माता काली का आवाहन कैसे करे ? shiv kripa - Kabrau Mogal Dham

माता काली का आवाहन कैसे करे ? shiv kripa

की पूजा करते हैं तो उसका आवाहन बहुत

महत्वपूर्ण होता है करना जब तक आप किसी

देवता का आवाहन नहीं करते तब तक वह देवता

वहां पर विराजमान नहीं होता जब पूजा करते

हैं तो देवता का आवाहन करना बहुत

महत्वपूर्ण होता है किस देवता की पूजा

करें किस देवता कि आपने जो जला रखी है किस

देवता को आप भोग लगा रहे हैं उस समय पर

कुछ देवता का आवाहन करना जरूरी हो तो कई

लोग बालाजी महाराज की पूजा करते हैं कई

लोग भगवान शिव की पूजा करते तो कई लोग

माता काली की पूजा करते हैं तो जब आप भोग

लगाते हैं जब आप उनकी पूजा करते हैं जब आप

उनकी आरती करते हैं तो आप भी अगर आह्वाहन

नहीं करते तो आपके मंदिर में आपके दीपक

में आपके जहां पूजा करते हुए स्थान में वह

देवता कभी विश्वास नहीं करेंगे आवाहन होता

क्या है वह मैं आपको बता दूं कि किसी भी

देवता को जब बुलाया जाता है तो किस तरीके

से बुलाया जाता जैसे कोई व्यक्ति है अब उस

व्यक्ति के जब तक आप नाम नहीं लेंगे मैंने

कभी यह नहीं जान पाएंगे कि आप किसको बुला

रहे हैं आपने किसी को ऐसे बोल दिया वह

लड़के इधर आजा तो वह जो लड़का है कौन किस

लड़के के बारे में अब बात करें जवाब नाम

लेंगे उसका तब वह हाजिर होता है या फिर आप

जब बोलते हैं कि मैं उस लड़के के विषय में

बात कर रहा हूं मैं कर रही हूं तो उस समय

उस व्यक्ति की वेशभूषा को देखकर आप बोलते

हैं कि उस लड़के को मैं बुला रहा हूं या

नहीं बुला रहा हूं तो इसी प्रकार से जो

देवता होते हैं उनकी वेशभूषा अलग होते हैं

उनकी महिमा सकी अलग होती है उनकी कृपा जो

है वह सभी पर होती है तो जब उनको बुलाया

जाता है तो उनकी वेशभूषा उनके नाम को लेकर

बुलाया जाता है किसी भी स्थान पर और जब वह

आते हैं जब आप उनका आवाहन करते तो आज मैं

आपको बताने जा रहा हूं कि माता काली का

आवाहन कैसे किया जाता है उसी प्रकार से

आपको अलग वीडियो में के माध्यम से मैं

आपको बताऊंगा कि भगवान शिव का आवाहन कैसे

किया जाता है हनुमान जी का आह्वाहन कैसे

किया जाता कि माता दुर्गा का आवाहन कैसे

किया जाता है या फिर बाबा भैरव का आवाहन

कैसे किया जाता है तो अलग-अलग जो देवता

हैं उनका आवाहन कैसे किया जाता है जोत पर

वह मैं अलग अलग वीडियो के माध्यम से आपको

बताऊंगा अगर आप पहली बार चैनल पर है तो

चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि जो भी

जानकारी डालें वह आपको प्राप्त होते रहे

भक्ति से पूजा से जुड़ी हुई थी बैल आइकन

को भी आप दबा दें तो मैं आपको बता दो जब

मैं किसी से पूछता हूं कि आप किसकी पूजा

करते तो वह कहते हैं हमारे घर में तो बहुत

सारे मंदिर में भगवान है सभी की पूजा करते

हैं तो ऐसा नहीं होता जब आप जोत जलाते हैं

तो वह दीपक जलता है ना वह दीपक किसी एक

देवता के नाम पर जलता है या फिर दो दीप

अगर आप जलाते हैं तो भी वह अलग-अलग देवता

के नाम के जरिए होंगे

कि आपने भोग रख दिया आपने परेशान रख दिया

ऐसे ही मंदिर में रख दे तो वह किसके नाम

का प्रसाद है तो उसे खाने के लिए कौन आएगा

कोई नहीं आएगा जब तक आप नाम लेकर उस

प्रसाद को नहीं रखेंगे कि माता काली यह

