मां काली कौन सा दिव्य शक्ति तुम्हारे साथ है जो तुम्हारे को शत्रु जलाकर भस्म कर रही है - Kabrau Mogal Dham

मां काली कौन सा दिव्य शक्ति तुम्हारे साथ है जो तुम्हारे को शत्रु जलाकर भस्म कर रही है

[संगीत]

मेरे प्रिय बच्चों कैसे हो तुम सब तुमने

मुझे याद किया और मैं तुम्हारे पास आ गया

आज का मेरा यह संदेश तुम्हारे लिए बहुत ही

महत्त्वपूर्ण होने वाला है क्योंकि आज

तुम्हें तुम्हारे दुखों से मुक्ति का

मार्ग बताने जा रहा हूं इसलिए मेरे संदेश

को अंत तक अवश्य सुनना इसमें जो मैं बात

कहने वाला हूं वह तुम्हारे जीवन से जुड़ी

हुई है और इसे अनदेखा मत करना मेरे बच्चे

मैं देख रहा हूं तुम बहुत ज्यादा दुखी हो

तुम्हें आहत हुआ है जो तुम्हारे अपनों ने

ही तुम्हें दिया है जिसके चलते तुम स्वयं

को बहुत कमजोर समझने लगे हो कुछ लोगों ने

तुम्हारे साथ बहुत ही गलत किया है जिसके

चलते तुम्हें इन तकलीफों का सामना करना

पड़ रहा है और इन तकलीफों से तुम्हें जो

दुख हो रहा है उससे तुम बेहद परेशान हो

लोगों ने तुम्हें नीचा दिखाने की कोशिश की

है उन्होंने सदा ही तुम्हें गलत ठहराने की

कोशिश की है हमेशा ही तुम्हारे साथ बुरा

व्यवहार किया है तथा तुम जो भी कार्य करते

हो उन सब में दखल दिया है मैं सब कुछ देख

रहा हूं मेरे बच्चे और मैं तुम्हारी

परिस्थिति को भली भाति जानता हूं इन सबके

चलते तु तुमने अपने ऊपर से विश्वास खो

दिया है और तुम्हें यह लगता है कि संसार

में तुम्हारे जीने के लिए कोई भी वजह शेष

नहीं रह गई जिसके चलते तुमने अपना धैर्य

खो दिया है तुम्हें लगता है लोग ऐसे ही

तुम्हारी परिस्थिति का फायदा उठाते रहेंगे

तुम्हें जीवन भर परेशान करते रहेंगे तुम

कोई भी कार्य करोगे तो वह उसे ठीक प्रकार

से तुम्हें नहीं करने देंगे वह हर पल

तुम्हारे हर कार्य में दखल देंगे इन सबके

चलते तुम बेहद टूट चुके हो तुम अंदर से

परेशान हो चुके हो और तुम कुछ भी नहीं कर

पाओगे तुम्हें ऐसा लगने लगा है कि तुम उन

लोगों का विरोध नहीं कर सकते जो लोग

तुम्हें परेशान कर रहे हैं तुम केवल अपने

आप को एक कमजोर इंसान प्रतीत कर रहे हो

परंतु मेरे बच्चे मैं तुमसे यह जानना

चाहता

तुम लोगों के कर्मों की सजा खुद को क्यों

दे रहे हो लोगों का कार्य तो केवल मनुष्य

को परेशान करने का है परंतु तुम उन लोगों

की बातों में आकर खुद को क्यों तकलीफ दे

रहे हो वह तो अपने जीवन में मौज मस्ती कर

रहे हैं परंतु तुम उनकी बातों को लेकर हर

पल दुखी हो क्या तुम्हें लगता है कि

तुम्हारे दुखी होने से उन लोगों को कोई

फर्क पड़ता होगा तुम चाहे कितना भी रो लो

या कितने भी परेशान क्यों ना हो जाओ

तुम्हारे अपने लोगों को भी तुमसे किसी

प्रकार की हमदर्दी नहीं रहेगी यह कलयुग है

जहां केवल मनुष्य अपने लिए सोचता है और इस

कलयुग में तुम अपने लोगों से क्यों उम्मीद

लगाते हो मेरे बच्चे नहीं मेरे बच्चे ऐसा

नहीं होता किसी के जाने से और किसी के आने

से यह संसार नहीं रुकता फिर भी तुम यह

सोचते हो कि तुम्हारे दर्द से उन लोगों को

दर्द होगा तो तुम केवल अपने मन को झूठे

भ्रम में रख रहे हो ऐसे लोगों को तुमसे

कोई मतलब नहीं है और तुम्हें भी ऐसे लोगों

से कोई मतलब नहीं होना चाहिए इसलिए मेरे

बच्चे ऐसी गलती मत करना तुम दूसरों के

चक्कर में स्वयं को परेशान मत करो तुम बस

अपने कार्यों को करो बाकी सब कुछ मुझ पर

छोड़ दो मैं महा देव वह सब कुछ देख रहा

हूं जो तुम्हारे साथ दूसरे लोग कर रहे हैं

इंसान संसार में हर किसी का अपना कर्म है

हर कोई अपने कर्मों की सजा भोगता है तो

तुम्हें किस बात की चिंता है जो दूसरे लोग

कर्म कर रहे हैं वह कर्म उनको वही फल देगा

जिस प्रकार का वह कर्म कर रहे हैं तुम्हें

केवल अपने कर्मों पर ध्यान देना है

क्योंकि कर्मों से ही तुम्हारा जीवन निर्

