मां काली किस का काल निश्चित है काली मां तीव्रता से कौन से बदलाव कर रही है - Kabrau Mogal Dham

मां काली किस का काल निश्चित है काली मां तीव्रता से कौन से बदलाव कर रही है

[संगीत] मेरे बच्चे यदि तुम मुझ पर विश्वास करते हो तो मेरी इस बात को जो बता रही हो उसे

ध्यानपूर्वक सुनो मैं वचन देती हूं तुम्हारा घर खुशियों से भर दूंगी अच्छे

लोगों के साथ हमेशा अच्छा ही होता है क्योंकि उनका हृदय स्वयं अच्छा होता है

इसलिए तुमको समझाना बहुत जरूरी है वह समय बहुत नजदीक है जिस समय तुम एक ऐसी सुखद

समय में प्रवेश करने वाले हो जो सुख समय तुम्हें आनंद से भर देगा जो खुशियों के

साथ मेरी हर खुशी का ख्याल रखते हुए अगर तुम्हारा हृदय मेरी आज्ञा का पालन कर रहा

है और इसके साथ ही तुम केवल मेरी इस बात को मानते हो तो तुम्हारे घर को आज मैं

खुशियों से भर दूंगी यह मैं तुम्हें वचन देती हूं लेकिन तुम क्या इसको पूरी तरह

मान पाओगे जिसको मैं अब बताने वाली हूं मेरे बच्चे अपने हृदय से ईमानदारी रखकर ही

तुम जवाब देना यदि तुम पूरी तरह से उस बात को मान पाओ तो हां कहना क्योंकि कार्य

थोड़ा कठिन है लेकिन तुमको करना है क्योंकि सरल कार्य तो कोई भी कर सकता है

लेकिन वही इंसान बड़ा होता है जो है मुश्किल काम को कर पाए जिस प्रकार

माता-पिता अपने उसी आज्ञा बेटे से किसी भी कार्य को करने के लिए कहते हैं जिस बेटे

पर उनको पूरा भरोसा होता है वह उनकी आज्ञा पर खरा उतरेगा उसी प्रकार मुझे भी तुम पर

पूर्ण भरोसा है कि तुम मेरी आज्ञा पर खरे उतरो ग और जो मैं बताने जा रही हूं उसको

तुम करोगे तो करते ही निश्चित ही मैं तुम्हारे जीवन में और तुम्हारे घर में

खुशियां ही खुशियां बिखेर दूंगी मेरे बच्चे बचे करना यह है कि जब तुम रात्रि

में सोते हो उस समय तुम्हें पूरे दिन की दिनचर्या पर विचार करना है पूरे दिन में

तुमने कौन-कौन सा कार्य किया अर्थात सुबह से लेकर पूरे दिन और रात्री तक जो काम

किया है उस पर बारीकी से विचार करो कहां अच्छा काम किया है कहां तुमसे कोई गलती

हुई है या तुमने कोई नया कार्य प्रारंभ किया है तो आज रात्रि से ही तुम्हें यह

कार्य प्रारंभ करना होगा जीवन में तीन बातें सोते समय तुमको विचार करके सोना है

पहली बात यदि तुमने जीवन में आज एक अच्छा काम किया है तो अपने मन को संतुष्टि दो और

कहो कि हां तुमने एक नया और अच्छा काम किया है दूसरा यदि तुम कोई गलती करते हो

तो कल सुबह प्रातः काल उठते ही उस गलती पर विचार करके तुम आगे ऐसी गलती कभी नहीं

करोगे उसका दृढ निश्चय लेना है तीसरा तुमने आज पूरे दिन में गलती से भी किसी का

दिल तो नहीं दुखाया है या किसी का अपमान नहीं किया या किसी को अपशब्द तो नहीं बोले

यदि ऐसा किया है तो उससे तुरंत माफी मांगने का विचार अपने मन में लेकर आओ और

उस व्यक्ति से माफी मांगो अपने हृदय में बसा लो कि आगे उस व्यक्ति को कभी अपमानित

नहीं करोगे बल्कि किसी और व्यक्ति को भी कभी तुम्हारी वजह से अपमानित ना होना पड़े

ऐसा कोई कार्य नहीं करोगे क्योंकि खुशियों को प्राप्त करने के लिए मेरे बच्चे मेरी

कही हुई बातों को ध्यान से सुनकर अपने जीवन में उतारना बहुत ही जरूरी है और इस

बात को समझना बहुत जरूरी है कि यदि तुम किसी का अपमान नहीं करोगे किसी का हृदय

नहीं दुखाओ ग तो तुम उनके आशीर्वाद के साथ मेरा आशीर्वाद प्राप्त करोगे यदि तुम अपनी