आपके नाम का प्रसाद है इसे आप स्वीकार

कीजिए जब तक वह स्वीकार नहीं होगा और ना

ही वह माता को भोग लगेगा आप मंदिरों में

जाते हैं सिद्धपीठ स्थानों में जाते हैं

तो वहां पर आह्वाहन ही किया जाता है जब

भोग लगाया जाता है तो किस देवता को लगा

रहे हैं वह इस तरीके से आवाहन करेंगे तब

जाकर उनको भोग लगाया जाता है तो अगर आप भी

यह गलती करते हैं तो आप बिल्कुल मत कीजिए

है जो धूप जला रहे हैं वह तो आप नाम लेकर

जो दिलाया वहीं करके जोत जला यह भोग आप

लगा रहे हो तो किस देवता को भोग लगा रहे

हो लेकिन भोग लगाने की वीडियो मैंने बना

रखे बता रखा है आपको कि बैंगन जो है वह

पंचतत्वों में लगाया जाता है जैसे आप

अग्नि में भोग लगा सकते हो धरती पर भोग

लगा सकते हो जल में भी भोग लगा सकते हो इस

प्रकार से आप भोग जो है वह देवता को लगा

सकते हो वह विराजमान है और वह आपका

स्वीकार करते हैं तो अगर आप मंदिर में ऐसे

ही भोग रखते हो तो आप हाथ में लेकर उनका

आवाहन कीजिए और आवाहन कर कर उनको बोल एक

के हे भगवान हे माता यह भोग आपके लिए है

इसे स्वीकार कीजिए उस देवता अपनी मर्यादा

के पक्के होते हैं जब तक आप दोगे नहीं तब

तक और लेते नहीं है चाहे आपके घर में

कितनी ही मिठाइयां पड़ी ऊंचे आपके घर में

सो भगवान प्रकार का भोग चढ़ा हो पर जब

तक आपने नहीं लगाएंगे कि जब तक आपने नहीं

लगाएंगे जब तक आपको ने आवाहन नहीं करोगे

जब तक आप उनको नहीं बुलाओगे वह तब तक पर

वहां पर हाजिर नहीं होंगे तब तक उसको

ग्रहण नहीं करेंगे इसी प्रकार पितरों के

साथ होता है पितरों को आप नाम से बुलाते

हो पितरों को जवाब भोग लगाते तो नाम से

लगाते हो तो वह भोग उनको स्वीकार होता है

तो कभी भी आप पूजा करते हैं दीपक जलाते

हैं भोग लगाते तो बिना आवाहन के बिना

आवाहन के भोग ना लगाएं आवाहन करें पहले

में देवता का उसके बाद आपको भोग लगाना है

तो अब मैं आपको बताऊं अगर आप माता काली की

पूजा करते हैं तो माता काली का भोग कैसे

आप लगाएंगे सबसे पहले माता काली का भोग यह

दीपक किस प्रकार से हम जलाएंगे पहले भी पर

गिरा निकल मैं आपको बता देता हूं आवाहन

कैसे किया है तो अब हम जो किया जाता है वह

माता काली का आव्हान मैं आपको बता रहा हूं

अब मंदिर में बैठते हैं तो आव्हान करता

हूं कि मैं आवाहन करता हूं उन माता काली

का जिनका जो रंग है वह का काला है नर

मुंडों की माला जो गले में धारण किए हुए

हैं हाथ में खबर और कटाई लिए हुए हैं इनके

केश बिखरे हुए हैं आंखें जिनके सूर्य की

समान लार है जो भयंकर गर्जना से दुश्मनों

को भयभीत करने वाली है जो शमशान की रानी

है श्मशान में वास करने वाली है जो महाकाल

के साथ युवराज ने वाली देवी हैं मैं आवाहन

करता हूं उन देवी का जिनकी सेवा में चौंसठ

योगिनी ब्यूरो सदस्य उपस्थित रहते हैं

जो दूसरों के लिए कॉल और अपने भक्तों को

अभय दान देने वाली देवी हैं जिनकी अग्निशम

महाकाल करते हैं त्रिनेत्र धारण करती हैं

गंगा जी के चरणों को नित्य होती है मैं

आवाहन करता हूं उन माता काली का जो काल को

भी अपना ग्रास बनाने वाली देवी हैं जिनके

आगे हनुमत और पीछे भैरव चलने वाले हैं जो

चंड-मुंड का नाश करने वाली देवी हैं जो

