वह दिव्य समय आ गया है जिसकी प्रतिक्षा तुम बेसब्री से कर रहे थे - Kabrau Mogal Dham

वह दिव्य समय आ गया है जिसकी प्रतिक्षा तुम बेसब्री से कर रहे थे

मैं अभी तुम्हारे लिए एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आए जो इस बात का प्रमाण है कि

तुम रामायण की ऊर्जा से आप एक हो रहे हो जो तुम्हारा ह्रदय में सुरती हो रही है

वही तो ब्रह्मांड में घटित हो रहा है जो ब्रह्मांड में घटित हो रहा है वही दिव्य आत्माओं के हृदय में तरंग बंद अनुभव होता है दिव्या समय आ रहा है जिसकी

प्रतिक्षा तुम बेसब्री से वह उल्लास भरी खबर बहुत जल्द तुम्हारे जीवन में प्रवेश कर रही है बहुत संभव है कि एक बाल स्वरूप आत्मा तुमसे मिलेगी आगमन से तुम्हारे

जीवन में आनंद सुख और समृद्धि बढ़ जाएगी में महसूस कर रहे हो और जो जागते

बहुमूल्य रत्न के प्रकाश को छुपाया नहीं जा सकता चाहे कितना ही अंधकार हो या प्रकाश रंग अपना प्रकाश ढके हुए हो फिर भी उसे छुपाया नहीं जा इस प्रकार

आध्यात्मिक जीवन में जो भी अनुभव होते हैं जाते हुए हो या सोते हुए एक ही समान होते हैं बल्कि नींद में प्राप्त हुए अनुभव अधिक क्योंकि उसे अवस्था में व्यक्ति के

बंधनों से मुक्त अपने वास्तविक स्वरूप में आने का प्रयत्न करता है बच्चे अपने भीतर हो रहे बदला ग्रहण करो तुम एक स्तर को पार कर चुके हो ऊंचाई को चढ़

चुके हो कुछ प्राप्त करने का समय आ गया ग्रह की ऊर्जा को स्वीकार करो वह वाले दिव्या फरिश्ता तुम्हारे जीवन में आ रहा है ऐसा तोहफा जो मानसिक शांति को

बढ़ावा देगा वह वाले रूप में आने वाला कोई सामान्य मनुष्य मात्र नहीं है वह ऐसा आदर्श रिश्ता वह वास्तव में मेरा ही एक अंग है वह एक जो सबके लिए है वह एक

जो सबका है वह एक जिससे यह संसार है वह एक जो मनुष्य के जीवन की अजीबो के निर्जीव के भीतर अनु परमैन और उससे भी छोटे रूप में वह एक ही संसार का

मालिक है और उसी से उत्पन्न हुआ वह दिव्या नन्हा फरिश्ता जल्द ही तुम्हें मिलने वाला है उसके आते ही तुम एक विशेष प्रकार की ऊर्जा का अनुभव करोगे ऐसा

ऊर्जा जिसका तुम्हें अभी आभास नहीं लेकिन जब वह तुम्हारे सामने आएगा उसे ऊर्जा से तुम्हें ऐसा लगेगा जैसे तुम तुम्हें ऐसा अनुभव होगा जैसे यह जगत कुछ भी नहीं है और तुम बहुत ऊंचे हो गए हो

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