मां काली ये आखरी दांव है अगर आज अनदेखा किया तो जिंदगी भर पछता सकते हो आपसे - Kabrau Mogal Dham

मां काली ये आखरी दांव है अगर आज अनदेखा किया तो जिंदगी भर पछता सकते हो आपसे

मेरे बच्चे जो चीज तुम्हारी अपनी है वह

खुद ही आ जाएगी जिन चीजों से तुम बहुत

ज्यादा प्यार करते हो जो चीजें तुम शिद्दत

से मांग रहे हो जिन चीजों के लिए तुम तड़प

रहे हो वह एक ना एक दिन एक समय पर जरूर

मिलेंगी क्योंकि वह चीजें तुम्हारी अपनी

है परंतु यहां पर एक सवाल आता है आखिर

तुम्हारी कौन सी चीज अपनी है यह तुम कैसे

जान सकते हो इन चीजों के बारे में तुम

कैसे पता लगा सकते हो आज मैं तुम्हें

बताऊंगी मेरे बच्चे जिन चीजों से तुम्हें

बहुत ही ज्यादा लगाव होता है जिन चीजों से

तुम्हें बहुत ही ज्यादा प्यार होता है जिन

चीजों के लिए तुम हर रोज अपनी कृतज्ञता

देते हो जिन चीजों के लिए तुम हर रोज

शुक्रिया अदा करते

हो तो वह चीजें तुम्हारे जीवन में एक ना

एक दिन जरूर आ ही जाती हैं जैसे ही तुम इन

सभी प्रक्रिया करना शुरू कर देते हो तब

तुम्हारे अपने मस्तिष्क में एक बात हमेशा

याद रखनी है जिन भी चीजों के लिए तुम

शुकराना अदा करोगे अपनी कृतज्ञता

दोगे और आभारी रहोगे तो वह चीजें तुम्हारे

जीवन में अवश्य आएंगी परंतु होता क्या है

तुम सभी नए-नए तरीकों का प्रक्रिया करने

में लगे रहते हो और इन्हीं सब में इतना

उलझ जाते हो कि वह एक सुनहरे से नियम को

भूल जाते

हो और जैसे ही यह सुनहरा नियम तुम्हारे

मस्तिष्क से ऊपर जाता है तब होता क्या है

तब तुम परेशान होने लग जाते हो हो जब

तुम्हारे अंदर से कृतज्ञता वाली भावना चली

जाती है तब तुम समझ जाना कि तुम भटक गए हो

और यह एक बहुत बड़ा संकेत

है और एक भटके हुए इंसान के पास एक अद्भुत

विचार आ ही नहीं सकता है हो सकता है कि

तुम सब कुछ सही कर रहे हो परंतु फिर भी

यदि तुम्हारा मन बहुत ज्यादा बेचैन है यदि

तुम रे मन में बेचैनी बहुत ही ज्यादा बढ़

गई

है यदि तुम्हें संदेह हो रहा है तुम रो

रहे हो परेशान हो रहे हो कहीं तुम्हारा मन

यदि नहीं लग रहा है तो अब तुम्हें समझ

जाना है कि अब समय आ गया है तुम्हें उन

चीजों के लिए शुक्रिया अदा करना

पड़ेगा क्योंकि कोई भी चीज तभी अपनी हो

सकती है जब तुम उन चीजों को दिल से अपना

मानने लगोगे और दिल से अपना मानने के लिए

तुम्हें उन चीजों के लिए कृतज्ञता

अभिव्यक्त करनी ही पड़ेगी तुम ईश्वर को

प्राकृतिक

को किसी से भी अपनी कृतज्ञ व्यक्त कर सकते

हो कि तुम्हें तुम्हारे जीवन में यह सारी

खुशियां मिली हैं यह सारी अद्भुत चीजें

तुम्हारे पास है क्योंकि जब तुम अपने अंदर

यह कृतज्ञता वाली ऊर्जा को महसूस

करोगे तब तुम्हारे अंदर बहुत ज्यादा प्यार

और सुकून वाली भावना भरी होगी जब यह प्यार

और गहरा संतुष्ट भर भर के तुम्हारे भीतर

से बाहर जाता है तब इससे एक बहुत बड़ी

खुशियां तुम्हारे पास आने का रास्ता बना

लेती हैं और यही एक ऊर्जा काम करती

है तुम्हारे जीवन में कई सारे च चमत्कार

को तुम्हारी तरफ आकर्षित करवाने में यह

पूरी चीजें तुम्हारे भीतर ही होती हैं जब

तुम किसी चीज को शिद्दत से पाना चाहते हो

तब तुम्हारे जीवन में उन चीजों के लिए जगह

बनना शुरू

करो और यह जगह बनाने वाली चीजें कृतज्ञता

की चाबी है जब तुम यह कृतज्ञता वाली चावी

हर रोज अपने पसंदीदा चीजों में अपनी इच्छा