गलतियों को रोकते चले जाओगे तो निश्चित ही अच्छाइयों की तरफ जाओगे हर काम प्रतिदिन

नया और अच्छा करोगे तो जीवन अपने आप मेरे आशीर्वाद से खुशियों से भर जाएगा

धीरे-धीरे करके खुशियां आती चली जाएंगी और गम तुमसे दूर रहेगा यदि तुम खुशियों को

अपनी ओर आकर्षित करना चाहते हो तो तुम्हें जो आज बताया है उसे करना ही होगा मेरे

बच्चे वह हर खुशी तुम्हें प्राप्त होगी जो तुम चाहते हो सच्चाई तुम्हारे सामने है अब

चलना तुम्हें है मैंने तुम्हें बता दिया है कि रास्ता वह है पर चलना तुम्हें है जो

देख ना सके उसे दिखाना व्यर्थ है जो सुन ना सके उसे सुनाना व्यर्थ है तुम जो देख

रहे हो जो सुन रहे हो और जो उम्र भर कर रहे हो वह तुम्हारी आध्यात्मिक उन्नति का

फल है ऊर्जा के स्तर पर हो रहा है वह दूसरों को भी ऐसा हो यह आवश्यक तो नहीं है

इसलिए मेरे बच्चे जो आत्माएं अभी उसे देखने समझने और सुनने में उन्हें सत्य का

प्रकाश दिखाने की कोशिश मत करो मेरे बच्चे तुम वह हो जो दूसरों को अंधकार से प्रकाश

में लाने का कार्य करते हो जो भटका है वह स्वयं आएगा तुम्हारे पास कुआ प्यासे के

पास नहीं जाता प्यासा स्वयं कुए को ढूंढ लेता है भौतिकवादी संसार में मानव अपने

भौतिक शरीर को ही परम सत्य मान बैठा है जो तुम्हारे अस्तव का कण मात्र भी नहीं है

जैसे तुम जल को किसी पात्र में रखो वह उसी रूप में दिखाई देता है किंतु पात्र को ही

जल कह देना यह उचित नहीं है य य उसी जल को धरती पर बिखेर दो तब भी जल का अपना

अस्तित्व रहेगा इसी प्रकार यह भौतिक शरीर तुम नहीं हो बस यह एक अस्थाई पात्र है

जिसमें तुम्हारी परम चेतना आत्मा को धारण किया है वह भौतिकवादी लोग तुमसे कहेंगे

आत्मा दिखाई नहीं देती तो वह है ही नहीं तो उनका उत्तर उन्हें यह देना अनेकों

वस्तु है जो दिखाई नहीं देती किंतु वह होती हैं केवल म सूस किया जा सकता है जैसे

भूख प्यास गर्माहट ठंडक पीड़ा ठीक इसी प्रकार वह ऊर्जा है जो इस भौतिक शरीर को

चला रही है वह अंतिम सत्य है जब तक आत्मा भौतिक पात्र में रहती है तब तक तुम इसी

शरीर को सत्य मानकर सब करते हो किंतु यह शरीर को छोड़ती है मानव का यह बहुमूल्य

शरीर मिट्टी के समान ढेर हो जाता है कोई भी सगा संबंधी

उस शरीर को नहीं रखना चाहता जो प्रियजन तुम्हारी आत्माओं के रहने पर उसी शरीर के

लिए सारी संपत्तियां लगाने को तैयार होते हैं वही लोग उस आत्मा के निकल जाने पर

शरीर के लिए कुछ नहीं देना चाहते यहां तक कुछ दिन भी उस शरीर के साथ नहीं रह सकते

आत्मा रूपी ऊर्जा निकलते ही वह इस भौतिक शरीर को ठिकाने लगा देते हैं अब तुम ही

उत्तर दो अस्तित्व किका है शरीर का या आत्मा का मेरे बच्चे तुम जिस मार्ग पर हो

वह तुम्हें परम सत्य की ओर ले जा रहा है उसी अंतिम सत्य को प्राप्त करना तुम्हारा

अंतिम लक्ष्य है यि मेरा संदेश तुम्हें प्राप्त हुआ है तो सिर्फ तुम आज जीवन का

एक ऐसा सत्य जानोगे जिसे जानकर तुम्हें हैरानी होगी क्योंकि तुम्हारे मन में उठता

हर समय यह प्रश्न है कि मैं इतना पूजा पाठ करता हूं फिर भी मेरा कार्य पूर्ण क्यों

नहीं हो रहा मेरे बच्चे उसका उत्तर आज तुम्हें मिल

जाएगा क्योंकि मेरे बच्चे हर बात के पीछे कारण होता है कारण अच्छा हो या बुरा लेकिन

होता जरूर है यह बात सत्य है बस केवल तुम्हें साधारण आंखों से ना तो वह कारण

दिखाई देता है ना ही तुम जानते हो कि आगे तुम्हारे

जीवन में क्या होने वाला है तुम केवल यह देख सकते हो वर्तमान में चल रही बातों

को जान सकते हो जैसा समय तुम्हारे समक्ष उस समय के बारे में तुम्हें ज्ञात होता है

लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जो तुम्हें जानना बहुत जरूरी

है क्योंकि जिसको संपूर्ण ज्ञान हो जाता है वह ना तो परेशान होता है किसी चीज को

पाने के लिए और ना ही मन में इन प्रश्नों को बार-बार सोचकर हैरान परेशान हो होता है

कि उसकी इच्छा पूर्ण क्यों नहीं हो रही है मेरे बच्चे इस बात को समझना जरूरी

है कि यदि तुम ऐसा सोच रहे हो कि तुम्हारी उन्नति नहीं हो रही तो तुम गलत सोच रहे हो