महिषासुर का नाश करने वाली देवी हैं जो नव

दुर्गा के रूप में विराजमान हैं दस

महाविद्यायों के रूप में विराजमान है जो

विकराल रूप धारण किए हुए हैं जो जयंती

मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा

शिवा धात्री स्वाहा और स्वधा इन सभी रूपों

में जो विराजमान है जो चंडी वैष्णव

शाकुंभरी शीतला बगलामुखी और अन्य रूप में

विराजमान है लक्ष्मी माता पार्वती के रूप

में विराजमान है मैं आवेदनकर्ताओं ऐसी

माता काली का जो मधु और कैटभ का संघार

करने वाली देवी है मैं आवाहन करता हूं

माता काली का जो अपने भक्तों को भाव से

तारने वाली देवी हैं जो भक्तों को झोली

भरने वाली देश में जो श्रवण को पुत्र को

टिकट देने वाली देवी हैं ऐसी माता काली का

मैं आवाहन करता हूं जो अपने भक्तों को

सदैव दर्शन देने वाली देवी हैं तो यह

आवाहन मैंने आपको बताया कि आवाहन कैसे

किया जाता है मैंने आपको बताया भी जो

चीजें मैंने आप दोबारा सुन लेना वीडियो को

ताकि आपको समझ में आ जाए कि माता काली का

आवाहन जो मैंने आपको बताया वह किस तरीके

से कट किया है अब हम का मतलब होता है जो

देवता है जिस देवता को आप बुलाने जा रहे

हैं आप किस देवता को आप बुलाने जा रहे

उनका नाम आता है उनकी वेशभूषा आती है उनकी

जो एक हम कह सकते हैं इतिहास दोनों ने

उसका बल उनका पराक्रम आता है उनका मुंह की

जो करुणा भाव आता है मुझे चीजें जो है वह

वाहन में सम्मिलित होती हैं तो जब आप इस

प्रकार से आवाहन करते हैं तो माता देवी

वहां पर विराजमान होती हैं और इस प्रकार

से आवाहन करने के बाद आप जोत जला यह दीपक

जल आइए तो वह माता काली का दीपक होगा माता

काली मां पर उस स्थान पर विराजमान होंगी

साथ ही अपने हाथ में भोग लीजिए और इस

प्रकार से आप बोलकर और फिर अब लास्ट में

आपको बोलना है कि माता जी आपका भोगे इसे

स्वीकार कीजिए इस प्रकार आपको बोलना तो

लास्ट में अगर आप दीपक जला रहे हैं तो

आपको बोलना है कि माता यह दीपक स्वीकार

कीजिए यह जोत स्वीकार कीजिए अगर भोग लगाने

तो यह भोग स्वीकार कीजिए अगर आप वस्त्र

अर्पण कर रहे हैं तो यह वस्त्र स्वीकार

कीजिए तो वहां पर जो है वह माता काली

विराजमान होती है वहां पर माता साक्षात

रूप में अपने भक्तों पर कृपा करती हैं और

वहां पर विराजमान होते हैं उस घर के वारे

के न्यारे करती हैं उस घर में तमाम जो

संकट हैं उनका नाश करती हैं तो यह था माता

काली का आवाहन अगली वीडियो में मैं आपको

भगवान शिव का आवाहन कैसे करें वह भी मैं

आपको बताऊंगा तो वीडियो में बने हैं यह

साथ इस चैनल के साथ जुड़े हैं यह बाकी अगर

आपको जानकारी अच्छी लगी हो तो लाइक कीजिए

शेयर कीजिए और बहनों और भाइयों तक ताकि और

लोग तो की जानकारी पहुंचे और लोग कि भला

हो पाए वह लोग भी जान सके कि जो तक भोग

कैसे लगाया जाता है कैसे आवाहन किया जाता

है ताकि वहां पर इष्टदेव आपके विराजमान हो

कि हमारा चैनल उसका लिंग डिस्क्रिप्शन में

है उसे भी सब्सक्राइब कीजिए उसके साथ

दीजिए मैं बाबा भोलेनाथ से विनती करता हूं

बाबा कृपा करें आप पर कृपा करें आपके घर

पर कृपा करें हम मिलते हैं एक और नई

जानकारी के साथ तब तक के लिए ओम नमः शिवाय

ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *