मैं आज यह देखकर अत्यंत दुखी हूं। - Kabrau Mogal Dham

मैं आज यह देखकर अत्यंत दुखी हूं।

मेरे बच्चे तुम्हारी दुर्दशा देखकर अत्यंत दुखी हो इसलिए आज एक अत्यंत

महत्वपूर्ण विषय पर बात करने आई हूं मेरे बच्चे यह विचार क्यों नहीं करते की कैसे

भूल बार बार कर रहे तुमने स्वयं को इतना कमजोर इतना शक्ति हैं कैसे समझ लिया जो आज जुबानो की भांति मोहन रहकर सहन कर रहे हो इस बात का भाई

है कौन सी चीज तुम्हारे लिए इतनी मधुर है कि तुम उसके पीछे व्यर्थ करने पर दूल्हे हो जब तुम किसी चीज के पीछे भाग और उससे तुम्हें सुख प्राप्त होता है यह तो

फिर भी उत्तम है पिंटू जिसके पीछे भाग कर भी तुम्हें कुछ भी नहीं मिलता तू ऐसी चीज के पीछे अग्नि का क्या लाभ मेरे बच्चे मैं जानती हूं तुम बेचैन हो किंतु तुमने

स्वयं से यह प्रश्न क्यों नहीं किया कि तुम बेचैन क्यों हो मेरे बच्चे मैं देख रही हूं तुम अपनी

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