ार होगा मेरी बातों को ध्यान से सुनो मेरे

बच्चे लोग जो कर रहे हैं उन्हें उनके

हालातों पर छोड़ दो और वह जो कर रहे हैं

उन्हें करने दो यानी उन्हें वह कार्य करने

में खुशी मिल रही है तो उन्हें करने दो

परंतु इसका अर्थ यह नहीं कि यदि वह

तुम्हें व्यक्तिगत रूप से परेशान कर रहे

हैं तुम उनका विरोध ना

करो तुम्हारे जीवन में जो भी लोग तुम

तुम्हारे अपने हैं वह तुम्हें शब्दों से

अधिक घायल करते हैं क्योंकि अपने द्वारा

बोले गए कड़वे बोल हमारे हृदय को अंदर तक

तोड़क रख देते हैं और तुम्हारे अपने लोग

ही तुम्हारे साथ यही कर रहे

हैं यदि तुम्हें अपने दुखों से मुक्ति

चाहिए और जो तुम सोच रहे हो कि तुम बेहद

परेशान हो तो उसका मार्ग मैं तुम्हें बता

रहा हूं मेरे बताए गए कार्य को करोगे तो

तुम्हारे सारे दुख स्वयं ही समाप्त हो

जाएंगे सबसे पहले तुम्हें अपने कर्म करने

हैं और तुम्हारे सारे कर्म अच्छे होने

चाहिए अब तुम मेरे शरण में आ चुके हो तो

तुम्हें किसी बात की चिंता नहीं होनी

चाहिए मैं वह सब कुछ देख रहा हूं जो

तुम्हें लगता है कि मैं नहीं देख रहा जो

लोग तुम्हारे साथ गलत कर रहे हैं अब

उन्हें उनके कर्मों का दंड भोगने का समय आ

चुका है इसलिए मेरे बच्चे अब तुम अब तुम

कुछ छड़ और यह तकलीफें सहो ग क्योंकि आप

सबको सबके कर्मों का हिसाब देना होगा और

मैं महादेव यहां सबके कर्मों का हिसाब

लेने आया हूं जो दुख तुमने सहे वह

तुम्हारे पुराने कर्मों का हिसाब था जो अब

समाप्त हो चुका है इसलिए मेरे बच्चे अपने

मन से सारी दुविधा को हटा दो मैं महादेव

कर्म का फल दाता हूं और मैं तुम्हारे फल

को अब तुम्हें प्रदान करने आया हूं

तुम्हें किसी प्रकार का कोई दुख अब नहीं

होगा यह मेरा वादा है तुम केवल अपने मन को

शांत करके मेरी भक्ति करो तथा हर शनिवार

को मुझे तेल अर्पित करो मुझे तेल अति

प्रिय है यदि तुम मुझे तेल अर्पण करते हो

तो तुम्हारे दुख खुद ही कट जाएंगे तुम

केवल शनिवार के दिन मुझे एक बार याद जरूर

करना और यदि तुम मेरे शनिवार के दिन दर्शन

कर सको तो तुम्हारे जीवन के सभी बुरे कर्म

कट जाएंगे तथा तुम्हें सुख समृद्धि और

ज्ञान की प्राप्ति होगी मैं सभी कर्मों का

बराबरी से हिसाब दूंगा जिसने जो कर्म करे

हैं उसे उसका फल अवश्य प्राप्त होगा इसलिए

तुम्हें चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं

है क्योंकि यह बात तुम भी जानते हो तुमने

कभी किसी का बुरा नहीं किया है तुम्हारे

कर्म पवित्र हैं और जो मुझे बेहद प्रसन्न

करते हैं इस कर्मों के चक्र में ही इंसान

उलझ कर रह जाता है इसलिए जो मनुष्य समय

रहते अपने कर्मों को सुधार लेता है वह

जीवन भर एक खुशहाल जिंदगी जीता है परंतु

यदि समय रहते इन कर्मों का ना समझा जाए तो

मनुष्य का जीवन पूरा बर्बाद होता चला जाता

है और मेरी एक बात याद रखना मेरे बच्चे

तुमने कभी किसी का बुरा नहीं किया है

परंतु इस समय जो तुम धैर्य खो रहे हो उसके

चलते तुम किसी मनुष्य का बुरा करने की मत

सोचना यदि तुमने ऐसा सोचा तो तुम अपने

अच्छे कर्मों को खराब कर लोगे और तुम्हें

अपने कर्मों को खराब करने की कोई जरूरत

नहीं

है हमेशा याद रखना जो तुम करोगे वही कर्म

का फल पाओगे अब तुम्हें तय करना है कि

तुम्हें अच्छे फल चाहिए या फिर बुरे बुरे

फल पाने के लिए तुम्हें बुरे कर्म करने

होंगे और अच्छे फल पाने के लिए तुम्हें

अच्छे कर्म करने होंगे बस इतनी ही सरलता

की बात है जैसा करोगे वैसा भरोगे अब तुम

अपने कर्मों को सुधारो तथा अपने कार्यों

को उचित प्रकार से करो मेरा जाने का समय

हो चुका है मेरे बच्चे मैं तुम्हें अगले

संदेश में दोबारा

मिलूंगा तुम्हारा कल्या हो मेरे बच्चे सदा

खुश रहो सदा फूलो फलो

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