माता काली से जुड़ी अद्भुत बातें, जरूर सुने, जानकर हैरान रह जाएंगे || - Kabrau Mogal Dham

माता काली से जुड़ी अद्भुत बातें, जरूर सुने, जानकर हैरान रह जाएंगे ||

कि आप सभी भाई बहनों को जय माता जी की हर

हर महादेव ओ

कि आज हम कुछ ऐसी बातें करेंगे जो माता

काली से जुड़ी हुई है और इस समाज में फैली

हुई है

को एक कुछ मुख्य बातें और उन पर प्रकाश भी

डालेंगे कि वह सही है या गलत था सही है तो

कैसे गलत है तो कैसे सबसे पहली चीज है

कि माता काली को ले करके यह कहा जाता है

कि एक ग्रस्त व्यक्ति माता काली की पूजा

नहीं कर सकता या नहीं करने चाहिए या घर

में माता काली की पूजा नहीं करनी चाहिए

है जो कि पूर्णता गलत है

कि माता काली की पूजा घर पर कर सकते हैं

और इस ग्रस्त व्यक्ति माता काली की पूजा

कर सकता है माता के एकाक्षरी बीज का जाप

कर सकता है माता काली की साधना घर में कर

सकता है

और दूसरी चीज माता काली की तस्वीर या

मूर्ति घर में नहीं लानी चाहिए वरना आपकी

समस्याएं बढ़ जाती है घर में क्लेश होने

लगता है यह बाद भी पूर्ण तक गलत है माता

काली की पूजा जिस घर में होती है वहां से

सभी प्रकार की क्लेश शांत हो जाते हैं

झाल तीसरी और बौद्ध

है कि माता काली की पूजा करने से व्यक्ति

पागल हो जाता है या वह जल्दी मर जाता है

तो यह बात भी पूर्णतया गलत है माता काली

की पूजा करने से व्यक्ति जल्दी नहीं मरता

है ना ही वह पागल होता है व्यक्ति स्वयं

अपने कर्मों से अपनी मृत्यु को प्राप्त

करता है और अपने कर्मों से ही पात अब बात

करते हैं कि वह अपने कर्मों से किस प्रकार

पागलपन को प्राप्त करता है या मृत्यु को

प्राप्त करता है तो मृत्यु एक अटल सत्य है

वह अपने समय पर आएगी ही

है किंतु पागलपन को कैसे प्राप्त करता है

इसके लिए एक कारण है कि माता काली की पूजा

करने के लिए व्यक्ति के पास दो मार्ग होते

हैं आज के समय में आप जिन भी तांत्रिक

क्रियाओं के पास में जाते हैं तो वह उनके

पास में केवल तीन चार ही ऑप्शन होते हैं

जिससे कि वह आपके घरेलू स्थिति के बारे

में बताते हैं या आसपास कि जितने भी चीन

के बारे में बताते हैं यह आपको थोड़े से

टोने-टोटके बताते हैं घर के क्लेश मिटाने

के लिए या किसी को वश में करने के लिए तो

वह देवी देवता मुख्यतः माता काली भगवान

भैरव या हनुमान जी या फिर लोक देवी या

देवता

कि यह सब होते हैं तो जो व्यक्ति कई बार

ऐसा होता है कि जो व्यक्ति खुद माता काली

की पूजा करता है वह स्वयं आपको बता देता

है कि आपके घर पर काली की पूजा होती है और

आप वह पूजा बंद करवाई है वरना आपका नाश हो

जाएगा यह हो जाएगा वह का यह सभी बातें जो

है यह दूर व्यक्तियों की बातें हैं ऐसा

कुछ नहीं होता है असल में क्या होता है कि

माता काली की पूजा करने से नुकसान उन

लोगों को होता है जो लोग माता काली के

द्वारा उनके ग्रंथों में लिखे गए

टोने-टोटको को अपनाते हैं छोटी-छोटी

पुस्तकें जो लोग लिख देते हैं और उनमें

पूरा ज्ञान नहीं दिया जाता था कि इस विधि

को किस प्रकार से कन्हैया किस विधि को

अपनाना है किस प्रकार से उसकी शुरुआत करनी

है और उसको शांत करना है वह विधिपूर्ण तो

उसमें नहीं लिखी जाती है शॉर्टकट में लिखा

जाता है जिसके कारण लोगों को काफी नुकसान

उठाना पड़ता है माता काली के नाम पर यदि

आप टोने-टोटके सीखना शुरू कर देते हैं या

किसी भी प्रकार का काला जा

शुरू कर देते हैं या फिर

कि किसी

इस प्रकार की सिद्धि के चक्कर में पड़

जाते हैं तब हम आपके साथ में यह घटना घटित

होती है कि या तो आप पागलपन को प्राप्त हो

जाते हैं मानसिक संतुलन आपका बिगड़ जाता

है या फिर आप बीच में ही पूजा छोड़ देते

हैं और माता काली से जुड़ा जो भी समान आप

ले करके आए होते हैं तस्वीर मूर्ति माला

यंत्र आदि उन सबका त्याग कर देते हैं उनको

निश्चित कर देते हैं

कि जो व्यक्ति माता काली की माता के

स्वरूप में पूजा करता है स्वयं को उनका

बालक मानकर के पूजा करता है तो वह पूजा

पाठ शुरू करता है तो उस व्यक्ति के घर में

केवल शांति ही शांति होगी और वह व्यक्ति

