मां काली के आगमन से कैसा अनुभव होता है || - Kabrau Mogal Dham

मां काली के आगमन से कैसा अनुभव होता है ||

की सेक्सी

[संगीत]

हुआ है

आप सभी साधक साधिकाओं को जय माता जी की हर

महादेव ओ

कि आज की वीडियो का टॉपिक है कि मां काली

का आगमन कैसे होता है जब भी कोई व्यक्ति

इसमें मैं डिटेल वीडियो नहीं बना रहा

हूं शॉट मैं आपको कुछ चीजें बता रहा हूं

डिटेल वीडियो तो यह है कि सबसे पहले आपको

इस तरीके से नार्मल पूजा करनी पड़ती है

लंबे समय तक उसके बाद मैं आपको यह साधना

करनी पड़ती है फिर यह साधना करनी पड़ती है

फिर काली की साधना करनी पड़ती है तो उसमें

मैं सीधा माता काली की साधना करने के बाद

में जो उनका आगमन होता है तो वह किस

प्रकार के अनुभव होते हैं क्या-क्या चीजें

घटित होती है उसके बारे में बता रहा हूं

तो ध्यान से इस वीडियो को सुनना आपके लिए

उपयोगी होगी

तो सबसे पहले तो जब माता का आगमन होता है

उससे पहले अ

कि यह चीज ध्यान रखना कि वह एक ही दिन में

नहीं आती है एक ही दिन में नहीं आती इसका

क्या अर्थ हुआ इस कारण कहीं यह तो नहीं

किया मैं कई सालों तक किया महीनों तक उनकी

पूजा करनी पड़ती है नहीं उनका आगमन शुरू

हो जाता है और वह धीरे-धीरे आपकी तरफ

बढ़ती है

कि इस दौरान क्या घटनाएं घटती है वह मैं

आपको बता रहा हूं सबसे पहला जो चेंज होता

है जब माता आपकी तरफ अग्रसर होती है जो

भूल का आगमन होना शुरू होता है वह आने

लगती है आपकी तरफ व तब क्या होता है सबसे

पहला जो symptom है वह यह है कि साधक के

अंदर बदलाव आता है साधक के अंदर बदलाव किस

प्रकार का बदलाव यदि साधक कमजोर है पहले

उसने कई साधना नहीं की है तो उसका विरोध

बढ़ने लगता है यह साधक की कमी है यह इसमें

माता का कोई लेना-देना नहीं है ठीक है

क्योंकि सबसे पहले तो वह आपके भीतर जिसको

कितना अमित उर्जा डालती है अब अमित क्या

होते अमित वह तो मिटती नहीं है अक्षय

ऊर्जा डालते हैं वह आपके अंदर अक्षय ऊर्जा

ठीक है एक ऊर्जा प्रतीक है उर्जा एक होती

अक्षय ऊर्जा सहित ऊर्जा होती है वह

जैसे-जैसे काम में लोगों से मिट्टी जाएगी

अक्षय ऊर्जा होती वह नष्ट नहीं होती लेकिन

वह ऊर्जा नष्ट नहीं होती है लेकिन आपके

भीतर से वह

झाल जा सकती है यदि उसका गलत उपयोग किया

था तो

है और वह ऊर्जा कैसे जाती है वह यही कि

जैसा भी मैंने बताया अगर साधक कमजोर है तो

वह विरोध करने लगता है उस ऊर्जा को

प्राप्त करने के बाद वह माना कि उसे पता

नहीं चलता जैसे कुछ लोग कहते हैं काली

साधना शुरू की ओर हमें क्रोध आने लगा वह

माता आपकी तरफ आने लग गई है इसलिए विरोध

शुरू हुआ है उन्होंने आपको ऊर्जा दी है

ताकि जब वह आए तो उनका बैग थोड़ा-बहुत आप

संभाल सको इसलिए ठीक है तो सबसे पहला

symptom यह है कि साधक को अक्षय ऊर्जा

प्राप्त होती है

आप इसको किस किस तरीके से आप जान सकते हो

पूरे दिन खाना पीना मत करो आप फिर भी आप

थकते नहीं हो

भ्रम आपकी जो बैठने की क्षमता है वह बढ़

जाएगी उस अक्षय ऊर्जा के कारण और आपको

थकान महसूस नहीं होगी कि मैं घंटे से

बैठा हूं या घंटे से तीन घंटे से बैठे

ही रहोगे आप

अच्छा ठीक है दूसरी चीज है कि प्राकृतिक

परिवर्तन आपको फेल होने लगते हैं प्रकृति

में जो भी घटनाएं घट रही है वह आपको ऐसा

लगेगा जैसे आप उन सभी घटनाओं से जुड़े वह

कहीं पर यदि पेड़ काटे जा रहा हूं तो आपको

तकलीफ होगी कहीं पर यदि हवन वगैरह हो रहे

हैं तो आप नहीं कर रहे व हवन हालांकि आप

नहीं कर रहे हो व हवन आप उसका हिस्सा भी

नहीं हो लेकिन जब आप सुनोगे उसको या

देखोगे कि हां भाई कहीं पर हवन हो रहा है

आपको ऐसा फील होगा जैसे व हवन आपके लिए ही

हो रहा है ठीक है प्रकृति का हिस्सा बनने

बनना शुरू हो जाओगे आप

और दूसरी चीज जो यह तीसरी जीत है स्वप्न

में

हैं और स्वप्न आदेश अब स्वप्न क्या

स्वप्नादेश है स्वप्न में आपको जो दिन में

पूजा करते हैं वहीं रात को स्वप्न में

आपको दिखेगा क्या पूजा में बैठे हो

कंटिन्यू आपकी पूजा चल रही है ठीक है यह