आज से पहले के समय को देखो और आज के समय को देखो दोनों में तुलना करोगे तो तुम्हें

खुद ही ज्ञात हो जाएगा कि तुम पहले से कितना उन्नति कर चुके

हो बस फर्क इतना है कि तुम आज जो चाहते हो उस चीज आज के समय में तुम्हें वह प्राप्त

नहीं है इसके साथ ही कभी-कभी तुम इतनी बड़ी चीजों की आश कर लेते हो जो तुम्हारे

लिए बनी ही नहीं है क्योंकि जिस प्रकार एक हाथ में पांच उंगलियां होने के बाद

भी कोई भी उंगली बराबर नहीं होती एक बड़ी होती है दूसरी उंगली की तुलना में इसी

प्रकार यह जरूरी नहीं कि तुम जो सोच रहे हो तुम्हें प्राप्त हो जरूरी यह है कि

तुम्हारे जीवन में कुछ अच्छा हो तुम परिश्रम कर रहे हो उसका फल तुम्हें मिले

और तुम्हारी उन्नति हो तुम जिस समय में हो उस समय से अच्छे

समय में आते चले जाओ कभी-कभी बड़ी उम्मीद भी पूरा होने पर सुख का अनुभव करने से

वंचित रह जाते हो और यही तुम सबसे बड़ी गलती करते हो सुनो मेरी बात को ध्यान

पूर्वक आज जो परिश्रम कर रहे हो ईमानदारी रख रहे हो उन सभी अच्छे कार्य

को कर रहे हो जो तुम्हारे जीवन में उन्नति का हर रास्ता खोल देती है तो तुम्हें सब

छोड़ देना चाहिए कि तुम्हारे जीवन में कब कहां कैसे क्या होगा लेकिन बस तुम्हें इस

बात पर पूर्ण भरोसा रखना चाहिए कि जो होगा वह अच्छा होगा क्योंकि जीवन में अच्छा

होना महत्व र रखता है और इसके साथ ही यह भी कारण है तुम्हारी सोची हुई मंजिल पर

शायद तुम्हारी परिश्रम पूरी नहीं हो रही है किसी के जीवन में किसी भी इच्छा को पूण

करने के लिए जिस पर कार्य करना जब तुम प्रारंभ करते हो तो उस पर

इतना परिश्रम करो कि तुम्हें ऐसा आभास होने लगे कि इससे ज्यादा मैं और परिश्रम

नहीं कर सकता क्योंकि जब तक लोहा इतना गर्म ना हो कि वह लने ना लगे तब तुम उस

लोहे को कोई भी आकार नहीं दे सकते हो इसलिए पहले जिस प्रकार लोहे को इतना ही

गर्म किया जाता है कि पिघलने लगे उसी प्रकार खुद को कर्म की अग्नि में इतना

पिघला कि जैसा चाहो वैसे सांचे में डालकर ढल सको अर्थात तुम्हारी किस्मत परिवर्तित

हो [संगीत] जाए मेरे बच्चे हृदय की आवाज से सुनना

तुम्हारे हृदय में वही आवाज उत्पन्न होगी क्योंकि किसी भी कार्य को पूण करने में

कार्यों की कमी तुम्हें उस मंजिल से दूर ही रखती है ना तो मुझसे कुछ पूछने की

जरूरत है और ना ही तुम्हें अपने मन को निराश करने की मेरे बच्चे तुम्हारा कार्य

पूरा होगा या नहीं कार्यों को करो निस्वार्थ भाव से तब तुम्हें अवश्य फल