खुद भी शांत होता चला जाएगा क्योंकि मां

काली अकेली पूरा अंश नहीं है वह जब भी कोई

व्यक्ति उनकी साधना शुरू करता है तो वह

अपने साधक को अपने भक्तों को भगवान शिव की

ओर भी अग्रसर करती है और भगवान शिव की

पूजा करने से उसमें विवेक और शांति प्रकट

होती है और साथ ही साथ भगवान शिव की पूजा

करने के बाद में वह उनको भैरव की पूजा की

ओर अग्रसर करती है जो उनमें भैरव का तत्व

उजागर करता है और रक्षा का गुण उत्पन्न

करता है यह गुण उत्पन्न होने के बाद में

माता काली के द्वारा प्राप्त आपके पास जो

भी सिद्धियां शक्ति होती है

कि उसका प्रयोग आप शांत दिमाग से करते हैं

और केवल और केवल लोगों की रक्षा हेतु करते

हैं आप अपने स्वार्थ के लिए नहीं करते तो

इस प्रकार से प्राप्त जो भी सिद्धियां

होती है वह अभी आपका नुकसान नहीं करती इस

प्रकार से जो भी आप शक्ति प्राप्त करते हो

उससे किसी भी व्यक्ति का कभी नुकसान हो ही

नहीं सकता है क्योंकि तीन दैविक तत्व आपके

भीतर उजागर हो चुके हैं माता काली भगवान

शिव और भगवान भैरव के भगवान भैरव के लिए

भी कहा जाता है कि यदि आप इनकी पूजा कर दे

तो आपको क्रोध आता है जबकि ऐसा नहीं है

भगवान भैरव जो है वह लोगों के क्रोध को

शांत करने वाले अहंकार को नष्ट करने वाले

हैं इसीलिए कहा जाता है कि जिस समय भैरव

को उत्पन्न किया गया था पहली बार भगवान

शिव के द्वारा तब भी उनको इसलिए किया गया

था ताकि वह भगवान ब्रह्मा की रक्षा करें

उनके अहंकार से तो उन्होंने भगवान ब्रह्मा

का शीश काट दिया था जिसके कारण उनमें

अहंकार उत्पन्न हो रहा था और

कि देवत्व की रक्षा की थी कि

और साथ में एक चीज आप और बता देता हूं कि

जो व्यक्ति माता काली की पूजा करता है

जिसे कहते हैं कि लोग कहते हैं कि माता

काली की पूजा करने वाले एक को अपनी मृत्यु

दिखने लगती है और वह समय से पहले मर जाता

है जबकि यह सत्य नहीं है सत्य होता है कि

जो व्यक्ति माता काली की पूजा करता है

उसको कॉल का ज्ञान हो जाता है यानि कि

जीवन और मृत्यु का ज्ञान हो जाता है सही

प्रकार से यदि कोई व्यक्ति पूजा करता है

तो और ज्ञान होने के बाद में उस व्यक्ति

को पता चल जाता है कि उसका जीवन कब शुरू

हुआ था कहां से शुरू हुआ था और उसकी

मृत्यु के समय होगी और यह ज्ञान उसे इसलिए

दिया जाता है ताकि उसे यह पता रहे कि इतने

समय के बाद में उसकी मृत्यु होने वाली है

तो वह पहले अपने सभी ग्रस्त कर्तव्यों का

और सामाजिक कर्तव्यों का पालन करते हुए हर

प्रकार के ऋण से मुक्त हो जैसे मातृ ऋण

पित्र ऋण गुरु ऋण और जितने भी प्रकृति में

जिस भी प्रकार के उसके ऋण हैं उन सभी से

वह मुक्त हो और वह मुक्त होने के बाद में

स्वयं के लिए

मोक्ष का मार्ग जो है उस पर आगे अग्रसर हो

सके इसलिए माता काली की पूजा करने वाले

व्यक्ति को कॉल का ज्ञान दिया जाता है

जिससे कि उसे पता चल जाता है उसकी मृत्यु

कब होने वाली है लेकिन जो व्यक्ति केवल

अपने स्वार्थ के लिए तंत्र मंत्र जादू

टोने सीखता है और माता काली की केवल इसी

लिए पूजा करता है कि उसको कुछ जादू टोने

करने आ जाएं तो ज्ञान तो उस व्यक्ति को भी

हो जाता है किंतु उसके पास विवेक और भैरव

का तत्व नहीं होता जिस प्रकार से माता

काली की जो ऊर्जा है जो शक्ति है उसको

संभाल नहीं पाता है और जब उसकी मृत्यु का

पता चलता है तो वह बिना विवेक का व्यक्ति

विचलित हो उठा है और पागलपन को प्राप्त हो

जाता है क्योंकि उससे अपनी मृत्यु दिखाई

देने लगती है कि अब मैं मरने वाला हूं

इतने टाइम बाद मैं मर जाऊंगा अब मैं क्या

करूं मैं क्या करूं मैं कैसे बैठूं तो

वहां से बचने लगता है क्योंकि उसमें ज्ञान

नहीं है उसमें विवेक नहीं उसमें शांति

नहीं है उसने तो केवल जादू-टोनों के लिए

माता काली की तरफ आग

में रखें ताकि वह जल्दी से सिद्धियां

प्राप्त कर सके तो एक लालची व्यक्ति ही

नुकसान उठाता है जो व्यक्ति शिशु गांव से

माता की पूजा करता है उसका सदैव ही कल्याण

होता है जय माताजी की हर हर महादेव

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