मां काली की न्याय प्रक्रिया शुरू हो गई - Kabrau Mogal Dham

मां काली की न्याय प्रक्रिया शुरू हो गई

मेरे बच्चे अब तुम्हारे शत्रु का लेखा

जोखा हो रहा है उसे उसके कर्मों का दंड

मिल रहा है वह एक इंसान मेरे बच्चे इसके

प्रति तुम्हारे मन में क्रोध है नफरत है

उसने जो तुम्हारे लिए चाले चली तुम्हें

कुचलना चाहा तुम्हें मसल चाहा मेरे

बच्चे अब वह अपने बुरे कर्मों को रो रहा

है वो तुमने तो कभी उसका बुरा नहीं चाहा

मेरे बच्चे तुमने कभी उसका बुरा नहीं

चाहा मन ही मन वह तुमसे बैर पाले हुए था

तुम्हारे पास कुछ भी अच्छा और कीमती देखकर

उसे ईर्ष्या होती है मेरे बच्चे तुम तीन

चार सालों से बहुत परेशान हो उस परेशानी

में भी उसने तुम्हें बहुत तंग किया

तुम्हारा जीना हराम किया मेरे ब

तुम्हें पल पल तंग करा जो दुखों को सहते

सहते तुम्हारे भीतर से हाई निकली है अब यह

हाय उसका सब कुछ बर्बाद कर देगी वह कहीं

का नहीं रहेगा मेरे बच्चे उसने तुम्हें

खून के आंसू रुलाए हैं अब वह खून के आंसू

रोएगा मेरे बच्चे तुम्हें हमेशा लगता था

कि कोई मेरे

बच्चे कि कोई इतना भी निर्दय कैसे हो सकता

है कोई इतना भी दुष्ट कैसे हो सकता है

माता जिसे मेरी हालत दिख नहीं रही मैं किस

स्थिति में गुजर रहा हूं किस परिस्थिति से

गुजर रहा हूं वह मुझे मेरे बुरे समय में

भी क्यों इतना तंग कर रहा है क्या इसके

भीतर इंसानियत

नहीं इंसानियत नाम की कोई चीज

नहीं माता वो मुझसे किस बात का बदला ले

रहा है मेरे बच्चे उसके भीतर कभी इंसानियत

थी ही नहीं वह आपसे नफरत करता है मेरे

बच्चे तुम्हें कभी किसी और के जीवन से कोई

लेना देना नहीं रहा है तुमने कभी भी अपनी

तुलना किसी और से नहीं की है मेरे बच्चे

तुम्हारा तो एक ही फलसफा रहा है कि मैं

मेहनत करता हूं इसका मुझे सफल परिणाम

मिलता रहे मेरा परिवार खुश रहे मैं खुश

रहूं हमारे सपने पर हमारे सनों पर किसी की

नजर ना लगे हां मेरे

बच्चे वह व्यक्ति हमेशा से अपनी तुलना

आपसे और दूसरों से करता आया है जो कांटे

उसने आपकी राह में बोए हैं मेरे बच्चे अब

वह उसको चुबे अब वह उसकी राह में चुबे वह

उसके पैरों में चुप रहे हैं मेरे बच्चे वह

अपने ही बनाए जाल में फस गया है मेरे

बच्चे मैं देख रही मेरे बच्चे मैं देख रही

हूं यह आदमी अपना काम करता है किंतु जो

उसके संगी साथी है मेरे बच्चे वह भी उसी

के जैसे हैं वह भी उसी के जैसे हैं मेरे

बच्चे उसी के जैसे स्वभाव के और आचरण वाले

हैं इसने तुम्हें बहुत तंग किया है

तुम्हारी रातों की नींद तक और दिन का

सुकून तक छीना है मेरे

बच्चे इसलिए मेरे बच्चे वह डरा रहता कहीं

उसका चैन सुकून ना छीन जाए इसलिए सबको

अपनी कंट्रोल में रखता है मेरे बच्चे अपने

नियंत्रण में रखता है मेरे बच्चे तुम उसके

व्यक्तित्व पर ध्यान देना उसे समाज में

अपनी इज्जत को लेकर डर रहता है कि

कहीं उसकी इज्जत कम ना हो जाए व समाज में

अपना दिखावा करता है भीतर से ज्ञानी नहीं

है पर लोगों से बात ऐसे कर है जैसे कितना