प्राप्त होगा मुझसे कुछ पूछना चाहो तुम्हारे हृदय में उत्पन्न हुई आवाज ही

मेरी आवाज होगी तुम्हारे गलत कर्मों की माफी तुम्हें मिल चुकी है मेरे बच्चे अब

तुम्हारी सभी समस्या मेरे बच्चे माफी तुम्हें इसलिए

मिली है क्योंकि तुमने कुछ ऐसे कार्य किए हैं जो पीछे की गई गलतियों से तुमने जो

अपने खराब समय को अपनी ओर आकर्षित कर लिया था खराब समय को परिवर्तन किया था उसी

प्रकार तुमने कुछ ऐसे कार्य किए हैं जिनके कारण से तुम्हारा अच्छा समय फिर

से प्रारंभ हो चुका है और फिर से तुमने अपने कर्मों के द्वारा ही समय को फिर

परिवर्तित किया है आज मैं तुम्हें कुछ ऐसी खास बात बताने वाली हूं जिसे सुनना

तुम्हारे लिए अत्यंत आवश्यक है यह एक कड़वा सत्य है कि हर इंसान से

गलती होती है इसमें कोई संदेह नहीं कि गुंजाइश ही नहीं है इंसान कोई ना कोई

जानकर गलती कर ही देता है लेकिन किसी भी व्यक्ति को इस बात को कदापि नहीं भूलना

चाहिए कि यदि कोई भी इंसान जानबूझकर सिर्फ उसका भागीदारी होता है अनजाने में

की गई गलतियों को मैं माफ कर देती हूं उनकी उन गलतियों को दंड में नहीं देती

इसके साथ ही हमेशा कुछ अच्छे कार्य भी जीवन में करते रहने चाहिए जिससे कि यदि

तुमसे कोई गलती हो ही जाती तो उसकी क्षमा याचना तुम्हें मिल

जाए कठोर दंड का सामना नहीं करना पड़ता और उन्हीं कार्यों में से कुछ कार्य हैं जो

तुम्हें हमेशा करते रहने चाहिए जैसे कि भाग्य के भरोसे ना बैठे रहना क्योंकि

भाग्य तुम्हें तभी कुछ देता है जब तुम स्वयं प्राप्त करना चाहते हो उसके लिए कभी

भी कड़ा परिश्रम करना ना भूलना यदि तुम्हारा मस्तिष्क कुछ प्राप्त

करना चाहता है तो उसके लिए कठोर तपस्या करना आवश्यक है इसके लिए तुम्हें ऐसी

शक्ति आकर्षित करनी होगी तुम्हें अपने मन पर लगाम लगाना सीखना होगा दूसरों की मदद

करना सीखो कुछ ऐसे काम करो जिनको करने के काफी समय पश्चात

तुम्हारे हृदय और तुम्हारे मन को खुशी हो क्योंकि तुम इस बात को स्मृ

रखना किसी भी कार्य को करते समय भले ही तुम्हें खुशी ना हो लेकिन काम को करने के

पश्चात जिस कार्य के करने से हृदय और मन को खुशी

हो वही अच्छा काम होता है तुम गलत काम करोगे तो भी तुम्हारे हृदय

को जरूर अच्छा नहीं लगेगा इसके साथ ही तुम्हें यह सोचना अत्यंत आवश्यक है कि

जीवन में मेरे बच्चे तुम्हें सभी देवताओं की पूजा करना इतना जरूरी नहीं

बल्कि अपने कर्मों पर ध्यान देना जरूरी है उससे भी ज्यादा जरूरी