में मतलब तुम्हारे जीवन में जो भी चीजें

हैं यदि तुम उन सारी चीजों पर करते

रहोगे तब तुम समझ भी नहीं सकते कि तुम्हें

क्या-क्या मिल सकता है वह कहावत तो तुमने

सुनी ही होगी जिन लोगों के पास होता है

उन्हें और दिया जाता है जैसे तुम्हारा

मस्तिष्क चलता है वैसे ही तुम्हारा

कृतज्ञता भी चलता

और कृतज्ञता की ऊर्जा ही तुम्हारी प्यार

की ऊर्जा है हमेशा यह चीज याद रखना जब यह

चीजें तुम्हारे साथ में मिल जाती हैं तब

समझ जाना तुम्हारे जीवन में सब कुछ बहुत

जल्दी आने वाला है और इन सबका रास्ता तुम

स्वयं से बना रहे

हो अपनी उन चीजों के लिए कृतज्ञ व्यक्त

करके तुम्हारे स्वयं के हाथों में ही

तुम्हारा भविष्य है इस बात को तुम्हें कभी

भी नहीं भूलना है मेरे बच्चे जब

परिस्थितियां बदलना तुम्हारे बस में ना हो

तब उनकी स्थिति बदल कर

देखो सब कुछ तो नहीं पर बहुत कुछ तुम्हारे

अनुरूप हो जाएगा अपने जीवन की तुलना किसी

के साथ नहीं करनी चाहिए सूर्य और चंद्रमा

के बीच कोई तुलना नहीं हो सकती जब जिसका

वक्त आता है तब वह चमकता

है मेरे बच्चे जब भी तुम्हें खुद में कोई

कमी नजर आए तो एक बार आंखें बंद करके उस

दिन को याद करना जब तुम्हें जीवन की पहली

सफलता मिली थी तुम चाहे जीवन में किसी पर

भी भरोसा करके देख लो वह एक ना एक दिन

तुम्हें धोखा देता ही

है इसलिए तुम्हें केवल मुझ पर भरोसा करना

है तुम किसी भी बात पर खुद को कमजोर समझना

छोड़ दो क्योंकि जब भी तुम ऐसा करते हो तो

नकारात्मक ऊर्जा तुम्हें घेर लेती है

इसलिए तुम हमेशा अपने मन को शांत

रखना मेरे बच्चे अपने ईश्वर पर भरोसा रखो

जहां फैसला सबके हित में होता है इस संसार

में असंभव कुछ भी नहीं है केवल तुम्हारी

सोच का फर्क है यदि मान लो तो हर जगह जीत

तुम्हारी ही है और यदि हार मान लिया तो हर

जगह हार तुम्हारी ही

है इसलिए अपने धैर्य को किसी भी कीमत पर

मत खोना क्योंकि तुम्हारा धैर्य ही

तुम्हें ताकतवर बनाता है और निरंतर आगे

बढ़ने की शक्ति देता है जो जैसा सोचता है

उसे वैसा ही मिल जाता

है

मेरे बच्चे वास्तव में तुम्हारी इच्छा

शक्ति ही तुम्हें आगे बढ़ने में मदद करती

है इसलिए तुम्हें अब मुस्कुराना है

क्योंकि तुम्हारा अच्छा समय तुम स्वयं

अपने हाथों से प्रारंभ कर सकते हो

तुम्हारे जीवन में अचानक से इतना बड़ा

बदलाव

होगा कि तुम स्वयं हैरान हो जाओगे बात-बात

पर अब दुखी होना छोड़ दो अनंत खुशियों का

द्वार खुल रहा है और अपने ऊपर कोई भी

इल्जाम ना लगाओ क्योंकि तुम कभी भी गलत

राह का चुनाव नहीं कर

सकते क्योंकि मेरी शक्तियां तुम्हें गलती

करने से रोक देती हैं अच्छी सोच के साथ

अपने जीवन में आगे बढ़ो मेरे बच्चे मेरी

शक्तियां तुम्हें और समय संभालने के लिए

खड़ी हैं मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ

है सदा खुश रहो मेरे

बच्चे

यदि मेरा संदेश तुम्हें प्राप्त हुआ है तो

सिर्फ तुम आज जीवन का एक ऐसा सत्य जानोगे

जिसे जानकर तुम्हें हैरानी होगी क्योंकि

तुम्हारे मन में उठता हर समय यह प्रश्न है

कि मैं इतना पूजा पाठ करता हूं फिर भी

मेरा कार्य पूर्ण क्यों नहीं हो रहा मेरे

बच्चे उसका उत्तर आज तुम्हें मिल जाएगा

क्योंकि मेरे बच्चे हर बात के पीछे कारण

होता है कारण अच्छा हो या बुरा लेकिन होता

जरूर है यह बात सत्य है बस केवल तुम्हें

