मां काली का सबसे प्रिय भोग लगाओ मां काली आऐगी दौड़ी दौड़ी - Kabrau Mogal Dham

मां काली का सबसे प्रिय भोग लगाओ मां काली आऐगी दौड़ी दौड़ी

मेरे पास में और काफी लोगों ने मु से

नकारी मांगने पूछी थी कि माहा काली को

हमने क्या भोग लगाना चाहिए और कैसे भोग

लगाना चाहिए महाकाली कौन से भोग से जल्दी

सवारी में आती है और महाकाली किस भोग से

जल्दी का प्रिय भोग क्या है और महाकाली को

किस समय हमने भोग देना चाहिए और महाकाली

किस भोग को किस समय पर स्वीकार करती है

कुछ बच्चों ने काफी ऐसे सवाल किए थे और

किन किन कैसे हमने भोल गाना सीधी मूर्ति

के सामने हम महाकाली को भोग लगा सकते हैं

या फिर अंगारी साधना के समय में कहां कैसे

भोग लगाना चाहिए या नॉर्मल कैसे भोग लगाना

चाहिए तो काफी सवाल मेरे पास ये आए हुए थे

इन सभी सवालों का मैं वीडियो के माध्यम से

सभी को बताऊंगा और यदि आपने जानकारी की

आवश्यकता तो वीडियो को अंत तक जरूर देखना

और जिन जिन बच्चों ने चैनल को सब्सक्राइब

नहीं कि चैनल को सब्सक्राइब करें क्योंकि

हमारा बालाजी दरबार लगता है दरबार संबंधी

जानकारि हो फिर या ऑनलाइन पूछा लेनी हो

जिन जिन्होंने

तो व दरबार के

सते लौंग के जोड़े का भोग हमने क्यों देना

चाहिए और मीठा पान किस समय लगाना चाहिए

महाकाली को सबसे पहले तो हमने भोग जो

लगाते हैं हम कुछ बच्चे क्या करते हैं

लौंग पतासे का भोग लगाते वो भी सही होता

है कोई लड्डू का भोग लगाता है मिश्री का

भोग लगाता है और हलवे का चने का भी भोग

लगाते हैं मृति का भोग लगाते हैं लेकिन

मां काली को जो सबसे प्रिय भोग है और वह

भोग है मां को पान और पेड़े का भोग और यदि

आप पान पेड़े का भोग लगातार नहीं दे सकते

जैसे पान पेड़ का भोग हमने माहाकाली को

शनिवार को लगाना चाहिए मंगलवार को लगाना

चाहिए यदि कुछ बच्चे लगातार साधना करते

रहते हैं साधना वाले जो बच्चे होते हैं

उन्होंने अंगारी के ऊपर लगातार भोग देने

के लिए अंगारी का प्रयोग करना चाहिए लेकिन

हर रोज मीठा पान देने की समर्थ नहीं है तो

मीठे पान की जगह आप लौंग और इलायची का भोग

दे सकते हैं पेड़े के साथ में लौंग और

इलायची का भोग दे सकते हैं लौंग और इलायची

का भोग दे सकते हैं और कोई विशेष मनोकामना

को लेकर कर रहे हैं फिर साधना कर रहे हैं

तो उसमें एक लंग के जोड़े का भोग अवश्य दे

क्योंकि लंग के जोड़े का जो भोग दिया जाता

है मां भगवती को कोई विशेष कामना को लेकर

ही दिया जाता है विशेष मनोकामना को लेकर

ही लोंग के जोड़े का भोग दिया जाता है

अन्यथा लौंग के जोड़े लौंग और इलायची का

भोग देना चाहिए और आगे कुछ सवाल थे भी

मनोकामना को लेकर हमने किस तरह की

मनोकामना करनी है जैसे मां काली को हम

सीधे-सीधे क्या मूर्ति प भोग लगा सकते हैं

जो बच्चे शरीर के ऊपर सवारी लेकर आना

चाहते हैं शक्ति पाना चाहते हैं वो अंगारी

पर भोग दे लगातार जप के बाद जो जप करते

हैं या साधना करते हैं उससे पहले जब हम

भोग देकर बैठते हैं तो अंगारी पर भोग देकर

ही साधना शुरू करनी चाहिए और यदि कुछ

बच्चे क्या करते हैं मनोकामना को लेकर

करते हैं वो सीधी सधी मूर्ति प्रतिमा है

सामने मां भगवती की तो मां भगवती को

सीधे-सीधे भोग लगा सकते हैं उन्होंने कोई

अग्नि चेतन करने की जरूरत नहीं है वो

सीधे-सीधे मां भगवती को भोग लगा सकते हैं

क्योंकि जिन बच्चों ने सवारी को चेतन करना

है जो हम अग्नि के माध्यम से देते हैं व

अग्नि देवताओं का दूत है और उन देवताओं तक

ही वो भोग अग्नि के माध्यम से पहुंच पाता

है और प्रतिमा के सामने हम जो विशेष

मनोकामना को लेकर कर रहे हैं तो उसमें हम

शक्ति को सीधा-सीधा भोग दे सकते हैं और

कुछ सवाल आए थे मेरे पास भी साधना के अंदर

क्या हमने हर रोज लौंग के जोड़े का भोग

देना चाहिए विशेष रूप से जब हम साधना कर

रहे होते हैं तो विशेष ही हो है वो साधना

जो कर रहे होते हैं वह विशेष होती है

विशेष का मतलब क्या हम शरीर पर शक्ति पाना

चाहते हैं साधना के माध्यम से तो उसके लिए

हमने साधना में लौंग के जोड़े का भोग

अवश्य देना चाहिए और अंगारी परही देना

चाहिए और आगे क्या है जैसे हम महाकाली को

भोग दे रहे हैं तो उसके साथ में हमने

किन-किन देवताओं को किन शक्तियों को भोग

देना चाहिए यह मैं आपको अगली वीडियो में

बताऊंगा आज की वीडियो में इतना ही काफी जो

शक्ति हमारे पास क्यों रुक जाती है

क्योंकि अन्य देवताओं को जब हम भोग नहीं

देते उनके कारण भी यह शक्तियां साधना करने

के बाद भी शक्तियां हमारे पास प्राप्त

नहीं हो पाती शक्ति ना आ पाती लेकिन वोह

कौन से देवी है जो देवता है जो अन्य साधना

के बाद भी शक्ति को रोक देते उसकी जानकारी

आपको अगली वीडियो में दूंगा आज की वीडियो

में इतना ही यदि वीडियो आपको अच्छी लगी तो

वीडियो को लाइक करना और चैनल को

सब्सक्राइब करना और जो बच्चे ऑनलाइन पूछा

लेना चाहते हो दरबार के नंबर पर या कमेंट

बॉक्स में जानकारी ले सकते हैं मां भगवती

और बालाजी महाराज

आप

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