है जब समस्या उत्पन्न होती है जब तुम उसे उत्पन्न होने के लिए उसे अपनी ओर आकर्षित

करते हो अर्थात कुछ ऐसे कर्म करते हो प्राकृतिक के खिलाफ है और प्राकृतिक ही

तुम्हारी और समस्याओं को आकर्षित करती है इस बात को समझना

होगा कि तकदीर कुछ नहीं है जब तुम स्वयं की बाग डोर स्वयं के हाथ

में रखो और जिस तरह से जीवन को चाहो उस तरह से तुम चला सकते हो यदि तुम अपनी बाग

डोर तकदीर के हाथों में थमा करर बैठे रहोगे तो आगे आने वाले समय में तुम्हें

कुछ भी प्राप्त नहीं होगा यदि तुम अपनी बाग डोर अपने हाथों में

रखोगे तो स्वयं जिस चीज का निर्माण करना चाहो उस चीज का निर्माण कर सकते हो

तुम्हें अपने आप ही स्वतः ही प्राप्त हो जाएगी तुम्हारे अंदर ही वह शक्ति है अपने

आप को पहचानो मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है तुम्हारा कल्याण

हो श्री कृष्ण कहते हैं यदि मेरा भक्त मौन

होकर सब सुन रहा है तो स्मरण रखिए उसके मौन और विश्वास का उत्तर मैं स्वयं देता

हूं सिर्फ उस एक के सामने झुको वह किसी और के सामने तुम्हें कभी झुकने नहीं देगा

अच्छे लोगों की संगत में रहो क्योंकि सुनार का कचरा बादाम से भी महंगा होता

है श्री कृष्ण कहते हैं जो आपकी सही बातों का भी गलत मतलब निकालते हैं उनको सफाई

देने में अपना वक्त बर्बाद मत करो एक दिन

शिकायत आपको वक्त से नहीं बल्कि खुद से होगी कि एक खूबसूरत जिंदगी आपके सामने थी

और आप दुनियादारी में उलझे रहे एक बार माफ

करके अच्छे बन जाओ परंतु दोबारा उस इंसान पर भरोसा करके बेवकूफ मत

बनो अपने तो वो होते हैं जिन्हें आपके दर्द का एहसास हो वरना हालचाल तो रोड पर

आते जाते लोग भी पूछ लेते हैं मेहनत का फल

और समस्या का हल देर से सही पर मिलता जरूर

है जब आप दूसरों का अच्छा चाहते हैं तो वही चीजें आपके जीवन में वापस आती हैं यही

प्रकृति का नियम है टूटी हुई चीजें सबसे ज्यादा तकलीफ देती

हैं जैसे भरोसा दिल नींद और सबसे अधिक

उम्मीद इच्छा पूरी नहीं होती तो क्रोध बढ़ता है और पूरी हो जाती है तो लोभ बढ़ता

है इसलिए जीवन में हर परिस्थिति में धैर्य बनाए रखना ही श्रेष्ठ

है मदद लेने तो सब आ जाते हैं परंतु जब आपको मदद की जरूरत होती है तो मदद करने

वाला कोई नहीं दिखता श्री कृष्ण कहते हैं अच्छे कर्म

करिए और भूल जाइए समय आने पर बे फलंग

जरूर ब्लेड की धार बहुत तेज होती है परंतु पेड़ को नहीं काट सकती और कुल्हाड़ी मजबूत