ज्ञानी हो जैसे कितना सुलझाओ सरल इंसान हो

साधु संत की तरह उसका आचरण हो मेरे बच्चे

लोग उसकी बातों में आ जाते हैं लोग उसकी

बातों में आ जाते हैं उसकी जी हजूरी भी

करते हैं पर इसने हमेशा तुम्हारे ऊपर

कीचड़ उछाला है समाज में तुम्हारी इज्जत

को मिट्टी में मेरे बच्चे मिट्टी में

मिलाया इसलिए तो इसके मन में इतना डर रहता

है तुम्हारे मन में तो डर नहीं रहता मेरे

बच्चे कि मेरा हक कोई खा

जाएगा लोगों की नजरों में मेरी इज्जत तो

नहीं गिरा देगा यह डर उसके मन में मेरे

बच्चे रहता है और आपके मन में नहीं रहता

है मेरे

बच्चे मेरे बच्चे तुमने कभी किसी को दुख

नहीं दिया मेरे बच्चे तुमने तो हमेशा मेरी

भक्ति पूरे मन से की है मेरे दिखाए रास्ते

पर तुम हमेशा चलते आए हो मेरे

बच्चे मेरे बच्चे आपको इतने दुख मिले फिर

भी आप सही करते रहे पर वह मेरे बच्चे आपके

विपरीत

है और विपरीत ही चलता रहा खुद का अच्छा

करने के लिए दूसरों का बुरा करता रहा

दूसरों पर झूटे आरोप लगाता रहा मेरे

बच्चे खुद को ऊंचा दिखाने के लिए दूसरों

को नीचा दिखाता आया वह मेरे बच्चे खुद को

खिलाड़ी समझने

वाला यह नहीं जानता कि यह खेल मेरा ही रचा

हुआ है तुम मेरे भक्त हो जिसकी रक्षा मां

काली कर रही है हां मेरे बच्चे जिसकी

रक्षा स्वयं महाकाली कर रही है इसलिए वह

थरथर काप रहा है उसके कर्मों का खाता खुल

गया है उसका लेखा जोखा खुल गया है मेरे

बच्चे

उसको दन स्वरूप हां मेरे बच्चे उसके जीवन

से जुड़े भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में पतन

का आगाज हो गया है मेरे बच्चे से आर्थिक

तंगी का सामना करना पड़ रहा है और वह

जिससे भी मदद मांग रहा है उसे निराशा का

सामना कर रहा है वह सबने उसके आगे हाथ

खड़े कर दिए हैं कोई भी उसकी मदद नहीं कर

रहा है हां मेरे बच्चे जिससे उसके परिवार

की स्थिति बिगड़ रही है जो खेल वह खेलने

की सोच रहा था अब उस पर ही भारी पड़ रहा

है मेरे

बच्चे अब वह मैं खत्म करूंगी तुम्हें अभी

भी लग रहा है मेरे बच्चे कि तुम्हें न्याय

नहीं मिला है यकीन मानो मेरे बच्चे उसको

बर्बादी के दिन शुरू हो गए हैं उसकी जड़े

हिल रही हैं मेरे बच्चे उसका वो हश्र करने

वाली हूं मेरे बच्चे वो फिर कभी नहीं

सोचेगा और तुम्हें तंग करने के बारे में

कभी नहीं सोचेगा उसने अनेकों मुखोटे अपने

चेहरे पर लगा रखे थे एक-एक करके मेरे

बच्चे सारे नकाब हटेंगे हां मेरे बच्चे

सारे नकाब उसके चेहरे से मैं उतार दूंगी

उसका असली चेहरा सबके सामने लाऊंगी वोह

लोगों से मीठी-मीठी बातें करता है पर मन

में घरना पाले रहता

है वह मन में गालियां बगता है वह अपने

कर्मों से नहीं बच सकता मेरे बच्चे कोई भी

व्यक्ति अपने कर्मों से नहीं बच सकता जो

बोया है वह तो काटना ही होगा मेरे बच्चे

उसने अपने जीवन में केवल बुराई को बोया है

बुराई ही फैलाई है तो वह फल स्वरूप बुराई

ही

काटेगा h

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