साधारण आंखों से ना तो वह कारण दिखाई देता

है ना ही तुम जानते हो कि आगे तुम्हारे

जीवन में क्या होने वाला है तुम केवल यह

देख सकते हो वर्तमान में चल रही बातों को

जान सकते हो जैसा समय तुम्हारे समक्ष उस

समय के बारे में तुम्हें ज्ञात होता है

लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जो तुम्हें जानना

बहुत बहुत जरूरी है क्योंकि जिसको संपूर्ण

ज्ञान हो जाता है वह ना तो परेशान होता है

किसी चीज को पाने के लिए और ना ही मन में

इन प्रश्नों को बार-बार सोचकर हैरान

परेशान होता है कि उसकी इच्छा पूर्ण क्यों

नहीं हो रही है मेरे बच्चे इस बात को

समझना जरूरी है कि यदि तुम ऐसा सोच रहे हो

कि तुम्हारी उन्नति नहीं हो रही तो तुम

गलत सोच रहे हो आज से पहले के समय को देखो

और आज के समय को देखो दोनों में तुलना

करोगे तो तुम्हें खुद ही ज्ञात हो जाएगा

कि तुम पहले से कितना उन्नति कर चुके हो

बस फर्क इतना है कि तुम आज जो चाहते हो उस

चीज आज के समय में तुम्हें वह प्राप्त

नहीं है इसके साथ ही कभी-कभी तुम इतनी

बड़ी चीजों की आश कर लेते हो जो तुम्हारे

लिए बनी ही नहीं है क्योंकि जिस प्रकार एक

हाथ में पांच उंगलियां होने के बाद भी कोई

भी उंगली बराबर नहीं होती एक बड़ी होती है

दूसरी उंगली की तुलना में इसी प्रकार यह

जरूरी नहीं कि तुम जो सोच रहे हो तुम्हें

प्राप्त हो जरूरी यह है कि तुम्हारे जीवन

में कुछ अच्छा हो तुम परिश्रम कर रहे हो

उसका फल तुम्हें मिले और तुम्हारी उन्नति

हो तुम जिस समय में हो उस समय से अच्छे

समय में आते चले जाओ कभी-कभी बड़ी उम्मीद

भी पूरा होने पर सुख का अनुभव करने से

वंचित रह जाते हो और यही तुम सबसे बड़ी

गलती करते हो सुनो मेरी बात को ध्यान

पूर्वक आज जो परिश्रम कर रहे हो ईमानदारी

रख रहे हो उन सभी अच्छे कार्य को कर रहे

हो जो तुम्हारे जीवन में उन्नति का हर

रास्ता खोल देती है तो तुम्हें सब छोड़

देना चाहिए कि तुम्हारे जीवन में कब कहां

कैसे क्या होगा लेकिन बस तुम्हें इस बात

पर पूर्ण भरोसा रखना चाहिए

कि जो होगा वह अच्छा होगा क्योंकि जीवन

में अच्छा होना महत्व रखता है और इसके साथ

ही यह भी कारण है तुम्हारी सोची हुई मंजिल

पर शायद तुम्हारी परिश्रम पूरी नहीं हो

रही है किसी के जीवन में किसी भी इच्छा को

पूण करने के लिए जिस पर कार्य करना जब तुम

प्रारंभ करते हो तो उस पर इतना परिश्रम

करो कि तुम्हें ऐसा आभास होने लगे कि इससे

ज्यादा मैं और परिश्रम नहीं कर सकता

क्योंकि जब तक लोहा इतना गर्म ना हो कि वह

पिघलने ना लगे तब तुम उस लोहे को कोई भी

आकार नहीं दे सकते हो इसलिए पहले जिस

प्रकार लोहे को इतना ही गर्म किया जाता है

कि पिघलने लगे उसी प्रकार खुद को कर्म की

अग्नि में इतना पिघला हो कि जैसा चाहो

वैसे सांचे में डालकर ढल सको अर्थात

तुम्हारी किस्मत परिवर्तित हो जाए मेरे

बच्चे हृदय की आवाज से सुनना तुम्हारे

हृदय में वही आवाज उत्पन्न होगी क्योंकि

किसी भी कार्य को पूर्ण करने में कार्यों

की कमी तुम्हें उस मंजिल से दूर ही रखती

है ना तो मुझसे कुछ पूछने की जरूरत है और

ना ही तुम्हें अपने मन को निराश करने की

मेरे बच्चे तुम्हारा कार्य पूरा होगा या

नहीं कार्यों को करो निस्वार्थ भाव से तब

तुम्हें अवश्य फल प्राप्त होगा मुझसे कुछ

पूछना चाहो

तुम्हारे हृदय में उत्पन्न हुई आवाज ही

