मुश्किल समय में सही रास्ता कैसे चुने - Kabrau Mogal Dham

मुश्किल समय में सही रास्ता कैसे चुने

यह जानकर विश्राम करें की कोई है जो चले उसका ध्यान रखना भक्ति भक्ति और उसकी श्रद्धा से प्रसन्न होगा

इसका पूर्ण क्या एन जब जब भक्त भगवान का ध्यान करता है तब तक भगवान भक्त का ध्यान रखें भगवान का

ध्यान नहीं करता आपका ध्यान रखते हैं इसलिए तुम्हारा यह कथन उचित है ना और मैं चिरंतन काल से लेकर चिरकाल तक व्यस्त रहूंगा प्रत्यक्ष प्रत्येक वक्त का ध्यान रखते हैं जिसके कारण स्वार्थ कुर्ता और भाई में वृद्धि हो

किंतु जो व्यक्ति को उधर निर्भीक सहनशील आज्ञा की शक्तियां दुरुपयोग करने हेतु प्रेरित करती है किंतु जो अपनी शक्ति हो और अपने सामर्थ्य के प्रति को समझाइए संसार के उत्तर हेतु प्रोत्साहित करें ज्ञान का मूल

उद्देश्य ही परोपकार दूसरों की भावनाओं को समझना उनका आदर करना क्योंकि ज्ञान हमें न केवल अपने अभी तो दूसरों के दुख और सुख के प्रति भी संवेदनशील बनाता किंतु जो दूसरों की भावनाओं का आदर करें

उसे ज्ञान की श्रेणी में कैसे रखा जा सकता है आज्ञा के कारण व्यक्ति सांसारिक ता में बांटा जाता मोह माया में उलझता जाना परम सत्य से दूर ले जाने का माध्यम पिंटू ज्ञान ज्ञान व्यक्ति को परम सत्य की ओर ले जाता क्या

अनुमति दायक मोक्ष का मार्ग बारिश कुर्ती दायक ज्ञान का सर्वोच्च रूप है और यही ज्ञान की पूर्णता भी है छोड़ देहांकर को तुम्हें उनकी शाही पूर्ण होती और अभी भी वही फलित हो रही है ऐसा नहीं है कि हम उससे भिन्न

फलित कर देंगे लेकिन व्यक्ति भिन्न फलित करने में लड़े कुछ भी सुनने और समझने के लिए किंतु मनमोहन रहना नहीं चाहता वह तो निरंतर कुछ ना कुछ कहता रहता शब्दों का आक्रमण चलता रहता है और यही

आक्रमण है जिसके कारण व्यक्ति कभी भी शब्दों के बड़े नहीं जाता जहां जीवन की सत्यता का बुक उसकी प्रतीक्षा कर रहा था

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