मां काली के सबसे शाक्तिशाली चमत्कारी 9 शनिवार व्रत कैसे करें, व्रत में क्या खाएं, उद्धापन कैसे करें? - Kabrau Mogal Dham

मां काली के सबसे शाक्तिशाली चमत्कारी 9 शनिवार व्रत कैसे करें, व्रत में क्या खाएं, उद्धापन कैसे करें?

नमस्कार दोस्तों जय मां काली कैसे हैं आप

सब उम्मीद है आप सब अच्छे होंगे स्वस्थ

होंगे मां काली का आशीर्वाद आप सब पर सदैव

बना रहे मां की कृपा से आपके घर के भंडार

हमेशा भारी रहे दोस्तों एक बार फिर से मैं

आप सबका स्वागत करती हूं अपने यूट्यूब

चैनल काली मां की बेटी में तो अगर आप पहली

बार मेरी चैनल पर आए हैं तो चैनल को

सब्सक्राइब जरूर करिएगा और बेल आइकन को

ढाबा दीजिएगा ताकि मेरी आने वाली हर

वीडियो आप तक सबसे पहले पहुंचे

साथ ही वीडियो को लाइक करना मत भूलिएगा

तो चलिए फिर मां काली का नाम लिखकर आज की

वीडियो शुरू करते हैं

दोस्तों आज के वीडियो में हम बात करेंगे

माता काली के शनिवार के व्रत के बारे में

कैसे यह व्रत किया जाता है क्या इसके लाभ

हैं क्या इस व्रत में खाना चाहिए क्या

नहीं खाना चाहिए और कैसे इसका उद्यापन

करना है

इसलिए वीडियो को आखिरी तक देखिएगा ताकि

कोई भी महत्वपूर्ण बात आपसे छूट ना पाए

दोस्तों माता काली को मां जगदंबा की

महामाया कहा जाता है

इन्होंने ही सती और एम पार्वती के रूप में

जन्म लिया था

माता काली के कई नाम है

मात्रा काली श्मशान काली दक्षिण काली

महाकाली

जिसका अर्थ है समय और कल

जो सभी को अपने में निगल जाता है

माता काली की आराधना से भौतिक जीवन में

सुख शांति समृद्धि और शत्रुओं पर विजय

प्राप्त होती है

जिसमें किसी

महाकाली की साधना और इनके व्रत को सबसे

शक्तिशाली और प्रभावशाली माना जाता है

जो किसी भी कार्य का तुरंत परिणाम देता है

अगर पूर्ण श्रद्धा से मां के यह शनिवार

व्रत किए जाएं तो मा आपकी सारी मनोकामनाएं

पूर्ण करती हैं

क्योंकि एक बार जो इंसान मां काली के चरण

में चला गया उनके दरबार में एक बार उसकी

हाजिरी लग गई

तो उसका बेड़ा पार तो होना ही है

दोस्तों

मां काली के शनिवार के व्रत आप किसी भी

शनिवार से चालू कर सकते हैं

तो आप शनिवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान

आदि से निवृत्ति होकर

साफ-सुथरी वस्त्र पहने

वक्त आपको लाल यह काले रंग की पहनने लेकिन

क्या है की कला रंग ज्यादातर तांत्रिक

क्रियो में उसे किया जाता है तो आप लाल

रंग के वक्त धन करें तो ज्यादा उत्तम

रहेगा

थोड़ा सा जल अक्षत और एक फूल

करेंगे

शनिवार के व्रत आप खुले भी रख सकती हैं और

खुली से मतलब यह है की जब तक आप चाहे तब

तक इस व्रत को कर सकती हैं जिसकी कोई

गिनती ना हो

और आप ना शनिवार तक भी मां काली का व्रत

कर सकते हैं

नो शनिवार का व्रत करने से माता काली बेहद

प्रसन्न होती है

और उनकी असीम कृपा आपको प्राप्त होती है

आपके जीवन में आने वाली हर समस्या का

समाधान मां करती है

चाहे वह कितनी भी बड़ी समस्या हो

तंत्र बढ़ा नौकरी

पीड़ा या किसी तरह का दोस्त है

हर प्रकार की समस्या शांत होने लगती है

इतनी चमत्कारी हैं मां काली के नौ शनिवार

के व्रत

तो जो भी संकल्प आपने बताएंगे

साथ ही मां से प्रार्थना करेंगे उनका

आशीर्वाद लेंगे और अपनी मनोकामना मां काली

को बताएंगे

अगर आप शनिवार तक मां काली का व्रत कर

रहे शनिवार को ही आपको व्रत का उद्यापन भी

करना होगा

शाम के समय जब सूरज ढाल जाए जब आप अपने

पूजा वाली कमरे में मां की चौकी स्थापित

