मां वैष्णो और मां दुर्गा जीका आयशा संदेश अब उसकी कोशिश नाकाम होगी - Kabrau Mogal Dham

मां वैष्णो और मां दुर्गा जीका आयशा संदेश अब उसकी कोशिश नाकाम होगी

[संगीत]

मेरे बच्चों आज काली मां तुम्हारे दुख और

पीड़ा को सुनकर विवश हो गई है और आज तुमसे

स्वयं धरती पर मिलने आ रही है तो मेरे

बच्चों आज तुम्हारे मन में जितनी भी

शंकाएं हैं और तुम्हारे मन में जो उलझने

हैं उन सबका समाधान मैं करने आ रही

हूं आज तक तुमने बहुत बार लोगों से अपने

बारे में निंदा सुनी है और वह सब सुनकर

तुम्हारा मन व्याकुल हो गया है मेरे बच्चे

आज अपने मन में इस दर्द को मत रखो कोई

तुम्हारे बारे में कुछ भी सोचे कुछ भी कहे

तुम उसके लिए अपने दिल को परेशान मत

करो मेरे बच्चे तुम जल्दी करो तुम्हारे

हाथों से यह समय निकला जा रहा है इस समय

को व्यर्थ की बातों में यूं ही मत गबाओ

क्योंकि यह समय तुम्हारे हाथों से निकल

गया तो तुम्हें पछताना पड़ सकता

[संगीत]

है मेरे बच्चे तुम मेरी इस बात को इस तरह

से समझो कि यदि जब लोहा लोहा को गर्म होने

पर ही हथौड़ी मारता है तभी उस लोहे का कुछ

बनाया जा सकता है क्योंकि लोहा गर्म होते

ही पिघलना शुरू हो जाता

है और हम जिस आकार में उसे ढालना चाहते

हैं वह उस आकार में ढल जाता है इसी प्रकार

तुम्हारे हाथों से कीमती समय जो कि तुम

व्यर्थ गवा रहे हो उस पर तुम्हें विशेष

ध्यान देना

चाहिए

तुम्हारे कर्मों रूपी हथौड़े को मारकर

तुमने भाग्य रूपी लोहे को पिघला लिया है

अब तुम जिस तरह से चाहो उसे बना सकते हो

अर्थात भाग्य को परम सौभाग्य में बदलने की

ताकत तुम रखते

हो क्योंकि वह शक्ति तुम्हारी ही एकत्र की

हुई है तुमने जो मुझे इतना प्रसन्न किया

है उससे मैं तुम्हें एक विशेष बात बता रही

हूं जीवन में पीछे मुड़कर तुम कभी नहीं

देखो तुमने क्या किया क्या नहीं किया गलत

किया सही किया इससे तुम्हें कुछ भी फर्क

नहीं पड़ना चाहिए जीवन

में क्योंकि जो गुजर चुका है उसे तुम वापस

नहीं ला सकते परंतु जो तुम आगे कर रहे हो

उस पर भी तुम्हें विशेष ध्यान देना है जो

करना है उसके बारे में सोचना है जो करना

है वह सही करना है जीवन

में यदि तुम आगे सही कर्म करोगे तो

तुम्हारा भाग्य चमक उठेगा इसलिए तुम अपने

समय को व्यर्थ की बातों में ना गवा और इस

कीमती समय को हाथों से मत जाने दो

तुम्हारा हर पल निकल रहा है इसलिए ध्यान

दो मेरे बच्चे इतनी लापरवाही मत

[संगीत]

करो मेरे बच्चे जब तुम्हारी परीक्षा का

दिन और समय निश्चित होता है यदि तुम उस

दिन परीक्षा ना दो और या तुम परीक्षा के

दूसरे दिन परीक्षा देने जाओ तो तुम किसी

भी परीक्षा में पास नहीं होगे इसी प्रकार

तुम्हारे किए गए कर्म का फल प्राप्त होने

का एक निश्चित समय निर्धारित होता

[संगीत]

है यदि वह समय तुम्हारे हाथों से निकल गया

तो तुम्हें मनचाहा फल प्राप्त नहीं हो

पाएगा इसलिए तुम्हारा समय शुरू हो चुका है

इस फल को प्राप्त करने

[संगीत]

का मेरे बच्चे कल सुबह तुम मेरी पूजा करने

जाओगे तो तुम पान का पत्ता लेकर और

तुम्हारी जो इच्छा अधूरी है उसे बोलते हुए

उस पत्ते को मुझे अर्पित कर देना तुम जिस

कार्य को काफी समय से कर रहे

[संगीत]

हो उसे पूर्ण करने में काफी प्रयास कर

चुके हो उस कार्य को पूर्ण होने का समय आ

चुका है इसलिए अब तुम्हें रुकना और थकना

नहीं है तुम और तेजी से आगे बढ़ो और अपनी

पूरी ताकत से उस कार्य को पूर्ण करने के

लिए कोशिश

[संगीत]