होती है लेकिन बाल नहीं काट सकती वैसे ही हर इंसान अपनी काबिलियत के अनुसार श्रेष्ठ

होता है इसलिए अपने आप को किसी और के साथ तोलिए

मत मुसीबतें रुई से भरी हुई थैली की तरह होती हैं देखते रहोगे तो बहुत भारी

दिखेंगी और उठा लोगे तो एकदम हल्की हो जाएंगी जब परमात्मा को आपसे प्यार होता है

तो वह आपके लिए वही करते हैं जो आपके लिए अच्छा होता है और उन तमाम लोगों को आपसे

दूर कर देते हैं जो आपके काबिल नहीं होते अपनी समस्याओं को कभी किसी के साथ सांझा

ना कीजिए क्योंकि प्र लोग आपकी उन समस्याओं की परवाह नहीं करते और बाकी के

प्र लोग खुश हो जाएंगे कि आपके पास यह समस्याएं

हैं श्री कृष्ण कहते हैं अगर कोई आपकी कीमत ना समझ सके तो निराश मत होना क्योंकि

कबाड़ के व्यापारी को हीरे की परख नहीं होती मौन और मुस्कान यह दो शक्तिशाली

उपकरण है मौन कई समस्याओं को हल करने का तरीका है और मुस्कान कई समस्याओं से बचने

का कोई भी इंसान है ऐसे ही अपने आप नहीं

बदलता जिंदगी में कुछ हादसे ऐसे होते हैं जो इंसान को बदलने पर मजबूर कर देते हैं

जिंदगी एक बार मिलती है यह बिल्कुल गलत है सिर्फ मौत एक बार मिलती है जिंदगी तो हर

रोज मिलती है श्री कृष्ण कहते हैं करने दो जो आपकी

बुराई करते हैं ऐसी छोटी-छोटी बातें तो सिर्फ छोटे लोग ही करते

हैं सिर्फ धोखा देना ही धोखा नहीं होता लेकिन किसी के साथ अपनेपन का नाटक करना यह

भी एक बहुत बड़ा धोखा है हिम्मत नहीं हारना अभी बहुत आगे जाना है जिन्होंने कहा

था तुमसे नहीं होगा उनको भी करके दिखाना है श्री कृष्ण कहते हैं जिसका भी साथ दो

खुले आम दो विरोधी कहलाओगे लेकिन गद्दार

नहीं कोई भी रिश्ता अपनी मर्जी से नहीं जुड़ता क्योंकि आपको कब कहां और किससे

मिलना है यह ऊपर वाला तय करता है कहने वाले तो बिना सोचे समझे कुछ भी

बोल देते हैं लेकिन कभी यह सोचा है कि सुनने वाले पर क्या बीत

है जीवन जीने के लिए मौन आवश्यक है परंतु बात जब मर्यादा की आती है तो शस्त्र उठाना

अनिवार्य हो जाता है मन खराब हो तो खराब

शब्द नहीं बोलने चाहिए क्योंकि मन तो बाद में ठीक हो जाएगा परंतु एक बार बोले हुए

शब्द कभी ठीक नहीं हो सकते किसी को धोखा देना एक कर्ज है जो

आपको किसी और के हाथ से जरूर मिलेगा उस व्यक्ति की शक्ति का कोई मुकाबला नहीं कर

सकता जिसके पास सहन शक्ति है लड़ने की

ताकत सबके पास होती है लेकिन किसी को जीत पसंद आती है तो किसी को रिश्ते बुद्धि तो

सबके पास होती है परंतु चालाकी करना है या ईमानदारी यह संस्कारों पर निर्भर करता

है जी जी वन में त्याग के बिना कुछ भी पाना आसान नहीं है एक सांस लेने के लिए भी

पहली सांस छोड़नी पड़ती है जो लोग आपके जज्बातों की कद्र नहीं

करते उन्हें अलविदा कहने में कोई बुराई नहीं संभाल कर रखी हुई चीज और ध्यान से

सुनी गई बात कभी भी काम आ सकती है बस तुम खुद से मत हारना बाकी सब श्री कृष्ण कष्ण

देख लेंगे घमंड से भी कुछ रिश्ते अक्सर खत्म हो जाते हैं कसूर हर बार गलतियों का

नहीं होता शंका का कोई इलाज नहीं और चरित्र का

कोई प्रमाण नहीं होता मौन से अच्छा कोई साधन नहीं और शब्द से तीखा कोई बाण नहीं

हर करीबी इंसान को अपने राज मत बताओ क्योंकि जो आज आपके साथ हैं वह कल आपके

खिलाफ भी हो सकते हैं जिसने अपने मन को काबू कर लिया उसकी

सफलता को भगवान भी नहीं रोक सकते हृदय से जो दिया जा सकता है वह हाथों

से नहीं और जो मौन से कहा जा सकता है वह शब्दों से