मेरी आवाज होगी तुम्हारे गलत कर्मों की

माफी तुम्हें मिल चुकी है मेरे बच्चे अब

तुम्हारी सभी

समस्या मेरे बच्चे माफी तुम्हें इसलिए

मिली है क्योंकि तुमने कुछ ऐसे कार्य किए

हैं जो पीछे की गई गलतियों से तुमने जो

अपने खराब समय को अपनी ओर आकर्षित कर लिया

था खराब समय को परिवर्तन किया था उसी

प्रकार तुमने कुछ ऐसे कार्य किए हैं जिनके

कारण से तुम्हारा अच्छा समय फिर से

प्रारंभ हो चुका है और फिर से तुमने अपने

कर्मों के द्वारा ही समय को फिर परिवर्तित

किया है आज मैं तुम्हें कुछ ऐसी खास बात

बताने वाली हूं जिसे सुनना तुम्हारे लिए

अत्यंत आवश्यक है यह एक कड़वा सत्य है कि

हर इंसान से गलती होती है इसमें कोई संदेह

नहीं कि गुंजाइश ही नहीं है इंसान कोई ना

कोई जानकर गलती कर ही देता है लेकिन किसी

भी व्यक्ति को इस बात को कदापि नहीं भूलना

चाहिए कि यदि कोई भी इंसान जानबूझकर सिर्फ

उसका भागीदारी होता है अनजाने में की गई

गलतियों को मैं माफ कर देती हूं उनकी उन

गलतियों को दंड में नहीं देती इसके साथ ही

हमेशा कुछ अच्छे कार्य भी जीवन में करते

रहने चाहिए जिससे कि यदि तुमसे कोई गलती

हो ही जाती तो उसकी याचना तुम्हें मिल जाए

कठोर दंड का सामना नहीं करना पड़ता और

उन्हीं कार्यों में से कुछ कार्य हैं जो

तुम्हें हमेशा करते रहने चाहिए जैसे कि

भाग्य के भरोसे ना बैठे रहना क्योंकि

भाग्य तुम्हें तभी कुछ देता है जब तुम

स्वयं प्राप्त करना चाहते हो उसके लिए कभी

भी कड़ा परिश्रम करना ना भूलना यदि

तुम्हारा मस्तिष्क कुछ प्राप्त करना चाहता

है तो उसके लिए कठोर तपस्या करना आवश्यक

है इसके लिए तुम्हें ऐसी शक्ति आकर्षित

करनी होगी तुम्हें अपने मन पर लगाम लगाना

सीखना होगा दूसरों की मदद करना सीखो कुछ

ऐसे काम

करो जिनको करने के काफी समय पश्चात

तुम्हारे हृदय और तुम्हारे मन को खुशी हो

क्योंकि तुम इस बात को स्मृ रखना किसी भी

कार्य को करते समय भले ही तुम्हें खुशी ना

हो लेकिन काम को करने के पश्चात जिस कार्य

के करने से हृदय और मन को खुशी

हो वही अच्छा काम होता है तुम गलत काम

करोगे तो भी तुम्हारे हृदय को जरूर अच्छा

नहीं लगेगा इसके साथ ही तुम्हें यह सोचना

अत्यंत आवश्यक है कि जीवन में मेरे बच्चे

तुम्हें सभी देवताओं की पूजा करना इतना

जरूरी नहीं बल्कि अपने कर्मों पर ध्यान

देना उसे भी ज्यादा जरूरी है जब समस्या

उत्पन्न होती है जब तुम उसे उत्पन्न होने

के लिए उसे अपनी ओर आकर्षित करते हो

अर्थात कुछ ऐसे कर्म करते हो प्राकृतिक के

खिलाफ है और प्राकृतिक ही तुम्हारी और

समस्याओं को आकर्षित करती है इस बात को

समझना होगा कि तकदीर कुछ नहीं है जब तुम

स्वयं की बाग डोर स्वयं के हाथ में रखो और

जिस तरह से जीवन को चाहो उस तरह से तुम

चला सकते हो यदि तुम अपनी बाग डोर तकदीर

के हाथों में थमा करर बैठे रहोगे तो आगे

आने वाले समय में तुम्हें कुछ भी प्राप्त

नहीं होगा यदि तुम अपनी बाग डोर अपने

हाथों में रखोगे तो स्वयं जिस चीज का

निर्माण करना चाहो उस चीज का निर्माण कर

सकते हो तुम्हें अपने आप ही स्वतः ही

प्राप्त हो जाएगी तुम्हारे अंदर ही वह

शक्ति है अपने आप को पहचानो मेरे बच्चे

मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है

तुम्हारा कल्याण

हो

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