करो मेरी बातों को ध्यान रखना यह मत भूलो

तुम्हारा आगे का समय बहुत अच्छा होगा तुम

निश्चिंत रहो मेरे बच्चे तुमसे मैं बहुत

प्रेम करती हूं और मैं शक्ति बनकर

तुम्हारे हर कार्य को सफल बना

[संगीत]

दूंगी तुम्हारे जीवन में एक ऐसी शक्ति

उत्पन्न हो रही है जिससे कि मेरा भक्त जिस

बात को अपने मन में बसा ले मैं उसके हर

इच्छा को पूर्ण करने के लिए सहायक बन सकूं

कल की सुबह तुम्हारे भाग्य को उदय करने की

सुबह है बस जीवन में यह बात याद रखना कि

तुम जो भी कार्य करो उस कार्यों से किसी

को कोई नुकसान ना पहुंचे अगर ऐसा हुआ तो

तुमने जितने अच्छे कार्य जीवन में लोगों

के लिए किए होंगे वह सब व्यर्थ चला जाएगा

क्योंकि यह जीवन का नियम है जो जैसा बोता

है वैसा ही फल पाता है तो आज अगर हम अपनी

वाणी से किसी के लिए बुरे विचारों का

उच्चारण करते हैं तो वही विचार कुछ समय

बाद हमारे लिए भी जरूर आते

[संगीत]

हैं जो मनुष्य दूसरों का मजाक उड़ाकर और

उन्हें हीन भावना से देखते

ऐसे मनुष्य कभी भी जीवन में सफल नहीं हो

सकते इसलिए आप ऐसे व्यक्तियों के बारे में

सोचकर अपने दिल को परेशान ना करें आपके

बारे में जिसने जैसी धारणा बना रखी है वह

हमेशा वैसा ही

रखेगा आप उसको अपनी लाख कोशिशों के बावजूद

बदल नहीं सकते तो आप अपने जीवन में अपने

लिए खुश रहिए क्योंकि आपका खुश रहना ही

आपकी अत आत्मा के लिए बहुत जरूरी है

क्योंकि स्वास्थ शरीर और मन में ही प्रभु

निवास करते

[संगीत]

हैं तो अपने मन को दूसरों के कारण खराब मत

करिए आप बस अच्छा सोचिए अच्छा करिए और

मेरे बच्चों जो मेरे नाम का जाप करता है

उसके जीवन से बहम मुक्त हो जाता है अपने

जीवन में अच्छे और सच्चे लोगों के साथ समय

बिताएं क्योंकि उनके साथ गुजारा समय आपके

लिए बहुत महत्त्वपूर्ण

है कहा भी गया है अच्छी संगति इंसान को

योग्य बना देती है और बुरी संगति राजा से

रंक बना देती है इसलिए हमेशा अच्छे दोस्त

बनाए और जीवन में अच्छी बातें

[संगीत]

सिखाए मैं चाहती हूं कि मेरे सभी बच्चे

सबकी जिंदगी में नए रंग भरने की क्षमता

रखें क्योंकि आपको एक बार ही मानव जीव

मिला है तो मेरे बच्चों उसका सदुपयोग करें

अपने मुख से कभी भी किसी के लिए बुरी

बातें ना बोले जैसे धनुष से निकला हुआ वाण

वापस नहीं आ सकता है ऐसे ही हमारे मुख से

निकले हुए वचन कभी वापस नहीं लिए जा सकते

हैं तो अपने मुख से हमेशा अच्छी वाणी बो

जिससे कि आपका और आपके साथ रहने वाले का

मन खुश रहे मेरे बच्चों कभी भी अपनी

जिंदगी का फैसला गुस्से में मत लेना

क्योंकि गुस्से में लिया हुआ फैसला कभी भी

सही नहीं होता

है इसलिए मुश्किल घड़ी में हमेशा शांत

रहकर अपने जीवन के फैसले लीजिए आप जो भी

फैसला ले

वह यह सोच कर लीजिए कि आप जो भी करने जा

रहे हैं उसमें आपका और आपके परिवार का हित

है मेरे बच्चे मेरी बात याद रखना मैं सदा

उन्हीं के साथ खड़ी होती हूं जो हमेशा

सच्चाई और अहिंसा के रास्ते पर चलते हैं

और सदा अपनी सोच सकारात्मक रखना क्योंकि न

त्मक सोच रखने से कभी भी आप सही रास्ते पर

नहीं चल

सकते अब मेरे बच्चे तुमसे आज्ञा लेने का

समय आ गया है मैं महसूस कर रही हूं कि जो

भी मैंने आज तुमको सिखाया है वह सब तुम

अपने जीवन में अपना

लोगे मेरे अगले संदेश की प्रतीक्षा करना

मैं फिर तुमसे मिलने तुम्हारा कल्याण हो

ओम नमः

[संगीत]

शिवाय

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