मां काली मै तुम्हें ये प्यारी सी भेंट देने आई हूं वो तरसेगा आपको पाने के लिए दिव्य ज्योति - Kabrau Mogal Dham

मां काली मै तुम्हें ये प्यारी सी भेंट देने आई हूं वो तरसेगा आपको पाने के लिए दिव्य ज्योति

मेरे बच्चे तुम चाहते हो तुम्हारी सारी

इच्छाएं जल्द ही पूर्ण हो जाए तुम्हारी

प्रार्थनाएं जल्द ही पूर्ण हो

जाए तो आपको केवल सकारात्मक शब्दों का ही

प्रयोग करना होगा अपने लिए भी दूसरों के

लिए

भी यह काम तुम्हें करना होगा क्या तुम

जानते हो कि जब तुम दूसरों के बारे में

बात करते हो उनके बारे में अधिक सोचते हो

तो तुम्हारी सारी ऊर्जा उस तरफ जा रही है

मेरे

बच्चे जब लोग आपको दुखी करते हैं आप दुखी

होकर उनकी बुराई करते हैं तो आप इस तरह के

पैटर्न में बंद जाते हैं फस जाते हैं कि

बार-बार आपके जीवन में यही राप चलता रहता

है आपको मेरे

बच्चे इस पैटर्न को तोड़ते हुए बाहर

निकलना होगा जब तुम इस तरह के बटन को अपने

जीवन में मेरे

बच्चे पूरी तरह से अलग कर देते हो तो

तुम्हारा रास्ता स्पष्ट और साफ हो जाता है

तुम्हारी इच्छाएं मेरे बच्चे को तुम्हारे

एक एक शब्दों को बहुत ज्यादा शक्तिशाली

बनाने के लिए अब मेरे बच्चे तुम्हें कार्य

करना होगा ऐसे समय में क्या करना है

इसे भी जान लो तुम्हें अपने एक एक शब्द को

बहुत शक्तिशाली बनाना है तुम्हें अपने

जीवन में जो कुछ भी चाहिए जिन चीजों से

तुम्हें प्रेम है उन चीजों को तुम्हें

बार-बार देखना होगा यह बातें केवल खाने के

लिए नहीं है यह मेरे बच्चे आपके जीवन को

पूरी तरह बदल सकता है तुम्हें अपनी चीजों

को लिखना शुरू करना होगा जैसे तुम अपने

जीवन को पूरी तरह बदलना चाहते हो अपनी

संकल्प शक्ति का इस्तेमाल करते हो चीजों

को शब्दों को जितना दोहराते हो उतनी ही

संभावना बन जाती है उन चीजों को पूरा होने

की उन शब्दों को पूरा होने की तुम्हारा

संकल्प सिद्ध हो जाता है जितना आप खुद को

शुद्ध करते हो मन से कर्म से वचन से मेरे

बच्चे

आपका दूसरों को कोई बात नहीं करनी बस अपनी

इच्छा को बार-बार दोहराना है जब आप ऐसा

करते हो मतलब आपका संकल्प शुद्ध हो जाता

है आप इसे पूरा करते हुए देखते हो मेरे

बच्चे आज मैं आपको बहुत ही खास बात बताना

चाहती हूं जब

मनुष्य अचानक से धनवान बन जाता है वर्षों

से अटका हुआ काम उसका अचानक से पूर्ण हो

जाता है जो ना मेरे बच्चे जाने कितने

प्रयास और संघर्ष के बाद भी पूर्ण नहीं हो

रहा था वह कैसे बन गया जो शत्रु थे वह

मित्र बन गए जो मेरी अब तक आलोचना करते थे

अब वह मुझसे संपर्क बनाने लगे हैं मेरे

बच्चे तब तुम्हें ऐसा लगता है जैसा

चमत्कार हो गया परंतु मेरे बच्चे यह सत्य

नहीं है तुम्हे जो मिल रहा है वह तुम्हारे

ही कर्म है वो उपहार है वह उपहार तुम्हारे

अच्छे कार्यों का फल है यदि तुम अहंकार

में आकर अच्छे कार्य करना बंद कर देते हो

छोड़ देते हो अपनी मधुर वाणी को कठोर बना

लेते हो किसी की निंदा करने लग जाते हो तब

मेरी शक्तियों ने जो उपहार तुम्हें दिया

है वह वापस भी ले सकते हैं इसलिए मेरे

बच्चे

ध्यान दो मैं तुम्हें बताने आई हूं यदि

तुम्हें तुम्हारे अच्छे कार्य का परिणाम

प्राप्त हो रहा है तो सुख की इस बेला में

अच्छे कार्य करना मत छोड़ो मनुष्य को

मनुष्य समझो बेजुबान जानवरों की सहायता

करो किसी का भी दिल मत दुखाओ यदि तुम्हारे

पास धन अधिक है तो असहाय लोगों की सहायता

