को चली जाती हैं ठीक है तो इसी के

लिए आप संध्या काल में घर में झारू मत

लगाइए उससे पहले ही लगाकर रख लीजिए बट

संध्या काल में झारू नहीं लगाइए तो छठा

काम है मांस का सेवन नहीं करना चाहिए जी

फ्रेंड्स संध्याकाल में मांस का सेवन

बिल्कुल ना करें क्योंकि वह गोदली बेला

होती है उस समय हम अपने घर में पूजा पाठ

करते हैं भगवान के सामने दिया जलाते हैं

तो उस समय आप पूजा पाठ पर ध्यान दे बल्कि

मछली इन सब का सेवन बिल्कुल भी ना

करें सातवा काम है मुख्य द्वार पर दिया

जलाना जी हां आपका जो घर का मुख्य द्वार

है जो आपका मेन गेट है वहां पर

अगर संभव हो तो आप एक दिया जरूर जलाइन में

लक्ष्मी जी आते हैं घर में धन संपत्ति की

सुख शांति की वैभव की बरकत होती है तो आप

यह जरूर कीजिए घर के मुख्य द्वार पर दिया

जलाए तो आठवा काम है घर के दरवाजे को बंद

नहीं रखे खोल कर रखें जी बिल्कुल

संध्याकाल में जैसे मैंने बताया कि देवी

देवता का घर में आगमन होता है हमारे

पित्रों का आगमन होता है तो घर के दरवाजे

जो है आपके मेन जो दरवाजा है मुख्य द्वार

जो है उसको बंद ना रखें संध्या का समय उसे

खोल कर

रखे नवा काम है संध्या के समय सोना नहीं

चाहिए जी हां यह बहुत महत्त्वपूर्ण है कि

संध्या काल में हमें सोना नहीं चाहिए इससे

घर में दरिद्रता बढ़ती है घर की जो सुख

शांति वह भंग होती है और घर की धन संपत्ति

की जो बरकत होती है वह भी खत्म हो जाती है

तो संध्याकाल में सोना नहीं चाहिए और आखरी

एवं जो दसवा काम है वह यह है कि संध्या के

समय घर में अंधकार नहीं रखना चाहिए

क्योंकि संध्या के समय घर में भगवान हमार

आते हैं हमारे जो इष्ट है वह आते हैं

लक्ष्मी जी आती है हमारी माता रानी आती है

हमारे पित्रों का भी आगमन होता है तो घर

में संध्या के समय अंधकार बिल्कुल भी ना

रखें जो भी आपके घर की लाइट हैं सबको

जलाकर रखें यहां तक कि जो आपके मुख्य

द्वार पर जो लाइट है उसको भी जलाकर रखें

तो यह बहुत शुभ होता है तो संध्या के समय

घर में अंधकार भी नहीं रखनी चाहिए तो चलिए

फ्रेंड्स आशा करती हूं कि यह जानकारी आपको

अच्छी लगी होगी और इसी के साथ आपसे अलविदा

लेती हूं मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में जय

माता दी
नमस्ते दोस्तों जय माता दी आप सबको मेरी

तरफ से सबसे पहले जय माता दी माता रानी की

कृपा आप सब पर सदैव बनी

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टॉपिक यह

है कि वह कौन से काम है जो संध्या के

समय नहीं करना चाहिए वरना चली जाएगी घर की

बरकत जी दोस्तों

टाइटल देखकर तो आपको समझ में आ गया होगा

कि कौन से वह काम है जो हमें नहीं करना

चाहिए संध्या के समय पर क्योंकि संध्या का

समय एक ऐसा समय होता है जिसको गोधूली बेला

माना गया है और गोधूली बेला में कहते हैं

कि देवी देवता हमारे घर में पधार हैं जो

हमारे पित्र है वह हमारे घर में पधार हैं

मतलब आते हैं हमारे घर के अंदर आते हैं

वास करते हैं तो उस समय पर कुछ ऐसे काम

हैं जो हमें नहीं करना चाहिए वरना सच में

घर की बरकत चली जाती

है तो चलिए फ्रेंड्स बिना किसी देरी के

वीडियो शुरू करते हैं वीडियो अगर पसंद आया

हो तो लाइक जरूर कीजिएगा और मेरे चैनल को

सब्सक्राइब करना ना भूले तो चलिए दोस्तों

बात करते हैं उन काम के बारे में जो

हमें संध्या के समय नहीं करना चाहिए

तो उसमें से जो सबसे

पहला काम है वह यह है बाल नहीं झाड़ना जी

हां संध्या के समय आप अपने बाल नहीं झाड़े

संध्या का समय

मतलब से लेकर तक का जो समय होता

है उस बीच आप अपने बाल नहीं झार है ठीक है

उससे पहले झाड़ लीजिए या फिर उसके बाद

झाड़ लीजिए बस उस समय में मत झार ए यह काम

भी हमें नहीं करना चाहिए अच्छा दूसरा

है नाखून नहीं

काटना जी हां नाखून संध्या के समय कभी