नहीं जिन्होंने समय पर साथ दिया उन रिश्तों की कद्र समय से भी ज्यादा करनी

चाहिए तुम्हारा एकांत ही तुम्हें मनुष्य बना सकता है भीड़ तुम्हें भेड़ बना

देगी चुपचाप सहते रहो तो आप सबसे अच्छे हो और सच बोल पड़े तो आपसे बुरा कोई

नहीं श्री कृष्ण कहते हैं जो इंसान अच्छे विचारों और अच्छे संस्कारों को पकड़ लेता

है उसे हाथ में माला पकड़ने की जरूरत नहीं

पड़ती वक्त जब न्याय करता है तो गवाहो की जरूरत नहीं

पड़ती माफी मांगने वाले हमेशा गलत नहीं होते कुछ लोग झुक जाते हैं रिश्तों को

बचाने के लिए अर्जुन ने लाख सैनिकों को

त्याग करके श्री कृष्ण को चुना यह विश्वास का उत्तम उदाहरण

है भरोसे में सावधानी भी आवश्यक है क्योंकि कभी-कभी खुद के दांत जीभ को ही

काट लेते हैं उपवास हमेशा अन्न का ही

क्यों लोभ लालच चुगली काम क्रोध और गंदे

विचारों का भी करना चाहिए उनकी बातों की तरफ जरा सा भी ध्यान मत दीजिए जो आपकी पीठ

पीछे आपकी चुगली करते हैं इसका सीधा सा अर्थ है कि आप उनसे दो कदम आगे हैं लोग

आपको जरा सी बात पर छोड़ देते हैं और श्री कृष्ण जरा सी प्रार्थना से आपका हाथ थाम

लेते हैं दरिया बनकर किसी को डुबाने से अच्छा

है कि जरिया बनकर किसी को बचाया

जाए ईश्वर के प्रेम में जो रोने का आनंद है वह संसार सार की माया में हंसने का भी

नहीं है आगे बढ़ने वाला व्यक्ति कभी भी किसी को

बाधा नहीं पहुंचाता और दूसरों को बाधा पहुंचाने वाला व्यक्ति कभी भी आगे नहीं

बढ़ सकता बोलने से पहले सोच लो क्योंकि बोलने के बाद सोचा नहीं पछताया जाता

है जीवन में आगे बढ़ना है तो बहरे हो जाओ क्योंकि अधिकतर लोगों की बातें मनोबल

गिराने वाली होती हैं अगर आपका कोई शत्रु नहीं है तो इसका

मतलब यह है कि आप उन जगह पर भी खामोश थे जहां बोलना बहुत जरूरी

था प्रेम कभी भी अपनी जरूरत पूरी करने के लिए नहीं होता प्रेम हमेशा एक दूसरे के

सुख दुख में साथ और भावनाओं को समझने के लिए होता है

कुछ तो कमी का ही एहसास है वरना गंगा पर इतनी भीड़ नहीं

होती श्री कृष्ण कहते हैं वक्त की मार से गुजर रहे हो तो घबराओ नहीं आप निखर रहे

हो अगर जिंदगी में सुकून चाहते हो तो लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दें

क्योंकि जिंदगी आगे बढ़ने का नाम है रुकने का नहीं

परेशानी में अगर कोई सलाह मांगे तो सलाह के साथ साथ भी देना क्योंकि सलाह गलत हो

सकती है परंतु साथ कभी गलत नहीं हो

सकता अगर कोई तुमसे कुछ मांगे तो तुम उसे दे देना क्योंकि भगवान ने आपको देने वाले

में रखा है मांगने वाले में नहीं कड़वा है पर सच है कि इंसान का

व्यक्तित्व तभी निखर कर आता है जब वह अपनों से ठोकर खाता

है श्री कृष्ण कहते हैं हर किसी की जिंदगी में समस्याएं हैं लेकिन इंसान खुद की

समस्या को ही सबसे ज्यादा और सबसे बड़ी समस्या समझता

है कुछ लोग कहते हैं कि औरत का कोई घर नहीं होता परंतु सच यह है कि औरत के बिना

तो कोई घर ही नहीं होता सही दिशा और सही समय का ज्ञान ना हो

तो उगता हुआ सूरज भी डूबता हुआ नजर आता है गिरगिट माहौल देखकर रंग बदलता है हर इंसान

हालात देखकर दुनिया का सबसे भाग्यशाली इंसान वही

है जिसके पास भोजन के साथ भोग है नींद के साथ बिस्तर है और धन के साथ धर्म है उस

इंसान से हमेशा ही दूरी बनाए रखें जिस इंसान को खुद की गलती का ही एहसास ना हो

दोस्तों यदि भगवान श्री कृष्ण के अनमोल विचार

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