सपना आता है और स्वप्न दोष पूजा करते हुए

ही आपको अगले चरण में बढ़ने के लिए

अलग-अलग आदेश मिलते हैं कि अब इस तरीके से

करनी है या अब इस साधना को बढ़ाना है या

अब कम करना है कुछ भी

अच्छा ठीक है इस प्रकार से स्वप्न आदेश

मिलते हैं तीसरे चीज चीज है

और सात्विकता

कि की प्रवृत्ति आपकी बनने लगती है

सात्विकता की प्रवृत्ति कैसे बोलना बहुत

बंद कम कर दोगे लगभग बंद ही कर दोगे जब

जरूरत होगी तब भी लोग दो बार पूछेंगे तो

एक बार जवाब दोगे चुप रहना ज्यादा पसंद

करोगे भीड़-भाड़ के इलाके से थोड़ा सा हट

जाओगे शादी व्याह यह सब ऐसे मनोरंजन की

चीजें वीडियो गेम्स यह सब आपको थोड़े फोन

वगैरा यह पसंद नहीं आएंगे बस शांत अकेले

मां का चिंतन करते हुए इस तरीके की चीज और

पांचवीं और अंतिम चीज जो इस वीडियो में

बताने वाला हूं

है वह यह है कि जब हम चुपचाप शांत एकदम

बैठे रहोगे तब ही ब्रह्मांड में जितने भी

या आपके वातावरण में जो भी मंत्र जाप हुए

हैं यह शांत बैठे रहोगे तभी होगा जब जप

करोगे तब भी होगा ऐसा लगेगा कहीं पर बहुत

हवन वगैरह चल रहे हैं यज्ञ हो रहे हैं कई

सारे ब्राह्मण बैठे हुए हैं तो यज्ञ हवन

सब कुछ चल रहा है और आप पूजा में बैठे हैं

उसका हिस्सा बन जाओगे आपको वह सब कुछ

सुनाएगा

है यानि कि वातावरण में जितने भी मंत्र

गूंज रहे हैं उन सब की घनी उन सब का गुंजन

उन सबका वाइब्रेशन जो है वह आप तक पहुंचना

ऑटोमेटिक शुरू हो जाएगा और उनका इफेक्ट भी

आप तक पहुंचना शुरू हो जाएगा इससे क्या

होता है इससे धीरे-धीरे आपके भीतर जिसको

आप सिद्धियां कहते हैं वह अपने आप स्वयं

जागृत होने लगती है

है क्योंकि उन सभी सिद्धियों के लिए कभी

वह यज्ञ कभी व हवन कभी वह मंत्र जाप किए

गए थे और वह सभी सिद्धियां प्रकृति में

विद्यमान हैं और आप प्रकृति का हिस्सा बंद

हो तो धीरे-धीरे वह सिध्दियां से झड़ने

लगती है और आने वाले समय में जब आप आगे

बढ़ते हुए तो आप स्वस्थ है बिना उनकी

सिद्धि किए कोई सीधी थी आपने उसके लिए कोई

मेहनत नहीं किए लेकिन वह आपके भीतर जाग्रत

हो जाती है

है तो यह पांच तरीके की चीजें हैं जो आपको

यह बताती है कि माता आपकी तरफ बढ़ने लग

गया इस बीच में कहीं पर भी मैंने यह नहीं

कहा कि माता के भक्तों को दर्शन हो जाते

हैं ठीक है मैंने कि बीच-बीच में कहीं

नहीं कहा कि माता कि आपको दर्शन हो जाते

हैं लेकिन उससे पहले दर्शन से पहले इवन

स्वप्न में भी दर्शन से पहले यह सब घटनाएं

घटने शुरू हो जाती है

है अब इसमें दो केस होते हैं अगर साधक

कमजोर है अगर साधक कमजोर है तो वह इन

चीजों को फील नहीं कर पाता है और सारी की

सारी जो ऊर्जा है अपनी वह वेस्ट कर देता

अपने गुस्से में शरीर से बाहर निकाल देता

है सूक्ष्म से बाहर नहीं निकल पाता

क्योंकि सूक्ष्म हर चीज को समझता है अब

इसको आप कैसे समझोगे आपको गुस्सा आएगा

अंदर से आपका मन करेगा शांत रहें चुप रहे

हैं लेकिन बाहर से आप शांत नहीं रह पाओगे

क्योंकि शरीर कंट्रोल में नहीं आ रहा है

ठीक है तो इसके लिए कहा जाता है कि

सात्विक आहार लोग और भूमि सेंड करो तो

जितना ज्यादा यह काम करोगे उतना ज्यादा

शरीर आपका आपके कंट्रोल में रहेगा उसके

बाद जो अक्षय ऊर्जा को प्राप्त होती है वह

वेस्ट नहीं होगी क्रोध आदि चीजों के अंदर

है ठीक है और जो बोलते हैं कि काम वासना

जागने लगी है जब माता काली की पूजा करते

हैं तो यह सब तभी होता है जब आपको वह

ऊर्जा मिल रही होती है लेकिन शरीर कंट्रोल

में नहीं होता क्योंकि जैसा मन करे

इस शहर लेते हो वह जैसा मन करे वैसे

गाने-वाने जो भी सुनते रहते हो जहां मन

करे वहां बैठे हो जहां मन करे वहां होते

हो तो नियम से अगर शरीर नहीं चलेगा तो वह

शरीर उस ऊर्जा को कंट्रोल नहीं कर सकता

ठीक है तो यह इस वीडियो के अंदर थी बातें

जो मर्जी बतानी थी मीणा आशा करता हूं यह

वीडियो आपको पसंद आई होगी जय माताजी के हर

हर महादेव

हुआ था

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