करो यदि किसी का दिल तुम्हारी मधुर वाणु

से प्रसन्न होता है तो आपको उसी से काम

चलाना है कभी भी अहंकार नहीं करना फिर

देखो तुम्हारे जीवन में चमत्कार होगा दिन

प्रतिदिन मेरे बच्चे तुम दूसरों से अपने

हृदय को जोड़ते हो तो तुम्हें शांति का

अनुभव होगा तुम्हें संसार में प्रसन्नता

और खुशियों का एहसास होगा मेरे बच्चे तुम

बहुत ही भाग्यशाली

हो क्योंकि मैंने तुम्हें चुना है हां मां

काली ने तुम्हें चुना है इस संदेश के लिए

इसे अधूरे में छोड़कर जाने की भूल मत करना

परंतु मैं देख रही हूं तुम अनदेखा कर रहे

हो जिसके कारण तुम्हें बहुत सी परेशानियां

उठानी पड़ रही है उन परेशानियों के चलते

तुम दुख झेल रहे हो क्या हुआ मेरे बच्चे

क्या तुम्हें अपनी माता से प्यार नहीं रहा

जो तुम मेरी बातों को अनसुना कर रहे हो

तुम अपने जीवन में क्या परिवर्तन करते हो

यह बात महत्त्वपूर्ण है तुमने नादानी में

कुछ गलतियां की हैं पर उन गलतियों से

तुम्हें सबक लेना चाहिए मेरे बच्चे अपनी

गलतियों को बार-बार मत धो राओ इसलिए तुम

जहां तक मेरे बच्चे जाना चाहते हो तुम

वहां जा नहीं पा रहे हो किंतु तुम चिंता

मत करो मैं तुम्हारे जीव जीवन को बदलने के

लिए रास्ता दिखाऊंगी जीवन में कितनी ही

मुश्किले हो गहरी मेरे बच्चे आशा किरण

तुम्हें सफलता दिलाएगी मेरे बच्चे वादा

करो तुम विश्वास नहीं छोड़ोगे यही तुम्हें

मंजिल तक पहुंचाएगी बचपन से ही आपको अपनी

और अपने परिवार की सेल्फ रिस्पेक्ट प्यारी

है जिस उम्र में बच्चे गुड्डे गुड़ियों का

खेल खेलते हैं आपको गर्द का साथ प्रिय था

फूल पत्ते कुत्ते बिल्ली गाय आदि तुम्हारे

पक्के दोस्त साथी है मेरे बच्चे तुमने कभी

ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जिससे तुम्हारी और

तुम्हारे परिवार वालों को तुम्हारे कारण

किसी और के नजरों में झुकना पड़े मेरे

बच्चे तुम संदे इस बात का ख्याल रखते आए

हो उस उम्र में बच्चों को नहीं पता होता

क्या सही है क्या गलत पर तुम समझ गए थे

तभी से ही कि ऐसा करने से मेरे माता-पिता

को दुख होगा और अगर मैं ऐसा करूंगा वैसा

करूंगा तो मेरे माता-पिता

जिनसे उन्हें खुशी होगी तुम छोटे थे पर

बातें मुख से बड़ी बड़ी करते थे इसलिए

मेरे बच्चे लोग समझ लेते थे छोटा मुंह

पड़ी बड़ी जुबान कि इतना छोटा बच्चा इतनी

छोटी बच्ची बातें तो ऐसे करती है बातें तो

ऐसे करता है कि ना जाने किसकी आत्मा हो

इसके अंदर मेरे बच्चे याद रखना सिखाता वही

है जो सीखता है मुझे पता है तुम बचपन से

सोचते थे कि तुम्हारे सपने बहुत बड़े हैं

पर कुछ रुकावट के चलते मेरे बच्चे समाज और

परिवार की रूढ़ी सोच के चलते तुम कदी बनकर

रह गए मेरे बच्चे फिर भी तुम्हें विश्वास

था कि एक ना एक दिन इस पिंजरे को तोड़

आजाद हो जाओगे जिन पीढ़ियों को मेरे बच्चे

ने तुम्हें जकड़ रखा है मेरे बच्चे तुम

चाहे किसी भी सफल व्यक्ति की कहानी सुन लो

उसने मेरे बच्चे जीवन के सभी रूपों को

देखा है फिर चाहे वह कितना ही भयानक क्यों

ना रहा हो उसने मेरे बच्चे सभी दुखों को

और कष्टों को सहा है उस पीड़ा और दर्द को

सहा है जो एक पल उसके लिए असहनीय थी तब

जाकर आज वह सीख पा रहा है अपनी कहानी

दुनिया को सुना पा रहा है मेरे बच्चे बिना

अनुभव के तुम अपने सपनों को पूरा नहीं कर

सकते इसलिए तुम्हें अनुभव प्राप्त हो रहा

है i

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