माता चालीसा - Kabrau Mogal Dham

माता चालीसा

[संगीत]

[प्रशंसा]

[संगीत]

[प्रशंसा]

नमो नमो दुर्गे सुख करनी

नमो नमो हम बे दुख हरनी मा दुर्ग मां जय

शेरा वाली मां मां हम पे मा पहाड़ा वाली

मां

निराकार है ज्योति

[संगीत]

तुम्हारी

लोक भैली

उजियारी मा दुर्ग मा जय शरा वाली मा मा

हमने मा ज पहाड़ा वाली

मा शशिला लाट मुख महा

विशाला नेत्र लाल और प्रकट बिकरा

मा दुर्ग मां जय शी रामानी मां मां हम मा

पहाड़ा वाली

मां रूप मा त को अधिक

[संगीत]

सुहावे दरश करत जन अति सुख

पावे दुर्ग मा शेरा वाली मा मा हम पे मा ज

पहाड़ा वाली

मां तुम

संसार शक्ति लय

कीना पालन हेतु अनन धन

दीना दुर्ग मां जय शेरा वाली

मां मां अे बाध पहाड़ा वाली

मां अन्न

पूर्णा हुई जग

पाला तुम ही

आदि

सुंदरी वाला मा दुर्ग मा जय शेरावाली मां

मा हमने मा जय पहाड़ा माली मा

प्रलय काल सब ना श

[संगीत]

हारी तुम

गौरी शिव शंकर

प्यारी दुर्ग मां जय शेरावाली मां मा हम

पे मा जय पहाड़ा मली

मा

शिवयोगी तुम रे गुण

गावे ब्रह्मा

विष्णु तुम नित

ध्यावे दुर्ग मा जय शेरावाली मा मा हमे मा

जय पहाड़ा माली

मा रूप

सरस्वती को तुम

धारा

दे सु बुद्धि ऋषि मुनि न

उभरा दुर्ग मां जय शेरावाली मा मा अं मा

जय पहाड़ा मली

मा घरा रूप नरसिंह को

अंबा प्रगट भई फाड़ कर

खंबा दुर्ग मां जय श्री रामानी मा मा हमने

मा ज पहाड़ा वाली

मा रक्षा करही प्रहलाद

बचाओ हिरना कुश को स्वर्ग

पठायो दुर्ग मां जय शेरा वाली मां मा अंबे

मा जय

पहाड़वाली

मा लक्ष्मी

रूप धरो जग

माही श्री

नारायण अंग

समाही दुर्ग मा जय श्री रामा मां मां हमने

मा जय पहाड़ा वाली

मां छीर सिंधु में करत

विलासा दया सिंधु दीजे मन

आसा दुर्ग मा जय शेरावाली मा मा हम मा

पहाड़ा वाली

मा

हिंगलाज में तुम

[संगीत]

भवानी महिमा अमित ना जात

बखानी मा दुर्ग मां जय शेरा वाली मां मां

हम मा ज पहाड़ा

महिमा

मातंगी अरु धूमावती

माता

भुवनेश्वरी बगला

सुखदाता मा जय शेरा वाली मां मा हमे मा जय

पहाड़ा वाली

मां श्री

भैरव तारा जगता

ार छिन्न भाल भव दुख

निवारनी मा दुर्ग मां जय शरा वाली मां मां

हम मा जय पहाड़ा

महिमा के हरि

वाहन सोह

[संगीत]

भवानी

लांगुर वीर चलत

अगवानी मुर्ग मा जय शेरा वाली मां मा हमे

मा जय पहाड़ा वाली

मा कर में

खपर खडग

बिराजे जा को देख काले डर भाजे मा दुर्ग

मां जय शेरावाली मां मा हम बा पहाड़ा वाली

मां सोहे

अस्त्र और

त्रिशुला जाते

उठक शत्रु हीय

शूला दुर्ग

जय शेरा वाली मा मा हमे मा जय पहाड़ा वाली

मा नगर कोटी में तुम

विराजत हु लोक में डंका

बाजत दुर्ग मां जय शरा वाली

मां मा हम मा जय पहाड़ा वाली

मा शुंभ नि

शुंभ दानव तुम

मार रक्त बीज शंख

संहारे दुर्ग मा जय शेरावाली मां मां हमे

मा जय पहाड़ा वा

महिषा सुर नप अति

अभिमानी यही

अभार मही

अकुला मा दुर्ग मां जय शेरा वाली मां मा

हमे मां जय पहाड़ा माली

मा रूप करा ल कालिका

धारा सेन सहित तुम सीही

सहारा दुर्ग मा जय शरा वाली मां मा हम मा

जय पहाड़ा वाली

मां परी गाढ़ संतन पर जब जब

[संगीत]

