मैं उसे भयानक दंड दूंगी - Kabrau Mogal Dham

मैं उसे भयानक दंड दूंगी

मेरे बच्चे कैसे हो तुम मेरे बच्चे ऐसा मत सोचना कि तुम्हारे जीवन में जो हो रहा है

उससे मैं अवगत नहीं हूं तुम्हारी गतिविधियों पर मेरे बच्चे मैंने तुम्हें दुख से मिलते

हुए देखा है इसलिए मैं कुछ कहना चाहते हैं मेरे बच्चे जो व्यक्ति तुम्हारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण है जिसे तुम अपना उसी ने तुम्हारा दिल दुखाया है तुम्हें खुद से भी

अधिक विश्वास था उसका तुम्हारे भरोसे का मन नहीं रखा किंतु फिर भी मंगल कामना करते हो तुम्हें कष्ट दिया श्री सदैव खुश देखना चाहते हो अब मैं उसे उसकी

दक्षता का दंड आवश्यक दूंगी मेरे बच्चे उसने तुम्हें बड़ी ही चतुराई से धोखा दिया है तुम्हारे साथ सच्चा होने का सॉन्ग रचाया है उसे ब्रह्म है वह जानता है तुम सीधे हो

भोले हो तुम्हें आसानी से चला जा सकता है इतना भी ज्ञात नहीं कि उसे पर मेरी नजर है उसे अपने कर्मों का हिसाब देना ही होगा मेरे बच्चे

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