करेंगे

उसके बाद चौकी पर आप माता काली की तस्वीर

यह प्रतिमा जो भी आपके पास है वो स्थापित

करेंगे

उसके अलावा कलश की स्थापना करनी है

धर्म स्थापित करेंगे

क्लच की स्थापना करने के बाद आप भगवान

गणेश जी का ध्यान करेंगे उनका पूजन करेंगे

क्योंकि किसी भी पूजा से पहले भगवान गणेश

जी का आशीर्वाद लेना बहुत जरूरी है

फिर आप मां का पूजन करेंगे

मां काली को गुड़हल का पुष्प बहुत पसंद है

तो आपको हल्का पुष्प अर्पित करें अगर नहीं

है तो आप लाल रंग का गोरा आपका पुष्प भी

आपको अर्पित कर सकते हैं

लौंग बताइए खीर सूजी का हलवा जो अभी आपसे

बने जो भी आपके पास अवेलेबल है वह आप मां

को अर्पित करेंगे

मा के सामने तिल के तेल का यह सरसों के

तेल का चौमुखा दिया जलाएंगे

सभी देवी देवताओं का आशीर्वाद हमें

प्राप्त होता है और हमारी घर की समस्याएं

खत्म होती है

आप मा को श्रृंगार का समान और चुनरी काली

आत्मा को भेंट करेंगे

इसके बाद आपको काली कवच और काली चालीसा का

पाठ करना है

इनके पास से इंसान भाई मुक्त और संकट

मुक्त होता है तो यह पाठ आपको जरूर करना

चाहिए

फिर आपको मातेश्वरी काली के शनिवार की

व्रत कथा पढ़नी है

व्रत कथा की पुस्तक आपको मार्केट में

आसानी से मिल जाएगी

काली मां की हर वक्त को शनिवार की व्रत

कथा जरूर सनी चाहिए इससे माता बेहद

प्रसन्न होती है

कथा पढ़ने के बाद आपको भैरव बाबा का ध्यान

करना है और उनकी चालीसा भी आपको पढ़नी है

क्योंकि काली माता की पूजा करने के साथ

भैरव बाबा की पूजा करना भी अनिवार्य होता

है तो आप भैरव बाबा के नाम कभी भूख लगा है

की माता काली के व्रत वाले दिन आपको सफेद

पीले या हरा या हल्के रंगों का इस्तेमाल

बिल्कुल नहीं करना है

जब आपकी पूजा अर्चना हो जाए

वैसे तो शनिवार का व्रत मकान निराहार ही

किया जाता है लेकिन अगर आप निराहार व्रत

नहीं कर सकते हैं आपका शरीर इतना सक्षम

नहीं

फरार कर सकते हैं लेकिन इस दिन आपको ऐन का

बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करना है भूल कर

भी आपको अन्य ग्रह नहीं करना है

इसमें आप आलू साबूदाने का समान लिया फॉलो

का इस्तेमाल कर सकते हैं नामक का इस्तेमाल

भी आपको बिल्कुल नहीं करना है फलाहारी

नामक भी आपको नहीं करना है इस्तेमाल

तो यह थी बात की आपको व्रत में क्या खाना

है कैसे करना है अब बात करेंगे

उसका उद्यापन करना भी जरूरी होता है

जैसे आप नवरात्रि में अष्टमी और नवमी के

दिन कन्या पूजन करते हैं मां की पूजा करते

हैं वैसे ही आपको करना है आपको घर बुलानी

है उनका हल्दी कुमकुम से पूजन करना है

है और उनको भोजन में आप हलवा पूरी और चने

का भोग जो आप मां को लगाएंगे वही आपको

कन्या को देना है भोजन करने के बाद आप

कन्याओं को एक-एक फल और दशहरा जितनी भी आप

से बनती है दक्षिण आप कन्याओं को

दें

और सबके पैरों की उनका आशीर्वाद लें आखिरी

में सारा परिवार जब भोजन कर ले उसके बाद

आप अपना व्रत खोल सकते हैं

और अपना व्रत पूर्ण कर सकती हैं

है तो यह थी आज की जानकारी आशा करती हूं

आपको समझ में आई होगी मैंने पूजी-पूरी

कोशिश की है आपको सारी जानकारी व्रत के

बारे में देने की फिर भी अगर मुझसे कोई

चीज

समझ में नहीं आती है तो आप मुझसे कमेंट

में पूछ सकते हैं

तो अगर आपको मेरा वीडियो अच्छा लगे तो

वीडियो को लाइक जरूर करिएगा और कमेंट में

हमेशा की तरह मां के जयकारे लगाने हैं

धन्यवाद जय माता दी

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