नहीं काटने चाहिए शनिवार को नहीं काटने

चाहिए बृहस्पतिवार को भी नहीं काटनी चाहिए

तो दूसरा काम है कि नाखून का नहीं काटना

संध्या के समय आप बिल्कुल भी नाखून मत

काट तीसरा काम है घर के मोखे पर नहीं

बैठना

जो घर का आपका जो मुख्य द्वार है जिसे हम

मोखा भी कहते हैं मुख्य द्वार भी कहते हैं

मेन गेट भी कहते हैं वहां आप बैठ के मत

रहिए क्योंकि संध्याकाल में हमारे घर में

लक्ष्मी जी पधार हैं हमारे पितृ भी पधार

हैं और भी अन्य देवी देवता जो है वह पधार

हैं तो अगर आप संध्या काल में मुख्य द्वार

पर बैठी रहेंगी तो वह देवी देवता जो है

वहीं से वापस चले जाएंगे तो इसीलिए घर के

मोखे पर संध्याकाल में कभी ना बैठे

चौथा काम है घर के द्वार पर खड़ा नहीं

होना जी हां घर के द्वार मतलब मुख्य द्वार

पर खड़ा नहीं होना किसी किसी की ऐसी आदत

होती है कि संध्याकाल में जाकर मुख्य

द्वार पर खड़े होकर बाहर ताकत ताकी करने

की आदत होती है तो यह काम आप मत करिए आप

घर के मुख्य द्वार पर खड़े होकर बाहर देखा

देखी मत करिए मतलब मुख्य द्वार पर आप खड़ा

मत रहिए आप बाहर निकल के खड़ रहिए या फिर

अंदर की तरफ रहिए लेकिन मुख्य द्वार पर

खरा मत

होईए अच्छा संध्या काल में झारू भी नहीं

लगाना चाहिए यह है पांचवा काम झारू नहीं

लगाना जी हां संध्याकाल के समय अगर आप घर

में झारू मारिए मैंने जो समय बताया अगर उस

समय में अगर आप झारू मारते हैं घर में तो

जो लक्ष्मी जी आती हैं वह घर के बाहर से

ही वापस को चली जाती हैं ठीक है तो इसी के

लिए आप संध्या काल में घर में झारू मत

लगाइए उससे पहले ही लगाकर रख लीजिए बट

संध्या काल में झारू नहीं लगाइए तो छठा

काम है मांस का सेवन नहीं करना चाहिए जी

फ्रेंड्स संध्याकाल में मांस का सेवन

बिल्कुल ना करें क्योंकि वह गोदली बेला

होती है उस समय हम अपने घर में पूजा पाठ

करते हैं भगवान के सामने दिया जलाते हैं

तो उस समय आप पूजा पाठ पर ध्यान दे बल्कि

मछली इन सब का सेवन बिल्कुल भी ना

करें सातवा काम है मुख्य द्वार पर दिया

जलाना जी हां आपका जो घर का मुख्य द्वार

है जो आपका मेन गेट है वहां पर

अगर संभव हो तो आप एक दिया जरूर जलाइन में

लक्ष्मी जी आते हैं घर में धन संपत्ति की

सुख शांति की वैभव की बरकत होती है तो आप

यह जरूर कीजिए घर के मुख्य द्वार पर दिया

जलाए तो आठवा काम है घर के दरवाजे को बंद

नहीं रखे खोल कर रखें जी बिल्कुल

संध्याकाल में जैसे मैंने बताया कि देवी

देवता का घर में आगमन होता है हमारे

पित्रों का आगमन होता है तो घर के दरवाजे

जो है आपके मेन जो दरवाजा है मुख्य द्वार

जो है उसको बंद ना रखें संध्या का समय उसे

खोल कर

रखे नवा काम है संध्या के समय सोना नहीं

चाहिए जी हां यह बहुत महत्त्वपूर्ण है कि

संध्या काल में हमें सोना नहीं चाहिए इससे

घर में दरिद्रता बढ़ती है घर की जो सुख

शांति वह भंग होती है और घर की धन संपत्ति

की जो बरकत होती है वह भी खत्म हो जाती है

तो संध्याकाल में सोना नहीं चाहिए और आखरी

एवं जो दसवा काम है वह यह है कि संध्या के

समय घर में अंधकार नहीं रखना चाहिए

क्योंकि संध्या के समय घर में भगवान हमार

आते हैं हमारे जो इष्ट है वह आते हैं

लक्ष्मी जी आती है हमारी माता रानी आती है

हमारे पित्रों का भी आगमन होता है तो घर

में संध्या के समय अंधकार बिल्कुल भी ना

रखें जो भी आपके घर की लाइट हैं सबको

जलाकर रखें यहां तक कि जो आपके मुख्य

द्वार पर जो लाइट है उसको भी जलाकर रखें

तो यह बहुत शुभ होता है तो संध्या के समय

घर में अंधकार भी नहीं रखनी चाहिए तो चलिए

फ्रेंड्स आशा करती हूं कि यह जानकारी आपको

अच्छी लगी होगी और इसी के साथ आपसे अलविदा

लेती हूं मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में जय

माता दी

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