भाई

सहाय मात तुम तब

तब मुर्ग मा जय शेरावाली मां मा हम मा ज

पहाड़ा वाली

मा

अमरपुरी अरु बा सव लो

का कब मही मा सब रहे

अशोका दुर्ग मा जय श्री राम वाली मा मा

हमने मा जय पहाड़ा माली

मां ज्वाला में है ज्योति

[संगीत]

तुम्हारी तुम्हें सदा पूजे नर नारी

मा दुर्ग मां जय शरा वाली मां मां हम मां

जय पहाड़ा वाली

मा प्रेम भक्ति से जो यश

[संगीत]

गावे दुख

दारिद्रय नहीं

आवे दुर्ग मा जय शरा वाली मां मा हमने मा

ज पहाड़ा वाली

मां ध्यावे तुम्हे जो नर मन

[संगीत]

लाई जन्म मरण ता को छुट

जाई मां जय शरा वाली मां मा हम मा जय

पहाड़ा वाली

मां जोगी सुर मुनि कहत

[संगीत]

पुकारी योग न हो बिन शक्ति

तुम्हारी दुर्ग मां जय शेरा वाली मां मां

हमे मां जय पहाड़ा वाली मां

शंकर

आचा रज तप

कीनो काम और क्रोध जीती सब

लीनो मां जय शरा वाली मां मा हम मा जय

पहाड़ा मली

मा निश दिन

ध्यान धरो

शंकर

को काह काल नहीं सुमिरो

तुमको दुर्ग मां जय शेरावाली मां मां हम

पे मा ज पहाड़ा वाली

मा शक्ति रूप को मरम ना

पायो

शक्ति गई तब मन

पछता मां जय शरा वाली मा मा हम मा जय

पहाड़ा वाली

मा

शरणागत हुई कीर्ति

[संगीत]

बखानी जय जय जय ज दंबा

भवानी मा दुर्ग मां जय शेरावाली मां मा हम

बा पहाड़ा वाली

मां भाई

प्रसन्न आदि

[संगीत]

जगदंबा दई शक्ति नहीं कीन

विलंबा दुर्ग मां जय शेरावाली मां मां अं

मां जय पहाड़ा वाली

मां मोको मां तू कष्ट अति

घेरो तुम बिन कौन हरे दुख मेरो मा दुर्ग

मां जय शेरा वाली मां

मा हम पे मा जय पहाड़ा वाली

मा आशा

तृष्णा निपट

सतावे मोह मदा दिक सब विन

सावे दुर्ग मा जय शरा वाली मां मा हमने

मा

वाली

मा शत्रु नाश कीज

महारानी सुमिरो एक चित तुम्हे

भवानी मा दुर्ग मां जय शेरावाली मां मा हम

बा ज पहाड़ा मली

मा करो कृपा है मां तू

दयाला रिद्धि सिद्धि दे करह

निहाला दुग मा जय शेरा माली मा मा हम बा ज

पहाड़ा माली

मा जब लगी

जियो दया फल पा

आऊ तुम रो यश में सदा

सुनाऊ मां दुर्ग मां जय शेरा वाली मां मां

हम पे बा पहाड़ा वाली

मां दुर्गा

चालीसा जो नित

[संगीत]

गावे सब सुख भोग परम पद

पावे दुर्ग मा जय शरा वाली मां मा हम मा

जय पहाड़ा वाली

मां देवी

दास शरण निज

जानी करहु कृपा

जगदंबा भवानी मां दुर्ग मां जय शेरा वाली

मां मां अंबे मां जय पहाड़ा वाली मां मां

दुर्गे मां जय शेरा वाली मां मा हमने मां

जय पहाड़ा वाली मां मां दुर्ग मां जय श्री

रामाली मा मा हम मा जय पहाड़ा माली

मा

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