मां काली मैं तुमसे माफी मांगना चाहती हूं क्या तुम मां दुर्गा के लिए इतना भी नहीं कर - Kabrau Mogal Dham

मां काली मैं तुमसे माफी मांगना चाहती हूं क्या तुम मां दुर्गा के लिए इतना भी नहीं कर

मेरे बच्चे आज वह व्यक्ति तुम्हारे बारे

में जांच पड़ताल कर रहा था वह अपने फोन

में तुम्हें लेकर कुछ चीजें देख रहा था और

वह यह जानना चाहता है कि अब तुम्हारे जीवन

में क्या चल रहा है उसे बहुत उत्सुकता है

यह जानने की कि तुम कब क्या कर रहे हो वह

तुम्हारे जानने वालों से तुम्हारे दोस्तों

से भी तुम्हारे बारे में पूछने की कोशिश

कर रहा है कि कहीं से तो तुम्हारे बारे

में कोई जानकारी उसे मिल जाए उसकी हालत

बहुत खराब हुई पड़ी है मेरे बच्चे और वह

कुछ दिनों से तुम्हारे अलावा कुछ और सोच

ही नहीं पा रहा है सोते उठते बस उसके

दिमाग में तुम्हारा ही ख्याल आता है उसका

दिल यह जानता है कि तुम अब उसकी पहुंच से

बहुत बाहर जा चुके हो अब तुम्हें एक बहुत

मजबूत व्यक्ति बन गए हो जिसे किसी के

सहारे की किसी के साथ की किसी ने प्रेम की

कोई जरूरत नहीं है पर फिर भी वह तुमसे एक

बार बात करना चाहता है क्योंकि उसे आज भी

यकीन नहीं होता है कि तुमने उसे छोड़ दिया

है उसे यकीन ही नहीं होता है वह यह मानने

के लिए तैयार ही नहीं है कि जो व्यक्ति एक

समय पर उसके पैर पकड़कर गिड़गिड़ा रहा था

उससे विनती कर रहा था कि वह उसे छोड़कर ना

जाए आज वह व्यक्ति पलटकर उसे देख ही नहीं

रहा है उसे ऐसा लगता है कि तुम आज भी उसके

लिए रो रहे हो और यही देखना चाहता है वह

वोह आज भी तुम्हारी आंखों में अपने लिए

आंसू देखना चाहता है मेरे बच्चे अब तो उसे

सपने भी तुम्हारे ही आ रहे हैं और उन

सपनों में भी उसे डर ही लग रहा है कि कहीं

तुम हमेशा के लिए उसे भूल ना जाओ और कहीं

तुम कभी उसे माफ ही ना करो अब उसके शरीर

की ऊर्जा खत्म हो रही है मेरे बच्चे और हो

सकता है वह कुछ दिनों में तुमसे बात करने

की कोशिश करें वह कुछ दिनों से सोच रहा है

कि उसे तुमसे बात करनी चाहिए तुम ही एक

ऐसे व्यक्ति हो जो उसके मन की उलझन को

खत्म कर सकता है वह तुम्हें बहुत याद करता

है और उसे ऐसा ही लग रहा है कि तुम उसके

जीवन में सूर्य की वह किरण थे जिसके जाने

के बाद उसके जीवन में सिर्फ अंधियारा ही

बच गया है उसने हमेशा तुमसे झूठ बोला मेरे

बच्चे और बहुत सारे ऐसे राज हैं उसके जो

तुम्हें आज तक नहीं पता है पर वह कुछ

दिनों से यही विचार कर रहा है कि वह अपने

वह सारे राज तुम्हें बता द पर उसे पता है

कि जब वह राज खुलकर तुम्हारे सामने आएंगे

तो तुम कभी उन्हें माफ नहीं करोगे तुम इस

जन्म में क्या आपने किसी भी जन्म में उस

व्यक्ति को कभी माफ नहीं करना चाहोगे और

उसको वही डर खाया जा रहा है ऐसा नहीं है

कि उसे तुमसे बहुत प्रेम हो गया है हमेशा

याद रखना जो व्यक्ति एक बार तुम्हें धोखा

दे सकता है रोता हुआ छोड़ कर जा सकता है

उसे दोबारा तुम्हें छोड़कर जाने में थोड़ी

भी हिचकिचाहट नहीं होगी वह तो तुमसे इसलिए

