माता रानी चैत्र मास के नवरात्रि के दिन माता का आशीर्वाद लेकर जाना - Kabrau Mogal Dham

माता रानी चैत्र मास के नवरात्रि के दिन माता का आशीर्वाद लेकर जाना

मेरे बच्चे इस बार के नवरात्री अप्रैल

से शुरू हैं और इस बार के नवरात्रों में

यदि तुम सच्चे मन से मुझे याद करोगे तो

तुम्हारी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी आज

मैं तुम्हें साक्षात अपने दर्शन देने आई

हूं जो भक्त सच्चे मन से मुझे एक बार भी

याद करता है मैं उसकी जीवन से सभी कष्टों

को उसी पल दूर कर देती हूं अबकी बार इन नौ

दिनों की व्रत और पूजा का फल तुम्हें

मिलेगा यदि तुम नौ दिन सच्चे मन से मेरी

पूजा और भक्ति करते हो और किसी का दिल

नहीं दुखाते हो और सच्चे मन से लोगों की

सेवा करते हो तो तुम्हारी मनोकामनाएं

अवश्य पूरी

होंगी मेरे बच्चों मनुष्य जीवन तुम्हें

बहुत संघर्ष करने के बाद मिला है तो मैं

चाहती हूं कि तुम इस जीवन का भरपूर लाभ लो

अपने जीवन में छोटी-छोटी

खुशियां जी भरकर

जियो यह सोचो आज का दिन ही तुम्हारे लिए

सबसे ज्यादा खुशी का है आज के दिन माता ने

तुम्हें बहुत सारी शक्तियां दी हैं जिससे

कि तुम अपने बड़े काम भी बना सकते हो

तुम्हें अपने दिन की शुरुआत हंसी खुशी से

करनी चाहिए और मेरी भक्ति में ध्यान

लगाओ यदि तुम मेरा ध्यान करते हो तो

तुम्हें तीनों लोगों का वरदान मिलेगा

तुम्हें अपने मन की इच्छा के अनुसार फल

प्राप्त होगा इसलिए अपने दिन की शुरुआत

मेरी भक्ति से

करो जो बच्चे मेरी भक्ति अपनी श्रद्धा से

करते हैं उन्हें मैं जीवन में कभी निराश

नहीं होने देती क्योंकि मैं चाहती हूं कि

मेरे सभी बच्चे मेरी सभी शक्तियां प्राप्त

करके अपनी मेहनत से अपने जीवन को सफल

बनाएं इस कलयुग में बहुत कम लोग ऐसे हैं

जो दूसरों की मदद करने के लिए भी सोचते

हैं अपने कार्य तो हर कोई करता है लेकिन

अगर दूसरों के कार्य के लिए भी

कोई अपने मन से पूरी तरीके से तैयार होता

है और उसकी मदद करता है तो वह बच्चा मेरा

प्रिय बच्चा कहलाता

है आज कल के समय में अच्छे कर्म करने वाले

व्यक्ति बहुत कम है तो मैं चाहती हूं कि

तुम अच्छे कर्म करो सबकी रक्षा करो सबकी

सहायता

करो अगर तुम्हारी छोटी सी मदद करने से

किसी के जीवन में बदलाव आता है और वह बहुत

खुश महसूस करता है तो तुम अपने जीवन में

भी अच्छे कार्य करते हुए देखोगे क्योंकि

किसी के दिल से निकली गई दुआ बहुत ज्यादा

अनमोल होती

है अगर जीवन में कोई तुम्हें गलत बोले और

तुम्हारे साथ बुरा व्यवहार करें तो तुम

कभी भी पलटक वैसा ही व्यवहार मत करना तुम

उसे प्यार से संयम से धैर्य से और सूझबूझ

से उसको समझाना और उसकी गलती पर उसको माफी

जरूर देना क्योंकि माफ करने वाला कभी छोटा

नहीं होता

है क्योंकि अगर तुम उस व्यक्ति को माफ

नहीं करते हो तो तुम्हारे मन में उसके लिए

नफरत भर जाती है और तुम मन ही मन दुखी

होते हो कि उसने मेरे साथ गलत व्यवहार

किया इसलिए तुम अपने आप को खुद ही दुख

पहुंचाते हो और तुम्हारा शरीर अंदर ही

अंदर रोगों से ग्रस्त होना शुरू हो जाता

है इसलिए मेरे बच्चे मैं चाहती हूं कि तुम