माफी मांगना चाह रहा है और तुम्हें इसलिए

याद कर रहा है क्योंकि उसके अंदर यह भैया

गया है ख उसने जो तुम्हारे साथ किया वह

पलटकर अब उसके साथ होगा और इससे पहले की

वह चीजें उसके साथ हो वह तुमसे माफी मांग

लेना चाहता है वह तुम्हें वह सारे राज बता

देना चाहता है क्योंकि उसके परिवार के लोग

बहुत सख्त हैं कुछ चीजों में उनकी अलग सोच

है जिस सोच की वजह से वह अपने हिसाब से

निर्धारित करेंगे उसके लिए उसका भविष्य और

इसी बात का डर उसको अंदर-अंदर खाए जा रहा

है कि अगर उसको उसके पसंद का जीवन साथी

नहीं मिला तो और अगर कहीं उसको ऐसा कोई

जीवन साथी मिला जो उसके साथ वही करें जो

उसने तुम्हारे साथ किया है तब उसे यह पता

है मेरे बच्चे कि उसने तुम्हारी चमक को

छीन लिया था तुम हंसने मुस्कुराने वाले

व्यक्ति थे बचपना था तुम्हारे अंदर जब तुम

मुझसे मिले थे उसे भी इस बात का एहसास

बहुत अच्छे से है कि तुम्हारे दिल के कोने

में आज भी कहीं ना कहीं वह यादें हैं

क्योंकि तुम्हारा प्रेम सच्चा था उसने

चाहे दिखावा किया उसने चाहे बहुत बर्बाद

करने की कोशिश की तुम्हें पर तुम्हारा

प्रेम उसके लिए हमेशा सच्चा था मेरे बच्चे

पर उसने तुमसे तुम्हारी वह चमक छीन ली

तुम्हारा बचपन छीन लिया और तुम्हें

अंधियारे में डाल दिया दिया पर तुम उस

अंधियारे से निकलकर खुद से प्रेम करना सीख

गए तुमने अपने आप पर बहुत काम किया अपने

व्यक्तित्व को बढ़ाने के लिए बहुत काम

किया अपने भविष्य के लिए बहुत काम किया

मेरे बच्चे तब जाकर तुम आज वहां खड़े हो

जहां तुम्हें किसी की जरूरत नहीं है जहां

तुम्हें उस व्यक्ति तक की जरूरत नहीं है

और आप जब वह अंधियारा उसे घेर जा रहा है

तो उसे एहसास हो रहा है कि उसने तुम्हारे

साथ कितना गलत कर दिया उसने एक व्यक्ति की

चमक छीन ली उसका प्रेम उससे छीन लिया जो

निस्वार्थ मन से बिना किसी चाह के उससे

प्रेम करता था और इसी बात की माफी मांगनी

है उसे तुमसे और तुम्हारे अलावा और कुछ

सोच ही नहीं पा रहा है उसका सर फटा जा रहा

है वह सब कुछ सोच सोच कर उसको घुटन हो रही

है उसकी अंतरात्मा उसको निचो डेड रही है

मेरे बच्चे और उसे ऐसा लग रहा है कि जब वह

तुमसे बात कर लेगा तो उसका मन हल्का हो

जाएगा पर उसे यह भी पता है कि अब तुम उसकी

बातों में नहीं आओगे अब तुम उसके लिए नहीं

रोगे उसे यह पता चल गया है कि जब तक यह

व्यक्ति सफल नहीं हो जाता अब यह नहीं

रुकेगा और अब यह किसी और के पैरों में

गिड़गिड़ा करर प्रेम की भीख नहीं मांगेगा

अब तुम ऐसा कुछ भी नहीं करोगे और कभी किसी

के लिए नहीं करोगे मेरे बच्चे क्योंकि

तुमने एक बार बहुत बर्डी ठोकर खाई थी अब

वह ठोकर तुम्हें कभी नहीं मिलेगी और

तुम्हें खाने भी नहीं है वह ठोकर तुमने

बहुत कुछ सीख लिया है इस दुनिया ने लोगों

ने तुम्हें बहुत कुछ सीखा दिया बहुत कम

उम्र में तुम्हें वह तजुर्बे मिल गए जो

शायद कभी किसी को नहीं मिलने चाहिए तो

तुम्हें परेशान होने की जरूरत नहीं

है

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