अच्छे बनो हमेशा दूसरों की गलतियों को माफ

कर दो उन्हें नजरअंदाज करना सीखो ताकि तुम

अपने आप को हानि ना

पहुंचाओ मैं जानती हूं कि तुम मुझ पर बहुत

विश्वास करते हो और तुम्हारी माता

तुम्हारे सदा साथ है ऐसा विश्वास जीवन भर

बना रहे इसके लिए तुम्हें मेरी कुछ बातों

को अपने जीवन में प्रयोग में लाना होगा

मेरी पहली बात है कि सदा बड़ों का सम्मान

करो अपने से छोटों को प्यार करो किसी दुखी

असहाय को दुख ना पहुंचाओ उनकी हमेशा

सहायता

करो ऐसा करने से तुम्हें अपने मन की आत्मा

में बहुत शांति महसूस होगी और तुम्हारा

विश्वास बहुत ज्यादा बढ़ेगा ऐसा करने से

तुम्हारे जीवन के सभी कार्य जल्दी सफल

होंगे हमेशा दूसरों का सम्मान करो तभी

आपको भी हर जगह सम्मान मिलेगा अगर आप किसी

का तिरस्कार करती हैं आप शब्द बोलते हैं

तो आप जीवन में चाहे कितना भी धन कमा ले

लेकिन आपकी आत्मा कभी खुश नहीं हो

हो क्योंकि वही मनुष्य खुश रहता है जिसका

हृदय और उसकी आत्मा भी खुश रहती है अगर आप

अंदर से अच्छा महसूस करेंगे तभी आपके

चेहरे पर आपकी बुद्धि पर उसका असर पड़ता

है इसलिए हमेशा उत्तम और मीठा बोलो ऐसे

शब्द बोलो जिससे कि सामने वाले व्यक्ति का

दिल भी खुश हो जाए मेरा आशीर्वाद सदा

तुम्हा रे साथ है मेरे बच्चों इस बार के

नवरात्र में तुम्हें अवश्य ही फल

मिलेगा समय धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और

तुम्हें भी इस समय के साथ आगे बढ़ते रहना

होगा अगर तुम सही समय आने का इंतजार करते

रहोगे तो वह सही समय कभी नहीं आ पाएगा तुम

बहुत ज्यादा पीछे रह जाओगे इसलिए अपने

कार्य को करते जाओ सही या गलत की चिंता ना

करो और यह भी बात याद रखना कार्य करते समय

उसमें काफी बार विघा भी आ जाएंगे लेकिन

तुम उस कार्य को बीच में ही मत छोड़ देना

निरंतर प्रयास करते हुए आगे बढ़ते जाना

तुम्हें सफलता अवश्य

मिलेगी समय के महत्व को समझो समय बहुत

बलवान है यह कभी किसी के लिए नहीं रुकता

है इसलिए मेरे बच्चों उठो आगे बढ़ो और समय

के महत्व को

जानो जीवन में सभी समस्याओं का हल निकल

सकता है इसलिए समस्या आने पर घबराना नहीं

चाहिए बल्कि उनका सामना करना चाहिए अगर आप

उनका सामना निडरता पूर्वक करेंगे तभी आप

उसको सुलझा सकते

हैं तुम्हें जीवन में एक कार्य और करना है

मेरी भक्ति के साथ साथ हमेशा सबकी मदद के

लिए तैयार रहना है और निस्वार्थ होकर सबकी

मदद करनी है वह सेवा किसी भी प्रकार से हो

सकती है चाहे वह धन से हो मन से हो चाहे

तन से

हो इन नवरात्रों में तुम्हें एक

महत्त्वपूर्ण कार्य करना है मेरे बच्चों

जो भी तुम्हें भूखा व्यक्ति मिले उन सबकी

तुम्हें सबसे ज्यादा सहायता करनी है ऐसे

लोगों का भन कराना तुम्हारा कर्तव्य है

ताकि वे व्यक्ति तुम्हें दिल से दुआ दे और

तुम्हारे सारे बिगड़े काम फिर बन जाएंगे

मैं चाहती हूं मेरे बच्चों कि तुम अपने

हाथों से ऐसे व्यक्तियों को भोजन

कराओ माता आज अपना आशीर्वाद तुम्हें देती

हैं जीवन में स्वस्थ रहो खुश रहो तुम्हारा

दिन मंगलमय हो i

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